कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। recent visitors 1,036

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है। recent visitors 127

महाकाल मंदिर में सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे की विवादास्पद पूजा: नियमों की अनदेखी

Worship of CM Eknath Shinde’s son in Mahakal temple: Question on ignoring rules उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आम और खास सभी के लिए एक ही नियम का दावा किया जाता रहा है, लेकिन वीआईपी कल्चर और प्रभावशाली लोगों के नियम तोड़ने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने परिवार सहित गर्भगृह में पूजा अर्चना कर मंदिर के नियम को तोड़ा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में बिना अनुमति दर्शन के लिए गर्भगृह में जाने का दावा किया है. गुरुवार (17 अक्तूबर) की शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और मुंबई से सांसद श्रीकांत शिंदे परिवार के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने वीआईपी पॉइंट के जरिए दर्शन के लिए अधिकारियों से आग्रह किया. इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर समिति के बड़े अधिकारी के पीए के साथ श्रीकांत शिंदे का परिवार गर्भगृह तक पहुंच गया. इस दौरान उनके साथ उज्जैन जिले के एक बीजेपी विधायक भी मौजूद रहे. यहां सभी ने उस समय गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना की, जब भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार चल रहा था. इस घटना के बाद हंगामा मच गया है. कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “भगवान के दरबार में भी बीजेपी सरकार आम और खास के बीच मतभेद कर रही है. यह न्यायोचित नहीं है.” महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने क्या कहा?महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में नियम सबके लिए बराबर है. उन्होंने कहा, किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है कि वह गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना करे. प्रोटोकॉल के तहत जिन्हें अनुमति है, केवल वही प्रवेश कर सकते हैं. इनमें महामंडलेश्वर, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित वीआईपी शामिल हैं. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ का भी कहना है कि उन्होंने भी किसी को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी थी. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद हुए कई महीने हो गए हैं. महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में सभी को गर्भगृह से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. यदि महाकालेश्वर मंदिर समिति गर्भगृह दर्शन शुरू करवा देती है, तब भी 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अंदर से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. जबकि गर्भगृह में जब दर्शन शुरू होते हैं तो बाहर से श्रद्धालुओं के दर्शन में परेशानी होती है. इस वजह से मंदिर समिति ने गर्भगृह दर्शन को पूरी तरह बंद कर रखा है. पहले 750 रुपये की रसीद कटवा कर श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जाता था. ऐसा नहीं है कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाकर पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने नियम तोड़ा है. पहले भी कई बार इस तरह की तस्वीरें आ चुकी हैं. मंदिर समिति द्वारा आम लोगों के गर्भगृह में प्रवेश की कोशिश करने पर भी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, लेकिन रसूखदार लोगों पर अभी तक महाकालेश्वर मंदिर समिति का नियम पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि शिव भक्तों में भी मंदिर समिति की दोहरी नीति को लेकर आक्रोश है. महाकालेश्वर मंदिर के भक्त राजेश प्रजापति का कहना है कि मंदिर में सभी के लिए नियम बराबर होना चाहिए. recent visitors 200

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। Chhatarpur and Khajuraho opposition targeted मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा ! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे। recent visitors 164

Congress’s Krishi Yatra: Jitu पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के Congress’s Krishi Yatra: Jitu अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे. दिग्विजय सिंह ने कहा- सहकारिता आंदोलन के प्रमुख सुभाष यादव जी ने जितना काम किया उतना किसी ने नहीं किया. तब तय किया था जितनी भी खाद किसानों को चाहिए बोहनी से पहले सरकारी गोदाम से उपलब्ध कराएंगे. कभी किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई किसानों को. एक बोरी की भी कालाबाजारी नहीं हुई कांग्रेस शासन काल में. 2004 के बाद कृषि विभाग का सत्यानाश हुआ. ट्रांसपोर्ट विभाग बड़ा कमाऊ विभाग है.. कृषि विभाग ने ट्रांसपोर्ट विभाग को भी पीछे छोड़ दिया. झूठे आंकड़े देकर हजारों करोड़ ऑन का घपला किया है. सब्सिडी में किसानों के फर्जी नाम डाले गए. ऑर्गेनिक पर मिलने वाली ग्रांट पर भी घपला किया. शिवराज पूरे कृषि मंत्रालय को लूट रहे 40 से 50 प्रतिशत का जो खाद का कोटा आ रहा है उसे प्राइवेट को सौंप दिया. बिना कालाबाजारी के एक बोरी भी नहीं मिल रही. भाजपा के नेता कर रहे कालाबाजारी. केंद्र सरकार का आदेश है 17 नवंबर 2022 का..जबरन वह सामान भी खरीदने के लिए किसानों को कहा जा रहा है जो नॉन फर्टिलाइजर है. उसे समय शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे. शिवराज जी ने उत्तर प्रदेश को लूट पूरे देश के कृषि मंत्रालय को लूट रहे हैं. जितनी आवश्यक्ता है उतनी नहीं हो रही. सरकार खुद कम डिमांड कर रही है. DAP के स्थान पर NPK खरीदी का दबाव बना रही है किसानों पर सरकार. हमारी मांग है कि इस देश में 08 लैबोरेट्री, सभी कंपनी के खाद बुलाएं और जांच कराएं हमारे सामने..अमानक निकलेगा पूरा खाद. राजगढ़ में टेस्टिंग भी हुई थी. Read More : https://mysecretnews.com/nirmala-sapres-clarification/ recent visitors 189

निर्मला सप्रे का स्पष्टीकरण: विधानसभा अध्यक्ष को लिखित जवाब, कहा- ‘न मैंने कांग्रेस छोड़ी, न बीजेपी जॉइन की

Nirmala Sapre’s clarification: Written reply to the Assembly Speaker, said- ‘Neither I left Congress, nor joined BJP’ भोपाल। मध्य प्रदेश की विधायक Nirmala Sapre’s clarification के दलबदल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में जवाब दिया है। निर्मला ने कहा कि न मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न बीजेपी ज्वाइन की है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान Nirmala Sapre’s clarification ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसे लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में आवेदन दिया था। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया था। लिखित जवाब में क्या कहा? विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अपने लिखित जवाब में सप्रे ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति हमेशा रही है और रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कुछ तत्व भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए मेरे नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैं इसे पूरी तरह से खारिज करती हूं और कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी और समर्पण को दोहराती हूं।” राजनीतिक हलकों में हलचल निर्मला सप्रे की इस प्रतिक्रिया के बाद, राज्य की राजनीति में कई अटकलों पर विराम लग गया है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर राहत की सांस ली है, क्योंकि सप्रे पार्टी की एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता मानी जाती हैं। बीजेपी खेमे में भी इस खबर को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन अब सप्रे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि उन्होंने कोई दल नहीं बदला है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का दो बार जवाब नहीं दिया था। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक सप्ताह का समय दिया था। निर्मला ने 10 अक्टूबर को बंद लिफाफे में उत्तर भेजा। नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने दलबदल नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर 21 अक्टूबर को कर सकते हैं। स्पीकर कांग्रेस से दलबदल के सबूत पेश करने को कह सकते हैं। Read More : https://mysecretnews.com/mining-department-running-with-half-staff/ recent visitors 149

मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में बना रहा है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhyapradesh is creating a new identity मुख्यमंत्री ने निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश की प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कियामहिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी Madhya Pradesh is creating a new identity in the field of industry and investment: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि Madhyapradesh is creating a new identity के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। Read More : https://mysecretnews.com/bjp-mla-brijbihari-pateria/ recent visitors 174