कार्तिकेय की मतदाताओं को चेतावनी: कांग्रेस का विधायक चुना तो गांव में नहीं होगा विकास कार्य

Karthikeya’s warning to voters: If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम. recent visitors 138

बुधनी में नाराजगी नहीं: VD शर्मा का बयान, मंत्री राकेश शुक्ला बोले- पीड़ा कहना नाराजगी नहीं

No resentment in Budhni: VD Sharma’s statement on opposition to BJP candidate भोपाल। बुधनी विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव का विरोध होने पर बवाल मच गया। कांग्रेस इसे लेकर अब सत्ता पक्ष पर तंज कस रही है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस नाराजगी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि बुधनी में कोई नाराजगी नहीं हैं। बीजेपी में कभी ऐसा नहीं हुआ। शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में बुधनी लगातार जीतते आए हैं। बुधनी के साथ विजयपुर भारी बहुमत से जीत रहे हैं। 24 को विजयपुर और 25 अक्टूबर को बुधनी का नामांकन है। बुधनी और विजयपुर के लिए हम तैयार हैं। विजय का इतिहास भारतीय जनता पार्टी बनाएगी। गरीब कल्याण की योजना और हमारे विकास का काम ये हमारी ताकत है। विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि BJP हर जगह षड्यंत्र करने की कोशिश कर रही है। चाहे वो कुछ भी कर लें, दोनों ही सीटों पर कांग्रेस जीत रही है। कांग्रेस ईमानदारी के साथ इन सीटों पर जीत कर आएगी। जनता सब कुछ जानती है और वो उन्हें जवाब भी देगी। बुधनी में BJP की खुद की पार्टी के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। वहां खुद अंदरूनी तौर पर षड्यंत्र चल रहा है। अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती: मंत्री राकेश शुक्ला पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बयान पर मंत्री राकेश शुक्ला ने पलटवार किया है। उपचुनाव पर कांग्रेस के दावों पर उन्होंने कहा कि रामनिवास नामांकन भरेंगे और मुख्यमंत्री भी जा रहे हैं। हम भी जाएंगे। यहां पर लगातार प्रवास होते रहे हैं और वरिष्ठ नेता भी रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी विजयपुर विधानसभा से रामनिवास रावत प्रचंड बहुमत से जीतकर आ रहे हैं। वहीं बुधनी में विरोध के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती। पीड़ा उन्होंने अपनी कही है। नेताओं के सामने पीड़ा कहने का अधिकार सबको है। हम सभी लोग मिलकर काम करेंगे और एक साथ मिलकर काम करेंगे तो जीतेंगे।जीतू पटवारी और कांग्रेस क्या कहती है, हमें इस पर नहीं जाना। संगठन और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हम जीत रहे हैं। recent visitors 134

ABVP कुकृत्य करने वालों का संगठन है, बीजेपी दलित और आदिवासी विरोधी : उमंग सिंघार

ABVP is an organization of evildoers, BJP is anti-Dalit and tribal: Umang Singhar भोपाल। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर हमला करते हुए उसे दलित और आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने इंदौर में ABVP के छात्रों के द्वारा हॉस्टल में घुसकर आदिवासी और दलित छात्रों के साथ अभद्रता को लेकर बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा अपने पाले हुए सड़क छाप गुंडों के जरिए दलित और आदिवासी विरोधी एजेंडा की प्रतिपूर्ति करती है। ये ABVP छात्रों का नहीं कुकृत्य करने वालों का संगठन है, जिसे भाजपा अपनी अगली पीढ़ी के लिए तैयार कर रही है। उमंग सिंघार ने ABVP संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग आदिवासी और दलित छात्रों को अपना निशाना बनाते रहते हैं। दो दिन पहले भाजपा की नई पीढ़ी ABVP के “गुंडे” इंदौर में आदिवासी और दलित छात्रों को उनके होस्टल कैम्पस में जाकर गालियां दी और होस्टल पर पत्थर फेंके। कानून को मजाक समझने वालों पर मौन यादव कार्रवाई करेंगे या दलित और आदिवासी अत्याचारों पर भी “मौन” रहेंगे? सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी इस मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दें। recent visitors 158

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर की सिफारिशों पर लगाई रोक, मदरसों को मिली राहत

