मंदसौर में भाजपा नेता के खिलाफ महिला से छेड़छाड़ का मामला, एफआईआर दर्ज

FIR lodged against BJP leader in Mandsaur for molesting woman मंदसौर। मंदसौर में भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष भगवती लाल सुरावत के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है। जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने उन पर बाथरूम में घुसकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।महिला की शिकायत पर एसपी विनोद मीना के निर्देश के बाद सोमवार को सीतामऊ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं आरोपी नेता ने इसे जमीन विवाद से जुड़ा षड्यंत्र बताया है। पीड़िता ने मंदसौर एसपी विनोद मीना से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी।मामला दर्ज होने के बाद आरोपी नेता भगवती लाल सुरावत ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसे भटकाने के लिए महिला ने झूठे आरोप लगाए हैं। बता दें कि सुरावत, जनपद सदस्य प्रतिनिधि भी हैं। recent visitors 94

चंबल नहर टूटी, धान की फसलें संकट में, किसानों ने कलेक्ट्रेट घेरी

Chambal Canal breaks, paddy crops in danger, farmers surround the Collectorate श्योपुर। श्योपुर में चंबल नहर टूट गई है। इसके कारण किसानों की धान की फसलें सूखने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 5 अक्टूबर तक नहर की मरम्मत कर पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। किसान कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया। जिला अध्यक्ष जसवंत सिंह मीणा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। श्योपुर विधायक बाबू जंडेल और विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा भी किसानों के समर्थन में मौजूद रहे। किसानों ने चंबल नहर में पानी छोड़े जाने और विजयपुर में खाद वितरण की गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया। किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मीणा ने कहा कि श्योपुर जिला कृषि आधारित है और चंबल नहर यहां की जीवन रेखा है। प्रदर्शन के दौरान विजयपुर क्षेत्र में डीएपी खाद की मांग कर रहे किसानों पर अधिकारियों द्वारा की गई कथित असंवैधानिक कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद की मांग करने पर उन्हें परेशान किया गया और कुछ किसानों को जेल भी भेजा गया, जो अन्यायपूर्ण है। किसान कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। recent visitors 86

एमपी गज़ब: जिला अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन की दलाल लगाते हैं बोली, डॉक्टर्स की मिलीभगत

एमपी गज़ब: जिला अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन की दलाल लगाते हैं बोली, डॉक्टर्स की मिलीभगत

MP Amazing: Brokers bid for hernia operations at the district hospital, doctors are complicit. सिंगरौली। जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में चिकित्सकों के दलाल सक्रिय हैं। जहां मरीजों से इलाज के लिए मोलभाव करते दिखाई देते हैं। यहां एक हार्निया का मरीज आया और Singrauli District Hospital operations में कराने की बात कही तो, चिकित्सकों ने कहा कि जिला अस्पताल में कुछ नहीं हो पाएगा, प्राईवेट नर्सिंग होम में चलो तो वहां मैं ऑपरेशन कर दूंगा। Singrauli District Hospital operations सरकार दावा करती है कि अब गरीब मरीजों को सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। मरीजों का बेहतर इलाज हो सके, इसके लिए सरकार लाखों-करोड़ों रूपये की अत्याधुनिक मशीन व उपकरण एवं ऑपरेशन थियेटर जिला चिकित्सालय में मुहैया कराये गये हैं। यही दावा जिला स्वास्थ्य अधिकारी सिंगरौली भी कर रहे हैं कि जिला अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस है, लेकिन इस अस्पताल में सरकार और सीएमएचओ का दावा सिर्फ कागजों पर दौड़ रहा है। हकीकत यह है कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भले ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हों, लेकिन यहां के चिकित्सक ट्रामा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर में जाना पसंद ही नहीं करते हैं। क्योंकि इस थियेटर में उन्हें फायदा नहीं मिलता है। यही वजह है कि जिले के असहाय गरीब मरीजों को सरकार की नि:शुल्क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और मजबूर होकर कर्ज लेकर प्राईवेट नर्सिंग होमों में इलाज कराने मजबूर हैं।Singrauli District Hospital operations कचनी निवासी एक वृद्ध हार्निया बिमारी का इलाज कराने जिला चिकित्सालय पहुंचा तो वहां पर्ची कटाकर एक चिकित्सक के यहां पहुंचा और अपनी समस्या बताई, तो चिकित्सक ने सलाह दी कि तुम्हे ज्यादा परेशानी है, इसलिए तुम तत्काल हार्निया का ऑपरेशन कराओ और जिला अस्पताल में ऑपरेशन संभव नहीं है। प्राईवेट क्लीनिक में चलो तो तुम्हारा 30 हजार में ऑपरेशन कर देंगे। फिर मरीज डॉक्टर के चेम्बर से निकला और दूसरे चिकित्सक के यहां पहुंचा, तो वहां 35 हजार फीस बताई गई। वहां से भी निराशा हाथ लगी। बाहर टकटकी लगाये बैठा एक निजी क्लीनिक का दलाल बोला 18 हजार रूपये में हार्निया का ऑपरेशन करा दूंगा। 30 हजार से शुरू और 18 हजार में तय हुआ सौदा Singrauli District Hospital operations डिंडोरा पीटा जाता है कि जिला अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों का इलाज के साथ ऑपरेशन भी नि:शुल्क में किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर डॉक्टरों सहित दलालों की गिद्ध की तरह नजर रहती है। वह मरीज को यह बताने में जुट जाते हैं कि सरकारी अस्पताल से बेहतर निजी चिकित्सालय हैं। मोटीवेट के बाद एक चिकित्सक ने हार्निया के ऑपरेशन के लिए 30 हजार का खर्च बताया, तो वहीं एक दूसरे चिकित्सक ने 35 हजार, जबकि तीसरे डॉक्टर ने सहानुभूति जताते हुये 18 हजार रूपये में ही हार्निया के ऑपरेशन करने का सौदा तय कर लिया। Read more: छत पर सब्ज़ियां उगाने के लिए सरकार देगी 70% सब्सिडी, 1 से 31 अक्टूबर तक करें आवेदन व्यवस्थाओं से बेखबर हैं सीएमएचओ Singrauli District Hospital operations सह ट्रामा सेंटर बैढ़न की वस्तुस्थिति और हालात को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर बेखबर हैं। जबकि डेढ़ माह पूर्व वे इसी चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जैसे ही सीएमएचओ बने तो जिला चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्था को भूल गये या फिर यह कहें कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की बदहाल व्यवस्था को सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सूत्र दावा करते हैं कि सीएमएचओ के पास प्रशासनिक कामकाज करने का अनुभव नहीं है या फिर रूचि नहीं ले रहे हैं, इसे तो वही बता पाएंगे। सिंगरौली सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर का कहना है कि मुझे अभी जानकारी नही है, हार्निया बिमारी के ऑपरेशन को लेकर संबंधित चिकित्सको से बात करूंगा, इसके बाद बता पाऊंगा। recent visitors 95

