खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है। recent visitors 138

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिस पुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगी जीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ? recent visitors 219

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है recent visitors 306

मल्लिकार्जुन खरगे ने डोनाल्ड ट्रंप को दी बधाई

Mallikarjun Kharge congratulated Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बधाई दी. खरगे ने भारत-अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करने की बात की और कहा कि हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. शुरुआती नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. चुनाव में जीत के बाद दुनिया भर के नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी डोनाल्ड ट्रंप को जीत की बधाई दी है. कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई देते हुए लिखा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव में जीत की बधाई और शुभकामनाएं देते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत और अमेरिका एक मजबूत और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं. यह साझेदारी लंबे समय से सामान्य लोकतांत्रिक मूल्यों, हितों और व्यापक जनसंपर्कों पर आधारित है. हम वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं. recent visitors 224

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया। recent visitors 136

स्मृति शेष : सियासत के महानायक स्व. अर्जुन सिंह, रहेंगे हर दौर याद

Smriti remaining: Late great leader of politics. Arjun Singh, every phase will be remembered स्व. अर्जुन सिंह जी, देश व प्रदेश का ऐसा नाम जिनका जिक्र आते ही मन में कई तरह के रूप सामने आने लगते हैं। कभी गरीबों के मसीहा के रुप में तो कभी उद्योगपतियों के रहनुमा के रूप में, तो कभी अफसरों के मार्गदर्शक के रूप में तो कभी एक व्यक्तित्वपरख राजनेता के रूप में। आज सारा देश, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री रहे स्व. अर्जुन सिंह का जन्म दिन मना रहा है।अर्जुन सिंह का जन्म 5 नवंबर 1930 को एक राजपूत परिवार में हुआ था। वे शिव बहादुर सिंह के बेटे थे, जो एक जागीरदार और चुरहट राजघराने के 26वें राव और कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे। अर्जुन सिंह सही मायने में सियासत के एक महानायक कहे जाते हैं। हम देश के नव निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू एवं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के सुझाए उपायों पर अमल करने की बात कहते हैं पर अर्जुन सिंह सचमुच उनके अनुरुप ही आचरण किया करते थे। विंध्य क्षेत्र की रिमही जनता उन्हें सम्मान पूर्वक दाऊ साहब के नाम से ही संबोधित किया करती थी। मेरे ख्याल से लगभग पूरा प्रदेश ही उन्हें इस नाम से संबोधित किया करता था। आम जनता के इस संबोधन का दाऊ साहब पूर ख्याल भी रखते थे। सचमुच वह एक पालक की भूमिका का निर्वाहन भी करते थे। बताते हैं कि उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के पहले तक पूरा विंध्य क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा था। जब उन्होंने प्रदेश की बागडोर सम्हाली तो विंध्य क्षेत्र के साथ पूरे प्रदेश में शिक्षा का अलख जग गया। इतना ही उनके मुख्यमंत्री रहते उन्होंने हर उस आदमी का भला किया है जो उनके पास तक पहुंचा या महज जिसकी जानकारी भी उन तक पहुंची है। दाऊ साहब की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह किसी जाति या धर्म को विशेष महत्व नहीं देते थे। उनकी नजरों में हर जाति- धर्म का आदमी एक समान था। प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह सिर्फ अपने प्रदेश के लोगों का भला नहीं सोचते थे, उनकी सोच समग्र थी। देश में पहली बार तेन्दूपत्ता के राष्ट्रीयकरण का काम उनकी ही देन है। जेठ की दुपहरी में रोजी-रोटी के लिए जंगलों की खाक छानने वाले बीड़ी मजदूरों की पीड़ा को समझने का काम सिर्फ अर्जुन सिंह ही कर सकते थे। गरीबों के प्रति उनका बेहद स्नेह इस कदर जज्बाती था कि, मुख्यमंत्री का पद संभालते ही उन्होंने प्रदेश के सभी झुग्गीवासियों को, जहां वह रह रहे थे, पट्टे देने का ऐलान कर दिया। वह सही मायने में एक महान युग प्रणेता थे। देश-प्रदेश के हर तबके का ख्याल उनके जेहन में हमेशा रहा करता था। दाऊ साहब की राजनीतिक दक्षता का तो कोई सानी नहीं था। उन्हें इसी कुशलता के कारण राजनीति का चाणक्य कहा जाता था। राजनीतिक मसलों को हल करने की जो कला उनमें थी, देश के चुनिंदा नेताओं में ही मानी जा सकती है। फिर चाहे वह आतंकवाद की आग से झुलसते पंजाब में शांति वहाल कराना हो या पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहाराव के साथ तत्कालीन मतभेदों के चलते घुटने न टेकने का हो। वह हर मामले में अव्वल रहे हैं। उन्होंने एक कुशल प्रशासक के रूप में भी अपनी अमिट छाम छोड़ी है। वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने लापरवाही के आरोप से घिरे एक आईएएस अफसर जो तत्कालीन मुख्य सचिव थे, को निलंबित करने का काम किया था। कहते हैं प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी जी, जो उस समय दाऊ साहब के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्रालय का कामकाज देख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रीवा मेडिकल कालेज के कुछ प्रोफेसरों का तबादला तब अविभाजित मप्र में रायपुर कर दिया। कुछ दिन बाद उन्हीं प्रोफेसरों के तबादले कैंसिल भी हो गये। उस समय उप्र के इलाहाबाद जिले से प्रकाशित एक प्रसिद्ध समाचार पाक्षिक पत्रिका में इन तबादलों में लेनदेन की खबर छपी। बताते हैं कि समाचार पत्रिका के बाजार में आते ही बतौर मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने तिवारी जी का स्तीफा मांग लिया था। इस घटना का जिक्र करने का कारण सिर्फ यह है कि प्रदेश की जनता को एक निष्पक्ष प्रशासन देने के मामले में वह किसी से कोई समझौता नहीं करते थे। कहते हैं कि काम के मामले में वह लापरवाही बर्दास्त नहीं करते थे। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री रहे चरणदास महंत ने मुझसे एक साक्षात्कार में बताया था कि दाऊ साहब समय के बहुत ही पाबंद थे। वह हमेशा निर्धारित समय पर पहुंचना पसंद करते थे। उनकी बैठकों में नेता या अफसर निर्धारित समय से पहले ही अपना स्थान ग्रहण कर लेता था। समय की प्रतिबद्धता मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्व. बाबूलाल गौर ने दाऊ साहब स्व. अर्जुन सिंह से ही सीखी थी। शायद यही कारण था कि उनके कार्यकाल में अफसरशाही कभी हावी नहीं रही। आज दाऊ साहब हमारे बीच नहीं है पर उनकी कर्मठता, कर्तव्य परायणता, देश के लिए कुछ कर गुजरने की लगन हमे हमारे कर्म करने की प्रधानता को मजबूत संबल प्रदान कर रही है। recent visitors 295