Relief to Madrassas: Supreme Court bans stop funding and transfer order नई दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की उन सिफारिशों पर रोक लगा दी, जिनमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009) का पालन न करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द करने, उनकी सरकारी फंडिंग रोकने और सभी मदरसों का निरीक्षण करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है। NCPCR की सिफारिश क्या थी?NCPCR ने सिफारिश की थी कि जो मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करते, उनकी सरकारी मदद बंद कर दी जानी चाहिए। आयोग ने सभी मदरसों का निरीक्षण करने की भी सिफारिश की थी, ताकि यह देखा जा सके कि वे शिक्षा के मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में इस सिफारिश के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने याचिका दायर की थी, जिस पर चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाने की अनुमति भी दी है, ताकि व्यापक रूप से सभी मदरसों की स्थिति पर विचार हो सके। पूरा मामला क्या है?एनसीपीसीआर ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा सरकार को पत्र लिखकर सभी मदरसों का निरीक्षण करने और उनकी जांच करने का निर्देश दिया था। यूपी के मुख्य सचिव ने इस पत्र के जवाब में सभी जिलाधिकारियों को मदरसों की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। इसी तरह त्रिपुरा सरकार ने भी अगस्त में मदरसों की जांच के निर्देश दिए थे। उत्तर प्रदेश सरकार को दूसरा झटका:यह उत्तर प्रदेश सरकार को मदरसों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से मिला दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा अधिनियम, 2004 को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी। उस मामले की याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से स्पष्ट है कि मदरसों की फंडिंग फिलहाल जारी रहेगी और गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को जबरन सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई तक, मदरसे अपनी वर्तमान स्थिति में कार्यरत रहेंगे। recent visitors 115

शिवराज के घर बैठक में पूर्व MLA की अनुपस्थिति से चिंतित भाजपा: शिवराज बोले-नामांकन में साथ दिखेंगे

BJP concerned over the absence of former MLA in the meeting at Shivraj’s house: Shivraj said – will be seen together in the nomination भोपाल। बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर बैठक हुई। जिसमें बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।इस बैठक में बुधनी से टिकट की दौड़ में शामिल रहे वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष गुरु प्रसाद शर्मा और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत नहीं पहुंचे। इस पर भाजपा प्रत्याशी सफाई देते दिखे। रमाकांत भार्गव ने कहा कि 25 अक्टूबर को नामांकन के दौरान सभी नेता-पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। शिवराज बोले- भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव जीतेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा और कार्यकर्ता तैयार हैं। हमारी बैठक भी हो गई है। रविवार को रमाकांत भार्गव ने सलकनपुर मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ जाकर मां विजयासेन देवी का आशीर्वाद ले लिया है। शिवराज सिंह ने कहा- ” हमने आज कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पूरी रणनीति बनाई है। भाजपा पूरी तरह से तैयार है। जनता बीजेपी के साथ है। भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव हम जीतेंगे। केवल बुधनी नहीं विजयपुर में भी हमारे योग्य प्रत्याशी मंत्री रामनिवास रावत भारी बहुमत से जीतेंगे।केंद्रीय मंत्री ने कहा-डबल इंजन की सरकार के काम का जनता में असर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास है और यहां मोहन यादव भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं तो हम दोनों जगह जीतेंगे। शिवराज बोले- ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने बैठक के बाद मिडिया से बात करते हुए कहा- आज की बैठक में सभी प्रमुख और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से शिवराज ने कहा है कि ये चुनाव हमें ऐतिहासिक मतों से जीतना है। ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव है। चुनाव की चुनौती को हल्के में नहीं लेना है। पूरी गंभीरता के साथ प्रत्येक बूथ पर हमें पहुंचना है। हर बूथ के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। इस चुनाव में हम सबको मिलकर एकजुटता के साथ हमारे प्रत्याशी रमाकांत भार्गव को ऐतिहासिक मतों से जिताना है। recent visitors 123

मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य जरूरतों के लिए तेज क्रियान्वयन का वक्त: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

Time for faster implementation for the health needs of Madhya Pradesh: Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सशक्त-आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को मूर्त रूप देने, स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचनाओं को निरंतर सुदृढ़ करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन कार्यों के तेज गति से क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मुख्य सचिव अनुराग जैन से विभिन्न अंतर्विभागीय समन्वय विषयों पर गहन चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रमुख विषयों पर तेजी से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित करें, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके। प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी और प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेजों में वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) के प्रस्ताव पर किया विमर्श उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 454 चिकित्सकीय संस्थानों में पदों की स्वीकृति के साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने के लिए कार्यवाही और समन्वय करने के निर्देश दिये। पैरामेडिकल कौंसिल से संबंधित अधिनियम को पुनः पूर्ववत् करने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। सामुदायिक केंद्रों और सिविल अस्पतालों के संचालन को आउटसोर्स आधार पर अनुमति देने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई, ताकि इसे शीघ्र ही अमल में लाया जाकर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जा सके। सहायक प्राध्यापक (मेडिकल कॉलेज) के पदों पर भर्ती की आयु सीमा को 40 वर्ष से 50 वर्ष किये जाने पर दिया ज़ोर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सहायक प्राध्यापक (मेडिकल कॉलेज) के पदों पर भर्ती की आयु सीमा को 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताते हुए आवश्यक प्रस्ताव पर विमर्श किया। साथ ही नवीन जिलों में जिला अस्पतालों में पदों की स्वीकृति के मुद्दे पर विभागीय समन्वय के विषय पर चर्चा की गई। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग भर्ती में विशेष छूट देने का प्रस्ताव बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा। रीवा मेडिकल कॉलेज, सतना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदौर के एम वाय अस्पताल के उन्नयन और निर्माण हेतु परियोजना परीक्षण समिति से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए संबंधित कार्यवाही तेज करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये। स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के विकास के लिए बजट प्रावधान पर चर्चा उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट प्रावधान पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के विकास के लिये स्वीकृति हेतु प्रस्ताव लंबित हैं, जिसके समाधान के लिए विभागीय सूचकांक को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही रीवा जिले के ग्राम हिनौती में गौ-अभ्यारण्य की स्वीकृति के लिए पशुपालन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव पर स्क्रीनिंग कमेटी आवश्यक कार्यवाही के लिए उप मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा के अनुक्रम में सांदीपनी संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के रीवा परिसर में आधारभूत संरचना विकास (भवन/पुल निर्माण) तथा आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए उच्च शिक्षा विभाग से राशि प्रावधान करने की अनुशंसा की गई है। इस परियोजना को शीघ्र आमजन तक पहुँचाया जा सके इसके लिये आवश्यक कार्यवाही करने के संबंध में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चर्चा की। recent visitors 115