छत पर सब्ज़ियां उगाने के लिए सरकार देगी 70% सब्सिडी, 1 से 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

The government will provide 70% subsidy for growing vegetables on the rooftop; apply from October 1 to 31. जयपुर। अब घरों की छत पर सब्ज़ियां उगाना और भी आसान होगा, क्योंकि सरकार इस पहल के लिए आर्थिक सहयोग देने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय उद्यानिकी नवाचार एवं प्रशिक्षण संस्थान (ISITC), दुर्गापुरा, जयपुर ने सोमवार को इस अनोखी परियोजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत रूफ टॉप यूनिट लगाने की कुल लागत 53,619 रुपए तय की गई है। इसमें से 70% यानी 37,534 रुपए सरकार सब्सिडी के रूप में देगी, जबकि शेष 30% यानी 16,085 रुपए का खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। कौन कर सकता है आवेदन? आवेदन प्रक्रिया अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक ऑफिस टाइम में 9636839317 पर संपर्क कर सकते हैं। यह योजना शहरी क्षेत्रों में हरित पहल को बढ़ावा देने, प्रदूषण घटाने और लोगों को घर पर ही ताज़ी व सुरक्षित सब्ज़ियां उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। recent visitors 261

अल्पसंख्यक विभाग की जिला कांग्रेस बैठक में संगठन मज़बूत करने पर मंथन

State President of Congress Minority held a meeting for the workers सिवनी मालवा ! जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष अमजद पठान द्वारा भिलट देव रिसोर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया! कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट शेख अलीम उपस्थित हुए वही जिले के कांग्रेस के सभी वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी की उपस्थिति में जिले में लीगल सेल को किस तरह से और कांग्रेस को किस तरह से मजबूत किया जाए इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संगठन में चर्चा की गई इस दौरान इटारसी से वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश साहू हजारीलाल गुर्जर विकास पाठक लीगल सेल अल्पसंख्यक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मीर जाहिर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजकुमार केलु उपाध्याय राष्ट्रीय प्रवक्ता युवक कांग्रेस के गुफरान अंसारी एडवोकेट पंकज राठौर शैलेंद्र सिन्हा एडवोकेट चंदन भैया किसान कांग्रेस के अध्यक्ष बाबू चौधरी अजय पटेल हाज़ी शरीफ खान सुभाष दुबे स्वदेश शर्मा हैरिसन नगर अध्यक्ष सिवनी मालवा, समीर शर्मा शमीम खान जुनैद तौसीफ खान राजा अल्पसंख्यक इटारसी विधानसभा के अध्यक्ष शेख जावेद मुकेश पटेल एडवोकेट अरशद खान जकि खान प्रदेश कांग्रेस सचिव अल्पसंख्यक विभाग के परमजीत सलूजा लाली चाचा शाहिद शाहिद अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे recent visitors 72

