भाड़े के शिक्षक मामले में सियासत तेज, उमंग सिंघार बोले- ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की…’

Politics intensifies in the case of hired teachers, Umang Singhar said – ‘Double engine is used in schools also…’ सागर ! मझेरा गांव भाड़े के शिक्षक रखने के मामले में सुर्खियों में आ गया है. दरअसल, मझेरा गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए किराए पर शिक्षिका रख ली. मामला उजागर होने के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर जमकर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स ट्वीट कर लिखा कि- मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सोशल मीडिया के एक्स पर कांग्रेस के अधिकृत अकाउंट से ट्वीट किया गया कि- मास्टर जी ने केंद्रीय मंत्री की सेवा चाकरी और जी हजूरी कर ली, फिर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो तो भी परवाह किसे? मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. सत्ता के संरक्षण में शिक्षक पढ़ाने नहीं जाते. मोटी तनख्वाह वसूल रहे शिक्षक एवजी पर 3 हजार के मजदूर शिक्षक भेज देते हैं. मगर भारतीय जनता पार्टी सरकार को बच्चियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की कोई चिंता नहीं है. ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि लगता है प्रदेश के स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार चल रही. सागर जिले के ग्रामीण इलाके मझेरा के स्कूल का असल शिक्षक इंद्र विक्रम, मंत्री वीरेन्द्र खटीक का मुंह लगा है. इस शिक्षक ने अपनी जगह स्कूल में एवजी शिक्षक ममता को तीन हजार रुपए महीने पर नौकरी पर रख लिया, वो इनकी जगह क्लास लेती है और ये मंत्री के हाथों खीर खाते हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघा ने लिखा कि मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सिर्फ यही नहीं प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ऐसे एवजी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. राजनीतिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने एवजियों को पढ़ाने का काम सौंप दिया और खुद राजनीति करते हैं. अब देखना है कि सागर जिले के शिक्षक इंद्र विक्रम पर सरकार क्या कार्रवाई करती है. शिक्षक का 40 हजार रुपए वेतन मझेरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इंद्र विक्रम सिंह परमार उर्फ वट्टू राजा का 40 हजार रुपए वेतन है, जबकि उन्होंने 3000 रुपए महीने में ममता नामक महिला को पढ़ाने के लिए रख रखा है, वह एक साल से इस स्कूल में पढ़ा रही हैं. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि कई बार मना किया, फिर भी ममता स्कूल आ रही हैं. उपस्थिति रजिस्टर में लाइन खींच दी, फिर भी इंद्र महीने में एक बार आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं. वहीं शिक्षक इंद्र का कहना है कि सुबह-शाम केंद्रीय मंत्री के साथ समय व्यतीत करता हूं. दिन में स्कूल जाता हूं. कभी-कभी नहीं जा पाता, वह अलग बात है. बता दें यह केवल एक स्कूल का हाल नहीं है, बल्कि सागर जिले के ही बिलहरा के बंजरिया, भलैयां, रेहटी, कजरई के अलावा नर्मदापुरम के खोकसर के स्कूलों में भी यही हाल है. यहां 40 से 80 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले शिक्षकों ने किराए के शिक्षक रख रखे हैं. recent visitors 137

