लेडी IAS वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर जुआरियों कि जमी थी हाईप्रोफाइल महफिल, पुलिस का छापा,13 लाख 67 हजार जब्त

A high-profile gathering of gamblers was held at the farmhouse of lady IAS Vandana Vaidya; police raided the farmhouse and seized Rs 13.67 lakh. इंदौर ! जिले के मानपुर थाना इलाके के अवलीपुरा गांव में स्थित पर एक फार्म हाउस पर छापा मारते हुए पुलिस ने 18 जुआरियों को पकड़ा है। जुआरी यहां ताश के पत्तों पर लाखों के दांव लगाते हुए रंगेहाथों पकड़ाए हैं। पुलिस ने जुआरियों के पास से 13 लाख 67 हजार 971 रुपये नकद जब्त किए हैं। जिस फार्म हाउस पर जुआरी जुआ खेलते पकड़ाए हैं वो IAS वंदना वैद्य व उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर है। अभी फार्म हाउस की देखभाल गांव का ही एक व्यक्ति कर रहा था। फार्म हाउस में जमी थी हाईप्रोफाइल महफिलपुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवलीपुरा स्थित एक फार्म हाउस पर हाईप्रोफाइल जुआरी जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर मानपुर थाना पुलिस ने फार्म हाउस पर छापा मारा तो वहां 18 जुआरी जुआ खेलते हुए पकड़ाए। पुलिस ने जुआरियों के पास से 13 लाख 67 हजार 971 रुपये नकद, 30 मोबाइल, 10 नई ताश की गड्डियां और दो कारें जब्त की हैं। पुलिस के पहुंचते ही पांच जुआरी मौके से भाग निकले जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक जब फार्म हाउस पर टीम पहुंची तो बाहर से ताला लगा हुआ था लेकिन अंदर से लोगों की आवाज आ रही थी। IAS वंदना वैद्य व पति के नाम पर है फार्म हाउसजिस फार्म हाउस में जुआरी पकड़ाए हैं वो IAS वंदना वैद्य व उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम है। IAS वंदना वैद्य वर्तमान में वित्त विकास निगम इंदौर की प्रबंध संचालक (MD) हैं। IAS वंदना वैद्य ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया है कि उनका इससे कुछ लेना-देना नहीं है। जो चौकीदार फार्म हाउस की रखवाली के लिए रखा गया था उसके द्वारा ही ये किया गया है। मामले में मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर का कहना है मुखबिर की सूचना पर अवलीपुरा स्थित फार्म हाउस पर दबिश दी गई थी। मौके से 18 लोगों को जुआ खेलते पकड़ा गया है। कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों से नकदी, मोबाइल और वाहन जब्त किए गए हैं। recent visitors 140

एमपी गजब : गैस संकट, लेकिन रिटायर्ड शिक्षक के घर से मिले 25 सिलेंडर; प्रशासन ने रात में मारा छापा

chhatarpur gas crisis administration seizes 25 lpg cylinders from retired teacher home छतरपुर ! शहर की विश्वनाथ कॉलोनी में देर रात घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन ने एक रिटायर्ड शिक्षक के घर छापेमारी कर बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, शहर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली कि विश्वनाथ कॉलोनी में रहने वाले एक रिटायर्ड शिक्षक, जिन्हें स्थानीय लोग अहिरवार सर के नाम से जानते हैं, उनके घर में बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल छापेमारी की कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम और पुलिस बल मौके परकार्रवाई के दौरान एसडीएम और तहसीलदार कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घर की तलाशी ली तो अंदर बड़ी संख्या में घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखे मिले। इसके बाद प्रशासन ने सिलेंडरों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की और उनकी गिनती की। मौके पर कुल 25 गैस सिलेंडर मिले, जिनमें से 22 खाली और 3 भरे हुए पाए गए। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि इतने सिलेंडर किस उद्देश्य से जमा किए गए थे और इन्हें कहां से लाया गया था। जमाखोरी की आशंका, जांच जारीअधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों का इस तरह भंडारण करना नियमों के खिलाफ है और इससे गैस की कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है। मामले में गैस एजेंसियों से भी जानकारी ली जा रही है। यदि अवैध भंडारण या कालाबाजारी की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी की खबर फैलते ही विश्वनाथ कॉलोनी में लोगों की भीड़ लग गई। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 78

