भोपाल पहुंचे राहुल गांधी मध्य प्रदेश में नई कांग्रेस खड़ी करने… 5 घंटे में करेंगे ताबड़तोड़ बैठकें

भोपाल पहुंचे राहुल गांधी मध्य प्रदेश में नई कांग्रेस खड़ी करने… 5 घंटे में करेंगे ताबड़तोड़ बैठकें

Rahul Gandhi reached Bhopal to establish a new Congress in Madhya Pradesh… will hold a series of meetings in 5 hours भोपाल (Rahul Gandhi in MP): 23 साल से मध्य प्रदेश में कांग्रेस वनवास काट रही है। कमल नाथ के नेतृत्व में 2018 में सरकार बनी, पर डेढ़ साल ही चल सकी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर चले गए। संगठन का ताना-बाना बिखर गया। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मप्र में नई कांग्रेस खड़ी करेंगे। इसके लिए संगठन सृजन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसकी शुरुआत मंगलवार, 3 जून को भोपाल में राहुल गांधी ही करेंगे। वे 5 घंटे में तीन बैठकों और अधिवेशन में भाग लेंगे। विभीषणों को चिन्हित करने की बात कह चुके राहुल गांधीमध्य प्रदेश में अब कांग्रेस नया नेतृत्व तैयार कर रही है। अभी तक यह कमल नाथ, दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के हाथों में रहा है। राहुल गांधी मध्य प्रदेश में भी ‘विभीषणों’ को चिन्हित करने की बात भी कह चुके हैं।जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष, उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उपनेता बनाकर पीढ़ी परिवर्तन की कवायद भी प्रारंभ कर दी गई है। इस बीच, देश में जनगणना के साथ जाति आधारित गणना का श्रेय पार्टी राहुल गांधी को देगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस पूरे प्रदेश में अभियान चलाएगी। संगठन सृजन अभियान के दौरान ही कार्यकर्ता घर-घर जाकर बताएंगे कि राहुल गांधी के जाति आधारित गणना करने का मुद्दा उठाने के बाद भारत सरकार को झुकना पड़ा और वह इसके लिए तैयार हुई। विमानतल से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक 52 द्वार भी बनाए गए है, जिनमें जाति आधारित गणना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। recent visitors 116

कमलनाथ का भाजपा पर तीखा हमला: “सेना के सम्मान को राजनीतिक बयानबाज़ी से दूर रखें

कमलनाथ का भाजपा पर तीखा हमला: “सेना के सम्मान को राजनीतिक बयानबाज़ी से दूर रखें

Kamal Nath sharp attack on BJP: “Keep the honor of the army away from political rhetoric” छिंदवाड़ा। Kamal Nath sharp attack मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने गृहनगर छिंदवाड़ा में प्रेसवार्ता कर भाजपा पर तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता सेना के शौर्य को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जो न केवल असंवेदनशील है, बल्कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों का भी अपमान है। सेना को राजनीति से दूर रखने की नसीहतकमलनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारे वीर जवान अपनी जान की बाज़ी लगाकर देश की रक्षा करते हैं। उनके बलिदान को चुनावी भाषणों में घसीटना शर्मनाक है। सेना राजनीति से ऊपर है, और उसे वहीं रहने देना चाहिए। भाजपा को यह बात समझनी चाहिए।” भोपाल मेट्रो पर श्रेय की जंगपूर्व मुख्यमंत्री ने भोपाल मेट्रो परियोजना को लेकर भाजपा पर “झूठा श्रेय” लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना की नींव उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ही रखी गई थी। “जब बाबूलाल गौर मुख्यमंत्री थे, मैंने दिल्ली जाकर 17 करोड़ रुपये सर्वे के लिए स्वीकृत करवाए थे। आज जब प्रोजेक्ट जमीन पर दिखने लगा है, तो भाजपा इसे अपनी उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह कर रही है,” कमलनाथ ने कहा। Read More : सिरदर्द को न करें नजरअंदाज: ये संकेत हो सकते हैं किसी गंभीर बीमारी के महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरामहिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कमलनाथ ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है। मंचों और इवेंट्स में भाषण देने से हकीकत नहीं बदलती।” राजनीति में गरमा गया माहौलकमलनाथ के इस बयान से राज्य की राजनीति में एक बार फिर से गरमाहट आ गई है। भाजपा की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकार मानते हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में सियासी बहस का केंद्र बन सकता है। recent visitors 116

