मध्य प्रदेश से आई महिला से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

बूंदी नैनवा थाना क्षेत्र में सरसों की कटाई के लिए मध्य प्रदेश से आई महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि नैनवा थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दुष्कर्म के आरोपी हेमराज पुत्र प्रभुलाल (निवासी पुरा बारोल, थाना भोजपुर, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा के अनुसार, पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 2 बजे वह अपने पति के पास सो रही थी। जब वह शौच करने के लिए खेत में बनी सरसों की ढेरी के पास गई, तो वहां पहले से मौजूद आरोपी हेमराज ने उसे पकड़कर नीचे गिरा दिया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार महिला अत्याचार, दुष्कर्म से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के तहत तकनीकी सहायता और गहन प्रयासों से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।   recent visitors 55

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की पत्नी प्रतिभा ने सिंघार के खिलाफ कोर्ट में लगाए आरोप, महिला मित्र से जुड़ा मामला

भोपाल  विपक्ष के नेता उमंग सिंघार पर उनकी पत्नी प्रतिभा मुदगल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतिभा ने सुप्रीम कोर्ट में 142 पन्नों की याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने सिंघार पर अपनी कथित महिला मित्र सोनिया भारद्वाज की जान लेने का आरोप लगाया है। प्रतिभा का दावा है कि एक आईपीएस अधिकारी की मदद से सिंघार ने इस घटना दूसरा रूप दे दिया। यह मामला 2021 का है, जब सोनिया का शरीर सिंघार के बेडरूम में मिला था। पुलिस जांच पर भी प्रतिभा ने सवाल उठाए हैं। प्रतिभा मुदगल ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हैं। याचिका में बताया गया है कि सोनिया के बेटे आर्यन ने 18 मई 2021 को डीजीपी को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में आर्यन ने साफ तौर पर लिखा था कि उनकी मम्मी की जान ली गई है। लेकिन सिंघार ने अपने रिश्तेदार और पुलिस अधिकारियों की मदद से मामले को दूसरा रूप दे दिया। सिंघार पर वकील के गंभीर आरोप प्रतिभा के वकील वीवी गौतम ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार और उनके कुछ साथी नेताओं का एक गिरोह है। यह गिरोह हाई-प्रोफाइल महिलाओं को फंसाकर उनका शोषण करता है। वकील के मुताबिक सोनिया भी इसी गिरोह का शिकार हुईं। 2021 में गई सोनिया भारद्वाज की जान सोनिया भारद्वाज की मौत 2021 में हुई थी। उनका शव उमंग सिंघार के बेडरूम में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे अपनी जान लेना बताया, लेकिन सोनिया के बेटे आर्यन द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र में मामला कुछ और निकला। 142 पेज की याचिका में प्रतिमा ने 2022 में जबलपुर हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत उमंग सिंघार को क्लीन चिट दी गई थी। इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सिंघार की पत्नी प्रतिमा मुद्गल और उनके वकील वकुल गौतम से बात की। प्रतिमा ने कहा- मुझे भी मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया था। यहां तक कि जान से मारने की कोशिश की गई थी। मैं सुप्रीम कोर्ट के सामने सारे सबूत रखूंगी। अब जानिए, सिंघार की पत्नी ने क्या कहा… मुझे भी जान से मारने की कोशिश की भास्कर ने जब सिंघार की पत्नी प्रतिमा मुद्गल से बात की तो उन्होंने बताया- सिंघार ने मुझसे 16 अप्रैल 2022 को भोपाल में शादी की थी। शादी के बाद सिंघार का बर्ताव बदल गया। वे मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। मुझे धक्का देते थे और कई बार जान से मारने की धमकी भी देते थे। 26 अक्टूबर 2022 को मेरे पति ने शराब पीकर मुझे कई बार बोला कि जमीन में जो कट्टा गढ़ा है, उसे लेकर आओ। आज तुम्हारा काम खत्म कर देते हैं। उसके बाद मेरा हाथ पकड़ा और मुझे जबरदस्ती बालकनी से लटका दिया था। मैंने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई थी। इस पूरे मामले की शिकायत मैंने धार थाने में की थी। सोनिया केस में निष्पक्ष जांच हो इस सवाल का जवाब देते हुए प्रतिमा के वकील वकुल गौतम ने तर्क दिया- प्रतिमा मुद्गल को फरवरी के दूसरे हफ्ते में पता लगा कि सोनिया भारद्वाज के मामले में दर्ज एफआईआर रद्द हो गई है। प्रतिमा चाहती हैं कि सोनिया केस में निष्पक्ष जांच हो। जांच भी सीबीआई या दूसरी ऐसी एजेंसी करें, जिसमें सरकार का दखल न हो। सभी तथ्य सामने आना चाहिए। जिससे पता लगे कि ये हत्या है या आत्महत्या। सभी सबूतों का अच्छे से इन्वेस्टिगेशन हो। क्यों लग रहा है कि सोनिया ने खुदकुशी नहीं की, ये हत्या है प्रतिमा के वकील वकुल गौतम का कहना है कि उमंग सिंघार के घर पर लिव-इन-पार्टनर सोनिया भारद्वाज का शव मिला था। परिस्थितिजन्य सबूत इस तरफ इशारा कर रहे थे कि ये एक मर्डर था। मगर, पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 में मामला दर्ज किया था, जो सुसाइड की धारा थी। अब आईपीसी की जगह बीएनएस लागू हो गया है। उस समय उमंग सिंघार के रिश्तेदार एमपी पुलिस में बड़े ओहदे पर तैनात थे। ऐसा लगता है कि उनकी मदद से हत्या के केस को आत्महत्या में कन्वर्ट कर दिया गया। वकुल गौतम ने आरोप लगाया- सिंघार का अतीत ये है कि सिंघार और उनके करीबी नेताओं का एक संगठित गिरोह है, जो हाई प्रोफाइल महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण करता है। उसके बाद या तो शादी करते हैं या लिव-इन-रिलेशन में रखते हैं। इसके बाद उस महिला को टॉर्चर किया जाता है। इसी क्रम में सोनिया भारद्वाज की हत्या की गई है।   सोनिया ने पहले पति को छोड़ा, दूसरी शादी भी नहीं चली सोनिया की जिंदगी की कहानी में ऊंचे ख्वाब और निजी जिंदगी की परेशानियां शामिल थीं। वह एक ऐसी महिला थी, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहती थी लेकिन उसकी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए। सोनिया ने अपने पहले पति संजीव को छोड़कर दूसरी शादी एक बंगाली शख्स से की थी, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा दिन तक नहीं चला। वह अपने बेटे आर्यन से बहुत प्यार करती थी और उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। आर्यन तब शिमला में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। बेटे की पढ़ाई का पूरा जिम्मा सोनिया ने अकेले ही उठाया था। सोनिया और उमंग सिंघार की पहचान एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। एक दिन मार्केटिंग कंपनी के काम के सिलसिले में सोनिया भोपाल आई थी। यहां वह कांग्रेस नेता उमंग सिंघार से मिली। इसके बाद दोनों दो साल तक एक दूसरे के संपर्क में रहे। साल 2020 में उमंग सिंघार और सोनिया भारद्वाज की सगाई हुई थी। क्या है मामला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के घर के बेडरूम में एक महिला का शव मिला। 16 मई 2021 को मिले इस शव की पहचान सोनिया भारद्वाज के रूप में की गई। वे उमंग सिंघार की लिव इन पार्टनर Umang Singhar live in partner थीं। पुलिस ने तब आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या का केस दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि तब उमंग सिंघार के एक ​​परिचित अधिकारी ने हत्या को सुसाइड का केस बनाने में सहायता की थी। पुलिस में मामला दर्ज होने … Read more

