No relief to blackbuck and chinkara poachers and smugglers, Supreme Court rejects bail plea
विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव
जबलपुर। प्रदेश में काले हिरण व चिंकारा के अवैध शिकार और उनके मांस की तस्करी के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ ने खारिज कर दिया है। अब तक इस संगठित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना जारी है।
एसटीएसएफ इंदौर इकाई, स्थानीय पुलिस और वनमंडल इंदौर की संयुक्त टीम ने किशनगंज में की गई कार्रवाई के दौरान लगभग 65 किलोग्राम वन्यजीव मांस, एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी तस्कर और वन्य जीवों का अवैध शिकार करने के आरोपी सबाह ने इंदौर स्थित उच्च न्यायालय की खंडपीठ में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान एसटीएसएफ की दलीलों से सहमत होते हुए सर्वोच्च न्यायालय की युगल पीठ ने आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी सबाह 27 अक्टूबर 2025 से केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस मामले में वनमंडल इंदौर द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण 3 दिसंबर 2024 को दर्ज किया था। प्रकरण में एसटीएसएफ की इंदौर इकाई ने विवेचना करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए और इस अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह के विरुद्ध अलग प्रकरण दर्ज किया।