अचल संपत्ति गाइडलाइन नियम: संशोधन, प्रक्रिया और प्रशासनिक सवाल

Real Estate Guideline Rules: Amendments, Procedures and Administrative Questions भोपाल। मध्यप्रदेश में अचल संपत्ति के बाजार मूल्य का निर्धारण “मार्गदर्शक बाजार मूल्य सिद्धांत” के आधार पर किया जाता है। यह सिद्धांत राज्य में वर्ष 2000 में लागू हुआ था, और इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष संपत्ति की गाइडलाइन दरें निर्धारित की जाती हैं। हाल ही में इस प्रक्रिया के अंतर्गत कुछ संशोधन किए गए हैं, जिनमें नए गजट नोटिफिकेशन और संभावित अध्यादेशों की बात सामने आई है। इसके संदर्भ में जनहित के कुछ सवाल और मुद्दे उठे हैं। गाइडलाइन निर्धारण की प्रक्रिया और केंद्रीय मूल्यांकन समिति केंद्रीय मूल्यांकन समिति का गठन गाइडलाइन दरों का निर्धारण करने और उनकी समीक्षा के लिए होता है। इंदौर में गाइडलाइन दरों को लेकर अंतिम बैठक 20 अक्टूबर 2024 को आयोजित हुई, लेकिन इसके बावजूद गाइडलाइन दरें कई स्थानों पर मीडिया में पहले ही लीक हो गईं। इसे लेकर यह सवाल उठता है कि मीडिया तक यह सटीक जानकारी कैसे पहुंची। जिला मूल्यांकन समिति और दावे-आपत्तियों का समय इस बार गाइडलाइन पर दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 4 नवंबर 2024 को निर्धारित की गई है। लेकिन यह समय दीपावली पर्व के अवकाश के बीच आता है, जो कि मध्यप्रदेश में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दौरान लगातार अवकाश होने के कारण यह प्रश्न उठता है कि क्या अवकाश के दिनों में संबंधित कार्यालय खुले थे और क्या लोगों को दावे-आपत्ति दर्ज करने का पूरा अवसर मिला। जनसंपर्क विभाग या जिला प्रशासन ने इस संबंध में क्या सूचनाएं दीं और क्या संबंधित अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था थी, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रस्तावित गाइडलाइन के मैन्युअल अवलोकन और सूचना पटल पर जानकारी प्रस्तावित गाइडलाइन को आम जनता के अवलोकन हेतु कहां रखा गया था, क्या मैन्युअल रूप से इसका निरीक्षण संभव था, और क्या सूचना पटल पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई थी? इन सवालों के संदर्भ में वैधानिकता और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। संपदा प्रणाली और बाजार मूल्य के संबंध प्रश्न यह भी उठता है कि यदि बाजार मूल्य गाइडलाइन दर से कम है, तो क्या संपदा प्रणाली इसे मान्यता देती है? धारा 31 के तहत मूल्य निर्धारण में उपपंजीयक गणों की भूमिका क्या है और कितने जिला पंजीयकों ने इस नियम के तहत दस्तावेज स्पष्ट किए हैं? आयकर विभाग और गाइडलाइन का संबंध आयकर विभाग संपत्ति का मूल्य निर्धारण गाइडलाइन दर के अनुसार करता है। क्या यह कानून आयकर विभाग के लिए अब भी लागू है या इसमें किसी प्रकार का संशोधन हुआ है? साथ ही, यदि गाइडलाइन दर को जिला पंजीयक के आदेश से मान्यता मिलती है, तो क्या व्यवहार मूल्य की मान्यता आयकर नियमों के अनुरूप है? मौखिक निर्देश और वैधानिक नियम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में मौखिक निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कानून की दृष्टि से मौखिक निर्देशों की तुलना में लिखित और वैधानिक नियम अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। अतः यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह गाइडलाइन किस कानून, किस वर्ष और किस विधान के अंतर्गत आती है। इन प्रश्नों का तथ्यात्मक और नीतिगत उत्तर देकर प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी, ताकि आम जनता के अधिकारों की रक्षा हो सके और गाइडलाइन प्रक्रिया के बारे में भ्रम दूर हो सके। recent visitors 172