10 राज्य जो सबसे ज्यादा कर्ज़ में डूबे हैं, पंजाब से पश्चिम बंगाल तक की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की रफ्तार तेज है और ये दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी में बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तक ने इसका लोहा माना है. लेकिन तेजी से बढ़ते देश में, क्या आप जानते हैं कि कौन से राज्य सबसे ज्यादा कर्ज में डूबे हुए हैं? तो भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों पर नजर डाल लें, जिनसे पता चलता है कि कई बड़े राज्यों को कर्ज के बोझ तले दबकर अपने रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा इनके ब्याज के भुगतान में खर्च करना पड़ता है.  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के FY2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि कई बड़े राज्यों में कर्ज के ब्याज का भुगतान उसके अपने टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू का 42% तक हिस्सा ले लेता है. इस तगड़े ब्याज भुगतान की वजह से इन राज्यों के पास सड़क, स्कूल, हेल्थ सर्विसेज और नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने के लिए पैसों की कमी हो जाती है. कर्ज की मार झेल रहे भारत के 10 टॉप राज्यों के बारे में बात करें, तो… पश्चिम बंगाल वित्त वर्ष 2025 में पश्चिम बंगाल पर ब्याज भुगतान का बोझ अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था. राज्य को टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू से 1.09 लाख करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन सिर्फ ब्याज भुगतान पर 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए. इसका मतलब हुआ कि उसके राजस्व का 42% हिस्सा तो ब्याज चुकाने में ही चला गया.  पंजाब-बिहार दूसरे पायदान पर पंजाब रहा, जिसने अर्जित रेवेन्यू का 34% हिस्सा ब्याज भुगतान करने में खर्च कर दिया. Punjab का राजस्व कलेक्शन 70,000 करोड़ रुपये था और इसने कर्ज के ब्याज भुगतान पर करीब 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए. इसके बाद तीसरे नंबर पर Bihar का नाम आता है, जिसने 62,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू में से लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान किया और ये इसका 33% रहा.  केरल-तमिलनाडु केरल द्वारा FY2025 में 1.03 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू कलेक्शन किया गया था और इसका 28% या करीब 29,000 करोड़ रुपये तो ब्याज के पेमेंट में ही चला गया. पांचवे नंबर पर तमिलनाडु रहा, जिसने अपने कलेक्शन में से 62,000 करोड़ रुपये या 28% का ब्याज पेमेंट किया था. इसके टैक्स रेवेन्यू सबसे अधिक रहा, लेकिन कर्ज की मार से ये राज्य भी बेहाल रहा.  हरियाण-राजस्थान और आंध्र प्रदेश Top-10 कर्ज के तले दबे राज्यों में अगला नंबर हरियाणा का है और इसने 94,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने के बाद इसमें से 27% या करीब 25,000 करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान किया. सातवें पायदान पर राजस्थान था और राज्य ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के राजस्व में से 38,000 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाया. इसके अलावा आंध्र प्रदेश ने 1.2 लाख करोड़ रुपये के राजस्व पर 29 हजार करोड़ रुपये ब्याज भरा था.  MP-कर्नाटक लिस्ट में नौवें स्थान पर मध्य प्रदेश शामिल हैं और इसका वित्त वर्ष 2025 में टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू 1.23 लाख करोड़ रुपये रहा था, जिसमें से ब्याज के भुगतान पर 27,000 करोड़ रुपये या कुल कलेक्शन का करीब 22% खर्च हुआ. बात दसवें पायदान की करें, तो यहां पर कर्नाटक है, जिसका कलेक्शन 2.03 लाख करोड़ रुपये का था और ब्याज भुगतान 19% यानी 39,000 करोड़ रुपये रहा.  recent visitors 42

