समाज की एकता ही उसकी होती है असली ताकत: महापौर मालती

Unity of society is its real strength: Mayor Malti भोपाल। मप्र रविकिरण समाज कल्याण समिति भोपाल द्वारा रविवार को पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में संत शिरोमणी रविदास महाराज की 649वी जयंती महोत्सव एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि महापौर मालती राय ने संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।  महापौर राय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों में अपना विशिष्ट योगदान और संगठन में सेवा देने वाले दिवंगतों के परिजनों तथा समाज के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सदस्यों का पारिवारिक परिचय और सांस्कृतिक आयोजन किए गए। इस दौरान नन्हें-मुन्ने बच्चों ने आत्मरक्षा के तरीके बताकर बच्चियों को सुरक्षित रहने का संदेश दिया।  महापौर मालती ने कहा कि कोई भी समाज हो, उसकी ताकत का एहसास तभी होता है, जब वह एक हो। आयोजन भी इसी कड़ी का हिस्सा है। आयोजन में जब बड़ी संख्या में लोग आएंगे तो राजनैतिक पार्टियों तक भी इसका संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि नशा करना चाहिए, लेकिन वह शराब या अन्य नशीली चीजों का नहीं, बल्कि-वह समाज सेवा, धर्म की रक्षा, शिक्षा जैसी उन्नतशील सेवाओं का होना चाहिए।  वहीं राजू भारती बैरसिया ने अपने गीतों के माध्यम से युवाओं को नशा से दूर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर मुख्य सरंक्षक गुणवन्त सेवतकर, प्रदेशाध्यक्ष रामभाऊ बिंजाड़े, कोषाध्यक्ष सीआर झाडे, सहायक कोषाध्यक्ष केवल नकले, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मोहबे, उपाध्यक्ष महेंद्र टांडेकर, सचिव संगीता मोहबे, अरूण अहिरवार, कमल पटेल, दीपक अहीरे, दिनेश बरखने बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। recent visitors 77

आनंद नगर में चलेगा बुलडोजर, कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण

Bulldozer will be used in Anand Nagar, Congress calls the action unjust भोपाल। आनंद नगर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के लिए व्यापारियों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। इससे व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसकी आवाज उठाने व्यापारी मंडल एवं स्थानीय नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से उनके निवास पर मुलाकात की और अपनी पीड़ा साझा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी गोविंदपुरा के नागरिकों और पीड़ित दुकानदारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।  अध्यक्ष पटवारी ने गोविंदपुरा विधानसभा के आनंद नगर क्षेत्र में 40-50 वर्षों से संचालित दुकानों को तोड़ने के दिए गए आदेशों की कड़े शब्दों में निंदा की है।  उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, असंवेदनशील और गरीब-विरोधी बताया। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार द्वारा बिना संवाद, बिना पुनर्वास और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को तोड़ने के आदेश देना सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की रोजी-रोटी पर हमला है। पटवारी ने कहा, जिस क्षेत्र ने 40 वर्षों तक लगातार भाजपा को वोट दिया, आज उसी क्षेत्र की जनता को बुलडोजर के नीचे कुचला जा रहा है। क्या यही 40 साल की वफादारी का इनाम है? उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजे के नाम पर गंभीर भेदभाव किया जा रहा है। कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोगों को ही लाभ दिया गया, जबकि अधिकांश छोटे दुकानदारों को या तो मुआवजा नहीं मिला या फिर 20 से 50 हजार रुपये जैसी नाममात्र की राशि देकर उनके साथ मजाक किया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि आज के समय में नई दुकान खड़ी करना अत्यंत कठिन है और ऐसे में बिना समुचित पुनर्वास और सम्मानजनक मुआवजे के दुकानों को तोड़ना सरासर अन्याय है।  उन्होंने इस विषय में भोपाल कलेक्टर से कॉल के माध्यम से चर्चा कर आग्रह किया कि किसी भी गरीब दुकानदार की दुकान बिना वैकल्पिक व्यवस्था और उचित मुआवजे के न तोड़ी जाए। पटवारी ने भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे आनंद नगर के दुकानदारों के समर्थन में तत्काल विरोध प्रदर्शन करें तथा आवश्यक कानूनी कदम उठाएं। पटवारी ने कहा, कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक इस लड़ाई को लड़ेगी। गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। recent visitors 68

फ्लाईओवर बनेगा या सिर्फ हवा में उड़ते रहेंगे बयान, कांग्रेस ने निकाली न्याय पदयात्रा 