विधानसभा में गूंजा पीएम आवास का मुद्दा, भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम के बीच तीखी बहस, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से किया बहिर्गमन

रायपुर विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा गूंजा. विषय पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच तीखी बहस हुई. जवाब नहीं मिलने से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम ग्रामीण आवास को लेकर वर्ष वार जानकारी मांगी. पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से 2025 तक जनवरी से दिसम्बर तक जानकारी चाही गई है. वित्तीय वर्ष के आधार पर जानकारी दी गई है. इसपर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आंकड़े में कहा गया है कि 18 लाख आवास दिए गए, लेकिन पिछली सरकार के कामों को छिपाया गया है. सदन के सदस्य को दी गई जानकारी कुछ और है. इस पर पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आंकड़ों के हिसाब से मोदी जी की तीसरे कार्यकाल में 32 लाख आवास दिए, उसमें 16 राज्यों को पीएम आवास देने की जरूरत नहीं पड़ी. भूपेश जी अपने सरकार के दौरान काम की बात कर रहे हैं. लेकिन कितना काम किया गया यह भी बताना चाहिए था. केंद्र सरकार ने आठ लाख आवास दिए हैं. मंत्री ने कहा कि वर्षवार और वित्तीय वर्ष के आंकड़े है, इसलिए अंतर दिख रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा, सरकार ने जानकारी दी है कि 11 लाख आवास बन चुके हैं. अब 18 लाख आवास और बनेंगे या सात लाख मकान बनेंगे? पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 11 लाख बने हुए आवास से अलग 18 लाख का आंकड़ा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पीएम आवास में सरकार गड़बड़ी कर रही है. recent visitors 53

