Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: Major changes in employee management, 7 categories abolished, now only three, irrigation package worth Rs 1782 crore मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए सात प्रकार की नियुक्ति श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में केवल तीन ही कैटेगरी रहेंगी। नियमित, संविदा और आउटसोर्स। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का अलग वर्ग अब नहीं रहेगा, क्योंकि दोनों की सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान हैं। कैबिनेट निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। इनके सेवानिवृत्त होते ही पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। यदि किसी विभाग को आवश्यकता होगी, तो नियमित पद सृजित कर नई भर्ती की जाएगी। कार्यभारित कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधानसरकार ने यह भी निर्णय लिया कि सेवाकाल में कार्यभारित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। अब तक इस संवर्ग में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। न्यायालयीन मामलों में मिलेगी राहतनई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न्यायालयीन भ्रम कम होगा और सरकार को बार-बार सुनवाई से राहत मिलेगी। साथ ही अस्थायी पदों के लिए हर साल कैबिनेट से अनुमति लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नियमित और संविदा पर रहेगा जोरसरकार ने दो टूक कहा है कि भविष्य में नियुक्तियों का फोकस नियमित और संविदा कर्मचारियों पर रहेगा। आउटसोर्स कर्मी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, क्योंकि उनकी सेवाएं एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन T20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की तीन मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृतभोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी है। यह राशि मेट्रो संचालन से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए होगी। तीन आदिवासी जिलों को 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेजनर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को स्वीकृति दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की 5512 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी होंगी। इन परियोजनाओं से 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। कैबिनेट में अन्य महत्वपूर्ण फैसले recent visitors 84

“समृद्ध वन खुशहाल जन थीम पर होगा मेला : वन राज्य मंत्री अहिरवार 

The fair will be held on the theme of “Prosperous Forest, Happy People”: Forest Minister of State Ahirwar  भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। मेले में लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने एवं इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये व्यापक मंच उपलब्ध होता है। यह बात वन राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने एक निजी होटल में पत्रकारों से कही। उन्होंने 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला को लेकर बताया कि वन मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध वन खुशहाल वन’ की थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक भोपाल के लाल परेड मैदान में लगेगा। मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। मेले में प्रदेश के जिला यूनियन, वन, वन धन केन्द्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता एवं विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। उन्होंने बताया कि मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी के स्टॉल, 136 प्रायवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल, जिनमें अलीराजपुर का दालपुनिया, बाँधवगढ़ की गोंडी व्यंजन का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और एक किड्स जोन भी होगा। वन मंत्री अहिरवार ने कहा कि 200 आयुर्वेदिक पद्धति के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मेले में नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला, फैंसी ड्रेस और गायन के कार्यक्रम होंगे। मेला के पहले दिन 17 दिसम्बर को शाम परम्परागत नृत्य डिण्डोरी की प्रस्तुति, 18 दिसम्बर की शाम ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप की प्रस्तुति, 19 दिसम्बर की शाम विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर की शाम ख्याति प्राप्त सिंगर नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की म्यूजिकल प्रस्तुति, 22 दिसम्बर की शाम मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर की शाम परम्परागत नृत्य, झाबुआ की प्रस्तुति होगी। वन मंत्री अहिरवार ने बताया कि वन मेले में 19 एवं 20 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें देश के 17, नेपाल के 2 एवं भूटान के एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला आईआईएफएम के समन्वय से आयोजित होगी। इस अवसर पर मंत्री अहिरवार के साथ अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्हीएन अम्बाडे और प्रबंध संचालक राज्य वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहे। recent visitors 87

एनएसयूआई की मेहनत लाई रंग, सीएमएचओ भोपाल ने दोषी अधिकारी डॉ रितेश रावत और डॉ अभिषेक सेन पर कसा शिकंजा

