पीएम मोदी ने किया बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन

छतरपुर(PM Modi Bageshwar Dham Visit)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का भूमि पूजन किया। इसके पहले उन्होंने बालाजी मंदिर में पूजन किया। इस दौरान आयोजित सभा में बुंदेलखंड के छतरपुर-टीकमगढ़ के अलावा निवाड़ी, सागर, झांसी आदि जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। पीएम बोले- इस बार बालाजी का बुलावा आया हैप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभा में बुंदेली में सभी को राम-राम कर अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम दिनों में मुझे वीरों की इस धरती पर आने का सौभाग्य मिला। इस बार तो बालाजी का बुलावा आया है। यह हनुमान जी की कृपा है कि आस्था का यह केंद्र आरोग्य का केंद्र भी बनने जा रहा है। कुछ नेता धर्म का मजाक उड़ाते हैंउन्होंने कहा कि नेताओं का एक वर्ग ऐसा है जो धर्म का मजाक उड़ाता है। बहुत बार विदेशी ताकतें भी इन लोगों का साथ देकर देश और धर्म को कमजोर करने की कोशिश करती दिखती है। हिंदू आस्था से नफरत करने वाले ये लोग सदियों से किसी ना किसी वेश में रहते रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने एकता का मंत्र दियाये लोग हमारे मत, मान्यताओं और मंदिर पर, हमारे संत और संस्कृति पर हमला करते रहते हैं। ये लोग हमारी परंपराओं और प्रथाओं को गाली देते हैं। हमारे समाज को बांटना, उसकी एकता को तोड़ना ही इनका एजेंडा है। इस माहौल में मेरे छोटे भाई धीरेंद्र शास्त्री एकता के मंत्र को लेकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि अब उन्होंने मानवता को लेकर एक और संकल्प लिया है। अब बागेश्वर धाम में भजन, भोजन और निरोगी जीवन तीनों का आशीर्वाद मिलेगा। हमारे मंदिर, हमारे मठ ये एक ओर पूजन और साधना के केंद्र रहे हैं। तो दूसरी ओर विज्ञान और सामाजिक चेतना के केंद्र रहे हैं। महाकुंभ की हर तरफ चर्चापीएम ने कहा कि महाकुंभ की हर तरफ चर्चा हो रही है। अब तक करोड़ों लोग वहां पहुंच चुके हैं। उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई है और संतों के दर्शन किए हैं। यह एकता का महाकुंभ है। आने वाली सदियों तक 144 वर्ष के बाद हुआ महाकुंभ, एकता के महाकुंभ के रूप से प्रेरणा देता रहेगा। recent visitors 142

किसानों की दुर्दशा पर जीतू पटवारी का तंज: ‘मंत्रीजी को सिर्फ टूटी कुर्सी दिखती है, किसान की तकलीफ नहीं!

Jeetu Patwari's sarcasm on the farmers

भोपाल ! जीतू पटवारी ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए किसानों की समस्याओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के किसान अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कृषि मंत्री टूटे हुए कुर्सी पर ध्यान दे रहे हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पूरे नहीं हुए, बल्कि वे दोगुना नुकसान झेल रहे हैं। एमएसपी को लेकर सरकारी दावे झूठे साबित हो रहे हैं, वहीं खाद, बीज और बिजली की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मंत्रीजी का लग्जरी जीवन उन्हें किसानों की तकलीफों से दूर रखता है, जिससे उन्हें किसानों का परिश्रम और पसीना नहीं दिखता। एयर इंडिया की हालिया घटना का संदर्भ देते हुए जीतू पटवारी ने कटाक्ष किया कि एयरलाइन ने कोई गलती नहीं की, बल्कि केवल कुर्सी बदली है। उनका इशारा इस ओर था कि जब कुर्सी बदलती है, तो शायद उस पर बैठने वाले व्यक्ति को किसानों की असली तकलीफों का अहसास हो सकता है। किसान हितों के मुद्दे पर गर्मागरम बहस छिड़ गई है। हाल ही में जीतू पटवारी ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देशभर के किसान, खासकर मध्य प्रदेश के, अपनी ही जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि जबकि किसान अपनी जीविका और भविष्य के लिए जूझ रहे हैं, कृषि मंत्री जी सिर्फ “टूटी कुर्सी” को ही निशाना बना रहे हैं। read more: पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत किसानों की दुविधा पर आलोक:Jeetu Patwari’s sarcasm on the farmers, किसानों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि उन्हें दुगना घाटा उठाना पड़ रहा है। MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे झूठे वादों और वास्तविकता में दिख रही असुविधाओं पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। खाद, बीज और बिजली की कमी जैसी समस्याएँ किसानों के दैनिक संघर्ष को और भी कठिन बना रही हैं। विचारधारा में अंतर:पटवारी ने यह भी कहा कि जहाँ एक ओर देश के किसान कड़ी मेहनत से अपना भविष्य संवारने में जुटे हैं, वहीं कृषि मंत्री की लक्जरी लाइफस्टाइल उन्हें समझ नहीं आती। किसान का पसीना, उनके संघर्ष और परिश्रम की कोई कद्र नहीं की जा रही। इस बयान के जरिए पटवारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ कुर्सी बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इस वक्त राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के हितों के मुद्दे पर बहस तेज है। जीतू पटवारी का यह बयान सरकार की नीतियों और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है। किसान समुदाय के दुख-दर्द और उनकी चुनौतियों को यदि गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में उनका संघर्ष और भी बढ़ सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कृषि मंत्री और सरकार किस प्रकार से इन आलोचनाओं का सामना करते हैं और किसानों के लिए ठोस कदम उठाते हैं या नहीं। recent visitors 127

पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत

Congress raises questions on investment

भोपाल ! कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित छह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) पर सवाल उठाए हैं। Congress raises questions on investment कांग्रेस का आरोप है कि इन आयोजनों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस ने दावा किया कि इन समिट में राज्य का पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन निवेश नाममात्र का ही आया। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही मध्य प्रदेश ने बीमारू राज्य का ठप्पा छोड़ा है और अब सभी क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है। यह बहस मोहन यादव सरकार के पहले जीआईएस के ठीक पहले छिड़ी है, जिसका उद्घाटन 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कांग्रेस ने जारी किए आंकड़ेकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मध्य प्रदेश निवेश सम्मेलन: वादे, दावे और हकीकत’ नामक एक दस्तावेज भी जारी किया। इस दस्तावेज में कांग्रेस ने आंकड़ों के साथ अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश की है। Read More : आज हमीदिया अस्पताल में रहेगी OPD बंद: डॉक्टर्स लंबित मांगों को लेकर कर रहे आंदोलन क्या बोले जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव की सरकार में खूब खर्चा हो रहा है। पिछले छह सम्मेलनों की तरह इस बार भी करोड़ों रुपये खर्च करके उद्योगपतियों और निवेशकों की मेहमाननवाजी की जा रही है। सरकारी खजाना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर खाली किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने भी साधा निशानाउमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लेती है। Congress raises questions on investment जीआईएस पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है। सिंघार ने कहा कि लेकिन अगर हम 2003 से अब तक के 6 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का रिकॉर्ड देखें, तो जमीनी स्तर पर सफलता दर शून्य प्रतीत होती है। उन्होंने आगे कहा कि 2003 से 2016 तक पहले पांच निवेशक सम्मेलनों में 17.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था। इसके बाद 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लगभग 15.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया। यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश की धरती पर आने का दावा किया गया। जबकि हकीकत यह है कि 2003 से 2023 तक केवल 3.47 लाख करोड़ रुपये ही आए, जो सरकार द्वारा प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% है। recent visitors 136

