400 से ज्यादा फर्जी बीपीएल कार्ड घोटाला: तहसील और पंचायत कार्यालय की मिलीभगत से बड़ा भ्रष्टाचार

400 से ज्यादा फर्जी बीपीएल कार्ड घोटाला: तहसील और पंचायत कार्यालय की मिलीभगत से बड़ा भ्रष्टाचार

Over 400 fake BPL card scam: Massive corruption due to collusion between tehsil and panchayat offices दमोह/तेंदूखेड़ा ! fake BPL card scam विशाल रजक तेंदूखेड़ा स्वच्छता सर्वे में सबसे निचले पायदान पर आने वाला दमोह जिला अब भ्रष्टाचार में शायद प्रदेश के अव्वल नम्बर पर है। जिले के प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब तेंदूखेड़ा जनपद में फर्जी गरीबी रेखा कार्ड बनाए जाने का मामला समाने आया है। यहां एक ही राजस्व प्रकरण क्रमांक पर अनेक फर्जी हितग्राहियों के नाम जोड़कर नियम विरुद्ध तरीके से उनके गरीबी रेखा के कार्ड बनाए गए हैं। पूरे मामले में तहसील कार्यालय और जनपद पंचायत कार्यालय तेंदूखेड़ा की मिलीभगत से फर्जी आदेश और कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़े गए हैं। धन्नू, टटू और राहुल का नाम एक ही राजस्व प्रकरण मेंः fake BPL card scamगरीबी रेखा सूची में नाम जोड़ने के लिए शासन द्वारा प्रक्रिया निर्धारित की गई है जिसमें राजस्व न्यायालय तहसीलदार के माध्यम से हितग्राहियों के दस्तावेजों की जांच कर पात्र हितग्राहियों के राजस्व प्रकरण तैयार कर गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़ने ए किए एवं गरीबी रेखा का कार्ड जारी करने के लिए जनपद पंचायत भेजा जाता है। तेंदूखेड़ा जनपद में गरीबी रेखा सूची में हितग्राहियों के नाम जोड़ने के लिए तहसील न्यायालय के फर्जी आदेशों एवं फर्जी दस्तावेजों इस्तेमाल किए गए। जहां एक ओर एक ही राजस्व प्रकरण क्रमांक पर अलग अलग समाज के हितग्राहियों का नाम सूची में शामिल करने की अनुशंसा की गई वहीं सोचना के अधिकार में प्राप्त दस्तावजों का निरीक्षण करने पर अनेक हितग्राहियों के आवेदन पत्र पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं पाए गए। वहीं अनेक हितग्राहियों ने आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेजों को संलग्न ही नहीं किया है। इसके बाद भी तहसील न्यायलय से प्रकरण बनकर फर्जी हितग्राहियों का नाम गरीबी रेखा की सूची में जोड़ने के लिए जनपद पंचायत भेज दिया गया। तहसील कार्यालय से शुरू हुए इस फर्जीवाड़े में लगभग 400 से ज्यादा फर्जी हितग्राहियों को फर्जी आदेश, आधे अधूरे आवेदन एवं बिना दस्तावेजों के गरीबी रेखा की सूची में जोड़ दिया गया है Read more: 44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट राजस्व प्रकरण क्रमांक 828 पर न्यायालय तहसीलदार तेंदूखेड़ा, जिला दमोह के आदेश क्रमांक 06 दिनांक 19/01/2024 के माध्यम से धन्नू पिता कुद्दू पाल निवासी सहजपुर, टटू गौड़ पिता सोने लाल निवासी सहजपुर, राहुल पाल पिता नब्बू निवासी सहजपुर का नाम गरीबी रेखा की सूची में क्रमशः 404, 432 एवं 433 पर दर्ज कर दिया गया। धन्नू पिता कुद्दू पाल का आदेश तहसील न्यायलय से दिनांक 5 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा में प्राप्त हुआ और जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा 12 फ़रवरी 2024 को बीपीएल क्रमांक 218 जारी किया गया। आश्चर्य जनक रूप से धन्नू पिता कुद्दू के संबंध में राजस्व न्यायालय तहसीलदार द्वारा 24 जनवरी 2024 की ऑर्डर शीट में कहा गया है कि धन्नू पिता कुद्दू निवासी सहजपुर को हलका पटवारी के प्रतिवेदन में कुल 19 अंक प्राप्त हुए थे जो कि गरीबी रेखा में नाम जोड़ने की वृद्धि में नहीं आता है। ऑर्डर शीट में स्पष्ट उल्लेख है कि धन्नू पिता कुद्दू पाल पात्र नहीं है। जबकि इसके बाद 5 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा को तहसीलदार का आदेश प्राप्त हुआ और 12 फरवरी 2024 को अपात्र हितग्राही का नाम सूची में जोड़ दिया गया। धन्नू पाल को जनवरी 2024 में अपात्र घोषित करने के बाद फरवरी किस आदेश के तहत पात्र कर गरीबी रेखा की सूची में जोड़ा गया ये कोई बताने तैयार नहीं है जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा जारी गरीबी रेखा की सूची में ऐसे सैकड़ों अपात्र हितग्राहियों के नाम दर्ज है जिन्होंने या तो आवेदन नहीं किया, दस्तावेज नहीं लगाए और जिन्हें तहसीलदार न्यायलय द्वारा अपात्र घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी इन फर्जी हितग्राहियों के नाम गरीबी रेखा सूची में दर्ज किए गए और उनको गरीबी रेखा कार्ड नम्बर भी जारी किया गया। देखना यह है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किस किस अधिकारी का मुंह काला होता है? इनका कहना हैइस संबंध में जनपद सीईओ मनीष बागरी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए तहसीलदार तेंदूखड़ा को पत्र लिखा गया है, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अभी निरस्त कर दिया गया है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। –मनीष बागरी, सीईओ जनपद पंचायत, तेंदूखेड़ा recent visitors 103

