Sunday, July 5, 2026 8:13 pm

शहर के वार्ड 13 की बस्तियों में 3.19 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

ग्वालियर ग्वालियर में प्रगति की यात्रा इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगी। आमजन की सुविधा के लिये जहाँ जरूरत होगी, वहाँ विकास कार्य कराए जाएंगे। इसी कड़ी में वार्ड-13 की विभिन्न बस्तियों में 3 करोड़ 19 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया है । यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वार्ड-13 में विकास कार्यों के भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सीवर लाइन चोक न हो इसके लिए मेन ट्रंक लाइन डाली जा रही है। साथ ही कहा कि उपनगर ग्वालियर में पार्कों के सौंदर्यीकरण के साथ ही पार्कों में ओपन जिम व बच्चों के लिए झूले एवं अन्य खेलकूद उपकरण लगाए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि सिविल अस्पताल प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से बेहतर सेवाएं दे रहा है। वहां की ओपीडी में हजारों की संख्या में मरीज स्वास्थ्य सेवाएँ ले रहे हैं। शीघ्र ही यहाँ पर सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को हजार बिस्तर अस्पताल या अन्य जगहों पर सीटी स्कैन के लिए नहीं जाना पड़ेगा।   recent visitors 77

हर घर जल से बदलती गांवों की तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन ने न केवल गांव के लोगों को पानी के स्रोत से जोड़ा है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को भी सुधारा है। ग्रामीण अब शुद्ध पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। इसके अलावा, बच्चों और महिलाओं को अब पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। वह समय का उपयोग अन्य कार्यों में करने लगे हैं। यह मिशन केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण ग्रामीण समाज के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) में सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी गई है, जहां हर घर जल का सपना अब हकीकत बन गया है। हाल ही में इस गांव में ‘हर घर जल उत्सव’ का आयोजन हुआ। यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन सभी ग्रामीणों के लिए गर्व का क्षण था, जिन्होंने जल जीवन मिशन के इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनकर अपने गांव में एक नया अध्याय लिखा। गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 260 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे अब हर घर में शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस काम को अंजाम देने के लिए 3305 मीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है, जो गांव के हर कोने तक पानी पहुंचाने का काम करती है। इसके साथ ही, गांव में एक पानी की टंकी का निर्माण भी किया गया है जो जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। यह टंकी न केवल गांव के सभी घरों में पानी पहुंचाती है बल्कि यह जल संग्रहण का भी एक बड़ा साधन है, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। गांव की महिलाएं, विशेष रूप से श्रीमति धन्ना बाई मानिकपुरी और श्रीमति पुष्पा साहू, अत्यंत प्रसन्न हैं। पहले उन्हें पानी के लिए गांव के कुओं या हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें न केवल मेहनत करनी पड़ती थी बल्कि अधिक समय भी खर्च करना पड़ता था। घर के अन्य कामकाज में उनकी यह व्यस्तता एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब, जब उनके घर के आंगन में ही नल से पानी उपलब्ध है, तो यह उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। अब उन्हें पानी भरने के लिए समय और ऊर्जा की चिंता नहीं करनी पड़ती। उन्होंने इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया । ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) का यह कदम अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण है। जल जीवन मिशन की यह सफलता बताती है कि जब सामूहिक प्रयास और सरकार की योजनाओं का समन्वय होता है, तो किसी भी समस्या का हल संभव है। इस गांव के लोगों ने दिखा दिया कि छोटी-छोटी मुश्किलों को पार करके एक बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। हर घर जल उत्सव के आयोजन के साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि जल संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके। recent visitors 77

