अल्पसंख्यक विभाग की जिला कांग्रेस बैठक में संगठन मज़बूत करने पर मंथन

State President of Congress Minority held a meeting for the workers सिवनी मालवा ! जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष अमजद पठान द्वारा भिलट देव रिसोर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया! कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट शेख अलीम उपस्थित हुए वही जिले के कांग्रेस के सभी वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी की उपस्थिति में जिले में लीगल सेल को किस तरह से और कांग्रेस को किस तरह से मजबूत किया जाए इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संगठन में चर्चा की गई इस दौरान इटारसी से वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश साहू हजारीलाल गुर्जर विकास पाठक लीगल सेल अल्पसंख्यक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मीर जाहिर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजकुमार केलु उपाध्याय राष्ट्रीय प्रवक्ता युवक कांग्रेस के गुफरान अंसारी एडवोकेट पंकज राठौर शैलेंद्र सिन्हा एडवोकेट चंदन भैया किसान कांग्रेस के अध्यक्ष बाबू चौधरी अजय पटेल हाज़ी शरीफ खान सुभाष दुबे स्वदेश शर्मा हैरिसन नगर अध्यक्ष सिवनी मालवा, समीर शर्मा शमीम खान जुनैद तौसीफ खान राजा अल्पसंख्यक इटारसी विधानसभा के अध्यक्ष शेख जावेद मुकेश पटेल एडवोकेट अरशद खान जकि खान प्रदेश कांग्रेस सचिव अल्पसंख्यक विभाग के परमजीत सलूजा लाली चाचा शाहिद शाहिद अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे recent visitors 61

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी: उप मुख्यमंत्री

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी: उप मुख्यमंत्री

Divisional meeting will accelerate implementation of major projects: Deputy Chief Minister रीवा ! कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं. इस बैठक से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है. ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है. अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं. संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें. ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है. ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं. सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें. विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें. वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें. नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं. मुख्यमंत्री जी की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें.बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, पीएचई, वन विभाग तथा सडक़ों में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं. सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर तत्परता से कार्यवाही करें. विभागीय समन्वय से संभाग के विकास कार्यों को गति दी जाएगी. संभागीय समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित होंगी. नए जिलों में संसाधनों की कमी को दूर करने तथा पुलिस और राजस्व विभाग में पदों की पूर्ति के भी प्रयास किए जाएंगे. बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई उपयोगी सुझाव दिए. राज्यमंत्री ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहबगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया. सांसद रीवा जनार्दन मिश्रबिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सडक़ सुधार का सुझाव दिया. सांसद सतना गणेश सिंहसतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया. सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझा दिए. सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रारेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सडक़ निर्माण का सुझाव दिया. बैठक में विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया. विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया. विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सडक़ में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया. विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सडक़ों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए. बैठक में विधायक सीधी श्रीमती रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए. बैठक में विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली श्री रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढऩ तक फोरलेन सडक़ निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए. विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया. विधायक मऊगंज श्री प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया. बैठक में विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए. विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सडक़ का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया.बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी. बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए. बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, सतना रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. recent visitors 90

प्रदेश सरकार में मंत्री लखन पटेल के गृह जिले में जातिगत भेदभाव चरम पर, परेशान रहवासी घर छोड़ने को मजबूर

प्रदेश सरकार में मंत्री लखन पटेल के गृह जिले में जातिगत भेदभाव चरम पर, परेशान रहवासी घर छोड़ने को मजबूर

