Sunday, July 5, 2026 2:17 pm

न्योता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ

सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में न्योता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी क्रम में विगत दिवस जिला शिक्षा अधिकारी एन के चंद्रा द्वारा अपने गृह ग्राम सोनादुला के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में न्योता भोज का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनादुला में आयोजित न्योता भोज कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वासु जैन भी शामिल हुए।     इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने जिला शिक्षा अधिकारी के इस न्योता भोज पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस न्योता भोज कार्यक्रम से जुड़े एवं शासन के मंशानुरूप इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान देवे। उन्होंने कहा कि न्योता भोज, विद्यालयों में उपलब्ध संशाधन के आधार पर आयोजित करावें। अनावश्यक विशेष प्रकार की साज सज्जा से बचे जिससे मितव्ययता से इस आयोजन को सफल बनाया जा सके। जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  वासु जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़कर सभी गतिविधियों में शामिल होवे एवं विद्या अध्ययन के साथ साथ अन्य कार्यक्रमों में भी भाग ले तथा अच्छे से पढ़ाई कर अच्छे अच्छे पदों को सुशोभित करें । जिला शिक्षा अधिकारी एन के चंद्रा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत संचालित मध्यान्ह भोजन योजना के तहत आयोजित न्योता भोज के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थित सभी अभिभावकों व जनसामान्य से आग्रह करते हुए कहा कि आपके घरों में आयोजित उत्सव के अवसर जैसे जन्मदिन, विवाह, सालगिरह या किसी अन्य खुशी के  अवसर पर  स्थानीय विद्यालय के बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन करें। शासन का लक्ष्य प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत मिलने वाले भोजन की पौष्टिकता में वृद्धि करना तथा रुचिकर बनाना है। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मालखरौदा  रूपेंद्र पटेल, तहसीलदार मालखरौदा मनमोहन प्रताप सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मालखरौदा  एम एल प्रधान, सांख्यिकी अन्वेषक  राकेश अग्रवाल, विकासखंड मालखरौदा के सीएसी, शाला विकास प्रबंधन समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक, शिक्षक, शिक्षिका तथा बड़ी संख्या में बच्चे  व उनके अभिभावक उपस्थित थे। recent visitors 18

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं- 12वीं परीक्षा प्रैक्टिकल और मूल्यांकन की डेट बढ़ी, ऐसे करें चेक

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन अंकों को जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 6 अप्रैल 2025 तक अपने प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के अंक भर सकते हैं। पहले तय थी 30 मार्च की समय सीमा एमपी बोर्ड ने 15 जनवरी 2025 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें 30 मार्च 2025 को नियमित और स्व-अध्ययन छात्रों के लिए प्रैक्टिकल और आंतरिक परीक्षा परिणामों को जमा करने की अंतिम तिथि घोषित की गई थी। बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी स्थिति में अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम 2025 एमपी बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 की घोषणा अप्रैल 2025 में होने की संभावना है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। ऐसे करें चेक:     आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं।     होमपेज पर उपलब्ध "MP Board Class 10 और 12 परिणाम 2025" लिंक पर क्लिक करें।     लॉगिन विवरण जैसे पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि दर्ज करें और सबमिट करें।     रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।     डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट निकाल लें। recent visitors 23

भोपाल में संपत्ति और जलकर में वृद्धि: 3611 करोड़ से अधिक का बजट पेश, पिछली बार की तुलना में 300 करोड़ रुपए ज्यादा

