प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। recent visitors 285

औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन के पेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी,एवं फायदे

Detailed information and benefits related to Arjuna tree which is rich in medicinal properties. अर्जुन के पेड़ को औषधीय पेड़ माना जाता हैं क्यूंकि इसे बहुत सी दवाइयों के लिए उपयोगी माना जाता है। यह पेड़ ज्यादातर नदी और नालों के किनारे पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ सदाहरित रहता हैं। अर्जुन के पेड़ को अन्य कई नामो से जाना जाता हैं जैसे ,घवल और नदीसर्ज। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 60 -80 फ़ीट ऊँची रहती हैं। अर्जुन का पेड़ ज्यादातर उत्तर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,बिहार और अन्य कई राज्यों नदियों के किनारे या सुखी नदियों के तल के पास पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ की लम्बाई काफी ऊँची रहती है। अर्जुन का पेड़ बहुत ही शुष्क इलाकों में पाया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ को किसी भी मिटटी में उगाया जा सकता है। अर्जुन के पेड़ को अनुनारिष्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस पेड़ का उपयोग बहुत सालों से आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए किया जा रहा है। अर्जुन के पेड़ का फल कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ का फल शुरुआत हल्के सफ़ेद और पीले रंग का होता हैं ,कुछ समय पश्चात जब फल में बढ़ोत्तरी होती हैं तो ये फल हरे और पीले रंग का दिखाई पड़ता हैं ,साथ ही इसमें से हल्की हल्की सुगंध भी आने लगती है। पकने के बाद ये फल लाल रंग का दिखाई पड़ने लगता है। अर्जुन के पेड़ के पत्ते हैं लाभकारी अर्जुन के पेड़ के पत्ते खाने से ये शरीर में जमा गंदे कॉलेस्ट्रॉल को बाहर निकलता हैं। इसका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए। इन पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता हैं। अर्जुन की छाल से मिलने वाले फायदे अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से खून पतला होता हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित बनाये रखता है। इस छाल के काढ़े का उपयोग दो से तीन महीने लगातार करना चाहिए। इस काढ़े के उपयोग से रक्तश्राव कम होता है। यह ह्रदय के रक्तचाप जैसी गतिविधियों की क्षमता में सुधार लाता है। पाचन किर्या में सहायक अर्जुन का पेड़ पाचन किर्या में सहायक होता हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर लेने से ये पाचन तंत्र को संतुलित बनाये रखता है। यह बड़े हुए चर्बी को कम करने में मदद करता हैं ,अर्जुन की छाल का सेवन लिवर जैसी समस्याओं के लिए बेहतर माना जाता है। यह वजन घटाने में भी सहायता प्रदान करती है। सर्दी खांसी में है लाभकारी अर्जुन के पेड़ की छाल का कड़ा बनाकर पीने से या फिर अर्जुन के चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से सर्दी और खांसी दोनों में फायदा होता है। अर्जुन के पेड़ का रस औषिधि के रूप में सदियों से किया जा रहा हैं। हड्डियों के जोड़ने में मददगार अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग टूटी हुई हड्डियों या फिर मांसपेशियों में होने वाले दुखाव के लिए किया जाता हैं। इसमें छाल के चूर्ण को एक गिलास दूध में दो चम्मच चूर्ण मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती है। ये हड्डी में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता हैं। अल्सर बीमारी में है फायदेमंद अर्जुन का प्रयोग अल्सर जैसी बीमारी में भी किया जाता हैं। कई बार अल्सर का घाव जल्द ही नहीं भर पाता हैं। या फिर घाव सूखते ही दूसरे घाव निकल आते हैं ,इसमें अर्जुन के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर ,घाव को इससे धोये। ऐसा करने से घाव कम होने लगते हैं,साथ ही अल्सर जैसे रोग को भी नियंत्रित करता है। अर्जुन की छाल से होने वाले नुकसान अर्जुन के पेड़ को बहुत सी बीमारियों के लिए लाभकारी माना जाता हैं ,लेकिन इसके कुछ नुक्सान भी हैं जो शरीर पर गलत प्रभाव डालते है। सीने में जलन होना अर्जुन की छाल का सेवन बहुत से लोगो की सेहत के लिए ठीक नहीं रहता हैं, जिसकी वजह से उन्हें जी मचलना या घबराहट जैसी परेशानियां अक्सर हो जाती है। यदि आप छाल का सेवन कर रहे हैं और आपको ऐसा महसूस होता हैं की सीने में जलन या दर्द हो रहा हैं तो इसका उपयोग करना उसी वक्त छोड़ दे। पेट में दर्द या ऐठन का महसूस होना यदि छाल का उपयोग करने से आपको पेट में दर्द या और कोई परेशानी महसूस होती हैं तो छाल का सेवन करना बंद कर दे। हालाँकि अर्जुन एक आयुर्वेदिक जड़ीबूटी हैं लड़की कुछ लोगों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। एलर्जी जैसो रोगों को जन्म देता हैं अर्जुन के पेड़ की छाल का घोल बनाकर शरीर पर लगाया जाता हैं, यह त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। लेकिन इसका लेप बहुत से लोगो के शरीर एलेर्जी से जुडी समस्याओं को भी खड़ा कर देता हैं। यदि इस लेप का उपयोग करने के बाद शरीर में खुजली जैसी परेशानिया हो तो इस लेप का उपयोग न करें। आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ को बहुत ही लाभकारी माना गया हैं। अर्जुन के पेड़ में सबसे ज्यादा उपयोग छाल का किया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ की छाल में मैग्नीशियम ,पोटेसियम और कैल्शियम पाया जाता है। इस पेड़ की छल का इस्तेमाल बहुत से रोगो में किया जाता हैं ,और ये लाभकारी भी है। अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग कैंसर सम्बंधित रोगो से निपटने के लिए भी किया जाता है। साथ ही इसके कुछ नुक्सान भी हैं। जो व्यक्ति पहले से किसी भी प्रकार की कोई दवाई ले रहा हैं ,उसे इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श लेकर ही करना चाहिए। recent visitors 140