Happy Birthday : कमलनाथ का व्यक्तित्व व कृतित्व जनसेवा के लिए समर्पित

18 November Happy Birthday: Kamal Nath’s personality and work are dedicated to public service भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौ बार सांसद रहे कमलनाथ के लिए जन सेवा ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे माने जाने वाले कमलनाथ के जन्मदिवस पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर निगाहें डालें तो पिछले 45 वर्ष से छिंदवाड़ा और मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय कमलनाथ मितभाषी और मृदुभाषी नेताओं में से एक हैं। भारतीय राजनीति के शीर्ष चार नेताओं में शामिल होने के बाद भी उदारता और सहजता उनका स्वभाव है। उनके चाहने वाले तो आज भी उन्हें वर्तमान युग का दानवीर कर्ण ही मानते हैं। कमलनाथ के सार्वजनिक जीवन पर दृष्टि डालें तो उनका बुनियादी लक्ष्य हमेशा से यही रहा है कि समाज के सबसे कमजोर लोग, सबसे कमजोर इलाके और सबसे कमजोर वर्ग को किस तरह से अधिक से अधिक फायदा पहुंचाया जा सके। वह भी इस तरह कि लाल फीताशाही की भूमिका न्यूनतम हो जाए। इसी लक्ष्य को निगाह में रखकर उन्होंने जन कल्याण का जो मॉडल अपनाया उसी को आज देश और दुनिया छिंदवाड़ा मॉडल के नाम से जानती है। केंद्र की राजनीति में अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली पदों पर रहते हुए कमलनाथ ने अपनी भूमिका सिर्फ यहां तक सीमित नहीं की कि वे छिंदवाड़ा और मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाएं पहुंचा दें, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि वह परियोजनाएं बहुत तेजी से लोगों के पास पहुंचे और उनका स्वरूप इस तरह का हो कि वे भविष्य में भी रोजगार और विकास का सृजन करती रहे। जैसे, जब उन्होंने छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का जाल बिछाया तो उनकी निगाह में यह बात रही कि सड़क लोगों को आवागमन में तेजी तो उपलब्ध कराएंगी ही, साथ ही इनके निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और सबसे बढ़कर छोटे-छोटे गांव से लेकर कस्बों तक और बड़े शहरों तक आर्थिक गतिविधि में तेज आएगी, जो पूरे इलाके की आर्थिक समृद्धि में और खुशहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई की। इसी तरह 1980 के दशक में ही उन्होंने इस बात की कल्पना कर ली थी कि आने वाले समय में समाज और देश के आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसीलिए उन्होंने बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों की उत्पादन इकाइयों को छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में स्थापित कराया जिससे रोजगार का स्थाई साधन छिंदवाड़ा की जनता के लिए उपलब्ध हुआ। यह दोनों काम करते हुए भी उन्होंने यहां की परंपरागत कोयला खदान को पहले से ज्यादा मजबूत किया और जब तक उनकी औद्योगिक उपयोगिता रही तब तक इन कोयला खदानों ने नए छिंदवाड़ा को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छिंदवाड़ा से नेशनल हाईवे और रेल मार्ग जोड़ना भी कमलनाथ की इसी विकास दृष्टि का परिचायक है। इन्हीं सब पहलुओं को मिलाकर छिंदवाड़ा मॉडल का विकास हुआ है। कमलनाथ जब दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो अपनी इसी जनकल्याणकारी दृष्टि को उन्होंने मध्य प्रदेश के समग्र विकास पर केंद्रित किया। उन्होंने सबसे पहले फैसला यह किया कि मध्य प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ किया जाए। जब किसान कर्ज के बोझ से मुक्त हो जाएंगे तो उनकी आमदनी बढ़ेगी और उनके पास जो सर प्लस पैसा आएगा उससे वे खरीदारी करेंगे। जीवन स्तर को सुधारेंगे। इस तरह से पूरे मध्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधि को नई ऊंचाई मिलेगी। जब बैंकों ने किसानों का कर्ज माफ करने में ना-नुकुर की तो कमलनाथ जी ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर ऐसी चाणक्य नीति का परिचय दिया कि बैंक बड़ी आसानी से कर्ज माफ करने के लिए तैयार हो गए और सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ा। सरकार बनने के तुरंत बाद उन्होंने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ कर दिया और अगर सरकार नहीं गिराई जाती तो मध्य प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसानों का कर्ज़ वर्ष 2021 तक माफ हो चुका होता। किसानों के साथ ही कमलनाथ ने शहरी नागरिकों के लिए बिजली के बिल सस्ते कर दिए और ₹100 में 100 यूनिट बिजली उपलब्ध कराकर एक किस्म का चमत्कार कर दिया। उनकी दृष्टि समाज के वंचित वर्गों पर पड़ी और वृद्ध, विधवा, विकलांग तथा अन्य तरह की पेंशन को उन्होंने तुरंत दोगुना कर दिया। हनुमान जी के भक्त कमलनाथ के लिए धर्मार्थ कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसीलिए उन्होंने अपने कार्यकाल में राम वन गमन पथ, महाकाल कॉरिडोर, ओरछा के राम राजा मंदिर के लिए विशेष प्रावधान किया तथा गौ माता की रक्षा के लिए 1000 गौशालाओं के निर्माण के आदेश दिए। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कमलनाथ बेरोजगारी भत्ता देना चाहते थे और उसके साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर प्रदेश में ऐसी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का खाका तैयार कर लिया था जो बड़े पैमाने पर मध्य प्रदेश के नौजवानों को सम्मानजनक रोजगार दे। सामाजिक न्याय उनके लिए हमेशा से शीर्ष प्राथमिकता रहा है इसलिए कमलनाथ जी की सरकार ने एक तरफ तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया और दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था की। कमलनाथ के जन हितैषी कार्यों से जनता में हर्ष की लहर दौड़ गई और मध्य प्रदेश विकास के राजमार्ग पर सरपट दौड़ने लगा। इससे विरोधी दलों में खलबली मच गई और फिर कुछ गद्दारों के सहयोग से विपक्षी दलों ने कमलनाथ सरकार गिरा दी। लेकिन इससे कमलनाथ जी के जन कल्याण के इरादे पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह एक विधायक और समाजसेवी के रूप में आज भी मध्य प्रदेश और छिंदवाड़ा की सेवा में संलग्न है। चाहे दिल्ली हो भोपाल हो या छिंदवाड़ा आज भी अगर कोई जरूरतमंद अपना कोई भी काम लेकर कमलनाथ के पास जाता है तो भी यथाशक्ति उसकी मदद करने की न सिर्फ कोशिश करते हैं बल्कि मदद प्रदान भी करते हैं। इसलिए उनका जन्मदिन सिर्फ एक व्यक्ति का जन्मदिन नहीं है बल्कि ऐसी विचारधारा और संस्था का जन्मदिन है जिसे अपना संपूर्णए जीवन जन-जन की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। recent visitors 594