44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट

44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट

Why are the doors of Qutub Minar closed for 44 years: Read the report नई दिल्ली। Qutub Minar of closed door यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल दक्षिण दिल्ली के महरौली क्षेत्र का कुतुब कॉम्प्लेक्स हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। दुनिया की सबसे ऊँची ईंट से बनी मीनार कहे जाने वाली कुतुब मीनार केवल स्थापत्य कला और ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसके भीतर एक ऐसा दर्दनाक अतीत भी छिपा है, जिसने इसकी पहचान को हमेशा के लिए बदल दिया। 1981 में हुए एक हादसे ने इस स्मारक के दरवाजे जनता के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिए। स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व Qutub Minar of closed door कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में रखी थी, जिसे बाद में इल्तुतमिश और फिर फिरोज शाह तुगलक ने पूरा कराया। करीब 73 मीटर ऊँची यह मीनार पाँच मंज़िलों में बनी है। लाल और पीले बलुआ पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह केवल स्थापत्य का अद्भुत नमूना नहीं, बल्कि दिल्ली सल्तनत के गौरव और उस दौर की तकनीकी क्षमता का प्रमाण भी है। कभी खुला था आम जनता के लिए Qutub Minar of closed door आज यह स्मारक केवल बाहर से निहारा जा सकता है, लेकिन एक समय था जब पर्यटकों को इसके भीतर प्रवेश और संकरी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने की अनुमति थी। लोग झरोखों से दिल्ली का मनोरम नज़ारा देखते और इस अद्भुत स्मारक का रोमांचक अनुभव अपने साथ ले जाते। स्कूलों और कॉलेजों के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर यहाँ आना अपनी उपलब्धि मानते थे। 4 दिसंबर 1981: वह काला दिन Qutub Minar of closed door इतिहास के पन्नों में दर्ज यह तारीख कुतुब मीनार के लिए अभिशाप बन गई। उस दिन सुबह से ही मौसम खराब था। आसमान में बादल छाए थे और दोपहर होते-होते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संकरी और अंधेरी सीढ़ियों के भीतर लगभग 300 से अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई और वह घबराकर नीचे की ओर भागी। अंधेरे में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि मीनार गिर रही है। घबराहट और भगदड़ का ऐसा माहौल बना कि चीख-पुकार से सीढ़ियाँ गूँज उठीं। त्रासदी का मंजरकुछ ही मिनटों में भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, बच्चों और महिलाओं की चीखें दूर तक सुनाई दीं। इस अफरातफरी में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे जो पिकनिक के लिए आए थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली के अस्पतालों में उस दिन का नज़ारा किसी युद्ध जैसी त्रासदी से कम नहीं था। स्थायी ताले की शुरुआतहादसे के बाद केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग ने तुरंत बड़ा फैसला लिया। सुरक्षा कारणों से कुतुब मीनार के भीतर पर्यटकों का प्रवेश हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। तभी