यात्री बसों पर RTO की बड़ी कार्रवाई, 28 बसों की जांच में 14 पर चालान

RTO takes major action against passenger buses, issues challans to 14 out of 28 buses inspected विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर । यात्री बसों में सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जबलपुर परिवहन विभाग ने शनिवार को सघन बस चेकिंग अभियान चलाया। पाटन रोड स्थित RTO कार्यालय के पास हुई कार्रवाई में विभागीय टीम ने कुल 28 यात्री बसों की जांच की, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 14 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के आदेश के पालन में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर द्वारा की गई। 14 बसों पर कार्रवाई, ₹52 हजार राजस्व प्राप्त अभियान के दौरान जांच में कई बसों में यात्री सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आया। विभाग ने 14 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए ₹52,000 का राजस्व प्राप्त किया। जांच के दौरान एक बस में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों का परिवहन पाया गया। वहीं 6 यात्री बसों के आपातकालीन निकास (Emergency Exit) गेट बाधित मिले। इसके अलावा कुछ वाहनों में HSRP नंबर प्लेट नहीं होना, सर्च लाइट और प्रेशर हॉर्न जैसे नियम विरुद्ध उपकरण पाए गए। मौके पर हटवाए गए नियम विरुद्ध उपकरण परिवहन विभाग की टीम ने कार्रवाई को केवल चालान तक सीमित नहीं रखा। जांच के दौरान बसों में लगे सर्च लाइट, प्रेशर हॉर्न तथा इमरजेंसी एग्जिट गेट के सामने लगी सीट को मौके पर ही हटवाया गया, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकलने में किसी तरह की बाधा न हो। परिवहन विभाग की टीम रही मौजूद अभियान में RTO श्रीमती रिंकू शर्मा, RTI श्री विक्रम सिंह ठाकुर सहित परिवहन विभाग की टीम ने यात्री बसों की जांच की। अधिकारियों ने बस संचालकों को सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने तथा निर्धारित परिवहन एवं यात्री सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क परिवहन नियमों के पालन और यात्री बसों की स्थिति की निगरानी के लिए इस प्रकार की सघन चेकिंग आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 44

पोला उत्सव देखने माता मंदिर में उमड़ा अपार जनसैलाब।

A massive crowd thronged the Mata temple to witness the Pola festival. हरिप्रसाद गोहेआमला। सोमवारी चौक स्थित प्रसिद्ध माता मंदिर आमला में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पारंपरिक उत्सव पोला पर्व धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में किसान अपने बैलों को सजा-संवार कर यहाँ लेकर पहुँचे थे। गौरतलब है कि इस मौके पर माता मंदिर समिति आमला, नगर पालिका परिषद आमला एवं भारतीय किसान संघ आमला के संयुक्त तत्वावधान में तोरण प्रतियोगिता एवं उपहार वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ग्राम पटेल वामन राव अम्बलेकर ने अपने परिजनों के साथ गौ-पूजा कर किया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, नगर पालिका अध्यक्ष आमला नितिन गाडरे, पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने भी गौ-पूजन कर किसान भाइयों को पोला पर्व की बधाई दी। इस अवसर पर तोरण तोड़ने वाले किसान को पार्षद खुशबू विजय अतुलकर के सौजन्य से 2100 रुपये नगद राशि का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह सोलंकी, पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने ग्राम पटेल वामन राव अम्बलेकर का शाल-श्रीफल भेंट कर स्वागत किया एवं उनके परिवार द्वारा जनहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। वहीं समिति द्वारा कृषकों की बैल जोड़ी का चयन उपरांत उन्हें क्रमशः पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी, पत्रकारगण और नगरवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आभार माता मंदिर समिति अध्यक्ष मदन साहू ने व्यक्त किया। recent visitors 59

पार्षद खुशबू अतुलकर ने तोरण तोड़ने वाले किसान को दिया पुरस्कार।

Councilor Khushbu Atulkar presented an award to the farmer who broke the toran. हरिप्रसाद गोहेआमला। नगर के प्राचीन माता मंदिर में शनिवार को पोला पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। समिति के अध्यक्ष मदन साहू के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में नगरवासी उमड़ पड़े। कार्यक्रम में नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी एवं पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने नगर के सम्मानीय समाजसेवी श्री विजय पटेल का साल और श्रीफल देकर सम्मान किया। वहीं मंदिर परिसर में ग्राम पटेल द्वारा बैल जोड़ी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने बताया कि श्री विजय पटेल ने ही मोक्ष धाम निर्माण के लिए अपनी लाखों रुपये की निजी भूमि नगर हित में दान दी है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। आयोजित कार्यक्रम में वार्ड नंबर 9 की पार्षद एवं यूथ कांग्रेस जिला महासचिव कुमारी खुशबू विजय अतुलकर की ओर से तोरण तोड़ने वाले किसान भाई को सम्मान स्वरूप 2100 रुपये की नगद राशि भेंट की गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग पोला उत्सव देखने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संघ, पत्रकारगण, समिति के सदस्य और पुलिस बल उपस्थित रहा।इस दौरान प्रमुख रूप से समिति अध्यक्ष मदन साहू, पूर्व पार्षद विजय अतुलकर, नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह सोलंकी, वरिष्ठ कांग्रेसी छन्नू बेले, कन्हैया साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी हरिप्रसाद गोहे, राजेश सूरे, सुखदेव नारे, पत्रकार नरेंद्र आसोले सहित हजारों गणमान्य नागरिक मौजूद थे। recent visitors 69

हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी: पोषण माह में आहार विविधता और प्रोटीन पर जागरूकता

Our Anganwadi, Our Responsibility: Raising Awareness About Dietary Diversity and Protein During Nutrition Month विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 11 सितंबर 2026 को परियोजना शहरी क्रमांक-4 के परियोजना अधिकारी श्री रीतेश दुबे के निर्देशन में सेक्टर स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हनुमानताल वार्ड स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32 में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन” रहा। इस दौरान महिलाओं के लिए पोषण प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें THR रेसिपी, HCM मेनू, स्थानीय एवं क्षेत्रीय खाद्य पदार्थ, प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ तथा संतुलित थाली का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार ने महिलाओं को स्थानीय एवं घरेलू खाद्य पदार्थों के बेहतर उपयोग के माध्यम से बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने तथा मातृ वंदना योजना का लाभ लेने की अपील की। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के विविध प्रयोग से भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने का लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन मातृ सहयोगिनी समिति की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना खरे द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध घरेलू खाद्य सामग्री का संतुलित और विविध उपयोग बच्चों एवं परिवार के बेहतर पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में आयुष विभाग ने भी सहभागिता की। बच्चों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक सलाह दी गई तथा निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। डॉ. श्रद्धा कार्तिकेय ने महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पर्यवेक्षक श्रीमती खुशबू ठाकुर एवं श्रीमती पूजा चौरसिया, सेक्टर की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, शासकीय प्राथमिक कन्या शाला फूटाताल की शिक्षिकाएं श्रीमती दीप्ति तिवारी एवं श्रीमती नीरा कोरा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। — सेक्टर-2, परियोजना शहरी क्रमांक-4 recent visitors 52

बारिश ने बदल दी ग्वालियर की तस्वीर, तिघरा डैम के 3 गेट खुले… सांक नदी में छोड़ा गया पानी; जानिए शहर को क्या होगा फायदा

Rain has transformed Gwalior, with three gates of the Tighra Dam opened… water released into the Sank River; learn about the benefits to the city. विशेष संवाददाता: संतोष सिंह तोमर  ग्वालियर। तिघरा डैम का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे इसके तीन गेट खोल दिए गए। तीनों गेट नौ-नौ इंच खोले गए और इनके जरिए 1040 क्यूसिक पानी सांक नदी में छोड़ा गया। खास बात यह है कि इस सीजन में मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार तिघरा डैम के गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने के दौरान निगम महापौर शोभा सिकरवार, एमआइसी सदस्य, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के इंजीनियरों सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुबह 739.40 फीट था जलस्तर, दिनभर बढ़ता रहा शुक्रवार सुबह आठ बजे तिघरा बांध का जलस्तर 739.40 फीट दर्ज किया गया था। दिन में तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी और आगे संभावित वर्षा को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने दोपहर करीब 1:30 बजे गेट खोले जाने की सूचना जारी की। शाम पांच बजे तक बांध का जलस्तर 739.50 फीट से अधिक पहुंच गया। इसके बाद भी जलस्तर बढ़ता रहा। भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने आखिरकार तीन गेट खोलने का निर्णय लिया। शाम साढ़े छह बजे गेट नौ-नौ इंच खोलकर सांक नदी में 1040 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इस सीजन में पहली बार खुले डैम के गेट इस बार मानसून के दौरान तिघरा डैम के गेट लंबे समय तक बंद रहे। पिछले वर्षों में जुलाई से अक्टूबर के बीच तिघरा डैम के गेट 17 बार खोले गए थे। इस बार मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार गेट खोलने की स्थिति बनी है। अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश से डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके बाद रात में और शुक्रवार दिन में हुई बारिश ने जलस्तर को और ऊपर पहुंचा दिया। इसी के चलते डैम से पानी छोड़ना पड़ा। गेट खुलने की खबर से शहरवासियों में खुशी ग्वालियर शहर की जलापूर्ति मुख्य रूप से तिघरा डैम पर निर्भर है। इस मानसून के आधे सीजन तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तिघरा डैम आधा भी नहीं भर पाया था। इसका असर शहर की जलापूर्ति पर भी पड़ा और लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा था। डैम के पर्याप्त नहीं भरने से आगे जलसंकट की चिंता भी बढ़ गई थी। हालांकि अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से तस्वीर बदल गई। तिघरा डैम के फुल होने के बाद अब गेट खोले जाने से शहरवासियों में खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि अब ग्वालियर में रोजाना पानी की सप्लाई हो सकेगी। एम. विश्वेश्वरैया की देखरेख में मजबूत हुई इंजीनियरिंग तिघरा डैम का निर्माण सांक नदी पर वर्ष 1916 में कराया गया था। महाराजा माधवराव सिंधिया प्रथम ने बांध की योजना और उसकी तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को आमंत्रित किया था। 1917 में बांध के शुरुआती क्षतिग्रस्त होने के बाद इसके पुनर्निर्माण और आटोमैटिक फ्लड गेट्स की तकनीक को मजबूत बनाने में उनके सुझावों और इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। निर्माण के ठीक एक साल बाद 19 अगस्त 1917 को भारी बारिश और नींव में बलुआ पत्थर के रिसाव के कारण बांध का एक हिस्सा टूट गया था। इसके बाद इसे अधिक मजबूत संरचना के साथ दोबारा तैयार किया गया। 1927 में जीर्णोद्धार, 1970 में फिर आईं दरारें वर्ष 1927 के आसपास तिघरा डैम का जीर्णोद्धार पूरा हुआ। इसके बाद 1970 में अत्यधिक जलभराव और तकनीकी वजहों से इसके कुछ हिस्सों में फिर दरारें आईं। इसके बाद सरकार ने आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे मजबूत कंक्रीट और चुनाई संरचना में बदला। तिघरा डैम से ग्वालियर शहर को जलापूर्ति की शुरुआत वर्ष 1916 से ही हुई थी। 1916 से अब तक यह शहर की लगभग 14 लाख आबादी के लिए पेयजल का प्राथमिक स्रोत बना हुआ है। मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तिघरा का पानी साफ करने के बाद शहर की विभिन्न टंकियों तक पहुंचाया जाता है। 24 मीटर ऊंचा और 1,341 मीटर लंबा है डैम तिघरा डैम की ऊंचाई लगभग 24 मीटर और लंबाई 1,341 मीटर है। इसका निर्माण ग्वालियर शहर की जलापूर्ति के साथ आसपास के 11 गांवों की सिंचाई के उद्देश्य से कराया गया था। recent visitors 22

