भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली।एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया। कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। recent visitors 74

मेट्रो प्रोजेक्ट भोपाल में चला रहा पेड़ों पर आरी पेड़ों की कटाई का सिलसिला लगातार जारी

Metro project is cutting down trees in Bhopal. The process of felling trees continues. भोपाल। रायसेन रोड स्थित गोविन्दपूरा इंडस्ट्रियल एरिया गेट एवं आईटीआई के आस पास के क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं एनजीटी द्वारा शहर में 16 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना के तहत अयोध्या बायपास पर हजारों पेड़ों की कटाई के बाद कटाई पर रोक लगा दी गई है।  पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि 40 से 50 साल पुराने हरे-भरे पेड़ों को विकास के नाम पर काटा जा रहा है, जबकि भोपाल पहले ही बढ़ते वाहनों, औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाने और पटाखों के कारण गंभीर वायु प्रदूषण झेल रहा है। ऐसे में हरियाली खत्म होने से शहर की हवा और तापमान दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एक परिपक्व पेड़ प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है। हजारों पेड़ों की कटाई से आक्सीजन स्तर में गिरावट और हीट आइलैंड प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति ली गई है और क्या पेड़ कटाई से पहले वैकल्पिक पुनरोपण की ठोस योजना तैयार की गई है।  पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं  स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं वहीं शहर में जहां-जहां सड़कें बनाई जाती हैं, वहां बाद में अतिक्रमण हो जाता है, जिससे जनता को कोई राहत नहीं मिलती। यदि सड़क चौड़ी करने या विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई चलती रही तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी साथ ही पर्यावरण पर भी असर देखने को मिलेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेड़ कटाई का निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। जनता का साफ संदेश है कि ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जो पर्यावरण, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ समझौता करे। recent visitors 88

दमोह सांसद राहुल लोधी के घर पहुंचे बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा , सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर जताया शोक

Badamalhara District Panchayat President Raghav Raja reached the house of Damoh MP Rahul Lodhi.  लोकेंद्र सिंह  बड़ामलहरा। बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा ने दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी की सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। रघुराज प्रताप सिंह अपने सहयोगियों के साथ  हिंडोरिया स्थित सांसद राहुल सिंह लोधी के निज निवास पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर राघव राजा ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान वातावरण शोकमय रहा। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। पूरे क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक की लहर व्याप्त है। recent visitors 101

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

PM Modi slammed TMC, saying infiltrators are usurping rights, and that action will be taken as soon as the BJP forms the government. पश्चिम बंगाल के मालदा में रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की योजनाओं, भाजपा के विस्तार और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे हमलों के साथ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के हर गरीब परिवार के पास पक्का घर हो, हर जरूरतमंद को मुफ्त राशन मिले और केंद्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ गरीबों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से बंगाल में ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए टीएमसी सरकार पर बड़ा हमला बोला। रैली में उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों का हक घुसपैठिए छीन रहे हैं। भाजपा सरकार बनते ही सभी घुसपैठिओं पर कार्रवाई करेंगे और बंगाल के लोगों का हक और उनके अधिकार सुरक्षित किए जाएंगे। केंद्र की योजनाएं बंगाल तक क्यों नहीं पहुंच रहीं?प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार बेहद असंवेदनशील और निर्दयी रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए जो पैसा भेजती है, उसे टीएमसी के नेता लूट लेते हैं। पीएम मोदी ने साफ कहा कि गरीबों के हक का पैसा गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या ऐसी सरकार को और मौका दिया जाना चाहिए, जो गरीबों के साथ अन्याय कर रही हो। अब बंगाल में बदलाव क्यों जरूरी है?पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में वर्षों तक भाजपा के खिलाफ झूठ फैलाया गया और अफवाहें उड़ाई गईं, वहां भी अब मतदाता भाजपा को आशीर्वाद दे रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि इस बार बंगाल की जनता भाजपा को विजयी बनाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि देश का माहौल बदल चुका है और लोग विकास और सुशासन की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। विकसित भारत और पूर्वी भारत का क्या कनेक्शन है?प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत की राजनीति ने जकड़ कर रखा, जिससे विकास रुक गया। पीएम मोदी ने दावा किया कि भाजपा ने पूर्वी राज्यों को इस राजनीति के चंगुल से बाहर निकाला है। उन्होंने कहा कि अगर पूर्वी राज्यों का भरोसा किसी एक पार्टी के साथ है, तो वह पार्टी भाजपा है। टीएमसी सरकार पर आखिरी बड़ा हमला क्यों?पीएम मोदी ने कहा कि आज बंगाल देश का इकलौता राज्य है, जहां आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार जानबूझकर बंगाल के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से देश के लाखों परिवारों का बिजली बिल जीरो हो गया है, लेकिन बंगाल में यह योजना आगे नहीं बढ़ने दी जा रही। पीएम मोदी ने जनता से अपील की कि ऐसी निर्दयी सरकार को बंगाल से विदा करना जरूरी है, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके। recent visitors 75

आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में 18 जनवरी को भोपाल में ओबीसी, एससी, एसटी का महाआंदोलन