दृश्य देखिए और फिर सरकारी दावा, हमारी आस्था भी,,,,?

See the scene and then the government’s claim, our faith also,,,,? इंदौर । कार्तिक पूर्णिमा को,नदी में स्नान करना और दीपदान करना चाहिए ऐसा कहां भी जाता है माना भी जाता है। नर्मदा नदी,चंबल नदी, कालीसिंध नदी, श्रिपा नदी कुछेक और हमारे प्रदेश में है। यह दृश्य श्रिपा गांव का है और श्रिपा नदी का है तथा इंदौर देवास सड़क के पूल से मैंने ही लिया है। इस क्षैत्र के जनप्रतिनिधि मप्र शासन के जल एवं सिंचाई विभाग के केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट है,,, तो इंदौर, उज्जैन के लिए श्रिपा नदी महत्वपूर्ण,,। इसके सामने के क्षेत्र में गांव के पास तट, मंदिर है वो थोड़ा साफ है। गंदगी होती,गंदे नाले का पानी आता तो मैं दृष्टिकोण अपना अलग रखता यह तो कज्जी है, मतलब पानी बहता हुआ नहीं है, एकत्रित पानी है,,,। और सरकारी ध्यान भी नहीं  धर्म आस्था और श्रद्धा का संगम आदिकाल से, कालांतर से चल रहा, पंरतु जागरुकता भी चलती रही, ईस्तेहार देकर करोड़ों रुपए खर्च करके इंवेट करने से नदी, जलाशय, तालाब स्वच्छ निर्मल नहीं हो सकते उसके खातिर सजगता और चाक चौबंद निगाहें भी चाहिए,,,कार में भले शीशे हो पर निगाह बान निगाहें चाहिए, सैकड़ों लोग रोज निकलते हैं पर आवाज भी निकलती, हम श्रिपा नदी की यह हालत देख रहे,, नर्मदा नदी की भी हालत भी बताऊंगा खूद जाकर देखकर,, क्या अधिकारियों को जनप्रतिनिधि गणों को नहीं दिखता, धार्मिक संगठन और सामाजिक संगठन चुप क्यों, सजगता की आवश्यकता है नदी पूजते हैं तो पूज्यनीय स्थल ऐसे होंगे, करोड़ों रुपए हर माह तनख्वाह बंटती है अधिकारियों की तनख्वाह में किस लिए,,, मैंने लिखा था मैं तह तक जाकर सही स्थिति हर नदी और तालाब की हर माह जाकर एक खुलासा करूंगा,,,। श्रिपा नर्मदा लिंक परियोजना के नाम पर खेल हुआ, जहां मां श्रिपा नदी का उद्गम हुआ वे वहां से 7किलो मीटर दूर तक विलुप्त है,,, उसके बाद आगे प्रगट होती है और श्रिपा नदी का यह रुप श्रिपा गांव में दिखता है,एक तट साफ है जहां मंदिर है। दुसरा तट ऐसा, जल्दी ही मैं आगे बढती इसी नदी का रुप दिखाऊंगा तथा फिर फैक्ट्री आदि मिलते फिर उज्जैन में रामघाट, मंगलनाथ मंदिर सामने का, फिर ड्रैनेज चैम्बरों के पानी के मिलते दृश्य, इंवेट और मैनेजमेंट को हकीकत का आईना दिखाइये,, मेरा यह अभिमत  “प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट” recent visitors 148

