छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना

रायपुर बादल छाए रहने और बारिश का दौर समाप्त होने के बाद अब दोबारा पारा गिरने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आज से न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। वहीं, 24 घंटे के बाद प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। साथ ही आज को प्रदेश के एक दो स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। रायपुर में मौसम आंशिक मेघमय रहने और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूतनम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है। रविवार को प्रदेश में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। अधिकतम बारिश जगदलपुर में 11.5 मिमी दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में, जबकि न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस बलरामपुर में दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान उतार चढ़ाव भरा मौसम विज्ञानियों के पिछले तीस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान उतार चढ़ाव भरा है। दुर्ग में यह सामान्य औसत से चार डिग्री, अंबिकापुर में 2.3 डिग्री और रायपुर में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जगदलपुर में यह सामान्य औसत से 1.1 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 0.2 डिग्री और पेंड्रा रोड में 0.1 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री तक ज्यादा इसी बीच वर्षा की वजह से न्यूनतम तापमान औसत से कहीं ज्यादा चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, यह जगदलपुर में सामान्य से नौ डिग्री, रायपुर और दुर्ग में 4.5 डिग्री, बिलासपुर में 3.4 डिग्री, पेंड्रा रोड में 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, सिर्फ अंबिकापुर में ही यह सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस कम है। यह बन रहा है सिस्टम एक पश्चिमी विक्षोभ 70 डिग्री पूर्व और 30 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 4.5 किमी ऊंचाई तक ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में तथा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर एक द्रोणिका के रूप में स्थित है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से प्रचूर मात्रा में नमी आने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश के अनेक जिलों में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। recent visitors 70

एमपी मौसम विभाग का अलर्ट 20 दिसंबर के बाद कोल्ड डे, कोहरे और शीतलहर की स्थिति

भोपाल पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 48 घंटों के अंदर मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश में बर्फीली हवाएं चलेंगी और तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी।हालांकि कहीं कहीं बादल छा सकते है और  कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी भी हो सकती है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो 15-20 दिसंबर के बाद कोल्ड डे, कोहरे और शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है।आज सोमवार को सिंगरौली, सीधी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों के अलग अलग हिस्सों में गरज चमक हल्की बारिश हो सकती है। खास करके दिसंबर अंत और जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरे की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में अलग अलग स्थानों चार मौसम प्रणालियां सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र ,मध्य पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात और पाकिस्तान पर भी एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इसके असर से हवाओं के साथ प्रदेश में कुछ नमी आ रही है और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंशिक बादल बारिश की स्थिति बनी हुई है। हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी होने से सोमवार से न्यूनतम तापमान में कमी आने के आसार हैं। हालांकि जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कही आंशिक बादल बने रह सकते हैं।     प्रदेश के टीकमगढ़ में सबसे कम तापमान 9 डिग्री दर्ज ।     भोपाल में 12.1 डिग्री, उज्जैन में 12.8 डिग्री जबलपुर में 13.8 डिग्री और इंदौर में 14.3 डिग्री दर्ज हुआ।     ग्वालियर में 9.3 डिग्री, राजगढ़ में 9.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर) में 9.7 डिग्री, खजुराहो (छतरपुर) में 10.2 डिग्री और चित्रकूट (सतना) व नौगांव (छतरपुर) में 10.3 डिग्री दर्ज ।     ग्वालियर में अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री, इंदौर में 27.5 डिग्री, भोपाल में 27.8 डिग्री उज्जैन में 28 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। recent visitors 64

तीन आपराधिक कानून सुधारों पर होगी चर्चा, हरियाणा के CM नायब सैनी कल होंगे गृह मंत्रालय की बैठक में शामिल

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सैनी मंगलवार को दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री कल गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन प्रमुख आपराधिक कानून सुधारों से संबंधित बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। गृह मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में तीन महत्वपूर्ण आपराधिक कानून सुधारों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि ये सुधार भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम से संबंधित हैं। इन कानूनों में सुधार का उद्देश्य कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना और न्याय प्रणाली में बदलाव लाना है। अपनी गहरी प्रशासनिक समझ और स्पष्ट दृष्टि के लिए सराहे जाने वाले मुख्यमंत्री नायब सैनी इस बैठक में हरियाणा की स्थिति और आवश्यकताओं के बारे में अपना दृष्टिकोण रखेंगे। गृह मंत्रालय की मुख्य बैठक से पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा भवन में अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इस बैठक में ही आगामी केंद्रीय बैठक के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। सूत्रों के अनुसार बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए सुधारों पर भी चर्चा होगी। अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मशहूर हरियाणा को इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने कार्यकाल में अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। दिल्ली दौरे के दौरान वे हरियाणा के विजन और चुनौतियों को प्रभावी तरीके से पेश करते हैं। अब देखना होगा कि इस बैठक से हरियाणा को क्या लाभ मिलता है। क्या राज्य को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नई नीतियां और सहयोग मिल पाएगा? recent visitors 87

