Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग (CAG) ने 2019 में ही गंदे पानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पढ़ें पूरी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए। उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि गंदे पानी की वजह से जानें जाना किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ADB से कर्ज, फिर भी साफ पानी नसीब नहींनेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जल प्रबंधन के लिए 200 मिलियन डॉलर (तब करीब 906 करोड़ रुपये) का कर्ज लिया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर नागरिक को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन कर्ज लेने के करीब 15 साल बाद 2019 में आई CAG रिपोर्ट ने इस पूरे प्रोजेक्ट को असफल और भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताया। कैग (CAG) रिपोर्ट, सिस्टम फेल होने की कहानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में केवल 4 जोन और भोपाल में सिर्फ 5 जोन में रोज पानी की सप्लाई हो रही थी।दोनों शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से महज 5.30 लाख को ही नल कनेक्शन मिल सके। इपलाइन लीकेज की शिकायतों पर नगर निगम 22 से 182 दिन तक लगाता रहा। 2013 से 2018 के बीच लिए गए 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए, लेकिन इन पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लाखों लोगों तक पहुंचा गंदा पानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की स्वतंत्र जांच में 54 में से 10 पानी के नमूने दूषित पाए गए, जिनमें गंदगी और मल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद था। इसके चलते भोपाल के 3.62 लाख और इंदौर के 5.33 लाख कुल 8.95 लाख लोगों को गंदा पानी सप्लाई हुआ। इसी अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले दर्ज किए। पानी गायब, जवाबदेही नदारदनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गैर-राजस्व पानी (Non-Revenue Water) 30 से 70 प्रतिशत तक है, यानी इतना पानी कहां जा रहा है—किसी को पता नहीं। नियमित जल ऑडिट नहीं होने से बर्बादी और चोरी पर लगाम नहीं लग पाई। इसके अलावा दोनों शहरों में पानी के टैरिफ की वसूली भी नहीं हो सकी और नगर निगम पर 470 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ गया। जरूरत से बहुत कम पानी मिल रहानेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG के मुताबिक, भोपाल में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 9 से 20 लीटर और इंदौर में 36 से 62 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, जो तय मानकों से काफी कम है। वहीं, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई भी नहीं की जा रही थी। सरकार बिना मौत के नहीं जागतीउमंग सिंघार ने कहा कि CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न व्यवस्था सुधारी गई। अब जब इंदौर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, तब सरकार हरकत में आई है।उन्होंने सवाल उठाया जब रिपोर्ट पहले से थी, चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं किए गए? क्या सरकार हर बार त्रासदी के बाद ही जागेगी? recent visitors 117

हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे: प्रवीण मांगरिया 

 We have to unite and protect the Constitution, otherwise we will be deprived of our rights: Praveen Mangariya  भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद का सामाजिक समरसता सम्मेलन 28 दिसंबर को राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में समकालीन मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में आनंद जमधाड़े को भोपाल जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह वट्टी की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया, महासचिव मूलचंद नागले, राष्ट्रीय महासचिव एआर सिंह, आर प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा निराला, किरण अहिरवार, एसआर बौद्ध, प्रवीण बौद्ध, सुनील बोरसे, जिला अध्यक्ष आनंद जमधाडे, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मेश्राम, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हरीश और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेशभर से प्रबुद्धजन व समाजसेवी शामिल हुए। सम्मेलन के समापन उपरांत राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र श्यामला हिल्स टीआई को सौंपा गया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा कि आज समाज विभिन्न वर्गों व संगठनों में बटा हुआ है। हालांकि सभी का उद्देश्य एक ही है कि संविधान की रक्षा और उसके अधिकारों का लोकतंत्र में पालन हो। उन्होंने कहा कि समाज अगर आवाज नहीं उठाएगा, अपनी ताकत नहीं दिखाएगा तो वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा जैसे हम सब प्रताड़ित होते रहेंगे। हमारे अधिकार और बोलने की आजादी पर पावंदी लगाई जा रही है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता संकुचित हो रही है। सबसे ज्यादा कमजोर कड़ी हमारे युवा हैं। उनके समाजहित में आगे आना होगा, तभी समाज सुरक्षित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे।  वहीं प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी ने कहा कि अब हम संघर्ष के लिए मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब जहां भी प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय, अत्याचार होता है, तो हम पूरी ताकत के साथ उसका का मुकाबला और संघर्ष करेंगे। बाबा साहब ने जो संविधान दिया है, उसे सुरक्षित और सम्मान देना हमारा कर्तव्य है, जो हम करेंगे।    इंजी. एआर सिंह ने कहा कि  सामाजिक चेतना के लिए यह मंच मिल का पत्थर साबित होगा। सामाजिक न्याय किसे चाहिए, जो वंचित और शोषित वर्ग है उसे न्याय की दरकार है। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं हुए, तो समाज और निचले स्तर पर चला जाएगा। जब तक समाज का विकास नहीं होता, तब तक हम देश का विकास नहीं मान सकते हैं। बाबा साहब का आंदोलन सफल है। जब बाबा साहब का आंदोलन चल रहा था, तब ब्रिटिश सरकार थी। उस सरकार में बाबा साहब ने समाज की बात रखी और ब्रिटिश सरकार को उनकी बात मानना पड़ी, जिसकी बदौलत हमें अधिकार मिले। उस समय बाबा साहब को लगा कि पूरा देश हमारा स्वागत करेगा, लेकिन कुछ विरोधियों ने  उनका विरोध किया। इसके बाद पूना समझौता हुआ और हमें आरक्षण मिला। उस दौर की सरकार ने भरोसा किया और बाबा साहब को संविधान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। बाबा साहब ने संविधान बनाया, जो आज देश के साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।  उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंद कर दी गई हैं। प्रदेश में 6 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख पद भरे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख पद बैकलॉग के खाली हैं। अब सरकार ने नौकरी खत्म कर दी और ठेकेदार प्रथा चालू कर दी। इससे हमारे वर्गों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। ठेकेदारी प्रथा आने से सरकारी नौकरी में धीरे-धीरे आरक्षण खत्म हो रहा है। यानि आरक्षण समाप्ति की ओर है। सरकार के सभी संसाधन और नौकरी प्राइवेट पर दी जा रही हैं। प्रदेश में सामाजिक स्तर की बात करें तो आए दिन समाज पर अत्याचार, अन्याय की खबरें आ रहीं हैं। 18 जनवरी को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन होना है। उसमें सभी संगठन आगे आएं और विरोध  दर्ज कराएं।   सीमा निराला ने कहा कि वहीं अंध विश्वास जोर पकड़ रहा है। रोज नए बाबा पैदा हो रहे हैं।  उनके जरिए हमारे समाज को गुमराह किया जा रहा है। मेरा इतना कहना कि देश में दो विचार चल रही है। पहली वह जो संविधान में भरोसा करती है. दूसरी वह जो मनुवादी व्यवस्था पर चलती है। अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया है कि जहां भी हमारे समाज में अंधविश्वास व अन्याय, शोषण की घटनाएं हों तो हम सभी को पुरजोर विरोध न्याय मिलने तक करना है।  राजस्थान के अध्यक्ष ने निजीकरण, ईवीएम, नौकरी में ठेकेदारी का विरोध करने पर जोर दिया है। हम संख्या में 85 फीसदी होने के बाद भी हम परेशान क्यों है, इसकी वजह है, क्योंकि हम व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए। कांशीराम साहब ने समझा। उन्होंने कहा था कि जो बहुजन की बात करेगा, वही दिल्ली पर राज करेगा। उससे समाज में काफी राजनैतिक भागीदारी बड़ी है। हमें समझना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे है। सामाजिक न्याय की बात करें तो कोई बड़ा उद्योगपति हमारे समाज से नहीं है। राजनीति, सामाजिक चेतना विकसित करना है। महिलाओं को जगाने की बहुत जरूरत है। recent visitors 83

भाजपा पार्षद पर रेप करने का सनसनी खुलासा , महिला बोली- वीडियो बनाकर वायरल करने की दे रहा धमकी