भाजपा ने विजयपुर में वोट नहीं डलने दिए, बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव को प्रभावित कराया गया, पटवारी ने लगाए भाजपा-सरकार पर गंभीर आरोप

BJP did not allow voting in Vijaypur, elections were influenced by Anganwadi workers in Budhni, Patwari made serious allegations against BJP-government. भोपाल। मध्यप्रदेश में 10 माह पहले विधानसभा चुनाव हुए थे। मोदी गारंटी को लेकर भाजपा सरकार में आई लेकिन भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की। भाजपा का मूल चरित्र जिसमें नये भारत में मंडी लगती है जनप्रतिनिधियों की। प्राचीन भारत में सुना था गुलाम बिकते हैं, लेकिन अभी आधुनिक भारत में जनप्रतिनिधियों की बोली लगती है। जिसमें मध्यप्रदेश इसमें सबसे ज्यादा ग्रसित रहा। भाजपा को जो मत मिला उससे वह मदहोष को गई है। बाबा साहेब अंबेडकर विरोधी, संविधान विरोधी मताधिकार विरोधी और लोकतंत्र विरोधी है भारतीय जनता पार्टी। कलेक्टर ने किया भाजपा एजेंट की तरह कार्य विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में उपद्रव और आतंक के अनुमान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को क़रीब 100 शिकायते की, लेकीन चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव संपन्न करवाने के बजाए भाजपा सरकार के आगे घुटने टेक कर ये दयनीय मंजर देखता रहा! श्योपुर कलेक्टर किशोर कन्याल विजयपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के एजेंट की तरह कार्य करते रहे। कांग्रेस लगातार शिकायत करती रही, लेकिन चुनाव आयोग ने भी संज्ञान नहीं लिया! जिसका नतीजा यह उपद्रव है। विजयपुर चुनाव में रामनिवास रावत के गुंडों ने संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर जी की प्रतिमा को तोड़ दिया। दबंगई और गुंडई में रावत के गुंडों ने बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा तोड़कर देश के प्रत्येक नागरिक, संविधान और वंचित वर्ग का अपमान किया है। सरकार के आगे घुटने टेक चुका प्रशासन यदि अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो गुंडा तत्व भारत रत्न डॉं. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा तोड़ने की हिम्मत नहीं कर पाते। बंटी रावत ने चलाई गोलियां पटवारी ने कहा कि हमने जो संभावनाएं चुनाव में जाहिर की थी वह सब की सब सामने आयी। जैसे हमने कहा कि राजस्थान से डाकूं आयेंगे, आये, दलितों, आदिवासियों पर हमला होगा, दलितों के साथ मारपीट की जायेगी, ये सब हुआ। बंटी रावत नामक डकैत ने आदिवासियों के साथ मारपीट की। 10 बाईकों पर अपने 20 साथियों के आये बंटी रावत ने अंधाधुंध गोलियां चलाई जिससे क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल निर्मित हुआ। सरकार की सह पर चुनाव आयोग पटवारी ने कहा कि चुनाव आयोग को कार्यवाही के लिए लगभग 100 शिकायतें भेजी, लेकिन सरकार की सह पर चुनाव आयोग ने कोई कार्यवाही नहीं की। विजयपुर विधानसभा के अंतर्गत जातिगत व्यक्ति का बीएलओ बनाये की षिकायत, संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा-व्यवथा, पोलिंग बूथ पर कैमरे लगाये जाये, सरकारी कर्मचारियों पर अमला चाहे वन विभाग स्वास्थ्य, रेवेन्यु या अन्य विभाग हो की शिकायत आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के पक्ष में कार्य करने की शिकायत, वहीं रामनिवास रावत के दो भाई जो आरटीओ में पदस्थ हैं जो चुनाव का संचालन कर रहे थे की शिकायत, 37 गांवों में जाटवों को पीटा गया। लोगों के घरों में आग लगायी गई, मतदाताओं को गुंडों से पिटवाने की घटना और हमें सबसे बड़ी शिकायत पर्यावरण विभाग का उपसचिव को अपने विजयपुर क्षेत्र में कलेक्टर बनाकर पदस्थ कराने की शिकायत। इस प्रकार कांग्रेस ने करीब 100 शिकायतें निर्वाचन आयोग को समय-समय पर की। पटवारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह संविधान विरोधी है। प्रदेष के मुख्यमंत्री कहते हैं कि जैसे भी हो जो भी करना पड़े करो, लेकिन यह चुनाव जीतों, यानि लोकतंत्र की खुलकर हत्या करो।