Caste discrimination is rampant in the home district of state minister Lakhan Patel, forcing distressed residents to leave their homes. दमोह/भोपाल। state minister Lakhan Patel गांव में केवल तालाब का घाट नहीं बंटा है, बल्कि निचले तबके के लोग कहीं बराबरी से बैठ भी नहीं सकते। ये सब देख और सुनकर बुरा लगता है, इसलिए हम जैसे कई युवाओं ने गांव ही छोड़ दिया। ये दर्द है दमोह जिले के हिनौती गांव के अजय बंसल का, जो उस दलित समाज से आता है, जो अपने गांव में आज भी भेदभाव का सामना कर रहा है। इस वजह से अजय वर्ष में केवल 10-15 दिन के लिए माता-पिता से मिलने गांव जाता है। दलित समाज के और भी युवा हैं, जिन्होंने इसी वजह से गांव छोड़ दिया है। दरअसल, बुंदेलखंड में आज भी जातिगत भेदभाव की जड़ें काफी गहरी हैं। इस व्यवस्था को बदलने के लिए कई बार पहल हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब नई पीढ़ी ने व्यवस्था बदलने की बजाय पलायन का रास्ता अपनाया है। ऐसा भी नहीं है कि गांव में हो रहे इस भेदभाव की जानकारी प्रशासन को नहीं है। प्रशासन आँख बंद कर बैठा है। क्योंकि जिम्मेदार और निर्णायक पदों पर आसीन अधिकारी उसी सोच से निकले हैं। यही वजह है कि यह ऊँच-नीच की व्यवस्था फल- फूल रही है। गांव की भौगोलिक बनावट में दिखता है बंटवारा state minister Lakhan Patel लगभग 1800 की आबादी वाला हिनौती, ग्राम पंचायत हथनी पिपरिया का हिस्सा है। इस गांव में लोधी, पटेल, रेकवार, अहिरवार, बंसल और आदिवासी समाज के लोग हैं। इनमें लोधी समाज बाहुबली है, जो अपने आपको अघोषित रूप से ठाकुर बताते हैं। पहली नजर में यह किसी भी आम गांव की तरह दिखता है। गांव की गलियों में जैसे प्रवेश करेंगे तो सामाजिक विभाजन की रेखाएं स्पष्ट दिख जाती हैं। गांव का अगला हिस्सा तथाकथित सवर्ण जातियों का है, तो पिछला हिस्सा दलित और आदिवासी समुदायों की बसाहट का है। तालाब एक और घाट अलग-अलग state minister Lakhan Patel गांव के बीचों-बीच स्थित पुराना तालाब इस भेदभाव का सबसे बड़ा और क्रूर स्थान है। तालाब एक है, लेकिन उसके घाट जातियों के नाम पर बंटे हुए हैं। कोई किसी के घाट पर स्नान नहीं कर सकता है। हमारे प्रतिनिधि ने जैसे ही हाथ धोने के लिए एक घाट की सीढ़ियों पर कदम रखा, पास ही चबूतरे पर बैठे गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा- आप इस घाट पर मत जाओ। ये घाट छोटी जात वालों का है।