से, यानी पिछले 44 सालों से, लाखों लोग केवल बाहर से इस ऐतिहासिक धरोहर को निहारने तक ही सीमित हैं। Read more: ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे सवाल और सीखइस घटना ने देशभर में स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गहन बहस छेड़ी। सवाल उठे कि क्या पर्याप्त रोशनी और निगरानी होती तो यह हादसा टल सकता था? क्या भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकते थे? हालांकि समय के साथ तकनीकी सुविधाएँ काफी बेहतर हो चुकी हैं, पर कुतुब मीनार का दरवाजा अब भी बंद है। आज भी वही कसकदिल्ली घूमने आने वाले पर्यटक जब कुतुब मीनार के पास पहुँचते हैं तो उसकी भव्यता उन्हें रोमांचित करती है। लेकिन भीतर प्रवेश न मिलने पर निराशा भी होती है। बहुत से बुजुर्ग लोग आज भी बताते हैं कि उन्होंने बचपन में कुतुब मीनार की सीढ़ियाँ चढ़ी थीं और ऊपर से दिल्ली का नजारा देखा था। नई पीढ़ी उस अनुभव से वंचित है। कुतुब मीनार सिर्फ एक स्थापत्य धरोहर नहीं, बल्कि हमारे अतीत की चेतावनी भी है। यह याद दिलाती है कि सुरक्षा चूक कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। 1981 की भगदड़ ने न केवल मासूम जिंदगियाँ छीनीं, बल्कि एक अनोखी परंपरा को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आज जब हम इसकी सुंदरता को बाहर से निहारते हैं, तो साथ ही यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास केवल गौरवशाली नहीं होता, उसमें वे पीड़ादायक किस्से भी दर्ज रहते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। recent visitors 187

गाज़ीपुर: ओपी राजभर के कार्यकर्ता को एसपी कार्यालय में महिला सिपाही ने पीटा — वायरल हुआ वीडियो।

गाज़ीपुर: ओपी राजभर के कार्यकर्ता को एसपी कार्यालय में महिला सिपाही ने पीटा — वायरल हुआ वीडियो।

Ghazipur: OP Rajbhar’s worker beaten by female constable in SP office – video goes viral. गाज़ीपुर ! सोमवार/बुधवार दोपहर (घटना का दिन-समय रिपोर्ट्स में अलग-अलग है) सुभासपा (ओमप्रकाश राजभर) के कुछ कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में एसपी को ज्ञापन सौंपने पहुँचे। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला सिपाही और कार्यकर्ता के बीच विवाद हुआ, और रिपोर्टों के अनुसार सिपाही ने उस कार्यकर्ता को हाथ लगा देने के आरोप पर कई थप्पड़/धक्का लगाए। यह पूरा वाकया मोबाइल पर रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दर्ज रिपोर्ट और वायरल वीडियो में कथित रूप से सिपाही का एक अभद्र वाक्य भी सुनाई देता है — “सारी नेतागिरी गा… में घुसा दूंगी” जैसा अभद्र कथन वायरल क्लिपों में सामने आया है; यह संवाद सोशल मीडिया पर गुस्सा और चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय समाचार आउटलेट्स और वीडियो क्लिप के हवाले से कहा जा रहा है कि घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं और प्रशासन की कार्रवाई की मांग उठी। कुछ रिपोर्टों में घटना के समय का विवरण और पक्षों के बयान दिए गए हैं; पर प्राथमिक स्रोतों (वीडियो/पुलिस बयान/पार्टी बयान) के अनुसार जांच की संभावना पर भी संकेत मिल रहे हैं। recent visitors 145

ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे

ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे Trump spews venom again, calling several countries, including India and China, drug smugglers and saying they are producing dangerous chemicals. नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 23 देशों को प्रमुख ड्रग तस्करी और अवैध ड्रग प्रोडक्शन करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल किया है। इन देशों में भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, कोलंबिया, बोलिविया और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। ट्रम्प ने अमेरिकी संसद को सौंपी गई ‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन रिपोर्ट’ में कहा कि इन देशों के अवैध ड्रग्स उत्पादन और तस्करी अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ट्रम्प ने कहा कि ड्रग तस्करी, खासकर फेंटेनाइल जैसे घातक ड्रग्स ने अमेरिका में नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। यह पब्लिक हेल्थ संकट का कारण बन रहा है और 18 से 44 साल के अमेरिकियों की मौत की प्रमुख वजह है। चीन को फेंटेनाइल ड्रग्स का सबसे बड़ा अड्डा बताया ट्रम्प ने कहा कि चीन फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स बनाने वाले केमिकल का सबसे बड़ा सोर्स है। इसके साथ ही वो मेथामफेटामाइन जैसे अन्य नशीले पदार्थों को भी बढ़ावा दे रहा है। ट्रम्प ने चीन से इन रसायनों को रोकने और तस्करों पर कार्रवाई करने को कहा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान, बोलिविया, म्यांमार, कोलंबिया, और वेनेजुएला जैसे देश ड्रग्स के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। इन देशों से ड्रग कंट्रोल के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। हालांकि, मंत्रालय ने क्लियर किया कि इस लिस्ट में किसी देश का नाम होने का मतलब यह नहीं कि उसकी सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। ट्रम्प बोले- अफगानिस्तान से ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच रही ट्रम्प ने अफगानिस्तान पर भी गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने अवैध ड्रग्स पर प्रतिबंध का ऐलान किया था, लेकिन ड्रग्स का भंडार और मेथामफेटामाइन का प्रोडक्शन जारी है। यह ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं और इससे होने वाली इनकम से इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग्स की फंडिंग हो रही है। ट्रम्प ने कहा कि तालिबान के कुछ सदस्य इस व्यापार से मुनाफा कमा रहे हैं, जिसकी वजह से अफगानिस्तान को ड्रग कंट्रोल करने में नाकाम माना गया है। recent visitors 199

लोकायुक्त पुलिस ने जनपद पंचायत के सब इंजीनियर को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

लोकायुक्त पुलिस ने जनपद पंचायत के सब इंजीनियर को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

Lokayukta police arrested the sub engineer of Janpad Panchayat red handed while taking a bribe of 20 thousand rupees सागर ! लोकायुक्त पुलिस सागर ने दमोह जनपद पंचायत के उपयंत्री राजेंद्र सिंह ठाकुर को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत बरमासा की सरपंच लीला गौड से निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर रिश्वत मांगी थी. लोकायुक्त एसपी सागर योगेश्वर शर्मा ने बताया कि दमोह जनपद पंचायत के उपयंत्री को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।शर्मा ने बताया कि दमोह के ग्राम पंचायत बरमासा की सरपंच लीला गौड ने कार्यलय में शिकायत की थी। इसमें ग्राम पंचायत बरमासा जनपद पंचायत दमोह में किए गए पुलिया निर्माण एवं शाला बाउंड्री निर्माण कार्य आदि के मूल्यांकन करने एवं भुगतान हेतु बिल तैयार किए जाने के एवज में आरोपी उपयंत्री राजेंद्र सिंह ठाकुरद्वारा आवेदक से ₹20 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत लेते धराया सब इंजीनियर शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर योगेश्वर शर्मा द्वारा निरीक्षक रंजीत सिंह को शिकायत सत्यापन करने के निर्देश दिए । शिकायत का सत्यापन करवाया गया तो आरोपी राजेंद्र सिंह ठाकुर, उप यंत्री, जनपद पंचायत दमोह ₹ 20,000 रुपये रिश्वत लेने को सहमत हो गया । लोकायुक्त की टीम ने आरोपी राजेंद्र ठाकुर को ₹ 20,000 रु. रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा ।अग्रिम कार्यवाही जारी है । ट्रैपकर्ता निरीक्षक रंजीत सिंह ट्रैप दल सदस्य निरीक्षक कमल सिंह उइके एवं लोकायुक्त सागर स्टाफ शामिल रहा। recent visitors 100