Sensational revelation of rape by BJP councilor, woman says he is threatening to make a video and make it viral सतना। नगर परिषद रामपुर बाघेलान के भाजपा पार्षद अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए और थाना प्रभारी रामपुर बाघेलान के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद के खिलाफ एसपी को आवेदन देकर महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने बताया कि उसने 22 दिसंबर को एसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। छह महीने पहले किया दुष्कर्ममहिला ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि करीब छह माह पहले आरोपी पार्षद ने उसके साथ गलत काम किया था और उसी दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। अब वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उस पर दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार, आरोपी उसकी दुकान पर आकर आए दिन उसे अपमानित करता है और धमकाता है कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सार्वजनिक कर देगा। क्या पुलिस लेगी एक्शनमहिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर कानून-व्यवस्था चुनौती देने वाले पार्षद के खिलाफ क्या पुलिस प्रशासन कोई एक्शन लेगा। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं। recent visitors 91

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

Aam Aadmi Party official Engineer Naveen Kumar Agarwal made the allegation नगरपालिका की निष्क्रियता के कारन पेड़ो की अवैध कटाई चरम पर नीमच। एक और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारी एवं सत्तापक्ष प्रचार-प्रसार पर एक पेड़ मां के नाम से करोड़ो रूपये खर्च कर अखबारों की सुर्खिया बटोरते है। दूसरी ओर विकास के नाम पर सेंकडो पेड़ मात्र नगरपालिका की घोर लापरवाही के चलते ग्रीन बेल्टों में सड़क निर्माण से बहार होने पर भी काट जा रहे है। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी एवं एमपीआरडीसी के इंजीनियर भी चिर निंद्रा में सो रहे है। लगता है जैसे एमपीआरडीसी के अधिकारियो कर्मचारियों को मात्र भुगतान के दिन से मतलब है। चाहे ठेकेदार पर्यावरण का कितना भी नुकसान करे उसे कोई मतलब नहीं उक्त कटाक्ष करते हुए आम आदमी पार्टी के इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने नगरपालिका एवं एमपीआरडीसी पर तंज कसा है। अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में डूंगलावदा फंटे से लेकर भाटखेड़ा फंटे तक सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमे ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। सड़क निर्माण में आने वाली जगह के अलावा भी वर्षो पुराने पेड़ो की अंधाधुंध कटाई कर पर्वावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। फिर भी आज तक कभी भी किसी भी इंजीनियर को सड़क निर्माण के दौरान निर्माण स्थल पर नहीं देखा गया है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से जंहा देखो वंहा पेड़ो की अवैध कटाई कर रहा है और पर्यावरण को असंतुलित कर रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगरपलिका क्षेत्र में भी पेड़ो की कटाई हो रही है और नगरपालिका मूकदर्शक बन तमाशा देख रही है। न ही नगरपालिका के जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ो की अवैध कटाई पर संज्ञान ले रहे है जिससे लगता है की ठेकेदार, एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका पूर्णरूपेण गठजोड़ बनाकर उक्त सड़क का निर्माण कर पेड़ो की बलि दे रही है। अग्रवाल ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम और हजारो पेड़ एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका के संरक्षण के चलते ठेकेदार के नाम कर दिए गए है। जिसके कारन ठेकेदार सड़क निर्माण में न आने वाले पेड़ो की भी अवैध कटाई कर रहा है और कटे गए पेड़ो की लकडिया कहा गईं, वो किसी को मालूम नहीं। सिर्फ दिखावे के लिए कुछ लकडिया सड़क किनारे दिखाई दे रही है बाकि सब की सब भ्रस्टाचार की भें चढ़ गई है? नगरपलिका क्षेत्र में मेस्सी फर्गुसन चौराहे पर देखा जा सकता है। जंहा रोड निर्माण के दौरान सड़क निर्माण में न आने पर भी दस दस फ़ीट दूर टेक के वृक्षों को काट दिया गया है। इस अवैध कटाई के फोटो देखकर आप अंदाजा लगा सकते है की किस प्रकार से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। क्या नगरपालिका, प्रशासनिक अधिकारी एवं एमपीआरडीसी इस और संज्ञान लेंगी या ठेकेदार की मनमर्जी चलती रहेंगी और पेड़ो की अवैध कटाई जारी रहेंगी ? recent visitors 68