गोपाल और भूपेन्द्र ने एक दूसरे पर कटाक्ष को मन गलती, सुधार के साथ बदलाव का मास्टर प्लान हुआ तैयार

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड जीत के प्रमुख चेहरों को किनारे करके पीछे की कतार को आगे ले जाकर के दुष्परिणाम मंत्रीमंडल विस्तार के बाद दिखाई देना शुरू हो गए । इन बदलावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अनुभव और ग़ैरनुभव की चूक इस एक वर्ष के दौरान कई बार निकलकर सामने आ चुकी है। सागर ! राजनीति में खेमेबाजी न हो यह संभव नही । बात मध्यप्रदेश की करें तो शिवराज सिंह के मुखिया रहते इसका असर कभी खुलकर सामने नही आने पाया। अब जो हालात बने हैं वो स्प्ष्ट तौर पर प्रदेश में बीजेपी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। शिवराज सरकार में खेमेबाजी देखने को मिली पर उसका प्रभाव इतना नही हो पाया जिससे पार्टी को उसका नुकसान उठाना पड़ा हो। 2023 मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत से सबके सामने यह सिद्ध हो चुका है। बुंदेलखंड में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है। इसमें लड़की पक्ष्य की शर्त में दूल्हे के साथ बुजुर्गों को आने की मनाही रहती है। जिसके उद्देश्य मे शादी रश्म के दौरान कठिन प्रश्नों को पूँछकर दूल्हा पक्ष्य को निरुत्तर करना होता है। इसके तोड़ के लिए वो होशियारी करके बारात में एक बुजुर्ग को साथ ले जाते हैं। जब वधु पक्ष्य सवाल करना शुरू करता है। बाराती गुप-चुप उस बुजुर्ग से सवालों के जबाब पूंछने लगते हैं। सही जबाब मिलने पर वधु पक्ष्य बगैर तजुर्बेकार के इनका जबाब देना कठिन है समझ जाता है। खोज करने पर बारात में बुजुर्ग के साथ आने की सच्चाई सामने आ जाती है। मोहन सरकार चलाने में दिख रही कमियों मे अनुभव की कमी बताने के लिए यह कहावत सटीक बैठ रही है। कहते हैं सही ज्ञान वहीं है जो जमीन से सीखकर मिला हो। किताबी ज्ञान का इससे कोई मुकाबला नही हो सकता। मध्यप्रदेश में नये को आगे लाकर सरकार चलाने के फार्मूले में हो रही निरंतर ख़ामियों में अनुभव और कुशल राजनेता को दरकिनार कर लिए निर्णय को उसका परिणाम माना जा रहा है। बात सागर जिले की राजनीति की करें तो आपको पूर्व मंत्री वर्तमान रहली विधायक पंडित गोपाल भार्गव और पूर्व गृहमंत्री वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह की कमी दिख रही है। पार्टी के अंदर पनपी खेमेबाजी और प्रशासनिक लचरता से स्प्ष्ट है कि मोहन सरकार शिव के राज के करीब तक से होकर भी नही चल पा रही है। पार्टी के सीनियर विधायक की यह नाराजगी एक प्रकार से बीजेपी की भलाई होना माना जा सकता है। इन्होंने भारतीय जनता पार्टी में 1985 से सक्रिय राजनीति, उस दौरान के संघर्ष और अवसरवादी राजनीति से दूर रहकर आखिरी समय तक पार्टी से जुड़े रहने का कई बार संकल्प दोहराया है। आज जो हालात हैं उस पर चिंता जताना जिसमे मध्यप्रदेश में मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर एक- एक नाम दिल्ली से फ़ाइनल हुआ मानकर चलें तो बेशक यह निर्णय गलत साबित हुआ है। आलाकमान को लीडरशिप में उन विशेष के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए जिनमे सबको साथ लेकर चलने की क्षमता दिखाई देती है। जहाँ वो दूसरों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा करना खुद का कर्तव्य मानकर वैसे निर्णय लेते हैं। राजनीति सिद्धान्त के अन्तर्गत इसमें भिन्न- भिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता हैं। शिवराज और उनके मंत्रिमंडल में विभेदों को दूर करने के तरीके होते थे। वो क्रांति की भी वकालत करना जानते थे। राजनीतिक सिद्धांत में, स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र, और धर्मनिरपेक्षता जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट किया जाता है। साथ ही राजनीतिक सिद्धांत, विचारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अवधारणाओं का विश्लेषण किया जाता है। खुद को ताकतवर बनाने के लिए गुटबाजी एक विकल्प हो सकता है। मोहन मंत्रीमंडल में अनुभव की कमी को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है। मुखिया के ताकतवर बनने में जो कमियां पनपी हैं वो विपक्षियों को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी आलाकमान मध्यप्रदेश और राजस्थान में किए इन प्रयोग के दुष्प्रभाव का बारीकी से अध्ययन कर रही है। जो सीनियर और अनुभवी को अभी कमजोर समझकर चल रहे हैं आने वाले कुछ समय बाद उनके सामने आलाकमान द्वारा चौकाने वाला निर्णय देखने को मिल सकता है। recent visitors 112