सीधी में रातों-रात आदिवासी परिवार बेघर, कमलेश्वर पटेल ने जताया विरोध

सीधी में रातों-रात आदिवासी परिवार बेघर, कमलेश्वर पटेल ने जताया विरोध

Tribal family became homeless overnight in Sidhi, Kamleshwar Patel protested सीधी । Tribal family became homeless जिले के डैनीहा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से हाहाकार मच गया। इस कार्रवाई में लगभग 100 आदिवासी परिवारों के घर जमींदोज कर दिए गए, जिनमें ज़ालिम कोल, लखन कोल, मोहन कोल और मसाली कोल जैसे परिवार शामिल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें अपना सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया। पीड़ित परिवारों का दावा है कि वे पिछले 80 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे थे। कार्रवाई के बाद अधिकांश परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हो गए, जबकि कुछ को अस्थायी आश्रय स्थल ‘रंग बसेरा’ में शरण दी गई है। कोर्ट के आदेश पर चली कार्रवाई Tribal family became homelessप्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई सिविल कोर्ट के आदेश पर की गई थी। जानकारी के अनुसार, मृगेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने करीब 20 वर्ष पहले अतिक्रमण हटाने की याचिका दायर की थी, जिस पर 2020 में निर्णय आया था। हाल ही में कोर्ट ने फिर से प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। कमलेश्वर पटेल पहुंचे मौके पर, बताया अमानवीय Tribal family became homelessघटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग 12 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सीधी कलेक्टर को फोन कर पीड़ितों की व्यथा सुनाई।पटेल ने इस कार्रवाई को “अन्यायपूर्ण और अमानवीय” करार देते हुए कहा, Read More: ऑपरेशन सिंदूर”: भाजपा का नया नाटक या संस्कृति के नाम पर स्त्री अस्मिता का अपमान? “अगर अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो पहले इन आदिवासी परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।” कलेक्टर बोले – पहले से जानकारी नहीं थीसीधी कलेक्टर ने सफाई दी कि उन्हें इस कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा और प्रभावितों को राहत पहुंचाई जाएगी। recent visitors 115

जातीय जनगणना पर कांग्रेस का पलटवार, वेणुगोपाल बोले- अब पीएम मोदी की नींद हराम होगी

Politics heated up caste census : कांग्रेस का पीएम मोदी को करारा जवाब Politics heated up caste census देश की राजनीति में इन दिनों जातीय जनगणना को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजाम बंदरगाह के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उनके इस बयान ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कहा, “हम तो चैन की नींद सोएंगे, लेकिन आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नींद जरूर उड़ने वाली है। यह बयान सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस जातीय जनगणना को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। जातीय जनगणना और आरक्षण पर कांग्रेस की रणनीति (Politics heated up caste census) वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अब आरक्षण की 50% सीमा को पार कर सामाजिक न्याय को और मज़बूत करने की मांग करेगी। उनका कहना है कि जैसे महिला आरक्षण विधेयक को सालों बाद लागू किया गया, वैसे ही जातीय जनगणना को और टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र सरकार इस मांग को गंभीरता से ले और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक़ और हिस्से का पूरा प्रतिनिधित्व मिले,वेणुगोपाल ने कहा। राजनीतिक माहौल में नया मोड़ (Politics heated up caste census) प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच यह बयानबाज़ी 2024 के आम चुनावों से पहले राजनीति के मैदान में एक नया मोड़ ला रही है। जातीय जनगणना एक ऐसा मुद्दा है जो न सिर्फ दलों के वोट बैंक को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय की बहस को भी नई दिशा देता है। Read more: फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव कांग्रेस का यह रुख साफ करता है कि वह अब इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले हफ्तों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर हलचल तेज़ हो सकती है। जातीय जनगणना अब केवल एक आंकड़ों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, राजनीतिक रणनीति और सत्ता के संतुलन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना यह होगा कि इस बढ़ती बहस में जनता का समर्थन किसके साथ खड़ा होता है – सत्ता पक्ष के साथ या विपक्ष के संघर्ष के साथ। recent visitors 124

कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ आज से: प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक; 40 दिनों तक चलेगा विरोध प्रदर्शन और जनसंपर्क

Save Constitution Campaign

कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड: हाल ही में उन्होंने भाजपा के खिलाफ बयान बाज़ी की थी ,19 ठिकानों पर पहुंची टीम

ED raids Congress minister

ED raids Congress minister: Recently he had made statements against BJP, the team reached 19 locations जयपुर। ED raids Congress minister राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापा मार रही है। जयपुर में एक और प्रदेश के अन्य 18 ठिकानों पर सुबह करीब 5 बजे टीमें पहुंच गई थीं। यह मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों के नाम पर PACL में घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था। अधिकांश पैसा प्रॉपर्टी और अन्य सेक्टर में लगा दिया गया। उधर, पूर्व मंत्री के घर छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। ED raids Congress minister पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित इसी मकान में सुबह से ED की रेड चल रही है। Rad more: हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा लाखों लोगों के साथ हुई थी PACL में धोखाधड़ी लाखों लोगों के साथ PACL में धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद यह केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 महीने में लोगों को ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार, पीएसीएल की 1.86 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। इसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। राजस्थान में 28 लाख लोगों ने 2850 करोड़ किए थे निवेश17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकार सूत्रों की मानें तो इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है। ईडी की छापेमारी पूरी होने के बाद ही रिकवरी को लेकर कुछ कहा जा सकता है। खाचरियावास ने कहा- जो इनके खिलाफ बोलता है, ईडी भेज देते हैंप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ईडी केंद्र के अधीन है। इस डबल इंजन की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकता। मेरे परिवार के सदस्यों के यहां बेवजह सर्च चल रहा है। हम पूरा सर्च करवाएंगे। ईडी के अफसरों से हम पूरा सहयोग करेंगे। बीजेपी सरकार को मेरे बोलने से इतना दर्द है कि छापे डलवा दिए। मैं पिछले डेढ़ साल से इनके खिलाफ बोल रहा हूं। जो बीजेपी और इनकी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर ये ईडी भेज देते हैं। मैं बोल रहा था तो मुझे भी पहले से पता था कि ईडी तो एक दिन पहुंचेगी, यदि पहुंचेगी तो मैं भी तैयार हूं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरियावास है, मुझे सबका इलाज करना आता हैखाचरियावास ने बीजेपी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा- बीजेपी के लोगों से कहना चाहूंगा। आप ही सरकार में नहीं रहोगे। सरकारें बदलती रहती हैं। जमाना बदलेगा। आपने यह कार्रवाई शुरू की है, कल बीजेपी वालों के खिलाफ भी हम यही कार्रवाई करेंगे। डरते थोड़े ही हैं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरिवास है। मुझे सबका इलाज करना आता है। recent visitors 71

‘नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक’, नेता प्रतिपक्ष ने Nursing Scam को लेकर सरकार को फिर घेरा, कहा- 300 से ज्यादा कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे

‘The condition of nursing education is shameful’, the Leader of Opposition again cornered the government over the Nursing Scam सुशील दामले, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को जमकर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी का नतीजा है। एमपी में कभी 300 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! BJP सरकार की नाकामी का नतीजा – कभी 300 से ज़्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ़ 95 बचे हैं।’ सिंघार ने आगे कहा कि ‘CBI जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया, सैकड़ों कॉलेज मानकों पर खरे नहीं उतरे और बंद हो गए। घोटाले के बाद छात्रों का भरोसा इतना टूट गया कि 2023-24 में एक भी दाखिला नहीं हुआ – पूरा सेशन शून्य रहा! जो सरकार शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी के राज में शिक्षा की ये दुर्दशा क्यों?’ उन्होंने मध्य प्रदेश बीजेपी को टैग करते हुए पूछा कि ‘युवाओं का भविष्य यूं बर्बाद क्यों हो रहा है ?’ https://twitter.com/UmangSinghar/status/1910213082942521781 recent visitors 101