पटवारी ने कहा कि विजयपुर में आदिवासियों को पर्ची नहीं दी गई। उनके साथ मारपीट की गई। विजयपुर में राजस्थान के गुंडों द्वारा 20-22 गुंडों के साथ आदिवासियों पर गोलियां चलायी गईं, वहीं बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा बूथों पर महिलाओं को भाजपा के पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रेरित किया गया। भाजपा पागल हाथी की तरह हो गयी है। विजयपुर और बुधनी में इतना आंतक भाजपा ने करवाया इससे पहले कभी भी मप्र में ऐसा नहीं हुआ। फिर भी दोनों चुनाव कांग्रेस पार्टी जीतेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अधिकारी सर्विरू रूल के अनुसार काम करें, जिन्होंने बाबा साहेब की मूर्ति को क्षति पहुंचाई हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाये।पटवारी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर हमला करने वालों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी होना चाहिए। भाजपा का असली चेहरा, चाल-चरित्र है। लोकतंत्र विरोधी, बाबा साहेब के संविधान विरोधी है भाजपा। आखिर कैसा मप्र बनाना चाहती है। भाजपा का असली चेहरा यही है कि वह महिलाओं को 1200 रूपये देकर गुंडों से पिटवाती है। सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा पटवारी ने कहा कि सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा गया है, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने की कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है, कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि दलित विरोधी भाजपा जिन्होंने विजयपुर में बाबा साहेब की प्रतिमा तोडी, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के विरोध में उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी 18 नवम्बर को पूरे प्रदेष मेें प्रदेष स्तरीय आंदोलन कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करायेगी और जिला और ब्लाक मुख्यालयों पर स्थिति बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया जायेगा तथा जिले में कलेक्टर और ब्लाक में एसडीएम को ज्ञापन सौंपेगी और आरोपियों, उपद्रियों की गिरफ्तारी की मांग की जायेगी।पत्रकार वार्ता के दौरान मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजीव सिंह, चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया भी उपस्थित थे। recent visitors 345

मध्यप्रदेश: विजयपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Police took the Congress candidate to Vijaypur assembly constituency in Madhya Pradesh  कांग्रेस प्रत्याशी को ले गई पुलिस विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्यशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस ने वोट डालने से पहले कस्टडी में लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा, चार से पांच पुलिस की गाड़ी आई और साथ लेकर गई। कराहल टीआई भारत सिंह बोले, सुरक्षा की दृष्टि से मुकेश मल्होत्रा को लेकर आए हैं। पुलिस की गाड़ी से क्षेत्र में भ्रमण कराया जाएगा। कांग्रेस प्रत्याशी ने किया मतदान, कहा- बदलाव की संभावना बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल मतदान से पहले माता, पिता और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए निकले। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। मतदान करने के बाद राजकुमार पटेल ने कहा कि इस बार बुधनी में बदलाव की संभावना है।   recent visitors 237

आधी रात में पूरी ताकत…IAS अधिकारियों का अचानक तबादला: कांग्रेस ने जताई आपत्ति

MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है. recent visitors 155

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। recent visitors 138