विशेषज्ञ बोले-‘उर्वरा शक्ति बढ़ाने पर जोर दें किसान’, प्रगतिशील किसानों का सम्मान

लखनऊ. कृषिका का आयोजन सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से हो रहा है। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान भारत की रीढ़ है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने में लगातार प्रयासरत है। विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किसानों को सम्मानित किया। इनमें से किसी ने आलू उत्पादन में तो किसी ने शिमला मिर्च की खेती करके रिकॉर्ड बनाया। 0- आलोक कुमार, रायबरेली- आलू उत्पादन का रिकार्ड बनाया है। 0- राजकुमार, मलिहाबाद- लखनऊ- कद्दू, परवल, लौकी का रिकॉर्ड उत्पादन, मचान विधि से सर्वाधिक उत्पादन हासिल किया। 0- दिनेश कुमार, सरसौंदी देवी, बाराबंकी – बिना कीटनाशक के जैविक खेती, ब्रौकली की उन्नत खेती से सर्वाधिक उत्पादन। 0- कमला त्रिपाठी महोबा, गौ आधारित प्राकृतिक खेती। 0- मालती देवी गोरखपुर, गवरजीत आम लीची की खेती। 0- वीरसिंह राजपूत झांसी, प्राकृतिक खेती को बढावा। 0- कैप्टन देशवाल बुलन्दशहर, गाजर उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात। 0- कमलेश मिश्रा देवरिया, पाली हाउस से सब्जी की खेती । 0- प्रमोद वर्मा, बाराबंकी स्ट्राबेरी टमाटर, शिमला मिर्च 0- सुरेश कुमार लखनऊ, कृषि विविधीकरण। 0- वीरेंद्र कुमार, रायबरेली, सीमैप – सतावर और तुलसी की खेती 0- हरख चंद्र वर्मा, सीतापुर- सीमैप के साथ खस  का सर्वाधिक उत्पादन 0- दिनेश चंद्र वर्मा, बाराबंकी  सीमैप मेंथा 0- पद्म श्री भारत भूषण त्यागी बुलन्दशहर, जैविक खेती। 0- उदय प्रताप सिंह- बीकेटी लखनऊ- जरबेरा फूल- 0- दयाशंकर सिंह लखनऊ  दशहरी आम (इंग्लैंड व अमेरिका निर्यात) 0- आुशतोष कुमार, ,लखनऊ  गोसाईंगंज: मधुमक्खी पालन। 0- लल्लू सिंह, लखनऊ  गोसाईंगंज: डेयरी उत्पादन। 0- सुरेश कुमार, लखनऊ सरोजनीनगर: अमरूद की खेती। 0- दुर्गेश कुमार यादव, लखनऊ सरोजनीनगर: सब्जियों की खेती। डॉक्यूमेंट्री से दी गई जानकारी कार्यक्रम में एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। इसके माध्यम से सहफसली खेती, पशु चारा उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से लेकर कई अन्य विभिन्न प्रकार की जानकारियां साझा की गईं। एप के माध्यम से ले सकते हैं खेती की जानकारी किसान एप के माध्यम से भी खेती के बारे में विभन्न प्रकार की जानकारी ले सकते हैं। इसके बारे में भी उन्हें जानकारी दी गई। इसी दिशा पर 'किसान निन्जा' एप भी काम कर रहा है। recent visitors 100

नौसेना के नए युद्धपोत ‘आईएनएस तुशील’ की कमिशनिंग में हो रहे शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस पहुंचे