NSUI’s efforts paid off, with CMHO Bhopal cracking down on erring officials Dr. Ritesh Rawat and Dr. Abhishek Sen. भोपाल। भोपाल के एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अरनव अस्पताल की कूटरचित एवं फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाए जाने के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल ने निरीक्षण में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा द्वारा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत एवं यू.पी.एच.सी. सांई बाबा नगर में पदस्थ डॉ. अभिषेक सेन को नोटिस जारी कर निरीक्षण रिपोर्ट में की गई। गंभीर त्रुटियों एवं तथ्यों को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन न किए जाने तथा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप शामिल हैं। इस मामले को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया गया था। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। एनएसयूआई का आरोप है कि अरनव अस्पताल की निरीक्षण रिपोर्ट जानबूझकर कूटरचित तैयार की गई, जिससे शासन एवं प्रशासन को गुमराह किया गया। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। साथ ही पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलेगा। जिसका सीधा असर मरीजों और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, संगठन इस मामले को लगातार उठाता रहेगा। अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों और अस्पतालों की फर्जी फैकल्टीयों और उनको संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो एनएसयूआई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कार्यवाही की मांग करेगी। recent visitors 92

‘सम्मान कार्यक्रम में लाडली बहनें न आए तो करें जांच’, मंत्री विजय शाह का बयान बना चर्चा का विषय

‘सम्मान कार्यक्रम में लाडली बहनें न आए तो करें जांच’, मंत्री विजय शाह का बयान बना चर्चा का विषय

“If Ladli sisters don’t attend the felicitation ceremony, investigate,” Minister Vijay Shah’s statement becomes a topic of discussion रतलाम ! जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग एवं भोपाल गैस राहत पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का रतलाम दौरा कई वजहों से सुर्खियों में रहा. कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान जहां लाडली बहना योजना को लेकर उनका बयान चर्चा में आया, वहीं अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का गुस्सा भी खुलकर सामने दिखा. लाडली बहनों को लेकर मंत्री का बयानइस बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाडली बहना योजना का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर सम्मान कार्यक्रम में रतलाम जिले की बहनों की अच्छी मौजूदगी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में करीब ढाई लाख लाडली बहनें हैं, उनमें से कम से कम 50 हजार बहनें कार्यक्रम में आएं, यह सुनिश्चित किया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार हर बहन को हर महीने 1500 रुपये दे रही है, यानी करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में जा रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में बहनों का आना सम्मान की बात होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो बहनें आएंगी, उन्हें 250 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की जाए. साथ ही जो बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनकी जांच कराई जाए. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका आधार लिंक न हो या किसी तकनीकी कारण से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रही हों. अक्षय ऊर्जा विभाग की चूक पर हंगामाबैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए विभाग प्रमुख की जगह एक मैकेनिक को भेज दिया गया. जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जब नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कामकाज की जानकारी मांगी और सामने आए व्यक्ति से उसका पद पूछा गया, तो उसने खुद को मैकेनिक बताया. यह सुनते ही विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया. इस मामले पर मंत्री विजय शाह ने भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब मंत्री और विधायक बैठक में मौजूद हों, तब विभाग प्रमुखों का न आना गंभीर अनुशासनहीनता है. मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी. सीएम और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखने के निर्देशमंत्री विजय शाह ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक से दूर रखना गलत संदेश देता है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. मैकेनिक को बाहर भेजा, फिर मिलाया हाथघटना के दौरान जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने की कोशिश करने लगा, तो मंत्री ने उसे सख्त लहजे में बैठक से बाहर जाने को कहा. बाद में मंत्री ने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया और धन्यवाद देते हुए बाहर भेज दिया. यह पूरा घटनाक्रम बैठक में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. recent visitors 101

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। recent visitors 80

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 98

गीता प्रेस धार्मिक पुस्तकों के जरिये समाज में फैला रहा वर्ण, जाति, लिंग आधारित व्याप्त कटुता एवं वैमनष्यता

