Wednesday, July 8, 2026 4:38 am

सीएम साय की पहल : नक्सल प्रभावित गांव के 75 घरों में पहली बार पहुंची बिजली

रायपुर     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर नक्सल प्रभावित गाँवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई  नियद नेल्ला नार  योजना  से विकास की रोशनी पहुंचने  लगी है। इसी  के तहत  सुकमा जिले के  अंतिम ब्लॉक कोंटा के पूवर्ती कैंप अंतर्गत नियद नेल्ला नार ग्राम पंचायत पेंटाचिमली के ग्राम टेकलगुड़ियम के 75 घर आजादी के  बाद  पहली  बार बिजली की रौशनी से दमकने लगे हैं। वहां के निवासियों के जीवन में नई रोशनी आई है। शासन की नियद नेल्लानार योजना के तहत इस क्षेत्र में विद्युतीकरण पूरा किया गया है जिससे अब यहां के लोगों का जीवन और आसान हो सकेगा। इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के सफल क्रियान्वयन में विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जेकेरकेट्टा एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। उन्होंने गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और मेहनत से कार्य किया। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित टेकलगुड़ियम के लोगों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण रहा। जब गांव में पहली बार बिजली के बल्ब जले तो ग्रामीणों की आंखों में खुशी झलक उठी। छत्तीसगढ़ सरकार दूरस्थ और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य कर रही है। बिजली के अलावा सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से यह साबित हो रहा है कि विकास सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों को भी इसका पूरा लाभ दिया जा रहा है। टेकलगुड़ियम के ग्रामीणों का कहना है कि अब वे भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में अन्य जरूरी सुविधाएं भी गांव में मुहैया कराई जाएंगी। शिक्षा और विकास को मिलेगी गति बिजली की सुविधा मिलने से गांव में अब कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। बच्चों की पढ़ाई अब पहले से बेहतर हो सकेगी, क्योंकि अब वे रात में भी रोशनी में अध्ययन कर सकेंगे। इसके अलावा छोटे स्तर पर व्यापार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। बिजली आने से डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, जिससे गांव के लोग सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। recent visitors 18

रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे, जताया दुःख: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात ओडिया कवि पद्म भूषण रमाकांत रथ के निधन पर दुख जताया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे। उन्हें पद्म भूषण सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''प्रख्यात कवि रमाकांत रथ जी के निधन के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ है। रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे। उन्हें पद्म भूषण सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ओडिया साहित्य में अपने चिरस्मरणीय योगदान द्वारा उन्होंने अखिल भारतीय साहित्य को समृद्ध किया है। मैं उनके शोक संतप्त परिवारजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा,'' रमाकांत रथ जी ने एक प्रभावी प्रशासक और विद्वान के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी रचनाएं, विशेषकर कविताएं, समाज के सभी वर्गों में व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं। उनके निधन से बहुत दुःख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। '' इससे पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रमाकांत रथ के निधन पर शोक जताया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा,''मुझे पद्म भूषण से सम्मानित, पूर्व सिविल सेवक एवं लेखक रमाकांत रथ के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ है। उन्हें भारतीय सिविल सेवा के साथ-साथ साहित्य जगत में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया जाएगा। मैं भगवान जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' recent visitors 26

सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित होली मिलन एवं पारिवारिक पिकनिक का आयोजन