काले हिरण और चिंकारा के शिकारी और तस्कर को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

No relief to blackbuck and chinkara poachers and smugglers, Supreme Court rejects bail plea विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। प्रदेश में काले हिरण व चिंकारा के अवैध शिकार और उनके मांस की तस्करी के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ ने खारिज कर दिया है। अब तक इस संगठित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना जारी है। एसटीएसएफ इंदौर इकाई, स्थानीय पुलिस और वनमंडल इंदौर की संयुक्त टीम ने किशनगंज में की गई कार्रवाई के दौरान लगभग 65 किलोग्राम वन्यजीव मांस, एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी तस्कर और वन्य जीवों का अवैध शिकार करने के आरोपी सबाह ने इंदौर स्थित उच्च न्यायालय की खंडपीठ में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान एसटीएसएफ की दलीलों से सहमत होते हुए सर्वोच्च न्यायालय की युगल पीठ ने आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी सबाह 27 अक्टूबर 2025 से केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस मामले में वनमंडल इंदौर द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण 3 दिसंबर 2024 को दर्ज किया था। प्रकरण में एसटीएसएफ की इंदौर इकाई ने विवेचना करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए और इस अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह के विरुद्ध अलग प्रकरण दर्ज किया।  recent visitors 38

एमपी में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, 2030 तक 75% गांवों को बस कनेक्टिविटी का लक्ष्य: डॉ. मोहन यादव

Chief Minister Sugam Parivahan Seva to start in MP from September 25, target to provide bus connectivity to 75% villages by 2030: Dr. Mohan Yadav विशेष संवाददाता: राम मेहरा  भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ किया जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, आधुनिक, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों और उद्योग जगत से सरकार के साथ मिलकर ऐसा सार्वजनिक परिवहन मॉडल विकसित करने का आह्वान किया, जो देश के लिए उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रमुख आंकड़े पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परिवहन व्यवस्था मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस संचालन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से विकसित किया जाएगा। इसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की निगरानी और संचालन होगा। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप जैसी अधोसंरचना विकसित करने के साथ डिजिटल टिकटिंग और रियल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली पर भी फोकस करेगी। भोपाल-इंदौर में रैपिडो के साथ पायलट प्रोजेक्ट फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए MPYPIL और रैपिडो के बीच एमओयू किया गया। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों की जानकारी तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। शुरुआत में यह व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी। महिलाओं द्वारा संचालित ‘Rapido Pink’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज शुरू मुख्यमंत्री ने ‘MP Mobility Innovation Challenge-2026’ का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य परिवहन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के लिए नई तकनीक और नवाचार तलाशना है। इसमें AI एवं डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर व लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। MPYPIL लोगो प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित MPYPIL के लोगो के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 135 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। सासाराम के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये और भोपाल की गौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। recent visitors 24