ठाकुर ने कहा कि यह हमारे गांव का बहुत पुराना तालाब है। हम लोग बचपन से देख रहे हैं कि तालाब के घाट अलग-अलग जातियों के हिसाब से बंटे हुए हैं। इस गांव में करीब 5-6 जातियों के लोग रहते हैं। नियम तोड़ने की हिम्मत कोई नहीं करता इस ‘परंपरा’ की पुष्टि तालाब के दूसरी ओर रहने वाले 60 वर्षीय होशियार रैकवार भी करते हैं। वे कहते हैं, ‘यहा ऐसा ही है। ऊंची जाति वालों के घाट अलग, छोटी जाति वालों के अलग हैं। यह आज से नहीं, बरसों से है। जब से गांव बसा है, तब से यही व्यवस्था चल रही है। बाप-दादा को जैसा करते देखा, हम भी वैसा ही कर रहे हैं। भीषण गर्मी काल में ज़ब पानी का संकट हो जाता है, उस दौर में भी उनके घाट से पानी नहीं भर सकते हैं।वे बताते हैं, ‘पहले जब गर्मियों में पानी कम हो जाता था और हमारे घाट का पानी सबसे पहले सूखता था, तब भी हमें ऊंची जाति वालों के घाट पर जाने की मनाही थी।’ शादी-ब्याह में भी दूरी का हिसाब state minister Lakhan Patel भेदभाव का यह सिलसिला सिर्फ तालाब के पानी तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक समारोहों और खान-पान में भी उतनी ही शिद्दत से मौजूद है। गांव के भैया राम बताते हैं, ‘पहले हम लोगों को शादी-ब्याह में बुलाते थे, लेकिन बैठने की व्यवस्था अलग होती थी। बड़े लोग ऊपर बैठते थे और हम लोग दूर नीचे जमीन पर बैठकर खाना, खाना पड़ता है। अब तो हमारी बिरादरी के लोगों ने इन सवर्णों के यहां जाना ही बंद कर दिया है। अब खान-पान सिर्फ अपने समाज में ही होता है।’ इस बात को मुकेश लोधी भी स्वीकार करते हैं। वे कहते हैं, ‘हम लोग तो सभी को अपने घर के कार्यक्रमों में बुलाते हैं, बस बैठने की व्यवस्था अलग-अलग रहती है। ठाकुरों के लिए कुर्सी होती है। जो छोटी जाति के लोग हैं, उन्हें नीचे और अलग स्थान पर बिठाते हैं। यह चलता है।’ नई पीढ़ी बोली- देश आजाद हुआ, हम नहीं जहां पुरानी पीढ़ी इसे ‘परंपरा’ या ‘नियति’ मानकर जी रही है, वहीं नई पीढ़ी इस अपमान के खिलाफ आवाज उठा रही है। गांव के युवा दिनेश जाटव भीम आर्मी से जुड़े हैं। वे कहते हैं, ‘देश आजाद हो गया। बाबा साहब का संविधान लागू है, लेकिन हम आज भी आजाद नहीं हैं। दमोह के कई गांवों में आज भी भयंकर छुआछूत का जहर फैला है। कई जगहों पर तो दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया जाता था। हमने शांति से नहीं, तो क्रांति से ही सही, पर घोड़ी पर बारातें निकालीं।’ दिनेश बताते हैं कि भेदभाव का दंश रोजमर्रा की जिंदगी में हर दिन शामिल है। दुकान पर जाओ तो चप्पल उतारकर सामान लेने के लिए कहते हैं। दुकानदार पैसे भी हाथ से नहीं लेता, नीचे रखवाता है और सामान फेंक कर देता है। यहां इतनी छुआछूत है। प्रशासन भेदभाव से अनजानवैसे प्रशासन के रुख से इन वर्गों के लोग हमेशा ठगा हुआ महसूस करते हैं। वे शिकायत के बाद सिर्फ इन्ही वर्गों को समझाने में अपनी वाहवाही समझते हैं। इस पूरे मामले पर दमोह की एडीएम मीना मेश्राम का कहना है कि, ‘जातिगत भेदभाव के संबंध में अभी तक इस गांव से हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आएगी तो संज्ञान में लेंगे। recent visitors 362