करोड़ों की चांदी की ईंट किसकी,महाराष्ट्र में साढ़े 6 टन चांदी वाली मिली कैश वैन

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग की टीमें और पुलिस नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि आचार संहिता लागू होने के बाद से 8 नवंबर तक 280 करोड़ से ज्यादा नकदी और कीमती सामान जब्त किया जा चुका है। राज्य के अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस की ओर से वाहनों की जांच कर कीमती सामान और नकदी जब्त किए गए हैं। कुछ दिन पहले पुणे शहर में पुलिस ने एक वैन पकड़ी थी। इसमें सोने-चांदी के गहने और कीमती सामान था। उसके बाद अब पुलिस ने मुंबई में चांदी की ईंटों से भरी एक वैन पकड़ी है। विक्रोली पुलिस और चुनाव आयोग की टीम की ओर से जब्त की गई कैश वैन में चांदी की ईंटें मिली हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये कुल ईंटें साढ़े छह टन की हैं। करोड़ों की कीमत की चांदी की ईंटें वैन में करोड़ों की कीमत की चांदी की ईंटें कथित तौर पर ब्रिंक्स कंपनी के वाहन से मुलुंड के एक गोदाम में स्टोरेज के लिए ले जाई जा रही थीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि पुलिस को मिली ये ईंटें सरकारी हैं। हालांकि, इसकी आगे की जांच चुनाव आयोग, आयकर और पुलिस की ओर से की जा रही है। इस बीच पुलिस सभी विधानसभा क्षेत्रों में वाहनों और अवैध यातायात पर कड़ी नजर रख रही है। अवैध रूप से पैसे ले जाने पर कार्रवाई की जा रही है। पालघर में तीन करोड़ कैश जब्त इस बीच शनिवार को पालघर में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पालघर में एक गाड़ी से तीन करोड़ से ज्यादा कैश जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पालघर के वाडा पाली मार्ग से विक्रमगढ़ की ओर जा रही एक कार पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद कार को रोका गया और ड्राइवर से पूछताछ की गई। जांच के दौरान संदेह बढ़ने पर कार को जांच के लिए वाडा पुलिस स्टेशन लाया गया। जांच के दौरान कार से करीब 3 करोड़ 70 लाख रुपये जब्त किए गए। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई में मिले 2 करोड़ 30 लाख रुपयेमुंबई में भी 2 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध रूप से बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर के भुलेश्वर मार्केट, कालबादेवी से 12 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।   recent visitors 83

10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे

डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भाग के रूप में पदयात्रा करेंगे भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए पदयात्रा 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे रायपुर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे। पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी। इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा। पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं: सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत। आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन। जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी। कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं। युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना। आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे। आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना।   मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।   recent visitors 60

महाराष्ट्र चुनाव के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम , 28 बागी उम्मीदवारों को किया पार्टी से निष्कासित

 मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2024) से पहले कांग्रेस ने बागियों के खिलाफ सख्ती की शुरुआत कर दी है. पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 22 नेताओं को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है. इन नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने के चलते 6 साल के लिये निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले बागी उम्मीदवार कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी करते दिख रहे हैं. जिन 22 नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवारों के खिलाफ ही ताल ठोंक रखी है. पार्टी से निकाल दिये गए ये दिग्गज कांग्रेस से निकाले गए नेताओं में कई दिग्गज भी शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखाड़ी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं. बागियों पर एक्शन के बाद कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है. कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं. इन्हें भी किया पार्टी से बाहर जिन बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें सिंदखेडा से बागी शामकांत सनेर, श्रीवर्धन से राजेंद्र ठाकूर, पर्वती से आबा बागुल, शिवाजीनगर से मनीष आनंद, परतूर से सुरेश कुमार जेथलीया और  कल्याण बोराडे, रामटेक सीट से चंद्रपाल चौकसे, सोनल कोवे, मनोज सिंधे, अविनाश लाड, आनंदराव गेदाम, शब्बीर खान, हंसकुमार पांडे, मंगल भुजबल, अभिलाषा गावतुरे, कमल व्यवहारे, मोहनराव दांडेकर, प्रेमसागर गणवीर, याज्ञवल्क्य जिचकर, अजय लांजेवार, राजेंद्र मुलक, विजय खडसे और विलास पाटिल का नाम शामिल हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है. 20 नवंबर को वोटिंग के होगी और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी के सामने लोकसभा चुनाव परिणाम को दोहराने की चुनौती है तो वहीं महायुति को दोबारा सत्ता में आने के लिए 145 सीटें हासिल करनी होंगी. दोनों पार्टियां अपना दम-खम दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.   recent visitors 67

श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कृष्ण जन्म महोत्सव मनाया गया 

