Wednesday, July 15, 2026 8:05 am

कर्मचारियों के विरोध पर एमवीएम की प्राचार्या को हटाया

MVM principal removed after staff protest उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा फैसला  भोपाल। राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के तीव्र विरोध के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राजधानी के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी को हटा दिया है। इस फैसले को कर्मचारी अपने लगातार चले सघर्ष की जीत बता रहे हैं। कर्मचारी लंबे समय से प्राचार्या के खिलाफ लामबंद थे और इसको लेकर मुहिम चला रहे थे। आखिकार वही हुआ, जो कर्मचारी चाह रहे थे।  दरअसल, मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति कठोर था। वे किसी के कहने पर हमेंशा कर्मचारी विरोधी गतिविधियां चला रहीं थी। जिसका कर्मचारी लगातार विरोध जता रहे थे और मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा मंत्री तक ज्ञापन सौंप चुके थे। शिकायत और चेतावनी के बाद भी उनका कर्मचारियों के प्रति रवैया रुखा ही रहा। जिसके बाद शासन ने कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या गीता मोदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उनके स्थान पर डॉ अलका प्रधान को प्रभारी प्राचार्या का दायित्व सौपा है। इसके बाद कर्मचारियों ने कुछ राहत की सांस ली है।  राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ प्रमुख शील प्रताप सिंह पुंढीर,  महासचिव व्यासमुनि चौबे, प्रदेश प्रवक्ता शोएब सिद्दीकी, सचिव कृष्णकांत मिश्रा, भोपाल जिलाशाखा प्रणव खरे, प्रांतीय उच्च शिक्षा विभागीय समिति अध्यक्ष लालाराम रैकवार,  रविशंकर त्रिपाठी, राहुल शर्मा, सूर्यकांत मिश्रा ने इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी बताया। कर्मचारियों ने डॉ अलका प्रधान को नए प्रभार के लिए बधाई और मंत्री इंदरसिंह परमार का आभार माना।  कर्मचारियों ने नवागत प्राचार्या श्रीमती प्रधान से शासन हित में अल्पवेतन भोगी जनभागीदारी श्रमिकों, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किए जाने की मांग की है। recent visitors 102

छतरपुर पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य मार्गों, होटल एवं ढाबों पर की जा रही सघन चेकिंग

Keeping in view the security and traffic system, Chhatarpur Police is conducting intensive checking on main roads, hotels and dhabas. छतरपुर । पुलिस द्वारा जिले में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु मुख्य मार्गों, बस स्टैंड, होटल तथा ढाबों पर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन के निर्देशन में जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु यह अभियान लगातार जारी है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों, सामान एवं दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही होटल एवं ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में आने-जाने वालों का रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। रात्रि गश्त एवं रोड पेट्रोलिंग टीमों द्वारा भी मुख्य मार्गों पर वाहन चेकिंग एवं निगरानी बढ़ाई गई है जिससे सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे। recent visitors 86

अनुसूचित जाति–जनजाति अधिकारों पर जागरूकता हेतु टीकमगढ़ पुलिस की कानूनी चौपाल

Tikamgarh Police’s Legal Chaupal to create awareness on Scheduled Caste-Tribe rights टीकमगढ़ ! अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के प्रति विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा 02 दिसंबर 2025 को ग्राम मुजरा में एक प्रेरणादायक कानूनी चौपाल का आयोजन किया गया। यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीओपी टीकमगढ़ के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक इंसाफ़ अली के संयोजन से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद शुरू किया, तो लोगों में उत्साह के साथ-साथ उत्सुकता भी देखने को मिली। अधिकारियों ने सरल उदाहरणों के माध्यम से बताया कि—“अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय की मजबूत सुरक्षा है।” पुलिस टीम ने ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों, संरक्षण संबंधी प्रावधानों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों ने खुलकर अपने सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक एवं स्पष्ट रूप से जवाब देकर भरोसे को और दृढ़ किया। टीकमगढ़ पुलिस ने यह विश्वास भी दिलाया कि—“हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस सदैव निष्पक्ष, संवेदनशील और पारदर्शी तरीके से जनता के साथ खड़ी है।” चौपाल में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संवाद, सहयोग और विश्वास का सकारात्मक वातावरण महसूस किया गया। recent visitors 65

पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह ने पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार देर रात्रि बड़ागांव थाना का किया औचक निरीक्षण

Superintendent of Police Alok Kumar Singh conducted a surprise inspection of Badagaon police station late at night as per the instructions of the police headquarters. टीकमगढ़ । दिनांक 03.12.25 की देर रात्रि में पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह द्वारा जिले के थाना बड़ागांव का औचक निरीक्षण किया गया इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर ,रिकॉर्ड , बलवा ड्रिल सामग्री को भी चेक किया । लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये । चैकिंग के समय थाने में नाईट एच. सी. एम. ड्यूटी में तैनात प्रधान आरक्षक 385 सादिक खान निर्धारित यूनिफार्म पहने नहीं पाये जाने एवं ड्यूटी के समय धूम्रपान किये पाये जाने पर तथा नाईट पहरा ड्यूटी पर आरक्षक 232 रामजी पटेल उपस्थित नहीं मिला दोनों को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन टीकमगढ़ में अटैच किया गया। निरीक्षण उपरांत सामने आई कमियों को सुधारने हेतु संबंधित थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को निर्देशित किया गया। recent visitors 74

मऊगंज कलेक्ट्रेट पर भ्रष्टाचार का साया: महिला वार्डन से मांगी 1.12 लाख की रिश्वत! पैसे वापस मांगने पर पति को दी धमकी

Corruption looms large over the Mauganj Collectorate: A woman warden was asked for a bribe of 1.12 lakh rupees, and her husband was threatened when he demanded the money back. मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज कलेक्ट्रेट एक बार फिर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के आरोपों में घिर गया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर कलेक्टर के नाम पर 1 लाख 12 हजार रुपए की रिश्वत लेने और विभागीय आदेश दबाने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। कलेक्टर संजय जैन ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं वार्डन की ओर से लगाए गए आरोपों ने विभागीय तामिली और नोटिस प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊगंज कलेक्ट्रेट, जहां एक बार फिर भ्रष्टाचार का साया मंडरा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पंकज श्रीवास्तव पर एक महिला वार्डन से कलेक्टर के नाम पर एक लाख बारह हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। वार्डन शकुंतला नीरत का आरोप है कि ‘काम कराने’ के नाम पर पंकज श्रीवास्तव ने दो किस्तों में यह रकम ली और जब काम नहीं हुआ, तो पैसे मांगे जाने पर उनके पति को रात में पुराने बस स्टैंड बुलाकर धमकियां दी गईं। वार्डन ने यह पूरी शिकायत मऊगंज थाने में दर्ज कराई है। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेशमामला सामने आते ही कलेक्टर संजय जैन ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तुरंत जांच के आदेश दे दिए। अपर कलेक्टर को जांच अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर का कहना है कि “दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” लेकिन मामला जितना रिश्वत का है, उतना ही प्रशासनिक लापरवाही का भी। वार्डन का आरोप है कि छात्रावास प्रभार छोड़ने का आदेश 28 अगस्त को जारी हुआ था, लेकिन न तो वह उन्हें समय पर मिला और न ही नियमों के अनुसार डाकपाल के माध्यम से तामीली हुई। आदेश 6 सितंबर को दोपहर 12 बजे आशा द्विवेदी के द्वारा व्हाट्सऐप पर भेजा गया, जो प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। वार्डन का ये भी आरोपइस देरी और अनियमितता के कारण वार्डन को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहां से 26 सितंबर को स्थगन आदेश मिला। वार्डन का एक और आरोप सामने आया है। उनके खिलाफ 6 लाख 67 हजार की रिकवरी 14 नवंबर को जारी कर दी गई, लेकिन इसकी सूचना उन्हें 30 नवंबर को सोशल मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद व्हाट्सऐप से मिली। न कोई नोटिस, न कोई जवाब का अवसर और न ही बिल-वाउचर की विधिवत जांच। इधर, कलेक्टर संजय जैन का कहना है कि वार्डन ने न्यायालय में गलत तथ्य प्रस्तुत किए हैं और आदेश जारी होने के बाद नियम विरुद्ध तरीके से राशि का आहरण किया गया। जिसमें विधि एवं प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की गई है। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवालबड़ा सवाल यह है कि जब कलेक्टर ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए 14 नवंबर को निर्देश जारी कर दिए थे, तो विभागीय अधिकारियों ने 16 दिनों तक इसकी तामीली क्यों नहीं की ? और क्यों इस आदेश को तब जारी किया गया, जब मामला मीडिया में आ चुका था और कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी कर दिया था ? आखिर कलेक्टर के द्वारा जारी आदेश को इतने दिनों तक दबा कर क्यों रखा गया। पूरे प्रकरण ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिश्वत, धमकी, आदेश तामीली में लापरवाही और कई परतों वाले इस मामले की जांच अब तेज हो गई है। recent visitors 56