Geeta Press: Bitterness and animosity based on caste, gender is spreading in the society through religious books. भोपाल। हिन्दू धर्म में समाज के सभी वर्गों के उत्थान की बात कही गई है, लेकिन कुछ चाणक्य बुद्धि वालों ने हिन्दू धर्म की आड़ में समाज में द्वेष भावना फैला रहे हैं। यही वजह है कि आज हिन्दू समाज में जमकर बिखराव है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। मीडिया में खबरें भी आये दिन सुर्खियां बनते हुए हम पढ़ और सुन रहे हैं। पुस्तकों के जरिये भी यह काम कुछ प्रकाशन बेधड़क और बेरोकटोक कर रहे हैं। इसमें गीता प्रेस की भूमिका सामने आ रही है। गीता प्रेस ने हिन्दू धर्म की कुछ धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन किया है। जिसके कुछ अंश भागो में वर्ण, जाति, लिंग आधारित व्याप्त कटुता एवं वैमनष्यता वाली बातें उल्लेखित हैं। जिससे समाज में भेदभाव की लकीर और लंबी हो रही है। यह बात मप्र कैडर के रिटायर्ड आईएएस राजा भैया प्रजापति ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ संचालक मोहन भागवत-डा. हेडगेवार भवन, संघ बिल्डिंग, रोड, महल-नागपुर, महाराष्ट्र को भेजे पत्र में कही। उन्होंने यही पत्र गीता प्रेस-प्रबंध संचालक, गीता प्रेस, पी.ओ. गोरखपुर (उ.प्र.) को भी भेजा है। उन्होंने उक्त अंशों को हटाने तथा समाज में सामाजिक समरसता की भावना स्थापित करने की भी बात लिखी है। उन्होंने अपनी चिंता 5 बिंदुओं में व्यक्त की है। सामाजिक असमानता की खाई को पटना जरुरी 1. इस बात को सारा देश जानता है कि भारतवर्ष में हिन्दु समाज में वर्ण व्यवस्था तथा जाति व्यवस्था में व्याप्त असमानताओं के कारण एकता न होने से देश लंबे समय तक गुलाम रहा। सामाजिक असमानता तथा विषमताओं के कारण ही वर्तमान में सोशल मीडिया, समाचार पत्रों तथा समाचार चैनल्स में जातीय विद्वेष के बड़े-बड़े उदाहरण देखने को मिलते है। इस वर्ण व्यवस्था में महिलाओं को सम्मिलित मानते हुए करीब 95% प्रतिशत आबादी हिन्दु वर्णव्यवस्था में जातीय / वर्णनीय असमानता का शिकार है। शिक्षा के प्रचार – प्रसार से काफी हद तक सुधार भी परिलक्षित हुआ है, लेकिन अभी बहुत बड़े सुधार की आवश्यकता है। 2. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपना शताब्दी वर्ष मनाते हुए विज्ञान भवन, नई दिल्ली तथा नागपुर में कार्यक्रम करते हुए समाज में सामाजिक एकता के रूप में किये गये कार्यों का बखान किया है। फिर भी सामाजिक असमानता एवं विषमता अभी बरकरार है। अब समय आ गया है कि समय रहते सभी प्रकार की विषमताओं को खत्म करने के लिये भारत के सभी लोगों में समरसता तथा समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़िया सामाजिक समरसता के साथ जी सकें। 3. देश में दो प्रकार का आरक्षण वर्तमान में लागू है। एक तो धर्म आधारित (जाति/वर्ण) व्यवस्था के तहत लगभग 5 हजार वर्ष से लागू आरक्षण जो कि एक सामाजिक प्रभुत्व के रूप में है। दूसरा विधि/कानून द्वारा स्थापित 75 वर्ष वाला एवं 35 साल वाला राजनैतिक / सरकारी नौकरियों मे आरक्षण। भविष्य मे धीरे-धीरे यह सब समाप्त हों उसके लिये यह जरूरी है कि पहले सामाजिक प्रभुत्त्व के रूप में बरकरार आरक्षण को समाप्त करते हुए कानून द्वारा स्थापित आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त किया जाए, लेकिन सबको समानता बरकरार करने के उपरान्त । 4. देश का सफल संचालन विधि द्वारा स्थापित कानूनों भर से नहीं होता है, बल्कि देश में व्याप्त परम्पराओ, रूढ़ियों एवं धर्म आधारित स्थापित मापदण्डो से भी होता है। वहीं धर्म आधारित जाति एवं वर्ण व्यवस्था एवं महिला असमानता के कारण व्यापक सुधार की जरूरत है। जिन धार्मिक पुस्तकों में वर्ण, जाति एवं लिंग के संबंध मे कटुता / वैमनष्यता के अंश निहित है उन अंशो को हटाने की नितान्त आवश्यकता है। 5. आशा है कि आप सामाजिक एकता स्थापित करने की कड़ी में समस्त वर्गों के सन्त, महात्माओं तथा समाज सुधारकों से समन्वय कराकर सामाजिक समरसता कायम कराएंगे। साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ संचालक के पद पर सभी वर्गो को क्रमशः प्रतिनिधित्व (नेतृत्व) दिलवायेंगे। recent visitors 125