भाजपा पार्षद पर रेप करने का सनसनी खुलासा , महिला बोली- वीडियो बनाकर वायरल करने की दे रहा धमकी

Sensational revelation of rape by BJP councilor, woman says he is threatening to make a video and make it viral सतना। नगर परिषद रामपुर बाघेलान के भाजपा पार्षद अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए और थाना प्रभारी रामपुर बाघेलान के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद के खिलाफ एसपी को आवेदन देकर महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने बताया कि उसने 22 दिसंबर को एसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। छह महीने पहले किया दुष्कर्ममहिला ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि करीब छह माह पहले आरोपी पार्षद ने उसके साथ गलत काम किया था और उसी दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। अब वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उस पर दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार, आरोपी उसकी दुकान पर आकर आए दिन उसे अपमानित करता है और धमकाता है कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सार्वजनिक कर देगा। क्या पुलिस लेगी एक्शनमहिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर कानून-व्यवस्था चुनौती देने वाले पार्षद के खिलाफ क्या पुलिस प्रशासन कोई एक्शन लेगा। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं। recent visitors 104

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है. बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा. कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है. 8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.” मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ? जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे. मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.” recent visitors 92

‘आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक और कार्पोरेट परस्त है सरकार’, जंगल कटाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

“The government is a promoter of anti-tribal policies and pro-corporate,” Congress protests against deforestation. Congress Protest : मध्य प्रदेश में जंगलों की बढ़ती कटाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को धार में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, एक ओर पीएम मोदी मां के नाम एक पेड़ अभियान चला रहे हैं, वहीं प्रदेश में हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। ये सरकार कार्पोरेट परस्त है और आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक है। कांग्रेस द्वारा सिंगरोली में कोयला खदान के लिए उद्योगपति अडानी की कंपनी को जंगल भूमि देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। आरोप है कि हजारों की संख्या में जंगलों में पेड़ काटे जा रहे हैं। नेता व कार्यकर्ताओं ने हाथों में आरी लेकर सांकेतिक रूप से जंगल कटाई का रूपांतरण किया। प्रदर्शन के दौरान जंगल बचाओ-आदिवासी बचाओ और सिंगरोली बचाओ-जंगल बचाओ जैसी तख्तियां कांग्रेसियों ने थामी थी। नारेबाजी के बाद अड़ानी का पुतला भी फूंका गया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा में सिंघार ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कहा कि भाजपा इस योजना को बंद करना चाहती है। इसमें केन्द्र ने राज्य का अंश बढ़ा दिया है। राज्यों के पास पहले ही पैसा नहीं है। यह स्थितियां बताती हैं कि यह योजना बंद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने नाम बदलने के अलावा क्या किया है। इसके पूर्व भी कई योजनाओं के नाम बदल चुके हैं। SIR में नाम जोड़ने-घटाने पर कांग्रेस की नजर नेता प्रतिपक्ष सिंघार जिला समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए धार पहुंचे थे। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को संबो​धित करते हुए एसआइआर सर्वे का जिक्र किया है। सिंघार ने कहा कि आगामी एक माह महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नए नाम जोडऩे व घटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस की नजर रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सजग होकर जुटने के लिए कहा है। recent visitors 83

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है। recent visitors 82

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। recent visitors 75

MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP Food and Supplies Minister said- If your name is not in the voter list, ration and water will be stopped, Congress said- Have you become an officer of the Election Commission? भोपाल ! मध्य प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री ने कहा कि ‘जिसने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया, उसे राशन और सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी।’ उनके इस बयान ने जनता में हड़कंप और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ा दी हैं। बताया जाता है कि मंत्री सागर जिले की सुरखी विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गांवों में मतदाता सूची अपडेट होने का काम चल रहा है, इसलिए हर व्यक्ति अपना नाम जोड़वाए। उन्होंने कहा अगर नाम नहीं जोड़वाओगे तो राशन, आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं बंद हो जाएंगी। 5–6 दिन का समय है, जाकर अपना फॉर्म जमा कर दो।’ हालांकि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया का किसी भी तरह से राशन कार्ड या अन्य सरकारी योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। न ही इसका प्रभाव राशन मिलने पर पड़ता है। विपक्ष का हमला- ‘नेतागिरी छोड़ चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या?’उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री किस अधिकार से ऐसे बयान दे रहे हैं? क्या वे चुनाव आयोग के अधिकारी हैं? कटारे ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और चुनाव आयोग से मंत्री पर कार्रवाई की मांग की। recent visitors 94

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 68