भोपाल के होटल ज्वैल पैलेस संचालक ने किया फर्जीवाड़ा

Bhopal’s Hotel Jewel Palace operator committed fraud भोपाल (सुशील दामले) ! होटल ज्वैल पैलेस संचालक ने अपने ग्राहकों के साथ किया फर्जीवाड़ा वहीं हम आपको बता दे की रानी कमलापति स्टेशन के सामने होटल ज्वैल पैलेस संचालित हो रही है होटल संचालक ने कूपन देकर ग्राहक बनाएं और ग्राहक को लुभावना ऑफर देकर ग्राहक बनाएं और जब ग्राहक अपने कूपन लेकर आये तो रूम देना की बात तो दूर रहीं,होटल संचालक ने ग्राहकों से अभद्र व्यवहार किया ओर होटल संचालक ने बहुत सारे ग्राहकों के साथ फोर्ड किया है अब होटल के कूपन को लेकर सावधान हो जाए होटल संचालक ने जितने भी कूपन ग्राहकों को दिए थे परंतु उसने अपना होटल दूसरे को बैच दिया आप जो नए होटल संचालक आए हैं वो कूपन लेने से इनकार कर रहे हैं वर्तमान मालिक का कहना है कि इससे पूर्व में जिसको हमने यह होटल संचालित करने को दी थी उसके द्वारा यह कार्य किया गया है इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं है अब मामला यह बनता है कि दोनों में से कौन सही है कौन गलत है लेकिन जो इतना बड़ा फर्जी बड़ा हुआ है उसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन पुलिस के लिए जांच का विषय है recent visitors 99

सरकार धार्मिक त्योहारों में बढ़ा रही है सक्रियता और सहभागिता, तीन राज्यों की सरकारें मिलकर करेंगे श्रीकृष्ण पाथेय का विकास

भोपाल देश में भगवान श्रीकृष्ण के पग जिस-जिस स्थान पर पड़े हैं, ऐसे स्थानों का विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सरकार इसके लिए कार्य योजना बना रही है। तीनों राज्यों की सरकारें मिलकर श्रीकृष्ण पाथेय का विकास कार्य करेंगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई श्रीकृष्ण पाथेय के संबंध में बैठक में लिया गया। गुरुवार को समत्व भवन में विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक में यह फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सभी समितियों को सक्रिय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरातत्वविदों, धर्माचार्यों एवं भगवान श्रीकृष्ण पर साहित्य के अच्छे लेखकों को भी समिति में जोड़ा जाएगा। राज्यों में बनेगा सकारात्मक माहौल बैठक में सीएम मोहन ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए भोपाल के अलावा उज्जैन, राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अथवा ब्रज या चौरासी कोस या अन्य किसी विशिष्ट स्थल पर समिति बैठकें आायोजित की जाएं। ऐसी पहल से दोनों राज्यों में श्रीकृष्ण पाथेय के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। धार्मिक त्योहारों में बढ़ी सरकार की सहभागिता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य में धार्मिक त्योहारों में सरकार की सहभागिता बढ़ी है। सरकार ने दशहरे में शस्त्र पूजा, दीपावली पर गोवर्धन पूजा और हाल ही में गीता जयंती भी मनाई है। प्रदेश के 17 पवित्र धार्मिक शहरों और 2 ग्रामों में हमने शराबबंदी लागू करने का निर्णय ले लिया है। इससे समाज में बेहतर संदेश का संचार हुआ है। श्रीकृष्ण पाथेय पर केंद्रित होकर काम होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रीकृष्ण पाथेय के लिए केंद्रित होकर काम करेगी। भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी अन्य लीलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा जाएगा। recent visitors 45