राशिफल अपडेट: 1 फरवरी को ग्रहों की चाल बदलेगी इन राशियों की तकदीर

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे थकान महसूस हो सकती है। गुस्से या जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने से बचें, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से दूरी बनाकर रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी करीबी से बातचीत मन को हल्का कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, बस आराम का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन और समझदारी का है। काम में आपकी मेहनत नजर आएगी और सीनियर्स आपसे संतुष्ट रह सकते हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। आर्थिक मामलों में कोई अच्छा निर्णय ले सकते हैं, खासकर बचत या निवेश को लेकर। घर-परिवार में माहौल शांत रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। कामकाज में दबाव रह सकता है और किसी बात को लेकर असमंजस भी बना रहेगा। रिश्तों में छोटी-छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन संवाद से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए दिन भावनात्मक रह सकता है। परिवार और रिश्तों से जुड़ी बातें मन पर असर डाल सकती हैं। दफ्तर में जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से काम संभाल लेंगे। पैसों के मामले में स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान और नींद की कमी महसूस हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास से भरा दिन है। कामकाज में आपकी बात सुनी जाएगी और तारीफ भी मिल सकती है। प्रेम जीवन में मधुरता रहेगी और साथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। काम में बारीकियों पर ध्यान देना पड़ेगा, नहीं तो गलती हो सकती है। रिश्तों में ज्यादा सोच-विचार से बचें और बात को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी चीजों से दूरी रखें। सेहत को लेकर सावधानी बरतें, खासकर पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज हर मामले में संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और रिश्तों दोनों में समझदारी की जरूरत है। दफ्तर में किसी फैसले को टालना बेहतर रहेगा। पैसों को लेकर बड़ा कदम उठाने से पहले सोच लें। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कामकाज में धैर्य रखें और किसी से टकराव से बचें। रिश्तों में ईमानदारी जरूरी रहेगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूर रहना फायदेमंद होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कामकाज में नए मौके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन रहेगा। पैसों के मामले में दिन अच्छा है और किसी पुराने प्रयास का फल मिल सकता है। सेहत भी साथ देगी और मन उत्साहित रहेगा। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम में दबाव रहेगा, लेकिन परिणाम संतोषजनक मिलेंगे। रिश्तों में दूरी न आने दें और समय निकालकर बातचीत करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण रखें। सेहत पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज नए विचार और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ नया करने का मौका मिलेगा। रिश्तों में सहयोग और समझ बनी रहेगी। पैसों के मामले में सुधार के संकेत हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। पैसों में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही न करें। recent visitors 48

फ्लाईओवर बनेगा या सिर्फ हवा में उड़ते रहेंगे बयान, कांग्रेस ने निकाली न्याय पदयात्रा 

Will the flyover be built or will the statements just remain in the air? Congress takes out a march on justice  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के पहले ही पूर्व विधानसभा एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बनता नजर आने लगा है। इस समय अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक के फ्लाई ओवर पर सियासी उड़ान तेज हो गई है। जहां एक ओर कैबिनेट मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में आमजनों व कांग्रेसियों के साथ मिलकर पहाड़िया पैलेस रद्दी चौकी से लेकर भीमराव अंबेडकर चौक तक जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने बयानों के बेतुके तीर छोड़े। इससे तो लग रहा कि  ‘यह फ्लाईओवर कम और चुनावी फ्लाईओवर ज्यादा है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी और लखन खुद मंत्री थे, तब ये फ्लाईओवर कहां था? तब बजट में जगह नहीं मिली थी। कांग्रेस विधायक अब सड़क पर उतरकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन इन भाजपा नेता ने अपनी 23 साल की सरकार और अपने ही नेताओं की घोषणाओं पर मौन साध लिया है।  जिसकी अभी सरकार है और ब्रिज बनाने वाले पीडब्ल्यूडी के मंत्री भी इसी जबलपुर शहर के निवासी हैं तो जिम्मेदारी किसकी है। यह सवाल जनचर्चा का विषय बना हुआ है। अब ऐसे में फ्लाईओवर ब्रिज बनेगा या फिर इसी तरह बयान उड़ते रहेंगे ये भी सवाल सभी के सामने बनकर खड़ा हो गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य की घोषणा और उसकी स्वीकृति में अंतर होता है, अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक जिस फ्लाई ओवर की बात कोंग्रेस के विधायक कर रहे, उसे इन्होने कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में बजट में शामिल नहीं किया था।  इसलिए निकाली गई यात्रा वहीं नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण, गोहलपुर फ्लाई ओवर विस्तार और बिजली संकट की जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली गई है। इसके जरिए कांग्रेस व आमजन अपना हक मांग रहे हैं।  लखन ने किया दावा पदयात्रा के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र के साथ वर्षों से भेदभाव हो रहा है और शहर को सबसे जरूरी फ्लाईओवर आज तक सिर्फ फाइलों में ही घूम रहा है। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक बनने वाला 269 करोड़ का फ्लाईओवर जाम से मुक्ति दिलाएगा, लेकिन सरकार सुन ही नहीं रही है। recent visitors 50

