Thursday, July 9, 2026 7:57 pm

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला: नियम ताक पर, चहेती फर्मों को करोड़ों का फायदा,पढ़िए पूरी पड़ताल

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। recent visitors 149

बैतूल में छात्रों के पैदल मार्च के बाद जागा प्रशासन, जांच में मिली गड़बड़ी तो की कार्रवाई

बैतूल में छात्रों के पैदल मार्च के बाद जागा प्रशासन, जांच में मिली गड़बड़ी तो की कार्रवाई

The administration woke up after the students’ march in Betul, and took action after an investigation found irregularities. बैतूल ! शाहपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्राचार्य पंकज शरण को निलंबित करने का प्रस्ताव दिया गया है। स्टाफ नर्स सोनम हनोते और काउंसलर पूजा दुबे की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही मेस ठेकेदार आलोक सिंह की निविदा निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें बुधवार को करीब 600 छात्र भोजन की खराब गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर विरोध जताते हुए शाहपुर से बैतूल कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल पड़े। छात्र 36 किलोमीटर दूर बैतूल जाने के लिए निकले और बरेठा तक पहुंच गए।कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री मौके पर पहुंचेस्थिति की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी शाहपुर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को बसों से वापस हॉस्टल भेजा। मौके पर केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी पहुंचे। दोनों ने छात्रों से करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की। वहीं छात्रों की शिकायतों पर कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट आयुक्त को भेजी। रिपोर्ट में खराब भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की कमियां सही पाई गईं। इसके बाद प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की है। recent visitors 78

शिवपुरी में किसान की पिटाई मामले ने तूल पकड़ा, जीतू पटवारी बोले- अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे

शिवपुरी में किसान की पिटाई मामले ने तूल पकड़ा, जीतू पटवारी बोले- अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे

The case of beating of a farmer in Shivpuri gained momentum, Jitu Patwari said – we will not tolerate atrocities. शिवपुरी। करैरा में खाद के टोकन के लिए लाइन में लगे किसान को नायब तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने की घटना ने प्रदेश की सियायत को गर्मा दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है। उधर तहसीलदार कल्पना शर्मा ने कहा कि किसान व्यवस्था बिगाड़ रहा था। हंगामे के बाद वहां पहुंचे किसान कांग्रेस के नेता मान सिंह फौजी ने पीड़ित किसान की बात मोबाइल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से करवाई। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अब कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए किसानों की लाइन लगी थी। आरोप है कि इसी दौरान लाइन में धक्का-मुक्की के दौरान हाथरस गांव निवासी महेंद्र राजपूत को नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने थप्पड़ मार दिया था। recent visitors 81