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी: उप मुख्यमंत्री

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी: उप मुख्यमंत्री

Divisional meeting will accelerate implementation of major projects: Deputy Chief Minister रीवा ! कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं. इस बैठक से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है. ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है. अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं. संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें. ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है. ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं. सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें. विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें. वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें. नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं. मुख्यमंत्री जी की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें.बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, पीएचई, वन विभाग तथा सडक़ों में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं. सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर तत्परता से कार्यवाही करें. विभागीय समन्वय से संभाग के विकास कार्यों को गति दी जाएगी. संभागीय समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित होंगी. नए जिलों में संसाधनों की कमी को दूर करने तथा पुलिस और राजस्व विभाग में पदों की पूर्ति के भी प्रयास किए जाएंगे. बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई उपयोगी सुझाव दिए. राज्यमंत्री ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहबगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया. सांसद रीवा जनार्दन मिश्रबिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सडक़ सुधार का सुझाव दिया. सांसद सतना गणेश सिंहसतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया. सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझा दिए. सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रारेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सडक़ निर्माण का सुझाव दिया. बैठक में विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया. विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया. विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सडक़ में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया. विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सडक़ों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए. बैठक में विधायक सीधी श्रीमती रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए. बैठक में विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली श्री रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढऩ तक फोरलेन सडक़ निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए. विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया. विधायक मऊगंज श्री प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया. बैठक में विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए. विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सडक़ का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया.बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी. बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए. बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, सतना रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. recent visitors 98

प्रदेश सरकार में मंत्री लखन पटेल के गृह जिले में जातिगत भेदभाव चरम पर, परेशान रहवासी घर छोड़ने को मजबूर

प्रदेश सरकार में मंत्री लखन पटेल के गृह जिले में जातिगत भेदभाव चरम पर, परेशान रहवासी घर छोड़ने को मजबूर