मॉस्को। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को रूस में नौसेना के नवीनतम, बहुउद्देश्यीय, स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ( युद्धपोत) 'आईएनएस तुशील' का जलावतरण करेंगे। रक्षा मंत्री कलिनिनग्राद के यंत्र शिपयार्ड में 'युद्धपोत, परियोजना 1135.6' के तहत एक उन्नत 'क्रिवाक III श्रेणी फ्रिगेट' का जलावतरण करेंगे। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, भारत और रूस वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहेंगे। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, रक्षा मंत्री 8-10 दिसंबर तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव 10 दिसंबर को मास्को में सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों नेता रक्षा के क्षेत्र में भारत-रूस के बीच बहुआयामी संबंधों की समीक्षा करेंगे। वे आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा, राजनाथ सिहं दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मॉस्को में ‘अज्ञात सैनिक की समाधि/द टॉम्ब ऑफ अननोन सोल्जर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। क्रिवाक श्रेणी के छह युद्धपोत पहले से ही सेवा में हैं। इनमें सेंट पीटर्सबर्ग के बाल्टिस्की शिपयार्ड में निर्मित 'तलवार श्रेणी' के तीन जहाज और कैलिनिनग्राद के यंतर शिपयार्ड में निर्मित 'टेग श्रेणी' के तीन जहाज शामिल हैं। 'आईएनएस तुषिल' इस सीरिज का सातवां और दो अपग्रेडेड एडीशनल फॉलोऑन जहाजों में से पहला होगा। इसके लिए भारत सरकार और नौसेना ने अक्टूबर 2016 में जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। अधिकारियों ने बताया कि 125 मीटर लंबा और 3,900 टन वजनी यह जहाज घातक है। इसमें युद्धपोत निर्माण की सर्वोत्तम पद्धतियों के अलावा रूसी और भारतीय अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रभावशाली मिश्रण है। पोस्ट कंस्ट्रक्शन और तैयार होने के बाद, जनवरी 2024 से जहाज को कई परीक्षणों से गुजराना पड़ा है। इसमें फैक्ट्री समुद्री परीक्षण, राज्य समिति परीक्षण और अंत में, एक भारतीय एक्सपर्ट टीम द्वारा डिलीवरी स्वीकृति परीक्षण शामिल है। परीक्षण के दौरान, जहाज ने 30 नॉट (55 किमी प्रति घंटे) से अधिक की प्रभावशाली गति दर्ज की। यह लगभग युद्ध के लिए तैयार स्थिति में भारत पहुंचेगा। नौसेना के एक अधिकारी के अनुसार, 'तुशील' नाम का अर्थ है 'सुरक्षा कवच' और इसका शिखर 'अभेद्य कवच' (अभेद्य कवच) का प्रतिनिधित्व करता है। अपने आदर्श वाक्य 'निर्भय, अभेद्य और बलशील' के साथ, यह जहाज देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय नौसेना एक्सपर्ट्स और सेवर्नॉय डिजाइन ब्यूरो के सहयोग से, जहाज की स्वदेशी सामग्री को 26 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। कमीशन होने पर, आईएनएस तुशील पश्चिमी नौसेना कमान के तहत भारतीय नौसेना के 'स्वॉर्ड आर्म', पश्चिमी बेड़े में शामिल हो जाएगा। recent visitors 85

विपक्षी ने जताई आपत्ति, उप्र-संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट पेश करने कोर्ट कमिश्नर ने माँगा 15 दिन का समय

संभल. संभल की जामा मस्जिद मामले में सोमवार को कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने अदालत में सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए पंद्रह दिन का समय मांगा है। कोर्ट कमिश्नर का कहना है कि उनकी तबियत खराब होने के कारण वह सर्वे रिपोर्ट पूरी तरह तैयार नहीं कर सके हैं। इस पर विपक्षी अधिवक्ता शकील वारसी ने आपत्ति जताते हुए सर्वे रिपोर्ट पेश करने की बात कही। न्यायालय ने उन्हें लिखित में आपत्ति दाखिल करने को कहा है। 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन चंदाैसी की अदालत में शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी और हरिशंकर जैन समेत आठ वादकारियों ने वाद दायर किया था। न्यायालय ने उसी दिन अधिवक्ता रमेश सिंह राघव को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे करने के आदेश दिए थे। कोर्ट कमिश्नर ने कड़ी सुरक्षा व जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे किया। 24 नवंबर को वह डीएम व एसपी की सुरक्षा में दोबारा सर्वे करने पहुंचे तो बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की जान चली गई। कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। इसके बाद 29 नवंबर को कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी। जिसमें न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर को सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए दस दिन का समय दे दिया। दस दिन का समय पूरा होने के बाद सोमवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की अदालत में सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी। सुबह 11 बजे करीब कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव न्यायालय में पहुंचे। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर पंद्रह दिन का और समय मांगा। जिस पर विपक्ष के अधिवक्ता शकील वारसी ने आपत्ति जताई। इस पर न्यायालय ने लिखित में आपत्ति दाखिल करने को कहा। शाम चार बजे तक अदालत का निर्णय आने की संभावना है। इस दौरान न्यायालय गेट पर पुलिस तैनात रही। वादकारियों को भी चेकिंग के बाद न्यायालय परिसर में प्रवेश दिया गया। recent visitors 75