कलेक्‍टर ने जिले में खाद वितरण एवं मूंग उपार्जन भुगतान की समीक्षा,अधिकारियों को दिये आवश्‍यक दिशा निर्देश।

कलेक्‍टर ने जिले में खाद वितरण एवं मूंग उपार्जन भुगतान की समीक्षा,अधिकारियों को दिये आवश्‍यक दिशा निर्देश।

Narmadapuram Collector reviewed fertilizer distribution and moong procurement payment in the district, gave necessary guidelines to the officers. नर्मदापुरम ! सोमवार को कलेक्टर सोनिया मीना ने जिले में खाद वितरण एवं किसानों को उपार्जित मूंग के शेष भुगतान की स्थिती के संबंध में समीक्षा की। जिले में किसानों को खाद के सुचारू वितरण के संबंध में सूचना का प्रवाह इस तरह सुनिश्चित करें कि आधार स्तर तक प्रत्येक किसान को वितरण की सटीक सूचना मिले, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रमित करने जेसी स्थिति न बने और किसान बिना किसी परेशानी के खाद का उठाव समिति अथवा गोदाम से कर सके।कलेक्टर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में जिले को खाद की रैक प्राप्‍त होने वाली है। जिससे जिले में डबल लॉक गोदाम एवं समितियां में खाद का भंडारण करवाया जाएगा। इसके लिए मार्कफेड, कृषि विभाग एवं समितियां किसानों को त्वरित गति से वितरण करवाए जाने की समस्त व्यवस्थाएं पूर्व नियोजित कर लें। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग एवं डीआरसीएस को निर्देशित किया की समितियां के माध्यम से किसानों को किए जाने वाले खाद वितरण की जानकारी स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रूप से प्रसारित की जाए।कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए की अधिकारी कालाबाजारी पर गंभीरता से अंकुश लगाए। उन्होंने निर्देश दिए की कालाबाजारी करने वालों के ऊपर ठोस कार्यवाही की जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र अंतर्गत निजी खाद विक्रेताओं के पास खाद की शेष उपलब्धता की निरंतर मॉनिटरिंग करें तथा उपलब्धता के अनुसार वितरण भी सुनिश्चित करवाए।बैठक के दौरान कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए की किसान संगठनों के साथ बैठक आयोजित कर एवं अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को सूचित कर कि खाद के अग्रिम भंडारण के लिए किसी भी प्रकार की हड़बड़ाहट ना करें। एवं निरंतर खाद की आपूर्ति की जा रही है। आगामी दिवसों में भी जल्द ही खाद की रैक निरंतर लगने वाली है जिससे 50 प्रतिशत समितियां एवं 50 प्रतिशत गोदाम के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि किसानों को खाद वितरण के लिए बांटे जाने वाले टोकन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा गड़बड़ी न हो यह सुनिश्चित किया जाए। टोकन प्राप्त करने में यदि बिचौलिए सक्रिय हो तो उन पर भी सख्ती से नियंत्रण किया जाए।मूंग उपार्जन भुगतना की समीक्षामूंग उपार्जन के किसानों को भुगतान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शेष भुगतान के लिए किया जा रही आवश्यक कार्यवाहियों में विलंब के लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए की वेयरहाउस स्तर से स्वीकृति पत्रक एवं डब्ल्यूएचआर जारी किए जाने की शेष कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही ना बरती जाए अन्यथा संबधित अधिकारी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए की मूंग भुगतान से संबंधित समस्त कार्यवाही इसी सप्ताह पूरी कर ली जाए।बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि मूंग भुगतान के अनुमानित 1790 करोड़ में से 1470 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है तथा 100 करोड़ रुपए का भुगतान बैंको को भेजा गया है। शेष भुगतान में से लगभग 200 करोड़ के ईपीओ बनकर तैयार हो चुके हैं एवं बाकी की भुगतान राशि भी स्वीकृति पत्रक तैयार होने के पश्चात किसानों के बैंक खातों में पहुंचाने की कार्यवाही कर दी जाएगी। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर राजीव रंजन पांडे, संयुक्त कलेक्टर विजय राय, जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र यादव, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।वही सभी एसडीएम एवं तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में ऑनलाइन जुड़े रहे। recent visitors 99

नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी एचआर चौहान की फर्जी नियुक्ति

Fake appointment of Narmada Development Authority officer HR Chauhan भोपाल। नर्मदा विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी एचआर चौहान (सदस्य अभियांत्रिकी वित्त) की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। चौहान पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी की है। इस मामले की शिकायत लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, मुख्य सचिव, राज्यपाल एवं एसीएस डब्ल्यूआरडी तक पहुंच चुकी है। इस पर संज्ञान लेते हुए ईओडब्ल्यू ने प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए शासन को जांच करने के लिए निर्देशित किया है। न्यायालय भी इस मामले में सरकार को जांच करने कह चुका है, लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ रही है। भोपाल। समता समाधान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पवार ने यह मामला शासन तक पहुंचाया है। शिकायत में बताया गया कि एचआर चौहान की नियुक्ति फर्जी तरीके से हुई थी। यानि उनकी पदस्थापना न्यायालीन प्रकरणों की अनदेखी की गई है। इसमें ना तो गोपनीय प्रतिवेदन बुलाया गया और ना ही मेरिट प्रक्रिया अपनाई गई। चौहान की नियुक्ति मुख्य अभियंता नहर सनावद, सदस्य, अभियांत्रिकीय और सदस्य वित्त पर बोगस (फर्जी) तरीके से की गई है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दिए ठेकेचौहान द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़ी-बड़ी निविदाएं निकाली गई, जिनकी दर प्रचलन दर से अधिक थी। जिस कारण शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ। साथ ही इन्होंने निविदा की आड़ में करोड़ों का भ्रष्टाचार भी किया है। एक ही ग्रुप के 5-7 ठेकेदारों को उपकृत किया गया। विशेष रूप से ब्लैक लिस्टेड कंपनी मेंटोना को निविदा दी गईं। बिना किसी निविदा के कार्यों का एरिया भी बढ़ाया गया। जिसमें करोड़ की हेरा-फेरी की गई है। नर्मदा घाटी विकास इंदौर में भी हुआ भ्रष्टाचारमुख्य अभियंता नर्मदा घाटी विकास इंदौर के प्रभारी श्याम सुंदर राउत द्वारा भी भारी भ्रष्टाचार किया गया है। कार्यपालन यंत्री के रूप में न्यायालय द्वारा जांच स्थापित करने के बावजूद भी न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाया गया। यह जिम्मेदारी सदस्य, अभियांत्रिकी एचआर चौहान की है। इसलिए श्याम सुंदर राउत और एचआर चौहान न्यायालय के आदेश की अव्हेलना करने के आरोपी हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रही हैं। भ्रष्टाचार को भीतर से संरक्षण मिल रहा है। पवार की मांग है कि शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले दोषियों पर प्रकरण दर्ज किया जाए। recent visitors 85