62-year-old woman accused of holding her sister hostage for three years for land, attends public hearing
- बुजुर्ग महिला ने सगे भाइयों पर बंधक बनाकर जमीन, 50 हजार नकद और 8 खंडी गेहूं हड़पने का लगाया आरोप।
- 3 साल तक बंधक बनाकर रखा, भूखा-प्यासा छोड़ने का आरोप, जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार (मामला ठानी बंजारीढाल का)
हरिप्रसाद गोहे
आमला/बैतूल। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी है तो कल है जैसे स्लोगन के साथ-साथ लाड़ली बहनों के आत्मसम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य को लेकर प्रदेश सरकार नित नई योजनाएं लागू कर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। लेकिन तथाकथित लोगों द्वारा आज भी महिला अत्याचारों को बढ़ावा देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है, जो गंभीर एवं विचारणीय प्रश्न है।
इकलौती बेटी और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के बीच धोखाधड़ी से जमीन हड़पने एवं मां की इकलौती बेटी को मां की संपत्ति के हक-अधिकार से वंचित कर मां की बेशकीमती जमीन दो सगे मामाओं द्वारा धोखाधड़ी कर हड़पे जाने का मामला बैतूल जिले के आमला विकासखंड के ठानी बंजारीढाल में प्रकाश में आया है। फरियादी मां-बेटी ने जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए जमीन वापस दिलाने एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

मामला पहुंचा जिला जनसुनवाई में
जिला कलेक्टर कार्यालय बैतूल में 29 सितंबर 2026 को आयोजित जनसुनवाई में शिवाजी वार्ड बोड़खी, आमला निवासी 62 वर्षीय वृद्धा कलाबाई पति स्व. शिवप्रसाद चौहान ने सगे भाइयों पर धोखाधड़ी से जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
जिला जनसुनवाई में प्रेषित आवेदन के माध्यम से आवेदिका ने बताया कि उसके सगे भाई नाथूराम पिता नन्दू गोहे (60 वर्ष) एवं सुन्दरलाल पिता नन्दू गोहे (57 वर्ष) निवासी ठानी बंजारीढाल, तहसील आमला ने दिनांक 30.01.2023 को उसे डरा-धमकाकर बंजारीढाल ले जाकर बंधक बना लिया।

आवेदक का आरोप है कि दिनांक 14.02.2023 को ग्राम खिड़कीकला रा.नि. आमला के खसरा नं. 10/15 तथा ठानी के खसरा नं. 92/3 में से जमीन की दान-पत्र रजिस्ट्री जबरन करवा ली गई। न्यायालय में झूठे कथन और फर्जी हस्ताक्षर से जवाब पेश कर सम्पूर्ण भूमि अपने नाम दर्ज करवा ली गई।
वहीं आवेदिका का आरोप है कि बंधक अवधि में उसकी जमा पूंजी 40 हजार रुपये नाथूराम के पुत्र ज्ञानेश ने और 10 हजार रुपये राजा ने ले लिए तथा 8 खंडी गेहूं जो नाथूराम के घर रखा था, वह भी नहीं दिया गया। गन्ने की फसल के पैसे भी रख लिए गए। उसे खाने-पीने और इलाज से वंचित रखा गया, जिससे उसका शरीर जीर्ण-शीर्ण हो गया। लगभग 3 वर्ष तक उसे ग्राम ठानी में बंधक बनाकर रखा गया और पुत्री संध्या व नाती-दामाद से मिलने नहीं दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि दिनांक 31.08.2026 को सुन्दरलाल का छोटा लड़का उसे बीमार, भूखा-प्यासा हालत में आमला बोड़खी में छोड़कर चला गया। जैसे-तैसे वह अपनी पुत्री के घर पहुंची, जहां उसका उपचार कराया गया।
आवेदिका ने सुखराम कुमरे, गणेश गोहे (ठानी), धनराज साहू (बोचनवाड़ी) एवं सहादेव बामने (आवरिया) पर जान से मारने की धमकी और डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है।
पीड़िता ने बताया कि इस संबंध में दिनांक 22.09.2026 को थाना आमला में लिखित शिकायत दी थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आवेदिका ने प्रशासन से अनावेदकों के विरुद्ध धोखाधड़ी, बंधक बनाने, मारपीट का मामला दर्ज कर जमीन, नकद राशि और गेहूं वापस दिलाने की मांग की है।