धूप में किसानों की संघर्ष गाथा: घंटों धूप में खड़े किसान, फिर भी खाली हाथ

धूप में किसानों की संघर्ष गाथा: घंटों धूप में खड़े किसान, फिर भी खाली हाथ

Farmers stand in line for hours in the sun, yet return empty-handed गुना। जिले में लगातार दूसरे दिन भी खाद वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। एमपी एग्रो वितरण केंद्र पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। किसान तेज धूप में घंटों खड़े रहे लेकिन उन्हें न तो समय पर खाद मिल पाया और न ही पानी व छांव जैसी बुनियादी सुविधाएं। भीड़ और धक्का-मुक्की में कई बुजुर्ग किसान घायल हो गए, जबकि तेज धूप के कारण कई किसानों की तबीयत बिगड़ गई। किसानों का कहना है कि उन्हें गुरुवार दोपहर तक टोकन मिल गए थे लेकिन उसके बावजूद खाद का वितरण आज तक नहीं हो सका। किसानों ने बताया कि वे सुबह 4 बजे से लाइन में लगे हैं, फिर भी नंबर नहीं आ रहा। पांच कट्टे खाद लेने के लिए उन्हें लगातार तीन दिन से परेशान होना पड़ रहा है। एक किताब पर सिर्फ पांच कट्टे ही दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी जरूरत पूरी नहीं हो रही। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने पानी और छांव जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान ही नहीं दिया।किसानों की पीड़ा यह है कि वे खेती-किसानी छोडक़र केवल खाद के लिए केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिला तो उनकी रबी की फसल प्रभावित हो जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में कृषि विभाग का कहना है कि खाद वितरण को लेकर पर्याप्त व्यवस्था की गई है। कृषि विभाग के उप संचालक संजीव शर्मा ने बताया कि जिले की 39 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को कुल 975 मीट्रिक टन डीएपी खाद का आवंटन किया गया है। उनका कहना है कि सोसायटी के सदस्य बनने वाले किसानों को आसानी से खाद मिल जाती है, लेकिन कई किसान सदस्यता नहीं ले रहे, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी हो रही है। शर्मा ने यह भी कहा कि एमपी एग्रो से लगातार खाद वितरण कराया जा रहा है और टोकन प्रणाली लागू है, फिर भी किसान धूप में लाइन लगाने की जिद कर रहे हैं।हालांकि किसानों का तर्क है कि टोकन मिलने के बावजूद कई बार वितरण में देरी हो जाती है और जानकारी का अभाव रहता है। ऐसे में उन्हें मजबूरन केंद्र पर लाइन में लगना पड़ता है। खाद वितरण में हो रही इस अव्यवस्था से किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन यदि जल्द ही पानी, छांव और टोकन व्यवस्था को सुचारू नहीं करता तो हालात और बिगड़ सकते हैं। किसान पहले से खरीफ की फसल खराब होने से परेशान हैं और अब रबी की तैयारी में भी उन्हें ऐसी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इससे उनकी मेहनत और भविष्य दोनों पर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है। इनका कहना हैहमने सभी सोसायटियों में खाद भिजवा दी है। दिक्कत क्या है किसान सोसायटियों के सदस्य नहीं बन रहे हैं। जिसकी सदस्यता 500-500 रुपए है। यदि सोसायटी के सदस्य बन जाएं तो सोसायटियों से आसानी से खाद मिल जाएगी। एमपी एग्रो से भी खाद हम बंटवा रहे हैं। कल और आज भी टोकन बांटे गए थे। इसलिए भीड़ ज्यादा हो गई थी। किसान भी मानते नहीं है। जब टोकन से खाद का वितरण हो रहा है तो क्यों धूप में लाईन लगा के खड़े हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, गुना के अंतर्गत आने वाली 39 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों नेगमा, मुरादपुर, छीपोन, नानाखेड़ी, बजरंगढ़, मावन, ढोलबाज, झागर, बडख़ेड़ा, गिर्द, करोद, पगारा, चकदेवपुर, म्याना, खांकर, धमनार, मगराना, मारकीमहू, भदौरा, टकनेरा, विशनबाड़ा, चीमरामपुर, हमीरपुरपाठी, कपासी, रामपुर, खजूरी, मूडराखुर्द, मक्सूदनगढ़, उकावद, नसीरपुर, डोंगर, लहरचा, चकपटोदी, देदला, सोनाहेड़ा, लखनवास, करमोदिया, केकडिय़ाखुर्द, तुलसीखेड़ी एवं सीगनपुर को कुल 975 मीट्रिक टन डीएपी खाद का आवंटन किया गया है। – संजीव शर्मा, उप संचालक कृषि विभाग recent visitors 69