Will the flyover be built or will the statements just remain in the air? Congress takes out a march on justice  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के पहले ही पूर्व विधानसभा एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बनता नजर आने लगा है। इस समय अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक के फ्लाई ओवर पर सियासी उड़ान तेज हो गई है। जहां एक ओर कैबिनेट मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में आमजनों व कांग्रेसियों के साथ मिलकर पहाड़िया पैलेस रद्दी चौकी से लेकर भीमराव अंबेडकर चौक तक जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने बयानों के बेतुके तीर छोड़े। इससे तो लग रहा कि  ‘यह फ्लाईओवर कम और चुनावी फ्लाईओवर ज्यादा है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी और लखन खुद मंत्री थे, तब ये फ्लाईओवर कहां था? तब बजट में जगह नहीं मिली थी। कांग्रेस विधायक अब सड़क पर उतरकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन इन भाजपा नेता ने अपनी 23 साल की सरकार और अपने ही नेताओं की घोषणाओं पर मौन साध लिया है।  जिसकी अभी सरकार है और ब्रिज बनाने वाले पीडब्ल्यूडी के मंत्री भी इसी जबलपुर शहर के निवासी हैं तो जिम्मेदारी किसकी है। यह सवाल जनचर्चा का विषय बना हुआ है। अब ऐसे में फ्लाईओवर ब्रिज बनेगा या फिर इसी तरह बयान उड़ते रहेंगे ये भी सवाल सभी के सामने बनकर खड़ा हो गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य की घोषणा और उसकी स्वीकृति में अंतर होता है, अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक जिस फ्लाई ओवर की बात कोंग्रेस के विधायक कर रहे, उसे इन्होने कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में बजट में शामिल नहीं किया था।  इसलिए निकाली गई यात्रा वहीं नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण, गोहलपुर फ्लाई ओवर विस्तार और बिजली संकट की जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली गई है। इसके जरिए कांग्रेस व आमजन अपना हक मांग रहे हैं।  लखन ने किया दावा पदयात्रा के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र के साथ वर्षों से भेदभाव हो रहा है और शहर को सबसे जरूरी फ्लाईओवर आज तक सिर्फ फाइलों में ही घूम रहा है। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक बनने वाला 269 करोड़ का फ्लाईओवर जाम से मुक्ति दिलाएगा, लेकिन सरकार सुन ही नहीं रही है। recent visitors 53

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

PM Modi slammed TMC, saying infiltrators are usurping rights, and that action will be taken as soon as the BJP forms the government. पश्चिम बंगाल के मालदा में रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की योजनाओं, भाजपा के विस्तार और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे हमलों के साथ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के हर गरीब परिवार के पास पक्का घर हो, हर जरूरतमंद को मुफ्त राशन मिले और केंद्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ गरीबों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से बंगाल में ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए टीएमसी सरकार पर बड़ा हमला बोला। रैली में उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों का हक घुसपैठिए छीन रहे हैं। भाजपा सरकार बनते ही सभी घुसपैठिओं पर कार्रवाई करेंगे और बंगाल के लोगों का हक और उनके अधिकार सुरक्षित किए जाएंगे। केंद्र की योजनाएं बंगाल तक क्यों नहीं पहुंच रहीं?प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार बेहद असंवेदनशील और निर्दयी रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए जो पैसा भेजती है, उसे टीएमसी के नेता लूट लेते हैं। पीएम मोदी ने साफ कहा कि गरीबों के हक का पैसा गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या ऐसी सरकार को और मौका दिया जाना चाहिए, जो गरीबों के साथ अन्याय कर रही हो। अब बंगाल में बदलाव क्यों जरूरी है?पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में वर्षों तक भाजपा के खिलाफ झूठ फैलाया गया और अफवाहें उड़ाई गईं, वहां भी अब मतदाता भाजपा को आशीर्वाद दे रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि इस बार बंगाल की जनता भाजपा को विजयी बनाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि देश का माहौल बदल चुका है और लोग विकास और सुशासन की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। विकसित भारत और पूर्वी भारत का क्या कनेक्शन है?प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत की राजनीति ने जकड़ कर रखा, जिससे विकास रुक गया। पीएम मोदी ने दावा किया कि भाजपा ने पूर्वी राज्यों को इस राजनीति के चंगुल से बाहर निकाला है। उन्होंने कहा कि अगर पूर्वी राज्यों का भरोसा किसी एक पार्टी के साथ है, तो वह पार्टी भाजपा है। टीएमसी सरकार पर आखिरी बड़ा हमला क्यों?पीएम मोदी ने कहा कि आज बंगाल देश का इकलौता राज्य है, जहां आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार जानबूझकर बंगाल के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से देश के लाखों परिवारों का बिजली बिल जीरो हो गया है, लेकिन बंगाल में यह योजना आगे नहीं बढ़ने दी जा रही। पीएम मोदी ने जनता से अपील की कि ऐसी निर्दयी सरकार को बंगाल से विदा करना जरूरी है, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके। recent visitors 80

राहुल गांधी को इंदौर में सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत, प्रशासन ने कहा- नो, सरकार पर बरसे जीतू पटवारी

