Sunday, July 12, 2026 2:08 pm

खाली खजाना, भारी वादे— कर्ज के सहारे चल रही मोहन सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया

Empty coffers, big promises—the debt-ridden Mohan government has taken a new loan of ₹1,800 crore. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय सेहत को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इस बार कर्ज लेने की प्रक्रिया पिछले साल के मुकाबले एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई है। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्र से मिलने वाले टैक्स के हिस्से में हुई कटौती और आरबीआई के नए नियम हैं, जिसने सरकार को शुरुआती महीनों में ही बाजार से पैसा उठाने पर मजबूर कर दिया है। बजट से ज्यादा हुआ कर्जमध्य प्रदेश का चालू वित्त वर्ष (2026-27) का बजट करीब ₹4,38,317 करोड़ का है, लेकिन राज्य पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब ₹5,20,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानी सरकार की कुल कमाई और खर्च के बजट से भी करीब 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा का कर्ज प्रदेश पर लदा हुआ है। 2007 में जो कर्ज महज ₹52,731 करोड़ था, वह पिछले 20 सालों में 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। क्या है कर्ज बढ़ने की वजहकेंद्र की कटौती और लाडली बहना का बोझ राज्य की आर्थिक कमर टूटने के पीछे दो बड़े कारण हैं। एक तो केंद्र सरकार ने राज्यों की टैक्स हिस्सेदारी को 7.850% से घटाकर 7.347% कर दिया है। महज 0.5% की यह गिरावट मध्य प्रदेश को हर साल ₹8000 करोड़ का चपत लगाएगी। दूसरी ओर सरकार की लाडली बहना फ्लैगशिप योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं। इस अकेले मद में सरकार को हर महीने ₹1,836 करोड़ का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। आखिर इतनी जल्दी कर्ज क्यों?सरकार ने इस बार अप्रैल में ही कर्ज लेना क्यों शुरू किया? इसके पीछे आरबीआई की एक नई नीति है। अब राज्यों की अनयूटिलाइज्ड लोन लिमिट अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं होगी। अगर सरकार इस साल की ₹85,000 करोड़ की लिमिट का उपयोग नहीं करती, तो वह पैसा लैप्स हो जाता। इसलिए, विकास कार्यों और योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही कर्ज उठाना बेहतर समझा। recent visitors 124

आरटीआई में मांगी सूचना से शिक्षा विभाग में हड़कंप – सरस्वती का जन्म कब हुआ, उनका शिक्षा में क्या योगदान रहा

RTI information sought stirs education department – when was Saraswati born, what was her contribution to education विद्या की देवी मां सरस्वती का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान क्या है? उनका जन्म कब हुआ? कहां पढ़ाई की? कौनसी डिग्री ले रखी है? ये कुछ ऐसे सवाल है जो सूचना का अधिकार अधिनियम में लगाए एक आवेदन में पूछ गए हैं। इनकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी गई है। शिक्षा विभाग में आरटीआई में इस तरह के सवालों वाला प्रार्थना पत्र मोतीलाल नामक व्यक्ति ने लगाया है। अधिकारी फिलहाल आवेदक को जवाब भिजवाने की कवायद में जुटे हैं क्योंकि तय समय पर उपलब्ध सूचना नहीं दी जाने पर उन पर जुर्माना लग सकता है। आवेदक ने शिक्षा विभाग से एक व्यक्ति ने मां सरस्वती के जन्म, पढ़ाई एवं डिग्री के बारे में सूचना मांगी है। फिलहाल इस तरह की सूचना कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। जो भी होगा, समय पर आवेदक को बता दिया जाएगा। ब्रह्माराम चौधरी, सीडीईओ शिक्षा विभाग से यह सूचना भी मांगी है कि सरकारी स्कूलों में सरस्वती की प्रतिमा किस आदेश से स्थापित की गई। इस संबंध में निदेशालय, जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश की प्रतिलिपी, जिले के किन-किन स्कूलों में सरस्वती प्रतिमा स्थापित है? इसकी सूची भी मांगी है। उल्लेखनीय है कि सूचना का अधिकार लागू करने के पीछे मंशा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाकर विकास कार्यों में आमजन की सहभागिता बढ़ना है। ताकि, किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार पर कार्रवाई हो । recent visitors 91

एमपी के कर्मचारियों को राहत: छठे वेतनमान वाले 40 हजार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर भी मिलेगा

Relief to MP employees: Dearness allowance of 40,000 employees of sixth pay scale increased by 5%, arrears will also be given. मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। छठे वेतनमान के तहत आने वाले करीब 40 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 5 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। सरकारी आदेश के अनुसार अब छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 की सैलरी से लागू होगी। जुलाई 2025 से मिलेगा एरियरसरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा। यानी जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह एरियर एक साथ नहीं दिया जाएगा। इसे छह बराबर किस्तों में बांटा जाएगा, जो मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। जो कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि में रिटायर हो चुके हैं, उन्हें पूरा एरियर एक साथ दिया जाएगा। इससे रिटायर कर्मचारियों को भी पूरा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार पहले ही सातवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए 3 प्रतिशत बढ़ा चुकी है, जिससे उनका महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो गया है। छठे और सातवें वेतनमान में वेतन संरचना अलग होने के कारण डीए का प्रतिशत भी अलग-अलग तय किया जाता है। छठे वेतनमान में बेसिक पे कम होने से डीए अधिक रखा जाता है। recent visitors 92