अनावश्यक प्रकरणों में विलंब और लौटाने की कार्यवाही न करे: कमिश्नर

अनावश्यक प्रकरणों में विलंब और लौटाने की कार्यवाही न करे: कमिश्नर

Do not delay or return unnecessary cases: Rewa Commissioner BS Jamod रीवा। कमिश्नर बीएस जामोद ने बैंक अधिकारियों व विभागीय अधिकारियों से कहा है कि समन्वय बनाकर टीम भावना के साथ सकारात्मक सोच रखते हुए रोजगार व स्वरोजगार के हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें.उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार के प्रकरणों तथा हितग्राहियों के शासकीय योजनाओं से लाभ प्राप्त करने वाले प्रकरणों में तत्परता से स्वीकृति देकर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं. कमिश्नर कार्यालय में बैंकर्स व विभागीय अधिकारियों की बैठक में कमिश्नर ने कहा कि अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में रीवा में संभागीय रोजगार मेले का आयोजन प्रस्तावित है. रोजगार मेले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में रोजगार व स्वरोजगार के प्रकरणों की स्वीकृति के उपरांत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी योजनाओं के प्रकरण बैंकों में प्रस्तुत करते हुए प्रो एक्टिव होकर स्वीकृत कराने का कार्य करें साथ ही बैंकर्स प्रस्तुत प्रकरणों को स्वीकृति दें. अनावश्यक प्रकरणों में विलंब व प्रकरणों के लौटाए जाने की कार्यवाही न करें. बैठक में यूनियन बैंक के डीजीएम अजय खरे ने कहा कि स्वसहायता समूह के सभी प्रकरणों तथा अन्य शासकीय योजनाओं के प्रस्तुत प्रकरणों का तत्परता से स्वीकृति देकर वितरण के कार्यवाही की जाएगी. बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त एलएल अहिरवार आदि मौजूद रहे. recent visitors 73

रतलाम में कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान आज से, 50 हजार हस्ताक्षर का लक्ष्य

रतलाम में कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान आज से, 50 हजार हस्ताक्षर का लक्ष्य

Signature campaign of Congress vote thieves leaving the throne in Ratlam starts today, target of 50 thousand signatures रतलाम। रतलाम जिले में कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान का आज शुभारंभ होगा। अभियान में कांग्रेस संगठन प्रभारी विधायक प्रताप ग्रेवाल शामिल होंगे। हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ सुभाष नगर चौराहा से प्रारंभ होगा।अभियान को लेकर कांग्रेस पार्षद दल की बैठक हुई। बैठक में रतलाम शहर से 50 हजार हस्ताक्षर का लक्ष्य तय किया। 40 अलग-अलग चौराहों पर पर स्टॉल व प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर हस्ताक्षर कराएंगे।कांग्रेस कार्यकर्ता अपने स्तर पर क्षेत्रों में हस्ताक्षर करवाएंगे। बैठक में शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने बैठक में सभी को 2-2 हजार हस्ताक्षर करवाने का लक्ष्य दिया।पारस सकलेचा, महेंद्र कटारिया, यास्मिन शेरानी, रजनीकांत व्यास, कमरुद्दीन कछवाय, नासिर कुरैशी, सलीम बागवान, शाकिर खान, शैलेन्द्र सिंह अठाना, बसंत पंड्या आदि मौजूद रहे। recent visitors 82

स्कूल अनुमति के नाम पर रिश्वतखोरी, सर्व शिक्षा अभियान का परियोजना समन्वयक दंपति 60 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

स्कूल अनुमति के नाम पर रिश्वतखोरी, सर्व शिक्षा अभियान का परियोजना समन्वयक दंपति 60 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Bribery in the name of school permission, Sarva Shiksha Abhiyan project coordinator couple arrested red-handed while accepting 60 thousand rupees मंडला। जिले में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) जबलपुर ने शुक्रवार को सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना समन्वयक अरविंद विश्वकर्मा और उनकी पत्नी आरती विश्वकर्मा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। आरोप है कि दंपति ने ककैया विकासखंड बिछिया स्थित विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल के संचालक रविकांत नंदा से स्कूल की अनुमति प्रदान करने के नाम पर कुल एक लाख 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने 23 सितंबर को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये पहले ही सौंप दिए थे। शुक्रवार को दूसरी किस्त 60 हजार रुपये की अदायगी के समय ईओडब्ल्यू टीम ने बिंझिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस लाया गया, जहां देर शाम तक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई चलती रही। लगभग दो माह पहले स्कूल संचालक ने रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत ईओडब्ल्यू जबलपुर को सौंपी थी, जिसके आधार पर यह जाल बिछाया गया। टीम ने मौके से नगद राशि सहित आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। recent visitors 76