Krishna Janma Mahotsav celebrated on the fourth day of Shrimad Bhagwat Katha सुशील दामले (विशेष संवाददाता)  भोपाल । श्रीमद् भागवत कथा ब्रम्हचित्र समाज कल्याण संस्थान के द्वारा आयोजन किया जा रहा हैं,वहीं श्री कृष्ण नंद महोत्सव में मुख्य अतिथि ब्यावर से पधारी भागवत प्रवक्ता आशा दीदी एवं उनके सहयोगी का समिति के द्वारा माल्यार्पण कर एवं दुपट्टा पहना कर स्वागत किया गया, वहीं हम आपको बतादे की,सवाई माधोपुर से पधारे आचार्य पंडित श्री कैलाश चंद्र तेहरिया ने चतुर्थ दिवस की कथा का वाचन करते हुए, गजेंद्र मोक्ष,समुद्र मंथन,वामन अवतार,राम जन्म,सीताराम विवाह एवं कृष्ण जन्म की कथा का वर्णन किया,गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि,यह जीव इस संसार में गजेंद्र के रूप में आता है,और काम, क्रोध, मद,लोभ इत्यादि जो विकार है,वह सब ग्राह के रूप में इस जीव को जकड़े हुए हैं,और यह संघर्ष निरंतर चलता ही रहता है,जो प्रभु की भक्ति में लीन रहता है,वह इन ग्राह रूपी विकारों से बचकर अपने जीवन को धन्य बनाता है,एवं अंत में मोक्ष प्राप्त कर लेता है, इस अवसर पर वामन अवतार राम लक्ष्मण सीता की सजीव झांकी बनाई गई,परीक्षित के रूप में मुख्य यजमान मोहन सिंह सरसिया ने सपत्नी ने वामन भगवान एवं सीताराम,लक्ष्मण की झांकी का पूजन किया,कथा के अंत में कृष्ण जन्म के पश्चात कृष्ण नंद महोत्सव मनाया गया,इस अवसर पर बधाइयां गाई गई, और श्रोताओं के द्वारा जमकर ठुमके लगाए गए recent visitors 155