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

Chhatarpur: Kishangarh police station uncovered a theft from a house in village Kupi – 3 thieves arrested. छतरपुर ! थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुपी में माह सितंबर में फरियादी रामाधीन यादव के घर से सोने चांदी के आभूषण चोरी संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत थाना किशनगढ़ में चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा प्रकरण की मॉनिटरिंग निरंतर की जा रही थी एवं आरोपियों के शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को निर्देशित किया गया था।एकत्रित साक्ष्य एवं जानकारी के अनुसार क्षेत्र में मूवमेंट संबंधित जानकारी एकत्र की गई। चोरी के दौरान संदेहियों का आपसी संपर्क पाया गया।संदेही से पूछताछ की गई। योजना बद्ध तरीके से साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। पुलिस टीम द्वारा चोरी में सम्मिलित तीन आरोपी recent visitors 73

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

Conservation vs. development: Mining and infrastructure near tiger corridors approved with strict conditions भोपाल। मध्यप्रदेश के बाघ आवास क्षेत्रों में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप में तीन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सतना जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में एक चूना पत्थर खदान को सैद्धांतिक स्वीकृति देने की सिफारिश भी की गई है। समिति के अनुसार, पन्ना टाइगर रिज़र्व की टाइगर संरक्षण योजना के अंतर्गत स्वीकृत वन्यजीव कॉरिडोर के भीतर और आसपास की 266.302 हेक्टेयर राजस्व भूमि पट्टे पर दी जाएगी। यह कॉरिडोर पन्ना–बांधवगढ़–संजय टाइगर रिज़र्व के प्रमुख आवास क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है और बाघों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा संजय डबरी और रातापानी टाइगर रिज़र्व में भूमिगत जल पाइपलाइन और बरना बांध से जुड़े ढांचागत कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सीमा से सटे मंडला जिले के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में दो बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को सिफारिशी मंजूरी प्रदान की गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं भले ही कोर या बफर ज़ोन में नहीं आतीं, लेकिन संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर के निकट होने के कारण यहां कड़े पारिस्थितिक सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य होगा। कॉरिडोर के पास सख्ती जरूरीसमिति ने साफ किया कि प्रस्तावित खनन पट्टे संरक्षित क्षेत्रों के भीतर नहीं हैं, लेकिन पन्ना–बांधवगढ़ और कान्हा–अचानकमार जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित हैं। ऐसे में वन्यजीवों, विशेषकर बाघों की प्राकृतिक आवाजाही पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए विशेष प्रबंधन और सतत निगरानी आवश्यक होगी। अक्टूबर माह में 266.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले AAA रिसोर्स लिमिटेड के चूना पत्थर खदान पट्टे का निरीक्षण केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, संबंधित प्राधिकरण और मध्यप्रदेश वन विभाग की संयुक्त समिति ने किया था। निरीक्षण में पाया गया कि पट्टे का दक्षिणी हिस्सा घने वनों से जुड़ा हुआ है और बाघों की आवाजाही के लिए उपयुक्त है, जबकि उत्तरी हिस्सा अपेक्षाकृत खंडित है। खनन सीमित, संरक्षण पर जोरसमिति ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शर्त रखी है कि दक्षिणी कॉरिडोर को हर हाल में सुरक्षित और मजबूत रखा जाए, खनन गतिविधियां सीमित दायरे में हों और आवास सुधार से जुड़े उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं। उद्देश्य साफ है—विकास परियोजनाओं के साथ-साथ बाघ संरक्षण और जैव-विविधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। recent visitors 72

