बारिश ने बदल दी ग्वालियर की तस्वीर, तिघरा डैम के 3 गेट खुले… सांक नदी में छोड़ा गया पानी; जानिए शहर को क्या होगा फायदा

Rain has transformed Gwalior, with three gates of the Tighra Dam opened… water released into the Sank River; learn about the benefits to the city. विशेष संवाददाता: संतोष सिंह तोमर  ग्वालियर। तिघरा डैम का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे इसके तीन गेट खोल दिए गए। तीनों गेट नौ-नौ इंच खोले गए और इनके जरिए 1040 क्यूसिक पानी सांक नदी में छोड़ा गया। खास बात यह है कि इस सीजन में मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार तिघरा डैम के गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने के दौरान निगम महापौर शोभा सिकरवार, एमआइसी सदस्य, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के इंजीनियरों सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुबह 739.40 फीट था जलस्तर, दिनभर बढ़ता रहा शुक्रवार सुबह आठ बजे तिघरा बांध का जलस्तर 739.40 फीट दर्ज किया गया था। दिन में तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी और आगे संभावित वर्षा को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने दोपहर करीब 1:30 बजे गेट खोले जाने की सूचना जारी की। शाम पांच बजे तक बांध का जलस्तर 739.50 फीट से अधिक पहुंच गया। इसके बाद भी जलस्तर बढ़ता रहा। भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने आखिरकार तीन गेट खोलने का निर्णय लिया। शाम साढ़े छह बजे गेट नौ-नौ इंच खोलकर सांक नदी में 1040 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इस सीजन में पहली बार खुले डैम के गेट इस बार मानसून के दौरान तिघरा डैम के गेट लंबे समय तक बंद रहे। पिछले वर्षों में जुलाई से अक्टूबर के बीच तिघरा डैम के गेट 17 बार खोले गए थे। इस बार मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार गेट खोलने की स्थिति बनी है। अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश से डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके बाद रात में और शुक्रवार दिन में हुई बारिश ने जलस्तर को और ऊपर पहुंचा दिया। इसी के चलते डैम से पानी छोड़ना पड़ा। गेट खुलने की खबर से शहरवासियों में खुशी ग्वालियर शहर की जलापूर्ति मुख्य रूप से तिघरा डैम पर निर्भर है। इस मानसून के आधे सीजन तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तिघरा डैम आधा भी नहीं भर पाया था। इसका असर शहर की जलापूर्ति पर भी पड़ा और लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा था। डैम के पर्याप्त नहीं भरने से आगे जलसंकट की चिंता भी बढ़ गई थी। हालांकि अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से तस्वीर बदल गई। तिघरा डैम के फुल होने के बाद अब गेट खोले जाने से शहरवासियों में खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि अब ग्वालियर में रोजाना पानी की सप्लाई हो सकेगी। एम. विश्वेश्वरैया की देखरेख में मजबूत हुई इंजीनियरिंग तिघरा डैम का निर्माण सांक नदी पर वर्ष 1916 में कराया गया था। महाराजा माधवराव सिंधिया प्रथम ने बांध की योजना और उसकी तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को आमंत्रित किया था। 1917 में बांध के शुरुआती क्षतिग्रस्त होने के बाद इसके पुनर्निर्माण और आटोमैटिक फ्लड गेट्स की तकनीक को मजबूत बनाने में उनके सुझावों और इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। निर्माण के ठीक एक साल बाद 19 अगस्त 1917 को भारी बारिश और नींव में बलुआ पत्थर के रिसाव के कारण बांध का एक हिस्सा टूट गया था। इसके बाद इसे अधिक मजबूत संरचना के साथ दोबारा तैयार किया गया। 1927 में जीर्णोद्धार, 1970 में फिर आईं दरारें वर्ष 1927 के आसपास तिघरा डैम का जीर्णोद्धार पूरा हुआ। इसके बाद 1970 में अत्यधिक जलभराव और तकनीकी वजहों से इसके कुछ हिस्सों में फिर दरारें आईं। इसके बाद सरकार ने आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे मजबूत कंक्रीट और चुनाई संरचना में बदला। तिघरा डैम से ग्वालियर शहर को जलापूर्ति की शुरुआत वर्ष 1916 से ही हुई थी। 1916 से अब तक यह शहर की लगभग 14 लाख आबादी के लिए पेयजल का प्राथमिक स्रोत बना हुआ है। मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तिघरा का पानी साफ करने के बाद शहर की विभिन्न टंकियों तक पहुंचाया जाता है। 24 मीटर ऊंचा और 1,341 मीटर लंबा है डैम तिघरा डैम की ऊंचाई लगभग 24 मीटर और लंबाई 1,341 मीटर है। इसका निर्माण ग्वालियर शहर की जलापूर्ति के साथ आसपास के 11 गांवों की सिंचाई के उद्देश्य से कराया गया था। recent visitors 1