संजीव खन्ना बने सुप्रीम कोर्ट के 51वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस संजीव खन्ना नए चीफ जस्टिस के रूप में आज शपथ लेने जा रहे हैं। वह भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10 बजे संजीव खन्ना को पद की शपथ दिलाएंगी। नए सीजेआई का कार्यकाल 13 मई 2025 तक होगा यानि वह इस पद पर करीब 6 महीने तक ही रहेंगे। अब सभी के जहन में एक सवाल आना आम बात है कि आखिर सीजेआई किस चीज की शपथ लेते हैं। आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को संविधान की शपथ दिलाई जाएगी। भारतीय संविधान के थर्ड शेड्यूल के भाग-4 के तहत चीफ जस्टिस को शपथ दिलाई जाती है। इस दौरान राष्ट्रपति की मौजूदगी में वह यह शपथ लेते हैं कि संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखते हुए अमीर, गरीब सभी वर्ग के लोगों को बराबर न्याय देंगे। क्या होती है सीजेआई की शपथ अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के शपथ की बात करें तो इसमें लिखा होता है कि मैं, भारत के सुप्रीम कोर्ट का सीजेआई नियुक्त किया गया हूं और ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। अपनी योग्यता, ज्ञान और विवेक के अनुसार विधिवत और ईमानदारी से व बिना किसी भय या पक्षपात, स्नेह या द्वेष के अपने पद के कर्तव्यों का पालन करुंगा। कौन हैं जस्टिस संजीव खन्ना जस्टिस संजीव खन्ना का 14 मई 1960 को दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस देव राज खन्ना के घर जन्मे थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से पूरी की। उन्होंने 1980 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और बाद में डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। जस्टिस संजीव खन्ना ने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर नॉमिनेशन कराया। उन्होंने दिल्ली के तीस हजारी में बाद में दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। जस्टिस खन्ना कथित तौर पर उन कुछ जजों में से हैं जो किसी भी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बनने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हो गए थे। कब रिटायर होंगे जस्टिस संजीव खन्ना? सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता नियम के मुताबिक, जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक 6 महीने के लिए भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश यानी CJI के रूप में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे. सुप्रीम कोर्ट में 18 जनवरी 2019 को जज के रूप में शपथ लेने के बाद से अब तक करीब पौने छह साल के दौरान जस्टिस खन्ना यहां 456 पीठ का हिस्सा रहे और 117 फैसले उन्होंने लिखे. दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से स्कूली शिक्षा पूरी कर वो 1980 में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हुए. फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैंपस लॉ सेंटर यानी CLC से कानून की डिग्री ली. जस्टिस संजीव खन्ना के चाचा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस हंस राज खन्ना ने 1976 में एडीएम, जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला, (1976) के "बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले" में एकमात्र असहमतिपूर्ण निर्णय सुनाया था. इसके बाद तत्कालीन इंदिरा गांधी की सरकार ने वरिष्ठतम जज जस्टिस हंसराज खन्ना सहित चार जजों की वरिष्ठता दरकिनार कर जस्टिस एमएच बेग को जनवरी 1977 में देश का चीफ जस्टिस बनाया था. ये भी दिलचस्प तथ्य है कि जस्टिस खन्ना को उनके मूल उच्च न्यायालय – दिल्ली हाईकोर्ट से सीधे सुप्रीम कोर्ट पदोन्नत किया गया. 1997 से अब तक केवल छह जजों को उनके मूल उच्च न्यायालय से प्रोन्नत कर सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया है. उनमें जस्टिस सैयद अब्दुल नजीर, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, जस्टिस लोकेश्वर सिंह पंटा, जस्टिस जीपी माथुर, जस्टिस रूमा पाल और जस्टिस एसएस कादरी शामिल हैं. जस्टिस खन्ना को 18-01-2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था. वे 13-05-2025 को अपने 65 वें जन्मदिन से एक दिन पहले रिटायर होंगे. कैसा रहा है संजीव खन्ना का अब तक का कार्यकाल? ये भी सुखद संयोग रहा कि जस्टिस संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्च में जज के रूप में 18 जनवरी 2019 को सीजेआई की कोर्ट में शपथ लेने के बाद अपना पहला दिन उसी न्यायालय कक्ष यानी दो नंबर कोर्ट से शुरू किया, जहां से उनके चाचा जस्टिस एच.आर. खन्ना ने इस्तीफा देकर रिटायरमेंट ली थी. जस्टिस एच.आर. खन्ना की तस्वीर भी कोर्ट रूम में लगी है. सुप्रीम कोर्ट में अपने अब तक के कार्यकाल में जस्टिस खन्ना कई महत्वपूर्ण मुकदमों के लिए गठित संविधान पीठ का हिस्सा रहे हैं. ऐसी ही संविधान पीठ और बड़ी पीठ के फैसलों में चुनावी बांड योजना प्रमुख है. इसमें बॉन्ड योजना को असंवैधानिक होने के कारण रद्द कर दिया गया.     जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगाने वाली पीठ में भी जस्टिस संजीव खन्ना मौजूद थे.     संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के कदम को बरकरार रखा. इस आदेश ने राज्य का दर्जा बहाल करने का भी निर्देश दिया.     जस्टिस खन्ना ने सीजेआई और जस्टिस कौल के दिए गए निर्णयों से सहमति जताई.     जस्टिस संजीव खन्ना उस दो न्यायाधीशों की बेंच के भी अगुआ रहे, जिसनें दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी.     1983 में दिल्ली बार काउंसिल के साथ एक वकील के रूप में नामांकित हुए संजीव खन्ना ने शुरुआत में दिल्ली के तीसहजारी परिसर में स्थित जिला न्यायालय और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट और संवैधानिक कानून, प्रत्यक्ष कराधान, मध्यस्थता जैसे विविध क्षेत्रों में न्यायाधिकरणों में प्रैक्टिस की.     साल 2004 में वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के लिए स्थायी वकील नियुक्त हुए.     दिल्ली हाईकोर्ट में वो अतिरिक्त लोक अभियोजक और एमिकस क्यूरी के रूप में कई आपराधिक मामलों में भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई.     दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में 2005 में पदोन्नत हुए. 2006 में स्थायी न्यायाधीश बनाए गए.     दिल्ली उच्च न्यायालय के जज रहते हुए, जस्टिस खन्ना ने दिल्ली न्यायिक अकादमी, दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र और जिला न्यायालय मध्यस्थता केंद्र के … Read more