दिग्विजय सिंह की शिकायत पर पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर

A fake doctor was arrested following a complaint by Digvijay Singh. Sitaram Sharma, a resident of Uttar Pradesh, obtained admission to a medical seat in Madhya Pradesh in 2009 by providing a false identity proof. The doctor was sentenced to three years in prison.  भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने 2009 में उप्र के निवासी सीताराम शर्मा द्वारा फर्जी तरीके से मप्र का मूल निवासी प्रमाण पत्र बनाकर मेडिकल सीट हथियाने की एसटीएफ को शिकायत की थी। जिसका मामला कोर्ट तक पहुंचा और अब 16 साल बाद फैसला आया है। जिसमें डॉक्टर सीताराम शर्मा को कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।   आकिल खान एडीपीओ ने बताया कि 30 न्यायालय अतुल सक्सेना 23वें अपर सत्र न्यायाधीश  द्वारा कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले आरोपी डॉक्टर सीताराम शर्मा पिता नत्थीलाल शर्मा को दोष सिद्ध  पाते हुए धारा 420 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 अर्थदंड एवं धारा 467 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 अर्थदंड धारा 468 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 अर्थदंड एवं धारा 471 भादवि में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 अर्थदंड से दंडित किए जाने का निर्णय पारित किया है। उक्त प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान एवं सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा पैरवी की गई है।   पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तत्कालीन राज्य सभा सासंद द्वारा एसटीएफ भोपाल को शिकायत की गई थी कि व्यापाम वर्ष 2006 के बाद जो परीक्षाएं आयोजित हुई है और जो घोटाला हो रहा है, उसमे उत्तर प्रदेश के मूल निवासी मध्यप्रदेश में मेडिकल सीट प्राप्त करने के लिये मध्यप्रदेश का कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर कर मध्यप्रदेश कोटे की मेडिकल सीट पर प्रवेश ले रहे हैं। पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को वर्ष 2009 में प्राप्त शिकायत व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा में आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा वर्ष 2009 में उत्तीर्ण होने पर मप्र राज्य कोटा का लाभ प्राप्त करने के लिये कूटरचित मूल निवास प्रमाण पत्र का उपयोग करने का गंभीर कृत्य किया था, जिसका मामला पंजीबद्ध किया गया था।   सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ के अपराध 35/2019 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर जांच पड़ताल की गई। विवेचना में सामने आया कि आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा मध्यप्रदेश की अम्बाह तहसील से निर्मित कथित मूल निवासी होना दर्शाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लिया  था। जबकि आरोपी मूल रूप से उत्तरप्रदेश को रहने वाला है और उसने माध्यिमक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश से 1984 हाईस्कूल की परीक्षा एवं 2001 में इंटरमीडियेट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।  अभियुक्त वर्तमान में जिला भिंड में शासकीय चिकित्यालय में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ है। जब उसके कथित मूल निवासी प्रमाण पत्र की जांच की गई तो उक्त प्रमाण पत्र तहसील अम्बाह जिला मुरैना से जारी होना नहीं पाया गया। इस प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने आरोपी सीताराम शर्मा को उक्त धाराओं में दोषसिद्ध का फैसला दिया।   न्यायालय के निर्णय के पैरा 143 में बताया गया कि अभियुक्त द्वारा किया गया अपराध इसलिए गंभीर प्रकृति का है। क्योंकि मध्यप्रदेश का मूल निवासी ना होकर एक प्रतियोगी परीक्षा में अवास्तविक कूटरचित दस्तावेज का उपयोग कर बेईमानीपूर्वक आशय से स्थान सुनिश्चित किया गया। जिसके आधार पर वास्तविक प्रतियोगी परीक्षार्थी का अधिकार प्रभावित हुआ है। वर्तमान में अभियुक्त एक शासकीय चिकित्सालय में एक चिकित्सीय अधिकारी है। अभियुक्त का अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए अभियुक्त को कठोर दंड से दंडित करने की बात कही थी। न्यायालय ने अपना फैसला दे दिया है। recent visitors 84