Caste discrimination is rampant in the home district of state minister Lakhan Patel, forcing distressed residents to leave their homes. दमोह/भोपाल। state minister Lakhan Patel गांव में केवल तालाब का घाट नहीं बंटा है, बल्कि निचले तबके के लोग कहीं बराबरी से बैठ भी नहीं सकते। ये सब देख और सुनकर बुरा लगता है, इसलिए हम जैसे कई युवाओं ने गांव ही छोड़ दिया। ये दर्द है दमोह जिले के हिनौती गांव के अजय बंसल का, जो उस दलित समाज से आता है, जो अपने गांव में आज भी भेदभाव का सामना कर रहा है। इस वजह से अजय वर्ष में केवल 10-15 दिन के लिए माता-पिता से मिलने गांव जाता है। दलित समाज के और भी युवा हैं, जिन्होंने इसी वजह से गांव छोड़ दिया है। दरअसल, बुंदेलखंड में आज भी जातिगत भेदभाव की जड़ें काफी गहरी हैं। इस व्यवस्था को बदलने के लिए कई बार पहल हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब नई पीढ़ी ने व्यवस्था बदलने की बजाय पलायन का रास्ता अपनाया है। ऐसा भी नहीं है कि गांव में हो रहे इस भेदभाव की जानकारी प्रशासन को नहीं है। प्रशासन आँख बंद कर बैठा है। क्योंकि जिम्मेदार और निर्णायक पदों पर आसीन अधिकारी उसी सोच से निकले हैं। यही वजह है कि यह ऊँच-नीच की व्यवस्था फल- फूल रही है। गांव की भौगोलिक बनावट में दिखता है बंटवारा state minister Lakhan Patel लगभग 1800 की आबादी वाला हिनौती, ग्राम पंचायत हथनी पिपरिया का हिस्सा है। इस गांव में लोधी, पटेल, रेकवार, अहिरवार, बंसल और आदिवासी समाज के लोग हैं। इनमें लोधी समाज बाहुबली है, जो अपने आपको अघोषित रूप से ठाकुर बताते हैं। पहली नजर में यह किसी भी आम गांव की तरह दिखता है। गांव की गलियों में जैसे प्रवेश करेंगे तो सामाजिक विभाजन की रेखाएं स्पष्ट दिख जाती हैं। गांव का अगला हिस्सा तथाकथित सवर्ण जातियों का है, तो पिछला हिस्सा दलित और आदिवासी समुदायों की बसाहट का है। तालाब एक और घाट अलग-अलग state minister Lakhan Patel गांव के बीचों-बीच स्थित पुराना तालाब इस भेदभाव का सबसे बड़ा और क्रूर स्थान है। तालाब एक है, लेकिन उसके घाट जातियों के नाम पर बंटे हुए हैं। कोई किसी के घाट पर स्नान नहीं कर सकता है। हमारे प्रतिनिधि ने जैसे ही हाथ धोने के लिए एक घाट की सीढ़ियों पर कदम रखा, पास ही चबूतरे पर बैठे गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा- आप इस घाट पर मत जाओ। ये घाट छोटी जात वालों का है।ठाकुर ने कहा कि यह हमारे गांव का बहुत पुराना तालाब है। हम लोग बचपन से देख रहे हैं कि तालाब के घाट अलग-अलग जातियों के हिसाब से बंटे हुए हैं। इस गांव में करीब 5-6 जातियों के लोग रहते हैं। नियम तोड़ने की हिम्मत कोई नहीं करता इस ‘परंपरा’ की पुष्टि तालाब के दूसरी ओर रहने वाले 60 वर्षीय होशियार रैकवार भी करते हैं। वे कहते हैं, ‘यहा ऐसा ही है। ऊंची जाति वालों के घाट अलग, छोटी जाति वालों के अलग हैं। यह आज से नहीं, बरसों से है। जब से गांव बसा है, तब से यही व्यवस्था चल रही है। बाप-दादा को जैसा करते देखा, हम भी वैसा ही कर रहे हैं। भीषण गर्मी काल में ज़ब पानी का संकट हो जाता है, उस दौर में भी उनके घाट से पानी नहीं भर सकते हैं।वे बताते हैं, ‘पहले जब गर्मियों में पानी कम हो जाता था और हमारे घाट का पानी सबसे पहले सूखता था, तब भी हमें ऊंची जाति वालों के घाट पर जाने की मनाही थी।’ शादी-ब्याह में भी दूरी का हिसाब state minister Lakhan Patel भेदभाव का यह सिलसिला सिर्फ तालाब के पानी तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक समारोहों और खान-पान में भी उतनी ही शिद्दत से मौजूद है। गांव के भैया राम बताते हैं, ‘पहले हम लोगों को शादी-ब्याह में बुलाते थे, लेकिन बैठने की व्यवस्था अलग होती थी। बड़े लोग ऊपर बैठते थे और हम लोग दूर नीचे जमीन पर बैठकर खाना, खाना पड़ता है। अब तो हमारी बिरादरी के लोगों ने इन सवर्णों के यहां जाना ही बंद कर दिया है। अब खान-पान सिर्फ अपने समाज में ही होता है।’ इस बात को मुकेश लोधी भी स्वीकार करते हैं। वे कहते हैं, ‘हम लोग तो सभी को अपने घर के कार्यक्रमों में बुलाते हैं, बस बैठने की व्यवस्था अलग-अलग रहती है। ठाकुरों के लिए कुर्सी होती है। जो छोटी जाति के लोग हैं, उन्हें नीचे और अलग स्थान पर बिठाते हैं। यह चलता है।’ नई पीढ़ी बोली- देश आजाद हुआ, हम नहीं जहां पुरानी पीढ़ी इसे ‘परंपरा’ या ‘नियति’ मानकर जी रही है, वहीं नई पीढ़ी इस अपमान के खिलाफ आवाज उठा रही है। गांव के युवा दिनेश जाटव भीम आर्मी से जुड़े हैं। वे कहते हैं, ‘देश आजाद हो गया। बाबा साहब का संविधान लागू है, लेकिन हम आज भी आजाद नहीं हैं। दमोह के कई गांवों में आज भी भयंकर छुआछूत का जहर फैला है। कई जगहों पर तो दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया जाता था। हमने शांति से नहीं, तो क्रांति से ही सही, पर घोड़ी पर बारातें निकालीं।’ दिनेश बताते हैं कि भेदभाव का दंश रोजमर्रा की जिंदगी में हर दिन शामिल है। दुकान पर जाओ तो चप्पल उतारकर सामान लेने के लिए कहते हैं। दुकानदार पैसे भी हाथ से नहीं लेता, नीचे रखवाता है और सामान फेंक कर देता है। यहां इतनी छुआछूत है। प्रशासन भेदभाव से अनजानवैसे प्रशासन के रुख से इन वर्गों के लोग हमेशा ठगा हुआ महसूस करते हैं। वे शिकायत के बाद सिर्फ इन्ही वर्गों को समझाने में अपनी वाहवाही समझते हैं। इस पूरे मामले पर दमोह की एडीएम मीना मेश्राम का कहना है कि, ‘जातिगत भेदभाव के संबंध में अभी तक इस गांव से हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आएगी तो संज्ञान में लेंगे। recent visitors 376