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

Lokayukta arrested an accountant red-handed while accepting a bribe of Rs 10,000. धार। मध्य प्रदेश के धार में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कड़ा शिकंजा कसते हुए लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पेंशन में NPS कटौती के पैसे निकालने के नाम पर पीड़ित से पैसों की मांग की गई थी। दरअसल, धार के रहने वाले रंजीत बामनिया ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय को शिकायत की थी कि। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता कुंवर सिंह बामनिया सी एम राइस स्कूल डही में चपरासी के पद से 31 जुलाई 2025 को रिटायर हुए। हैं। उनके पेंशन के एनपीएस के पैसे निकालने के बदले में लेखा शाखा के प्रभारी सहायक ग्रेड 3 आरोपी दिनेश भिड़े ने 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। शिकायत सही पाने पर इंदौर लोकायुक्त की टीम ने पीड़ित से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी दिनेश भिड़े को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रैप दल में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटेरिया,सतीश यादव, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। recent visitors 65

छतरपुर में खाद संकट! तहसीलदार ने महिला किसान को जड़ा थप्पड़, भड़के किसानों ने जाम की सड़क

छतरपुर में खाद संकट! तहसीलदार ने महिला किसान को जड़ा थप्पड़, भड़के किसानों ने जाम की सड़क

Fertilizer crisis in Chhatarpur! Tehsildar slaps woman farmer, enraged farmers block road छतरपुर ! कृषि उपज मंडी में बुधवार सुबह खाद वितरण को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया. कई दिनों से जारी खाद की कमी के बीच बड़ी संख्या में किसान सुबह-सुबह मंडी पहुंचे थे, लेकिन अव्यवस्था और धीमी गति से चल रहे वितरण कार्य की वजह से लोग आक्रोशित हो उठे. इसी बीच, नायब तहसीलदार रितु सिंघई ने एक महिला किसान को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हो रहा है. खाद की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों से किसान परेशान थे. बुधवार को सुबह लगभग 1,500 की संख्या में किसान मंडी परिसर में खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन काउंटरों की संख्या कम होने और प्रक्रिया धीमी रहने के कारण लंबी कतारें बन गईं. इंतज़ार से नाराज़ किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया और देखते ही देखते भीड़ सटई रोड पर उतर आई. गुस्साए किसानों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजीसूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश देने के बाद जाम को खुलवाने में सफलता पाई. लेकिन जैसे ही भीड़ शांत होने लगी, उसी दौरान एक और विवाद खड़ा हो गया. इसी दौरान कथित रूप से नायब तहसीलदार द्वारा एक किसान युवती को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई, जिसका वीडियो वायरल होते ही किसानों में आक्रोश और बढ़ गया. किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. वहीं भारी तनाव को देखते हुए मंडी परिसर में प्रशासन और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. खाद के लिए लग रही लंबी लाइनकिसानों का आरोप है कि वे अपनी जरूरत की खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, और जब शिकायत करते हैं तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की जाती है. एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसानों को खाद की जगह मारपीट मिलेगी, तो वे न्याय के लिए कहां जाएंगे? वीडियो वायरल होने के बाद मंडी परिसर की स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी द्वारा अनुशासनहीनता या दुर्व्यवहार पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 53