MP Electricity Connection: एक ही परिसर में दो बिजली कनेक्शन पर शिकंजा, 32 हजार उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी

MP Electricity Connection: एक ही परिसर में दो बिजली कनेक्शन पर शिकंजा, 32 हजार उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी

माय सीक्रेट न्यूज प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल में एक ही घर या परिसर में दो बिजली कनेक्शन रखने वालों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईवीवीसीएल) ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है। कंपनी के अनुसार शहर में करीब 32 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके परिसरों में दो-दो कनेक्शन दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि एक साल पहले इस मुद्दे पर अपर मुख्य सचिव (ACS) स्तर पर बैठक और निरीक्षण हुआ था, जिसके बाद दो कनेक्शन को लेकर नई नीति बनाने का फैसला लिया गया। इसके तहत पिछले एक साल से एक ही परिसर में दूसरा कनेक्शन देने पर रोक भी लगा दी गई है। क्यों सख्त हुआ बिजली विभाग? दरअसल, राज्य सरकार ने 150 यूनिट तक की बिजली खपत पर सब्सिडी का प्रावधान किया है। पहले 100 यूनिट तक एक रुपये प्रति यूनिट और इसके बाद 50 यूनिट तक निर्धारित टैरिफ लागू होता है। ऐसे में यदि किसी एक परिसर में दो कनेक्शन हों, तो उपभोक्ता 300 यूनिट तक सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। कंपनी को आशंका है कि खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते कुछ लोग जानबूझकर दो कनेक्शन लेकर बिजली बिल में फायदा उठा रहे हैं। आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें इस फैसले से आम उपभोक्ताओं की परेशानियां भी सामने आ रही हैं। पहले मकान मालिक किराएदारों के लिए अलग कनेक्शन ले लेते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं हो पा रहा। इससे हर महीने बिल बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ रहे हैं। वहीं, एक ही मकान में बंटवारे के बाद अलग-अलग रह रहे भाई या रिश्तेदार भी अलग कनेक्शन न मिलने से परेशान हैं। विभाग द्वारा अलग रजिस्ट्री की मांग की जा रही है, जो कई मामलों में संभव नहीं हो पा रही। आगे क्या? बिजली कंपनी अब ऐसे मामलों की फील्ड जांच और डेटा वेरिफिकेशन की तैयारी कर रही है। जल्द ही नोटिस जारी कर अवैध या नियमों के खिलाफ पाए जाने वाले दोहरे कनेक्शन हटाए जा सकते हैं। इससे जहां कंपनी को राजस्व नुकसान पर लगाम लगेगी, वहीं उपभोक्ताओं को नई नीति के तहत स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, भोपाल में बिजली कनेक्शन को लेकर बड़ा बदलाव आने वाला है, जिसका असर हजारों घरों पर पड़ सकता है। recent visitors 103