Holi Milan and Family Picnic organized by Sindhi Mela Samiti  भोपाल (सुशील दामले)। सिंधी मेला समिति द्वारा रतिबड स्थित नक्षत्र रिसोर्ट में होली मिलन समारोह एवं पारिवारिक पिकनिक का आयोजन किया गया।इस मौके पर सिंधी समाज के सभी लोगों ने जमकर फूलो की होली खेली, समारोह में उपस्थित सभी लोगों को सिंधी मिठाई (गिहर) से मुह मीठा करवाया इस आयोजन को लेकर सभी लोगों में काफ़ी उत्साह देखा गया। साथ ही पारिवारिक वातावरण में लोगों ने पिकनिक का भी भरपूर आनंद लिया। इस दौरान महिलाओं के लिए चम्मच रेस, तंबोला, फन क्विज़, चेयर रेस, पुल पार्टी, डांस म्यूजिक, इत्यादि गेम्स खेले गये, सभी लोगों ने इस पल को खूब एंज्याय किया एवं इस पल की यादो को अपने कैमरे में कैप्चर कर लिया गया साथ ही लज़ीज व्यंजन का भी लोगों ने भरपूर लुफ्त उठाया। इस अवसर पर सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने बताया कि सिंधी मेला परिवार की और से आयोजन आयोजित किया गया है इस पारिवारिक होली मिलन समारोह में उज्जैन के सर्वोत्तम नृत्य अकादमी के कलाकार द्वारा माथुरा के गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का समाबांध दिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक भगवानदास सबनानी, नरेश तलरेजा, के. एल. दलवानी, प्रदीप आर्त्तवानी,महेश बजाज, दीपक राजानी, नरेश गिदवानी, रवि आनंद, पंडित रवि शर्मा, ठाकुर पंजवानी, पिकनिक संयोजक सुनील किंगरानी, हरीश मेंघानी महिला संयोजक सिया आसुदानी, सीमा सबनानी. दिव्या दरयानी, पूजा भाटिया, भावना जगवानी, सुनील मंगवानी, चंदन डुलानी, कपिल भाटिया, राम आसुदानी, मोहित शेवानी, हरकिशन निहालानी, सहित समाज के गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित हुए थे। सिन्धी मेला समिति भोपाल की नई पहल, सिन्धी मैराथान,  समाज के हर आयु वर्ग को फिजिकल फिटनेस की ओर आकर्षित करने हेतु सिंधी मेला समिति द्वारा शहीद हेमू कालानी जी के जन्म दिवस रविवार 23 मार्च 2025 को सुबह 06 बजे भोपाल में पहली बार सिन्धी मैराथन आयोजित की जा रही है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पद्मश्री, पद्मभूषण प्राप्त पंकज आडवाणी भाग ले रहे है। recent visitors 107

मुख्यमंत्री साय ने NCC कैडेट्स का बढ़ाया उत्साह, कहा-अब युवाओं के पायलट बनने का सपना भी होगा साकार

जशपुरनगर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज आगडीह के हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर एसक्वीएन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया और उनके अनुभव जाने. मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के युवाओं को मेडिकल, इंजीनियरिंग, शिक्षा, सहित हर क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए बेहतर प्रयास किया जा रहा है. जशपुर के युवा पायलट में अपना भविष्य बना सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है. उन्होंने युवाओं को जशपुर के पर्यटन स्थल का भ्रमण करवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही बताया कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत अच्छा जिला है. यहां काजू, चाय पत्ती, नाशपाती सहित अच्छे फलों की खेती होती है. जशपुर में सेब की भी खेती की जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने माइक्रो लाइट एयर स्कवाड्रन विमान का अवलोकन कर तकनीकी जानकारी ली. इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि जिले में 7 मार्च 2025 से हर सुबह छोटे विमान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विमान आसमान की सैर कर वापस जमीन पर आ जाता है. दरअसल, आगडीह हवाई पट्टी से 3 सीजी एयर स्कवाड्रन एनसीसी रायपुर के 100 चयनित कैडेट्स को हल्के विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. रायपुर से बाहर जशपुर जिले में पहली बार हो रहे प्रशिक्षण को लेकर कैडेट्स में भी भारी उत्साह है. एक तरफ जशपुर का मनोरम दृश्य और प्रशिक्षण पाने का उत्साह उनके जोश को दोगुना कर देता है. लगभग एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में कैडेट्स को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 100 कैडेट्स को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है. ट्विन-सीटर SW-80 विमान से दी जा रही ट्रेनिंग आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है. सिंगल इंजन ट्वीन सीटर वायरस एसडब्ल्यू 80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विमान 20 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है. फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1000 फीट तक ही उड़ान का संचालन किया जा रहा है. कमांडिग ऑफिसर ने बताया कि यह प्रशिक्षण कैडेट्स के सुनहरे भविष्य की नींव तैयार कर रहा है. उन्होंने बताया कि एनसीसी के एयर विंग से सी प्रमाण पत्र परीक्षा में अच्छे ग्रेडिंग से पास करने पर केडेट्स सीधे एयर फोर्स के इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं. एयर फोर्स पायलट बनने का सपना लिए ले रहे हैं प्रशिक्षण प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है, और यह प्रशिक्षण मुझे उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा. इसी तरह प्रांशु चौहान ने बताया कि जशपुर में एयर ट्रैफिक साफ-सुथरा रहता है, जिससे उड़ान में कोई बाधा नहीं आती. रनवे भी पूरी तरह से क्लियर रहता है, जिससे प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता के बीच प्रशिक्षण लेना हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगा. recent visitors 23