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

Collector changed, but not the situation: Complainants have been wandering for years in Morena’s public hearing. मुरैना। मुरैना जिले में जनसुनवाई रिकार्ड गढ़ रही है। जब से कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ जिले में पदस्थ हुए हैं, जब से जनसुनवाई में आने वाले आवेदनों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। इस भीड़ में ऐसे भी दर्जनों लोग थे, जो सालों से अपनी गुहार लेकर कलेक्टर की देहरी पर आ रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत का निदान नहीं हो रहा। कई लोग जनसनुवाई में दर्जनों बार आवेदन दे चुके हैं, उन्हें नए कलेक्टर से अपनी शिकायत के समाधान की आस है। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में जखौना-धोगापुरा गांव के धर्मेंद्र सिंह, विष्णु सिंह, अन्नू कुमार, पंडित उम्मेद, दारासिंह सहित करीब 20 युवा पहुंचे। इन ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की मुख्य सड़क कीचड़ और गड्ढों से भरी है। इन युवाओं ने बताया कि जखौना रोड से मदन सिंह के मकान तक की सड़क को पक्का बनवाने के लिए पहले उनके पिता, चाचा, ताऊ आवेदन देते रहे हैं, लेकिन सड़क निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमार व प्रसूता के लिए एंबुलेंस व जननी वाहन तक नहीं आ पाती। यह शिकायत को केवल एक उदाहरण हैं, जनसुनवाई में लगी लंबी कतार में से कम से कम 20 फीसद आवेदन ऐसे थे, जो चार या इससे अधिक बार पहले आवेदन दे चुके हैं। इस मंगलवार को भी जनसुनवाई में शिकायतकर्ताओं की इतनी लंबी कतार लगी कि, जनसुनवाई के हाल से लेकर पूरी गैलरी से लेकर कलेक्टोरेट के पिछले गेट तक आवेदकों की कतार लगी थी। चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कई लोग कलेक्टर तक पहुंचे। कोई अफसर मोबाइल में व्यस्त कोई उबासी लेता दिखाइस मंगलवार को भी जनसुनवाई लगभग पांच घंटे चली। इस दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने हर शिकायतकर्ता की शिकायत को तसल्ली से सुना। लेकिन जनसुनवाई में मौजूद अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए जनसुनवाई बोरियत भरी हो गई। कई अधिकारी उबासी लेते दिखे तो कई मोबाइल में फेसबुक, इंस्ट्राग्राम चलाकर अपने समय पास करते नजर आए। गांव में नहीं हुआ कोई विकास, तीन साल से कर रहा शिकायतमाधौपुरा गांव निवासी मुन्ना सिंह गुर्जर ने बताया कि उनका गांव मालीबाजना ग्राम पंचायत में आता है। माधौपुरा में 200 घर की बस्ती है, इस गांव में सरपंच-सचिव ने तीन साल में कोई काम नहीं करवाया। गांव की कच्ची सड़कें हैं, पानी निकासी के लिए नाला नहीं। इसका कारण यह है, कि सरपंच मालीबाजना गांव के हैं, उन्हें लगता है कि चुनाव में उन्हें माधौपुरा से वोट नहीं मिले, इसलिए वह पूरे गांव से रंजिश रखते हैं। गांव में स्कूल भवन तक नहीं, बच्चों को पढ़ने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका, कार्रवाई नहींगुर्जा गांव निवासी विजयपाल सिंह सिकरवार ने बताया कि जनसुनवाई में वह बीते चार साल में 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका है। विजयपाल सिंह के अनुसार सिद्धनगर में 2500 वर्गफीट प्लाट और मोहनपुर चिन्नौनी गांव में उसकी तीन बीघा जमीन है, जिस पर महिपाल, अजयपाल, प्रशांत, दीपक ने कब्जा कर लिया है। जमीन मुक्त करने की कहने पर यह लोग मेरे बच्चों को मारने की धमकी देते हैं। विजयपाल ने अपने बच्चों की जान का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। कैलारस नप में भ्रष्टाचार की शिकायत के साथ पांचवी बार जनसुनवाई में पार्षदकैलारस के पहाड़गढ़ रोड निवासी और वार्ड 15 के पार्षद पूरन शिवहरे ने अपने आवेदन में ही लिखा कि वह पांचवी बार जनसुनवाई में आवेदन लेकर आए हैं। पूरन शिवहरे ने बताया कि कैलारस नप में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। तीन साल में 20 सीएमओ बदल गए, कोई सीएमओ रुक नहीं पा रहा। स्टोर शाखा व निर्माण शाखा में 1.41 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी हुई है। 180 फर्जी बिल वाउचर बनाकर फर्जी भुगतान हुए हैं, जिनके प्रमाण हैं। पूरन शिवहरे के अनुसार वह कैलारस नप में वित्तीय गड़बड़ियों की मांग कर रहे हैं, पर प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। recent visitors 75