ग्वालियर किला निजी हाथों में सौंपने शहरवासियों ने किया विरोध, बोले- दिल्ली तक जाएंगे

gwalior city residents protested against handing over gwalior fort to private hands Gwalior Fort Update: ग्वालियर के ऐतिहासिक किले को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से शहरवासी आक्रोश में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ग्वालियर किला (Gwalior Fort) हमारी विरासत है, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। शहरवासियों का कहना है कि ग्वालियर किले पर बने ऐतिहासिक स्मारक हमारी पहचान हैं और किले के निजीकरण के बाद यहां मनमाने ढंग से वसूली प्रारंभ हो जाएगी। इसके विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शुक्रवार को कलेक्टर और राज्य पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर चेताएगी। बता दें, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ ग्वालियर किले के लिए एमओयू किया है। वहीं इंडिगो ग्रुप के 100 लोगों की टीम शुक्रवार 7 मार्च की शाम 4 बजे ग्वालियर फोर्ट पहुंच रही है। टिकट काफी महंगे हो जाएंगेग्वालियर किले पर जो स्मारक पूर्ण रूप से संरक्षित हैं और उनसे आमदनी भी हो रही है, ऐसे स्मारकों को निजी हाथ में देना ठीक नहीं रहेगा। क्योंकि उनके टिकट काफी बढ़ जाएंगे। ऐसे में आम आदमी स्मारकों को देखने से वंचित रह जाएगा और पुरातत्व महत्व भी समाप्त हो जाएगा।–लाल बहादुर सिंह, पूर्व क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) गूजरी महल संग्रहालयराष्ट्रपति भवन तक जाएंगे हम इस मुद्दे पर पूरी लड़ाई लड़ेंगे, किसी भी हालत में किले का निजीकरण नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े। हम हर स्तर पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही दूसरे समाजों को भी इससे जोड़ेंगे। इससे पूर्व भी हमने यहां निजी होटल के निर्माण को नहीं होने दिया था।-पूरन सिंह राणा, एडवोकेट, सचिव, जाट समाज कल्याण परिषद ग्वालियरनिजीकरण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्वालियर का किला न सिर्फ शहर बल्कि प्रदेश-देश के लिए भी पुरातत्व धरोहर है। इसका निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। पता नहीं इस ऐतिहासिक विरासत को पूंजीपतियों के हवाले क्यों किया जा रहा है। जो लोग इस काम को करवा रहे हैं, उन्हें गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। हम शुक्रवार को इसके लिए ज्ञापन भी देंगे।-सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिवकम हो जाएगी पर्यटकों की संख्या ग्वालियर किला हमारे ग्वालियर नहीं अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है, यहां हर कोई आना पसंद करता है। निजी हाथों में जाने के बाद यहां जाने के लिए अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। वहीं राज्य पुरातत्व विभाग और केंद्रीय पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण और देखभाल कर तो रहे हैं। निजीकरण से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या कम ही होगी।–ज्योति अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष, अग्रकुल महिला समितिनिजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए ग्वालियर किला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, इसका निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इसे संरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों को सौंपना। इससे आम जनता की पहुंच और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित हो सकता है। किले का संरक्षण सरकार खुद करे, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।-श्वेता बिंदल, चेयरपर्सन, जेसीआई ग्वालियरनिर्णय वापस लिया जाए ग्वालियर किला हमारे शहर की शान है। जो भी ऐतिहासिक धरोहर होती हैं उनकी देखभाल व संरक्षण करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। निजीकरण करना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए अनुरोध है कि निजी कंपनी को किले को देने का निर्णय वापस लिया जाए। किले का जो पुराना इतिहास है उसको यथावत रखा जाए, क्योंकि यही हमारी पहचान भी है।-जुबैर रहमान, संस्थापक अध्यक्ष, लॉयंस क्लब दिशा recent visitors 134

दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंचे राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

जैसलमेर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंचे। सिविल एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान आरएसी की तृतीय टुकड़ी के कंपनी कमांडर भंवर सिंह के नेतृत्व में 51 जवानों की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। राज्यपाल के आगमन पर जिला कलेक्टर प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसा राम, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। ऐतिहासिक स्थलों और तनोट माता मंदिर के दर्शन संभव अपने दौरे के दौरान राज्यपाल बागडे जैसलमेर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं। इसके साथ ही उनके सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध तनोट राय माता मंदिर के दर्शन करने की भी संभावना जताई जा रही है। राज्यपाल की यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों की बैठक लेंगे राज्यपाल शुक्रवार अपराह्न 4 बजे राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्री सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभाग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के साथ निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित हों। recent visitors 81