काले हिरण और चिंकारा के शिकारी और तस्कर को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

No relief to blackbuck and chinkara poachers and smugglers, Supreme Court rejects bail plea विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। प्रदेश में काले हिरण व चिंकारा के अवैध शिकार और उनके मांस की तस्करी के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ ने खारिज कर दिया है। अब तक इस संगठित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना जारी है। एसटीएसएफ इंदौर इकाई, स्थानीय पुलिस और वनमंडल इंदौर की संयुक्त टीम ने किशनगंज में की गई कार्रवाई के दौरान लगभग 65 किलोग्राम वन्यजीव मांस, एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी तस्कर और वन्य जीवों का अवैध शिकार करने के आरोपी सबाह ने इंदौर स्थित उच्च न्यायालय की खंडपीठ में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान एसटीएसएफ की दलीलों से सहमत होते हुए सर्वोच्च न्यायालय की युगल पीठ ने आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी सबाह 27 अक्टूबर 2025 से केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस मामले में वनमंडल इंदौर द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण 3 दिसंबर 2024 को दर्ज किया था। प्रकरण में एसटीएसएफ की इंदौर इकाई ने विवेचना करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए और इस अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह के विरुद्ध अलग प्रकरण दर्ज किया।  recent visitors 5

एमपी में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, 2030 तक 75% गांवों को बस कनेक्टिविटी का लक्ष्य: डॉ. मोहन यादव

Chief Minister Sugam Parivahan Seva to start in MP from September 25, target to provide bus connectivity to 75% villages by 2030: Dr. Mohan Yadav विशेष संवाददाता: राम मेहरा  भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ किया जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, आधुनिक, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों और उद्योग जगत से सरकार के साथ मिलकर ऐसा सार्वजनिक परिवहन मॉडल विकसित करने का आह्वान किया, जो देश के लिए उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रमुख आंकड़े पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परिवहन व्यवस्था मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस संचालन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से विकसित किया जाएगा। इसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की निगरानी और संचालन होगा। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप जैसी अधोसंरचना विकसित करने के साथ डिजिटल टिकटिंग और रियल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली पर भी फोकस करेगी। भोपाल-इंदौर में रैपिडो के साथ पायलट प्रोजेक्ट फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए MPYPIL और रैपिडो के बीच एमओयू किया गया। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों की जानकारी तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। शुरुआत में यह व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी। महिलाओं द्वारा संचालित ‘Rapido Pink’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज शुरू मुख्यमंत्री ने ‘MP Mobility Innovation Challenge-2026’ का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य परिवहन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के लिए नई तकनीक और नवाचार तलाशना है। इसमें AI एवं डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर व लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। MPYPIL लोगो प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित MPYPIL के लोगो के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 135 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। सासाराम के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये और भोपाल की गौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। recent visitors 7

BRICS शिखर सम्मेलन पर आज दुनिया की निगाहें, भारत मंडपम में एक साथ नजर आएंगे पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन

The world’s eyes are on the BRICS summit today; PM Modi, Xi Jinping and Vladimir Putin will be seen together at the Bharat Mandapam. नई दिल्ली । भारत मंडपम में आज से 18वां ब्रिक्स सम्मेलन शुरू हो रहा है. दो दिनों तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन में विकासशील और उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले 11 देश शामिल होंगे. इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्‍त अरब अमीरात शामिल हैं. ब्रिक्‍स सम्‍मेलन 2026 भारत की अध्यक्षता में हो रहा है. इसका थीम है- “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण.” वैश्विक कूटनीति के लिहाज से आज का दिन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है. बता दें कि भारत 12 और 13 सितंबर को यहां 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. यहां यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि भारत ने एक जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली. 2026 में, ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है. इस उच्चस्तरीय सम्मेलन के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा से निपटने की क्षमता और आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला वैश्विक शासन व्यवस्था, व्यापार और निवेश, बहुपक्षवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने अलग-अलग जगहों पर जारी संघर्ष, नौवहन की स्वतंत्रता, सतत विकास, मानव-केंद्रित एआई और वैश्विक खाद्य सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. आज से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और कई अन्य नेता शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. मेलिसा हॉलो ने भारत आकर कैसा महसूस किया टीवी ब्रिक्स अफ्रीका मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर मेलिसा हॉलो ने कहा कि वह पहली बार भारत आई हैं. वह जहां रुकी थीं वह जगह उनकी उम्मीदों से कही ज्यादा अच्छी थी. “यह जगह वेन्यू के बहुत पास थी. पहले दिन से ही मैंने कुछ स्थानीय लोगों से मिलने के लिए सड़क पर टहलने का फैसला किया और यह बहुत अच्छा लगा.” ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर क्या बोलीं चीनी पत्रकार जिंगजिंग ली चीनी पत्रकार जिंगजिंग ली ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कहा कि वह बहुत लंबे समय से BRICS को फॉलो कर रही हैं. उन्होंने कहा, “हम बहुत खुश हैं कि ब्रिक्स इस साल भारत में हो रहा है. ब्रिक्स सम्मेलन अगले साल चीन में होगा. तो यह एक टॉर्च रिले की तरह है और मैं BRICS परिवार के साथ मिलकर काम करने का बहुत इंतजार कर रही हूं क्योंकि हम करीबी पड़ोसी हैं. हम पार्टनर हैं. हमारे बहुत सारे सामान्य हित हैं. इसलिए मुझे लगता है कि यह सम्मेलन सभी ब्रिक्स परिवारों के लिए एक साथ काम करने, भरोसा बढ़ाने, लोगों के बीच मेलजोल बढ़ाने और बेशक हमारे व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है. इसलिए, मैं इस BRICS समिट से आने वाले नतीजों का इंतजार कर रही हूं.” भारत मंडपम, जहां 18वां ब्रिक्स समिट होने जा रहा है भारत मंडपम जहां आज यानी कि 12 सितंबर से 18वां ब्रिक्स समिट होने जा रहा है. भारत BRICS का फाउंडिंग मेंबर है. ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में भारत शनिवार और रविवार को नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में तीन बार इसकी अध्यक्षता कर चुका है. recent visitors 5

जबलपुर में टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर भाग रही एसयूवी में मिली ब्रांडेड शराब

Branded liquor found in SUV that broke through toll plaza barrier in Jabalpur विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जिले में पुलिस लगातार शराब के अवैध व्यापार में लिपत आरोपितों पर कार्रवाई कर रही है। मामला दर्ज कर जांच कर रही है पुलिस पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त एसयूवी और मोटरसाइकिल भी जब्त की है। दोनों मामलों में आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। ग्राम निगरी कैनाल के पास रोकने का प्रयास किया बरगी पुलिस को शुक्रवार को सूचना मिली कि धूमा की ओर से एक एसयूवी में भारी मात्रा में शराब जबलपुर लायी जा रही है। सूचना पर ग्राम निगरी कैनाल के पास एसयूवी एमपी 20 जेडडब्ल्यू 5181 को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर वाहन तेज गति से भगाने लगा ड्राइवर पुलिस को देखकर वाहन तेज गति से भगाने लगा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा का बूम बैरियर तोड़कर आगे निकल गया। 48 पाव और 359 बोतल अंग्रेजी शराब मिली पुलिस ने घेराबंदी कर बेलखाड़ू निवासी ड्राइवर आशुतोष शिवहरे (30) को पकड़ लिया। तलाशी में एसयूवी के अंदर 48 पाव और 359 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। recent visitors 12