Rahul Gandhi was denied permission to hold a conference in Indore, the administration said no, Jitu Patwari lashed out at the government इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को शहर के पीड़ित परिवारों और मरीजों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे। इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई। कल नेता प्रतिपक्ष आदरणीय @RahulGandhi जी इंदौर आ रहे हैं। वे दूषित पानी से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे और उन्हें संबल प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश के हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिले, इसी… pic.twitter.com/YmUTG7q7Gs — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 16, 2026 सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत- जीतू पटवारीपटवारी ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे।” सरकार पर बरसे जीतूपटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, “इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?” बता दें कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है। इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। recent visitors 176

मध्य प्रदेश में फिर तेज हुई दलित-आदिवासी राजनीति, कांग्रेस साधने के लिए मुद्दों को दे रही हवा

Dalit-tribal politics has once again intensified in Madhya Pradesh, with the Congress raising issues to gain traction. भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर दलित-आदिवासी राजनीति केंद्र में आ गई है। भले ही विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से इन वर्गों को साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। खासकर कांग्रेस दलित और आदिवासी समाज को फिर से अपने पाले में लाने के लिए आक्रामक रुख अपनाती दिख रही है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद से लेकर आदिवासी संगठनों के मुद्दों तक, कांग्रेस लगातार संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह इन वर्गों के साथ खड़ी है। हाल ही में ग्वालियर हाई कोर्ट खंडपीठ परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद ने दलित राजनीति को नया मुद्दा दे दिया। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया समेत कई नेता खुलकर दलित संगठनों के समर्थन में सामने आए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए दलित अस्मिता से जोड़कर इसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न बना दिया। ग्वालियर-चंबल अंचल में अनुसूचित जाति वर्ग की निर्णायक भूमिका को देखते हुए कांग्रेस का यह रुख महज संयोग नहीं माना जा रहा। विधानसभा गणित और दलित-आदिवासी महत्वप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए 35 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा करीब 40 सामान्य सीटों पर भी इन वर्गों का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दल इन मतदाताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों और असंतोष के चलते दलित-आदिवासी मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की ओर रहा, जिससे 15 वर्षों बाद कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में लौटी। हालांकि 2023 में समीकरण बदले और भाजपा ने एससी-एसटी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बना ली। आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीतिकांग्रेस का मौजूदा फोकस सिर्फ दलित नहीं, बल्कि आदिवासी समाज पर भी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का अधिकांश राजनीतिक जोर आदिवासी क्षेत्रों पर दिखाई देता है। हाल के दिनों में आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस की चुप्पी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्मा आदिवासी समाज से आते हैं और अजाक्स के अध्यक्ष हैं, जिसे कांग्रेस का पारंपरिक समर्थन रहा है। वर्मा को दिए गए कारण बताओ नोटिस के विरोध में जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) समेत कई आदिवासी संगठन एकजुट हैं, जबकि ब्राह्मण समाज सरकार की निष्क्रियता से नाराज है। दिग्विजय सिंह और दलित एजेंडाप्रदेश में दलित राजनीति को धार देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुआई में नया दलित एजेंडा तैयार किया जा रहा है। अगले एक वर्ष तक प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इस एजेंडे को लेकर गतिविधियां चलाई जाएंगी और 13 जनवरी 2027 को इसे औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2002 में भी दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते दलित एजेंडा लागू हुआ था, हालांकि उसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा का पलटवारभाजपा कांग्रेस की इस सक्रियता को महज “एजेंडा की राजनीति” बता रही है। प्रदेश के मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस का इतिहास एससी-एसटी वर्ग के विकास का नहीं रहा है। उनके अनुसार कांग्रेस ने जाति को जाति से लड़ाने का काम किया, जबकि भाजपा सामाजिक समरसता और विकास की राजनीति करती है। 2028 से पहले सियासी तापमानकुल मिलाकर, 2028 के चुनाव से काफी पहले ही मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी राजनीति का तापमान बढ़ने लगा है। कांग्रेस जहां इन वर्गों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा अपने विकास और समरसता के एजेंडे पर भरोसा जता रही है। आने वाले महीनों में यह राजनीति और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। recent visitors 71

भाजपा पार्षद पर रेप करने का सनसनी खुलासा , महिला बोली- वीडियो बनाकर वायरल करने की दे रहा धमकी

Sensational revelation of rape by BJP councilor, woman says he is threatening to make a video and make it viral सतना। नगर परिषद रामपुर बाघेलान के भाजपा पार्षद अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए और थाना प्रभारी रामपुर बाघेलान के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद के खिलाफ एसपी को आवेदन देकर महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने बताया कि उसने 22 दिसंबर को एसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। छह महीने पहले किया दुष्कर्ममहिला ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि करीब छह माह पहले आरोपी पार्षद ने उसके साथ गलत काम किया था और उसी दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। अब वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उस पर दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार, आरोपी उसकी दुकान पर आकर आए दिन उसे अपमानित करता है और धमकाता है कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सार्वजनिक कर देगा। क्या पुलिस लेगी एक्शनमहिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर कानून-व्यवस्था चुनौती देने वाले पार्षद के खिलाफ क्या पुलिस प्रशासन कोई एक्शन लेगा। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं। recent visitors 104