दूध को लेकर हुए विवाद में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, दो लोगों की मौत, दहशत में लोग

आरा बिहार में बेलगाम अपराधी पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे हैं। इस बार अपराधियों ने दूध के लिए डबल मर्डर को अंजाम दिया है। महज 1 लीटर दूध के लिए भोजपुर जिले के आरा में इस डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया गया है। कहा जा रहा है कि भोजपुर के बड़हरा थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में दूध को लेकर हुए विवाद में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है। गोलीबारी से लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने घटना स्थल से पिस्टल भी बरामद किया है। कहा जा रहा है कि सुबह नौ बजे दूध के लिए खून बहाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक राज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। पुलिस अफसरों ने परिजनों से मिल कर यह आश्वासन दिया कि घटना में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ उचित न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। आरा के एसपी राज ने घटना को लेकर मीडिया को बताया कि आज सुबह नौ बजे के करीब सेमरा गांव औऱ बेलगांवा गांव के बीच दूध को लेकर विवाद हुआ। इसमें लोग आपस में उलझ गए और गोलीबारी की गई। इसमें प्रेम सिंह (बेलगांवा गांव) और धर्मेंद्र राय (सेमरा गांव) को गोली लग गई जिनकी मौत हो गई है। अभी यहां स्थिति सामान्य है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि पत्थर भी फेंके गए हैं। फोरेंसिक विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि पिस्टल के अलावा एक रायफल भी घटनास्थल से बरामद किया गया है। recent visitors 29

हाथरस में सात साल की एक बच्‍ची के साथ रेप, इस मामले में आरोपी भी नाबालिग, मचा हड़कंप

हाथरस यूपी के हाथरस में सात साल की एक बच्‍ची के साथ रेप की बात सामने आने के बाद बवाल मच गया। इस मामले में आरोपी भी नाबालिग है। गुस्‍साई भीड़ ने एक धर्मस्‍थल की ओर पत्‍थर चलाए तो वहां बड़ी संख्‍या में पुलिस बल पहुंच गया। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह उनका गुस्‍सा शांत कराया। हंगामे और तनाव को देखते हुए मौके पर भारी संख्‍या में जवानों को तैनात किया गया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्‍कर्म का मामला सामने आया है। यह बात सामने आने के बाद गुस्‍साई भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने एक धर्मस्‍थल की ओर पत्‍थर भी फेंके। सूचना पर हाथरस के एसपी, कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे। उन्‍होंने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की रात को इस गांव की सात साल की एक बच्ची दुकान पर सामान लेने के लिए गई थी। तभी उसे गांव का ही एक नाबालिग उठाकर ले गया। आरोप है कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन बच्ची ने दुष्कर्म की बात कही तो पुलिस ने रात में ही आरोपी को हिरासत में ले लिया। लेकिन रविवार की सुबह होते ही एक बार फिर हगांमा शुरू हो गया। एक धर्म स्थल के पास भीड़ जुटने लगी। तभी कुछ लोगों ने पथरबाजी कर दी। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने बेकाबू हो रही भीड़ को समझा कर काबू में किया। हंगामे के बाद कई थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। एसपी ने मौके पर लोगों से बातचीत की। इस दौरान सादाबाद के विधायक प्रदीप चौधरी भी गांव में पहुंचे थे। क्‍या बोली पुलिस हाथरस के एसपी चिरंजीव नाथ सिन्‍हा ने कहा कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अपनी कार्यवाही कर रही है। recent visitors 32