आदिवासी विधायक को हटाना पूरे समाज का अपमान” — जीतू पटवारी का भाजपा पर बड़ा हमला

“Removing the tribal MLA is an insult to the entire society” – Jitu Patwari’s big attack on the BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर आदिवासी मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर दलित और आदिवासी विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ पूरी भाजपा एकजुट होकर खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा चुने गए एक आदिवासी विधायक को पद से हटाने की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और आदिवासी समाज के सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं। recent visitors 78

कर्ज के पहाड़ तले मध्यप्रदेश! मोहन सरकार फिर ले रही 5800 करोड़ का नया कर्ज, कांग्रेस ने घेरा”

Madhya Pradesh under a mountain of debt! The Mohan government is taking on another 5,800 crore rupees in new loans, and Congress is attacking it. भोपाल। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। प्रदेश सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने की तैयारी में है। इससे पहले होली से ठीक पहले सरकार 6,300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च (मंगलवार) को सरकार तीन अलग-अलग किस्तों में यह कर्ज लेगी। इसमें 1,900 करोड़, 1,700 करोड़ और 2,200 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि प्रदेश में विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। खासतौर पर इस धनराशि का उपयोग पूंजीगत कार्यों और अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगर हाल ही में लिए गए कर्ज को भी जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश द्वारा लिए गए कुल कर्ज की राशि लगभग 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर करीब 5.66 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है। इधर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लेकर मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल रही है और आने वाली पीढ़ियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लिया जा रहा कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के दायरे में है और इसका उपयोग केवल विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कर्ज का यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है, जहां विपक्ष सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाएगा। recent visitors 81

कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है। recent visitors 80

पहचान बचानी है तो एकजुट हों” — आदिवासियों से उमंग सिंघार की अपील

“If you want to save your identity, unite” – Umang Singhar appeals to tribals अनूपपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देशभर के आदिवासी समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उमंग सिंघार ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अभी बड़ी संख्या में अपने अलग धर्म कोड की मांग के लिए आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में उनकी पहचान किसी अन्य धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। इससे आदिवासी समाज की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में धर्म कोड की मांग के समर्थन में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि आदिवासी समाज की अलग पहचान और सांस्कृतिक विरासत को उचित मान्यता मिल सके। सिंघार ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता और अस्तित्व से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी को एकजुट होकर इस मांग को मजबूत बनाना होगा, ताकि देश में आदिवासी धर्म और संस्कृति को अलग पहचान मिल सके। recent visitors 75

भोपाल में 29 मार्च को शिक्षकों का बड़ा मोर्चा, TET आदेश के खिलाफ रणनीति, सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी रिव्यू पिटीशन

A massive teachers’ protest in Bhopal on March 29th, a strategy to oppose the TET order, and a review petition to be filed in the Supreme Court. भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर जारी आदेश के बाद शिक्षक संगठनों में हलचल तेज हो गई है। प्रांतीय शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश संगठन मंत्री रामचरण वर्मा ने बताया कि डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) द्वारा हाल ही में जारी किए गए TET परीक्षा संबंधी आदेश के बाद शिक्षकों में असंतोष बढ़ा है। इसी को देखते हुए संगठन ने कानूनी सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुबे ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं शिवसागर तिवारी, बी.के. सतीजा और विवेक तनख्वाह से विस्तृत चर्चा की गई है। अधिवक्ताओं की सलाह के आधार पर अब प्रांतीय शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के नाम से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जाएगी। संगठन ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए सभी जिलाध्यक्षों को 22 मार्च 2026 को अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं 29 मार्च 2026 को भोपाल में संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए सभी संगठन अध्यक्षों और शिक्षकों से उपस्थित होने की अपील की गई है। प्रदेशाध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुबे ने कहा कि इससे पहले भी 2001 के संविदा शिक्षकों के हितों के लिए संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी थी और सफलता हासिल की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संगठन का सहयोग करने और इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। मनोहर प्रसाद दुबे प्रांताध्यक्षरामचरण वर्माप्रदेश संगठन मंत्रीप्रांतीय शिक्षक संघ म प्र recent visitors 64