बीजेपी पार्टी में बागी सुर अपना रहे तीनों नेताओं को दिया नोटिस

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी बागी नेताओं के खिलाफ ऐक्शन मोड में है। हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज को नोटिस जारी किया जा चुका है। यही हाल कर्नाटक में पार्टी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल का है। हालांकि, पार्टी में बागी सुर अपना रहे नेताओं की संख्या दो पर सीमित नहीं है। इनमें राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और महाराष्ट्र में विधायक पंकजा मुंडे का नाम भी शामिल है। किरोड़ी लाल मीणा भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को ‘फोन टैप’ किये जाने का का आरोप लगाने पर कारण बताओ नोटिस भेजा है। पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि मीणा ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाकर सरकार की 'छवि धूमिल' की है कि उनका फोन टैप किया जा रहा है। नोटिस में कहा गया है, 'आप (किरोडी लाल मीणा) भाजपा के सदस्य हैं और पार्टी टिकट पर सवाई माधोपुर क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। आप (मीणा) राजस्थान सरकार में मंत्री भी हैं। हाल में आपने मंत्रिपरिषद से अपने इस्तीफे की खबर अखबार में छपने के लिए उपलब्ध कराई। आपने सार्वजनिक बयान देकर भाजपा सरकार पर फोन टैप कराने का आरोप भी लगाया, जो कि असत्य है।' पंकजा मुंडे पंकजा भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। वह फिलहाल महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री हैं। ऐसा माना जाता है कि राज्य की सत्ता में देवेंद्र फडणवीस का कद बढ़ने के साथ ही पंकजा दरकिनार महसूस करने लगी थीं। हाल ही में उन्होंने बयान दे दिया था कि उनके पिता के समर्थक चाहें तो नई पार्टी बना सकते हैं। रविवार को पंकजा ने कहा, 'मेरे पिता गोपीनाथ मुंडे को प्यार करने वाले लोगों की संख्या इतनी है कि वह खुद का राजनीतिक दल बना सकते हैं।' इसके साथ ही अटकलों का दौर शुरू हो गया था कि वह भाजपा से दूरी बना सकती हैं। हालांकि, सोमवार को ही उन्होंने इससे इनकार किया है। अनिल विज मंत्री अनिल विज को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश इकाई के प्रमुख मोहन लाल बडोली पर बार-बार निशाना साधने को लेकर सोमवार को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया। प्रदेश भाजपा प्रमुख बडोली ने विज को जारी नोटिस में कहा, ‘‘आपको सूचित किया जाता है कि आपने हाल ही में पार्टी (प्रदेश) अध्यक्ष (बडोली) और मुख्यमंत्री पद के खिलाफ सार्वजनिक बयान दिए हैं। ये गंभीर आरोप हैं और पार्टी की नीति और आंतरिक अनुशासन के खिलाफ हैं।’’ बडोली ने कहा कि विज को नोटिस भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार जारी किया जा रहा है। इसमें कहा गया, 'हम आपसे तीन दिन के भीतर इस विषय पर लिखित स्पष्टीकरण देने की अपेक्षा करते हैं।' कारण बताओ नोटिस में विज से कहा गया कि उनका 'कदम न केवल पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है, बल्कि यह ऐसे समय में आया, जब पार्टी पड़ोसी राज्य (दिल्ली) में चुनाव प्रचार कर रही थी।' नोटिस में कहा गया, 'चुनाव के समय, एक सम्मानित मंत्री पद पर रहते हुए, आपने यह जानते हुए भी ये बयान दिए हैं कि इससे पार्टी की छवि धूमिल होगी। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।' अंबाला छावनी से सात बार के विधायक विज (71) लगातार सैनी पर निशाना साध रहे थे। बसनगौड़ा पाटिल यतनाल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सोमवार को असंतुष्ट भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को एक नया कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे पूछा कि ‘आश्वासन देने के बाद भी उसका उल्लंघन करने’ पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। यतनाल ने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पाके खिलाफ बगावत कर दी है। यतनाल को भेजे पत्र में केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने कहा, 'पार्टी ने आपके द्वारा लगातार दिए जा रहे तीखे बयान और पार्टी अनुशासन के उल्लंघन को संज्ञान में लिया है, जो भारतीय जनता पार्टी के संविधान और उसके नियमों में निहित अनुशासन संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।' उन्होंने कहा, 'पहले के कारण बताओ नोटिस के जवाब में आपने अच्छे व्यवहार और आचरण का आश्वासन दिया था, लेकिन आप अपने ही आश्वासनों का उल्लंघन और अवहेलना जारी रखे हुए हैं। कृपया कारण बताएं कि पार्टी को आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं करनी चाहिए। आपका स्पष्टीकरण इस नोटिस के मिलने के 72 घंटे के भीतर नीचे हस्ताक्षरकर्ता तक पहुंच जाना चाहिए।' recent visitors 64

किस कानून में लिखा है कि सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

HIGHCOURT ON NO DIESEL PAYMENT जबलपुर ! मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की,,, recent visitors 165

Budget 2025: ‘यह केवल गोली के घावों पर पट्टी लगाने जैसा…’, राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट पर कसा तंज

Rahul Gandhi took a jibe at the Union Budget लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2025-26 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बजट को ‘गोली के घावों के लिए बैंडेज’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार विचारों के मामले खोखली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट को हल करने के लिए आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस ने भी की केंद्रीय बजट की आलोचनाइससे पहले कांग्रेस ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह वास्तविक मजदूरी, समग्र उपभोग में उछाल की कमी, निजी निवेश की सुस्त दरों और जटिल जीएसटी प्रणाली जैसी ‘बीमारियों’ का उपचार नहीं करता है, जिससे अर्थव्यवस्था ‘पीड़ित’ है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार बिहार को बड़ी सौगात दे रही है, क्योंकि वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी नीतीश कुमार की सरकार और इसी गठबंधन का अहम हिस्से आंध्र प्रदेश को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनता को गुमराह करने का प्रयास: मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट की आलोचना की और कहा कि यह मोदी सरकार का जनता को गुमराह करने का प्रयास है, जबकि यह प्रमुख आर्थिक समस्याओं को दूर करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार पर बीते दशक में 54.18 लाख करोड़ रुपये का एकत्र करने के बाद मध्यम वर्ग को मामूली राहत देने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, वित्त मंत्री खुद दावा कर रही हैं कि 12 लाख रुपये तक की छूट से सालाना 80 हजार रुपये की बजत होगी, जो कि हर महीने केवल 6,666 रुपये है। इस बीच, पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। लेकिन मोदी सरकार झूठी तारीफ पाने में व्यस्त है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। खरगे ने कहा, मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कोई रोडमैप नहीं है। कृषि यंत्रों पर जीएसटी में कोई रियायत नहीं है और दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा या छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं है। recent visitors 269

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना recent visitors 118