शिवराज का रुतबा काम ना आया ,कार्तिकेय की लॉन्चिंग पर संगठन ने लगाया ब्रेक

budhni: Shivraj’s status did not work, organization put brakes on Karthikeya’s launch बुधनी उपचुनाव में बीजेपी ने रामाकांत भार्गव को टिकट दिया है। यह शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में उन्होंने शिवराज के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। भोपाल: बुधनी उपचुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इस रेस में कई नाम थे। रेस में सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। इसके बाद विदिशा के पूर्व सांसद रामाकांत भार्गव के नाम की चर्चा थी। दिल्ली ने रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगाई है। ऐसे में चर्चा है कि Shivraj’s status did not work वाली सीट पर रामाकांत भार्गव की लॉटरी कैसे लग गई है। कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम की थी चर्चा दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा सीट से सांसद बनने के बाद बुधनी विधानसभा सीट खाली हुई थी। बुधनी में उपचुनाव की तारीख घोषित हो गई है। इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई थी कि शिवराज सिंह चौहान का वारिस कौन होगा। इस रेस में सबसे आगे कार्तिकेय सिंह चौहान ही चल रहे थे। वह पिता की सीट पर लगातार मेहनत भी कर रहे थे। उनके समर्थकों की इच्छा भी थी कि बुधनी से कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर ही मुहर लगे। वही प्रदेश चुनाव समिति की तरफ से पैनल में जो नाम भेजा गया था, उसमें कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम था। दिल्ली में नहीं बनी सहमति टिकट की घोषणा से दो दिन पहले शिवराज सिंह चौहान अपने बेटों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शादी का न्यौता देने गए थे। इसके बाद एमपी में अटकलें शुरू हो गई थीं कि कार्तिकेय सिंह चौहान को पीएम मोदी का आशीर्वाद मिल सकता है। चुनाव समिति की बैठक के बाद नामों की सूची आई तो रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी है। परिवारवाद से पार्टी ने बनाई दूरी कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में पार्टी परिवारवाद से दूर है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी नेता पुत्रों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के पुत्र राजनीति में एंट्री के लिए ललायित हैं लेकिन पार्टी ने सभी की एंट्री पर ब्रेक लगा रखी है। अगर शिवराज सिंह चौहान के बेटे को टिकट देती तो गलत नैरेटिव गढ़ा जाता। शायद इससे बचने के लिए पार्टी ने यह फैसला लिया है। रामाकांत भार्गव हैं शिवराज सिंह चौहान के खास वहीं, रामाकांत भार्गव भी शिवराज सिंह चौहान के खास माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान पहले विदिशा सीट से सांसद थे। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जब विदिशा से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया तो शिवराज की पसंद और करीबी रहे रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में रामाकांत भार्गव ने शिवराज सिंह चौहान के लिए सीट छोड़ दी। शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद बन गए हैं। वहीं, बुधनी में शिवराज की विरासत को अब रामाकांत भार्गव संभालेंगे। चुनाव प्रचार में जुट गए कार्तिकेय रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान पहली बार मीडिया के सामने आए तो उनके चेहरे पर शिकन भी देखने को मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामाकांत भार्गव हमारे पितातुल्य हैं। मैं उनके लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने की मंशा से कभी काम नहीं किया। यह मेरा सौभाग्य है कि कार्यकर्ताओं ने मेरा नाम पैनल तक पहुंचाया है। हम रामाकांत भार्गव के लिए दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। Read More : https://mysecretnews.com/congress-bjp-face-to-face-clash-over-name-change/ recent visitors 163