Monday, July 6, 2026 11:08 pm

एनएसयूआई की मेहनत लाई रंग, सीएमएचओ भोपाल ने दोषी अधिकारी डॉ रितेश रावत और डॉ अभिषेक सेन पर कसा शिकंजा

NSUI’s efforts paid off, with CMHO Bhopal cracking down on erring officials Dr. Ritesh Rawat and Dr. Abhishek Sen. भोपाल। भोपाल के एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अरनव अस्पताल की कूटरचित एवं फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाए जाने के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल ने निरीक्षण में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा द्वारा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत एवं यू.पी.एच.सी. सांई बाबा नगर में पदस्थ डॉ. अभिषेक सेन को नोटिस जारी कर निरीक्षण रिपोर्ट में की गई। गंभीर त्रुटियों एवं तथ्यों को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन न किए जाने तथा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप शामिल हैं। इस मामले को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया गया था। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। एनएसयूआई का आरोप है कि अरनव अस्पताल की निरीक्षण रिपोर्ट जानबूझकर कूटरचित तैयार की गई, जिससे शासन एवं प्रशासन को गुमराह किया गया। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। साथ ही पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलेगा। जिसका सीधा असर मरीजों और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, संगठन इस मामले को लगातार उठाता रहेगा। अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों और अस्पतालों की फर्जी फैकल्टीयों और उनको संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो एनएसयूआई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कार्यवाही की मांग करेगी। recent visitors 56

‘सम्मान कार्यक्रम में लाडली बहनें न आए तो करें जांच’, मंत्री विजय शाह का बयान बना चर्चा का विषय

‘सम्मान कार्यक्रम में लाडली बहनें न आए तो करें जांच’, मंत्री विजय शाह का बयान बना चर्चा का विषय

“If Ladli sisters don’t attend the felicitation ceremony, investigate,” Minister Vijay Shah’s statement becomes a topic of discussion रतलाम ! जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग एवं भोपाल गैस राहत पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का रतलाम दौरा कई वजहों से सुर्खियों में रहा. कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान जहां लाडली बहना योजना को लेकर उनका बयान चर्चा में आया, वहीं अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का गुस्सा भी खुलकर सामने दिखा. लाडली बहनों को लेकर मंत्री का बयानइस बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाडली बहना योजना का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर सम्मान कार्यक्रम में रतलाम जिले की बहनों की अच्छी मौजूदगी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में करीब ढाई लाख लाडली बहनें हैं, उनमें से कम से कम 50 हजार बहनें कार्यक्रम में आएं, यह सुनिश्चित किया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार हर बहन को हर महीने 1500 रुपये दे रही है, यानी करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में जा रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में बहनों का आना सम्मान की बात होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो बहनें आएंगी, उन्हें 250 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की जाए. साथ ही जो बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनकी जांच कराई जाए. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका आधार लिंक न हो या किसी तकनीकी कारण से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रही हों. अक्षय ऊर्जा विभाग की चूक पर हंगामाबैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए विभाग प्रमुख की जगह एक मैकेनिक को भेज दिया गया. जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जब नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कामकाज की जानकारी मांगी और सामने आए व्यक्ति से उसका पद पूछा गया, तो उसने खुद को मैकेनिक बताया. यह सुनते ही विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया. इस मामले पर मंत्री विजय शाह ने भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब मंत्री और विधायक बैठक में मौजूद हों, तब विभाग प्रमुखों का न आना गंभीर अनुशासनहीनता है. मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी. सीएम और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखने के निर्देशमंत्री विजय शाह ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक से दूर रखना गलत संदेश देता है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. मैकेनिक को बाहर भेजा, फिर मिलाया हाथघटना के दौरान जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने की कोशिश करने लगा, तो मंत्री ने उसे सख्त लहजे में बैठक से बाहर जाने को कहा. बाद में मंत्री ने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया और धन्यवाद देते हुए बाहर भेज दिया. यह पूरा घटनाक्रम बैठक में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. recent visitors 74

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। recent visitors 64

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 68