Massive agitation by OBC, SC, ST in Bhopal on January 18 in support of IAS Santosh Verma भोपाल। ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 18 जनवरी को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित भेल दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से विशाल महाआंदोलन और महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस महाआंदोलन को भीम आर्मी, जयस सहित अनेक सामाजिक व आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में अपाक्स के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश पटेल, अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, अजाक्स के एसएल सूर्यवंशी, ओबीसी महासभा के कमलेंद्र सिंह, भीम आर्मी के सुनील बैरसिया, युवा छात्र संघ के प्रियंक जाटव और पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के महामंत्री सीएस यादव ने डबल इंजन की भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा द्वारा किसी भी जाति, वर्ग या समाज के प्रति कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई थी। उनके कथन के भावार्थ को समझे बिना कुछ लोगों ने जानबूझकर दुष्प्रचार किया, जिसके आधार पर सरकार ने व्सतु स्थिति को जाने समझे बगैर कारण बताओ नोटिस जारी कर डीओपीटी को प्रस्ताव भेज दिया। यह सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिससे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसी दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जानी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कहा गया कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, न्यायपालिका और विकास की मुख्यधारा में लगातार उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल में घोषित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच भटकाया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार को बिना बहाने सीधे तौर पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। महाआंदोलन की प्रमुख मांगें आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी समस्त कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए।ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।एससी, एसटी,ओबीसी के सभी रिक्त व बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान से भरे जाएं।निजी क्षेत्र और संविदा, आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू किया जाए।ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति और पर्याप्त छात्रावास सुविधा मिले।संविदा नियुक्ति संबंधी बिल निरस्त कर स्थायी भर्तियां की जाएं।न्यायालयों, मंदिरों और शासकीय ठेकों में आरक्षित वर्गों को जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।पेसा अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए। recent visitors 111

राहुल गांधी को इंदौर में सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत, प्रशासन ने कहा- नो, सरकार पर बरसे जीतू पटवारी

Rahul Gandhi was denied permission to hold a conference in Indore, the administration said no, Jitu Patwari lashed out at the government इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को शहर के पीड़ित परिवारों और मरीजों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे। इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई। कल नेता प्रतिपक्ष आदरणीय @RahulGandhi जी इंदौर आ रहे हैं। वे दूषित पानी से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे और उन्हें संबल प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश के हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिले, इसी… pic.twitter.com/YmUTG7q7Gs — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 16, 2026 सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत- जीतू पटवारीपटवारी ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे।” सरकार पर बरसे जीतूपटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, “इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?” बता दें कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है। इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। recent visitors 166

भोपाल में 18 जनवरी को होगी ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की आमसभा

OBC-SC-ST Joint Front’s general meeting will be held in Bhopal on January 18. भोपाल। भोपाल में 18 जनवरी 2026 को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एक ऐतिहासिक और विराट आमसभा का आयोजन किया जा रहा है। यह आमसभा संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मोर्चा का कहना है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हक-अधिकारों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है और महापुरुषों के सम्मान के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। आमसभा की प्रमुख मांगों में, ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52% आरक्षण, आदिवासी संतोष वर्मा, आईएएस, अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरुद्ध की गई अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों को समाप्त करने, विभाग में यथावत पदस्त करने एवं शीघ्र उनके प्रमोशन से रोक हटाने, एससी-एसटी-ओबीसी बैकलॉग पदों की एक माह के अंदर शीघ्र पूर्ति करने और जो पद ड्राइंग कैडर घोषित किए गए हैं। https://www.instagram.com/pawanahirwar2.0/?utm_source=ig_embed&ig_rid=9d4ec39b-85ad-48a7-9815-353d1a35139a उन पदों पर पहले बैकलॉग भर्ती की जाने व उसके पश्चात् पदों को ड्राइंग कैडर घोषित किए जाने, ओबीसी के रोके गए 13% पदों को तत्काल अनहोल्ड करने, निजी क्षेत्र एवं आउटसोर्स में एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने, पदोन्नति में ओबीसी को भी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण दिए जाने तथा (ओ.पी.एस.) पुरानी पेंशन लागू किए जाने की मांग शामिल है। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि यह आमसभा किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन वर्गों के हक में है जिनके वोट से मध्य प्रदेश में सरकार बनी है। यह सभा सरकार को चेताने, उसे उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियां याद दिलाने और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के समर्थन में एक लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करने का मंच होगी। मोर्चा के अनुसार यह संघर्ष अधिकारों की पुनः स्थापना का संघर्ष है और इसमें आमजन की भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने कहा, “यह आमसभा सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान के पक्ष में है। हम सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि सामाजिक न्याय कोई दया नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। https://www.instagram.com/tribal_farmer_06/?utm_source=ig_embed&ig_rid=fb28946a-f6a2-432d-b30d-71b5fc0175e2 ओबीसी, एससी और एसटी समाज ने लोकतंत्र को मजबूती दी है और अब समय आ गया है कि सरकार भी उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। 18 जनवरी को भोपाल में उमड़ने वाला जनसैलाब यह स्पष्ट संदेश देगा कि समाज अब चुप नहीं रहेगा।” मोर्चा ने प्रदेश भर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे परिवार सहित भोपाल पहुंचकर इस आमसभा को ऐतिहासिक बनाएं और संविधान, सामाजिक न्याय तथा समान अधिकारों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें। recent visitors 85