नगर निगम सीमा से 16 किमी तक बिना अनुमति नहीं बनेंगी कॉलोनियां

No colonies will be built without permission within 16 km of the municipal corporation limits. भोपाल। सरकार अब शहरी क्षेत्रों से सटे गांवों में बिना प्लान के बस रही अवैध कॉलोनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। नगर निगम की सीमा से 16 किमी के दायरे में प्लॉटिंग करने पर कॉलोनाइजर अथवा भूमि स्वामी को उसी तरह से नगर तथा ग्राम निवेश (टीएनसीपी) अनुमति लेना होगा, जैसे शहरों में लेनी होती है। अवैध कॉलोनी अधिनियम का ड्राफ्ट बनाकर तैयार है, जिसे विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। अधिनियम के अनुसार नगर परिषद की सीमा से आठ, अन्य नगरीय क्षेत्र की सीमा से तीन और टीएनसीपी  द्वारा जारी निवेश क्षेत्र से आठ किमी दूरी पर कॉलोनी बनाने के लिए तमाम अनुमतियां लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति के कॉलोनी बनाने पर कॉलोनाइजर, 7 से 10 साल तक सजा और 50 लाख से 1करोड़ रुपए तक जुमार्ने का प्रावधान है। गांवों की कॉलोनियां, समस्या शहरों को अधिनियम लागू होने के बाद पंचायतीराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में भी संशोधन करना होगा, क्योंकि शहरी क्षेत्रों के आस-पास सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां गांवों में हैं। शहर बढ़ने, परिसीमन, नए मास्टर प्लान और प्लान एरिया तय करने के बाद ये कॉलोनियां शहर के अंदर हो जाती हैं। इसका खामियाजा नगर निगम को भुगतना पड़ता है। नगर निगम, जन प्रतिनिधियों  और सरकार का करोड़ों रुपए इन कॉलोनियों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में खर्च होते हैं।  हाईवे से दो किमी के दायरे में बसाने लेनी होगी अनुमति नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के दो किमी की परिधि में अगर कॉलोनाइजर कॉलोनियां विकसित करता है अथवा प्लॉटिंग करता है तो उसे इसकी अनुमति टीएनसीपी लेना होगा।  कॉलोनाइजर को डीम्ड अनुमति कॉलोनाइजर को कॉलोनी काटने की डीम्ड अनुमति दी जाएगी। आवेदन  के 45 दिन के अंदर अगर ननि, टीएनसीपी से अनुमति नहीं दी जाती या किसी तरह से जवाब नहीं दिए जाते हैं तो माना जाएगा कि कॉलोनी काटने पर निगम की सहमति है।   कलेक्टर पर होगी कार्रवाई  अवैध कॉलोनी की सूचना मिलने के सात दिन के अंदर एफआईआर से लेकर तमाम तरह की कार्रवाई की जाएगी। अगर अवैध कॉलोनी की सूचना अथवा शिकायत कलेक्टर को मिलती है और कॉलोनाइजर कार्रवाई नहीं होती है तो कलेक्टर इसके जिम्मेदार होंगे। बिना अनुमति के कॉलोनाइजर अगर कॉलोनी काटता है तो सूचना मिलने पर कलेक्टर भूखंड को राजसात कर लेगा। राजसात करने के बाद भूखंड बेचकर उस क्षेत्र का विकास किया जाएगा। विकास के बाद ही प्लॉटिंग होगी और आवंटियों को भूखंड दिया जाएगा।  यह होगा फायदा इससे कॉलोनियां प्लानिंग कर बसाई जाएंगी। ननि सीमा में शामिल होने से निकायों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त राशि नहीं खर्च करना पड़ेगी। रहवासियों को सुविधा होगी। इसके अलावा सरकार को बड़ा राजस्व मिलेगा। अवैध कॉलोनियों को लेकर अब तक क्या हुआ  प्रदेश में करीब 8000 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें से तीन हजार अवैध कॉलोनियों को वैध करने की औपचारिकताएं पूरी की गई। यह सभी कॉलोनियां साल 2016 से पहले की थी। बाकी को वैध करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिनियम में संशोधन की चल रही है प्रक्रिया  नगरीय विकास एवं आवास के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे का कहना है कि अवैध कॉलोनी अधिनियम में संशोधन करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण लगेगा। अवैध कॉलोनी बसने पर कॉलोनाइजर, भूमि स्वामी और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। recent visitors 121

परिचय सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन

Release of the souvenir of the conference भोपाल। दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा बीते दिनों करुणा बुद्ध विहार में संपन्न हुए बौद्ध युवक-युवती परिचय सम्मेलन की किताब-स्मारिका का रविवार को भत्ते महाकश्यप की मौजूदगी में किया गया।  संस्था के जिला महासचिव अशोक पाटील ने बताया कि यह किताब क्रय करने के इच्छुक सभी बौध्द धर्मावलंबी करुणा बुद्ध विहार से शाम को 4.30 से शाम 7 बजे तक मिलेगी। इस अवसर पर संस्था के ट्रस्टी-राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इजी. धम्मरतन सोमकुंवर, जिलाध्यक्ष मनोज माणिक, उपाध्यक्ष एआर आनंद, जिला महासचिव अशोक पाटिल, सचिव संजय पाटिल, कोषाध्यक्ष चिंतामन गजभिये, सलाहकार एड. संजय थुल, संगठन सचिव अशोक वानखेडे, चन्द्रकुमार  ढोले, सुजाता सोमकुंवर, प्रबुद्ध महिला मंडल की अध्यक्ष अंजलि चवरे, कोषाध्यक्ष कविता गेडाम आदि उपस्थित थे। recent visitors 79