227 साल पुराने इस कानून को एलियन एनिमी ऐक्ट 1798 के तौर पर जाना जाता है, जिसे नहीं लागू कर पाए ट्रंप

वाशिंगटन निर्वासन में तेजी लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18वीं सदी के एक कानून का इस्तेमाल किए जाने की घोषणा की लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक संघीय अदालत के न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को इसे लागू करने से रोक दिया। शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को वॉर्निंग दे दी थी। इसके तत्काल बाद ही उनपर कार्रवाई शुरू हो गई और विमानों में भर-भरकर लोगों का निर्वासन होने लगा। सैकड़ों भारतीयों को भी अमेरिका से निकाला जा चुका है। क्या है एलियन एनिमी ऐक्ट डोनाल्ड ट्रंप इस काम को तेज करने के लिए 1798 का एक कानून लागू करना चाहते थे। 227 साल पुराने इस कानून को एलियन एनिमी ऐक्ट 1798 के तौर पर जाना जाता है। फ्रांस से तनाव के बीचअमेरिका की सरकार ने यह कानून बनाया था। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी को भी निर्वीसित करने का अधिकार दिया गया था। अगर ऐसा लगता है कि कोई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है या फिर दुश्मनों के साथ है तो उसे तुरंत निर्वासित किया जा सकता है। इस कानून में कहा गया था कि अगर किसी विदेशी ताकत का आक्रमण होता है या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा दिखता है तो इस कानून को लागू किया जा सकता है। ट्रंप प्रशासन ने इस कानून का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वेनेजुएला का एक गिरोह अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है और प्रशासन के पास उसके सदस्यों को देश से बाहर निकालने के लिए नई शक्तियां हैं। कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जेम्स ई बोसबर्ग ने कहा कि उन्हें अपना आदेश तत्काल जारी करने की आवश्यकता है क्योंकि सरकार प्रवासियों को पहले से ही एल साल्वाडोर और होंडुरास भेज रही है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ट्रंप की घोषणा के तहत इन प्रवासियों को नए सिरे से निर्वासित किया जा सकता है और उन्हें एल साल्वाडोर तथा होंडुरास में कैद किया जाएगा। अल साल्वाडोर ने इस सप्ताह 300 ऐसे प्रवासियों को स्वीकार करने पर सहमति दे दी जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने गिरोह का सदस्य घोषित किया है। बोसबर्ग ने एसीएलयू और ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड’ द्वारा दायर मामले की शनिवार शाम सुनवाई करते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं अब और इंतजार कर सकता हूं और मुझे कार्रवाई करनी होगी।’ इस फैसले से कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने 1798 के ‘एलियन एनीमीज एक्स’ (विदेशी शत्रु अधिनियम) को लागू करते हुए दावा किया कि वेनेजुएला का गिरोह ‘ट्रेन डी अरागुआ’ अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है। यह अधिनियम राष्ट्रपति को निर्वासन में बड़े पैमाने पर तेजी लाने के लिए नीतिगत और कार्यकारी कार्रवाई के संबंध में व्यापक छूट देता है। दो सौ साल के इतिहास में केवल तीन बार लागू हुआ कानून अमेरिकी इतिहास में इस अधिनियम का इस्तेमाल अब तक केवल तीन बार हुआ है और वह भी केवल युद्ध के दौरान किया गया है। इससे पहले इसका इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ था। उस समय जर्मन और इतालवी लोगों को कैद करने के साथ-साथ जापानी-अमेरिकी नागरिकों को सामूहिक रूप से नजरबंद करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था। recent visitors 32