भोपाल भोपाल नगर सरकार का सालाना बजट गुरुवार को महापौर मालती राय ने पेश किया गया। संभावना के मुताबिक बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की वृद्धि की गई है। इससे राजधानी के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे।महापौर मालती राय नगर निगम का बजट पेश करने के लिए एमआईसी मेंबर और पार्षदों के साथ परिषद में पहुंचीं। महापौर सफेद-नीले रंग के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। इस दौरान मेयर के साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। अतः उक्त परिस्थितियों के आधार पर नगरीय विकास के लिये यह आवश्यक एवं उचित है कि संपत्तिकर, जलदर एवं उपभोक्ता प्रभार की दरों में वृद्वि की जावे। माननीय अध्यक्ष महोदय, इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये युक्तियुक्तकरण किया जाकर संपत्तिकर की गणना हेतु करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारण हेतु परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्वि एवं उपभोक्ता प्रभार-जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्वि प्रस्तावित की गई है।जो कि बजट पुस्तिका में संलग्न चार्ट में अवलोकन से स्पष्ट होगा कि बहुत अधिक दरों को नहीं बढ़ाया गया है। वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध बैठक में महापौर मालती राय ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन प्रस्ताव रखा। भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने इस पर चर्चा शुरू करनी चाही, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि प्रस्ताव मेरी अनुमति से रखा गया है, सभी पार्षद अपनी सीटों पर बैठें। लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जारी रखा और अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्षदों को वापस भेजा, वहीं भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने प्रस्ताव रखना जारी रखा और भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। सरकारी आवास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के नाम भोपाल में टीटी नगर स्थित सरकारी आवास का निर्माण हुआ था। सीएम मोहन यादव ने परिसर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई परिसर करने की घोषणा की थी। मीटिंग में यह प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पास कर दिया गया। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने यह प्रस्ताव रखा। इस पर विपक्ष ने भी किसी प्रकार का विरोध नहीं दर्ज कराया।  छात्रों के लिए महापौर स्मार्ट पास फिर शुरू होंगे     शहर में 1 लाख 26 हजार पौधे रोपे गए।     जीआईएस के तहत शहर के सौदर्यीकरण के कार्यों को बनाए रखने के लिए 1 हजार लाख रुपए और मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के लिए 1500 लाख रुपए तथा पार्को के विकास के लिए 1200 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया।     शहर में शालाओं के निर्माण और विकास कार्यों के लिए शिक्षा उपकर की मद में 3065 लाख रुपए का प्रावधान किया।     निगम कर्मचारियों के कक्षा 10वीं और 12वीं में मैरिट में आने वाली बालिकाओं और बालकों को प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रुपए प्रत्येक छात्र को दिए जाने का प्रावधान किया गया।     करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारा के लिए परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि एवं उपभोक्ता प्रभार- जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 4 250 लाख रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि- प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 210 लाख रुपए का प्रावधान किया गया।     परिषद अध्यक्ष निधि के रूप में 500 लाख रुपए रखने का प्रावधान।     एमआईसी सदस्यों की निधि के लिए 1 करोड़ रुपए प्रति एमआईसी के मान से 1 हजार लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया।     समग्र विकास के लिए विशेष निधि राशि 1 हजार लाख और विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य के लिए 1500 लाख रुपए का बजट में प्रावधान किया।     बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित आय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए के विरुद्ध अनुमानित व्यय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए प्रस्तावित है।     राजस्व आय की राशि 5 प्रतिशत रिजर्व राशि 110 करोड़ 7लाख 4 हजार रुपए रखने के उपरांत 110 करोड़ 7 लाख 4 हजार रुपए संभावित घाटे का बजट सदन के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत है। मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों के लिए यह प्रावधान     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान।     अध्यक्ष के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं।     एमआईसी मेंबर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान।     महापौर के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले बैठक में निगम कमिश्नर द्वारा पार्षद को हटाने के प्रस्ताव का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। ऐसे में महापौर मालती राय ने भी कहा कि किसी पार्षद के खिलाफ शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले एमआईसी या परिषद से चर्चा होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों के व्यवहार और फोन न उठाने की समस्या पर भी नाराजगी जाहिर की गई। बीजेपी पार्षद एक स्वास्थ्य अधिकारी पर भड़क गए। पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने कहा कि एएचओ ने पार्षद के साथ अभद्रता की है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।   recent visitors 29

शिवराज के एक -एक फैसले को रह-रहकर बदल रही मोहन सरकार

Mohan government is changing

Mohan government is changing every decision of Shivraj from time to time भोपाल। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने भाजपा की मोहन सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोहन सरकार ने शिवराज सरकार में जारी सीएम राइज स्कूल योजना का नाम बदलकर ‘सांदीपनि विद्यालय’ रख दिया है। क्या ये बदलाव शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए है या सिर्फ नाम बदलकर दिखावे की राजनीति को चमकाने और नया रंग बनाने के लिए है? जब शिक्षा के असली मुद्दों पर काम करने की जरूरत थी, तब सरकार ने नाम बदलने की दिशा में कदम उठाया। डॉ मनोज का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ मोहन यादव न जाने कौन-सी राजनीतिक उपेक्षा का बदला लेते हुए शिवराज सिंह चौहान के बतौर सीएम लिए गए फैसले बदलने पर आमादा हैं। शिवराज सरकार के बनाए ‘सीएम राइज’ का नाम अब “सांदीपनि विद्यालय” कर दिया है! तर्क दिया जा रहा है कि यह सीएम राइज जैसा नाम अंग्रेजों के जमाने का लगता है, इसलिए बदलकर ऋषि के नाम पर किया गया है! सरकार को नाम बदलने से ज्यादा अपने “सरकारी काम” सुधारने की जरूरत है! उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा पर 7 साल में सरकार ने 80% खर्च बढा दिया इसके बावजूद स्कूल बुनियादी सुविधा से जूझ रहे हैं। हालत ये हैं कि प्रदेश के 3 हज़ार 620 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है। स्कूलों में 12 लाख से अधिक बच्चे घट गए। आज भी 13,198 स्कूल सिर्फ 01 शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। यदि CM शिक्षा मंत्रालय के UDISE की जनवरी 2025 में जारी रिपोर्ट ही पढ़ लेंगे, तो नाम की बजाय काम पर ध्यान देंगे। ‘ रिपोर्ट चीख रही है, “10 हजार 702 स्कूलों में बच्चियों के लिए बनाए गए टॉयलेट किसी के काम के नहीं हैं। 7 हजार 966 स्कूलों में हैंडवॉश की सुविधा नहीं है। 7 हज़़ार 422 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। recent visitors 75

अम्बिकापुर : डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित

अम्बिकापुर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय अटल नगर रायपुर के द्वारा जारी पत्र के निर्देशानुसार शैक्षणिक रूप से पिछड़े विकासखण्डों में पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप योजना अन्तर्गत संचालित डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में शासकीय एवं आर.टी.ई. कोटा के तहत् प्री प्राथमिक के प्रारंभिक कक्षाओं (केजी1/एलकेजी) में निःशुल्क प्रवेश हेतु आवेदन 15 मई 2025 तक संबंधित विकासखण्ड के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाना है।  जिले के सभी 07 विकासखण्डों में संचालित डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए नर्सरी की प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश हेतु शिक्षा का अधिकारी नियम अन्तर्गत 25 प्रतिशत एवं निःशुल्क शासकीय कोटा अन्तर्गत 8 प्रतिशत दोनों श्रेणी के लिए प्रवेश हेतु आवेदन किया जा सकता है। संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रवेश हेतु आवेदन पत्र प्राप्त कर 15 मई 2025 तक भरे हुये आवेदन  मय आवश्यक दस्तावेज सहित जमा किया जा सकता है। प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं आरक्षित सीटों के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित विकासखण्ड कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।   recent visitors 32

महासमुंद : आर.बी.सी. 6-4 के तहत 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 03 मृतकों के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोकरामुड़ा खुर्द के मृतक श्री जुगल साय गोड़ तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु होने पर ग्राम पैकिन के मृतक श्री तिलकराम भोई एवं बिच्छू के डंक मारने से मृत्यु होने पर ग्राम केन्दुढार की मृतिका तुजला निषाद के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। recent visitors 15

कांगेस प्रवक्ता संगीता शर्मा के चक्रव्यूह में फंसे विधायक भूपेंद्र और मंत्री गोविन्द

Congress spokesperson Sangeeta Sharma

MLA Bhupendra and Minister Govind trapped in the trap of Congress spokesperson Sangeeta Sharma भोपाल। मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस ने अब मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी सीधा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने एक ट्वीट कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की निष्क्रियता कोई लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित और सुनियोजित भ्रष्टाचार को छिपाने की साजिश है, जिसमें भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हैं।सुश्री शर्मा ने ट्वीट में लिखा, यह मध्यप्रदेश सरकार की तोता (जांच एजेंसी) लोकायुक्त की लापरवाही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए के संगठित और सुनियोजित भ्रष्टाचार में सालों से संलिप्त भाजपा नेताओं, भाजपा के मप्र प्रभारियों, संगठन के अन्य पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत (अब खाद्य मंत्री) को बचाने की मोहन यादव सरकार की कारगुज़ारी है।सुश्री शर्मा ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि, आप प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, क्या आपने लोकायुक्त की इस निष्क्रियता की समीक्षा की? आखिर आप किसे बचाना चाह रहे हैं—भूपेंद्र सिंह, जिनके कार्यकाल में इस भ्रष्टाचार की नींव रखी गई, या गोविंद सिंह राजपूत, जिनके कार्यकाल में यह लूट खुलकर हुई, या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिनके कहने पर गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन विभाग सौंपा गया? जीरो टॉलरेंस पर खामोशी क्यों ? : कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात तो करते हैं, लेकिन इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व मंत्रियों की अवैध संपत्तियों की जांच करवाने के बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को कमजोर कर रही है। उन्होंने ट्वीट में यह भी पूछा कि, क्या सरकार ने लोकायुक्त को परिवहन विभाग के करोड़पति सिपाही सौरभ शर्मा के खिलाफ चालान पेश करने से रोका है? सख्त कार्रवाई की मांग : कांग्रेस ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में सौरभ शर्मा के साथ-साथ पूर्व परिवहन मंत्रियों भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत की अघोषित संपत्ति की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी मंत्री इस तरह की लूट न कर सके। सुश्री शर्मा ने कहा है कि 4 साल बाद भाजपा को जनता के सामने भी जाना पड़ेगा तब इस संगठित भ्रष्ट्राचार पर क्या कार्रवाई की थी इसका हिसाब तो देना पड़ेगा । recent visitors 297