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर लगायें गंभीर आरोप

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं। recent visitors 404

पर्थ टेस्ट-भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया: दूसरी पारी में 238 रन पर सिमटी कंगारू टीम

Perth Test-India beats Australia by 295 runs: Kangaroo team all out for 238 runs in second innings जसप्रीत बुमराह ने मैकस्वीनी, लाबुशेन और हेड के विकेट लिए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में 295 रन से हरा दिया है। टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा मुकाबला 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम को दूसरी पारी में 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले भारत ने 6 विकेट पर 487 रन पर दूसरी पारी घोषित कर दी थी। टीम इंडिया ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रन पर सिमट गई थी। भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट का स्कोरबोर्ड दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: जसप्रीत बुमराह (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्‌डी, हर्षित राणा और मोहम्मद सिराज। recent visitors 261

देर से आने की सजा! प्रिंसिपल ने 18 छात्राओं के काटे बाल, धूप में खड़ा कर की पिटाई

Punishment for being late! Principal cut hair of 18 girl students, made them stand in the sun and beat them स्कूल टाइम से न जाने पर स्कूलों में सजा दी जाती है. कभी उस सजा में स्कूल के मैदान के चक्कर कटवाए जाते हैं, तो कभी क्लास के बाहर खड़ा कर दिया जाता है लेकिन आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने छात्राओं के स्कूल देर से आने पर पहले धूप में खड़ा किया. फिर मारा और उसके बाद उनके बाल काट दिए.आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने सुबह प्रार्थना सभा के लिए समय पर नहीं पहुंचने पर लड़कियों को ऐसी सजा दी, जिसके बाद विवाद हो गया. प्रिंसिपल ने लेट आने की सजा में लड़कियों के बाल काट दिए. यह मामला मदुगुला में कस्तूरबा बालिका विद्यालय (KGBV) से सामने आया है, जहां की छात्राओं ने बताया कि 15 नवंबर, शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा उत्सव के दिन वह पानी न आने की वजह से वह स्कूल देरी से गई, जिसके बाद प्रिंसिपल ने उनके बाल काट दिए. एक छात्रा ने बताया कि स्कूल देर से जाने और प्रार्थना में शामिल नहीं हो पाने से प्रिंसिपल को गुस्सा आ गया. प्रिंसिपल साई प्रसन्ना ने जब देखा कि सभी 23 छात्राएं नहीं आई तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उन्होंने देर से आने वाले स्टूडेंट्स को स्कूल परिसर में 2 घंटे तक धूप में खड़ा रखा. इस दौरान एक स्टूडेंट नीचे भी गिर गई. यह भी आरोप है कि प्रिंसिपल ने चार छात्राओं पर हाथ भी उठाया और उन्हें मारा. इसके बाद लंच ब्रेक के टाइम पर प्रिंसिपल ने 23 में से 18 लड़कियों के बाल काट दिए. एक छात्र ने बताया कि उसने बाल न काटने की गुहार लगाई लेकिन प्रिंसिपल को दया नहीं आई. इसके बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई. जब केजीबीवी के प्रिंसिपल साई प्रसन्ना से छात्राओं के बाल काटने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को छात्राएं प्रार्थना और कक्षाओं में नहीं आई थीं. उन्होंने आगे अपना बचाव करते हुए कहा कि छात्राओं के बाल उन्होंने अनुशासन के लिए काटे थे और उन पर लगे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. इस पर बाबूराव पडल से स्पष्टीकरण मांगा गया. बाबूराव पाल ने बताया कि जब वह केजीबीवी का दौरा करने गए थे तो प्रिंसिपल छुट्टी पर थीं. उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला शिक्षा विभाग को दे दी गई है. recent visitors 236

बड़ी खबर : दिल्ली में सभी प्राइमरी स्कूलों में अब होगी ऑनलाइन पढ़ाई 

Big news: Now all primary schools in Delhi will have online classes  दिल्ली। राजधानी में चारों ओर धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्याएं हो रही हैं। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, जिससे स्कूलों पर ब्रेक लग गया। इसे लेकर सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को लेकर सीएम आतिशी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर प्राथमिक स्कूलों के लिए बड़ा आदेश जारी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण दिल्ली के सभी प्राथमिक स्कूल ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर देंगे। अब प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। अगले निर्देश तक ये व्यवस्था लागू रहेगी। जानें सीएम ने क्या जारी किया आदेश? मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली के सभी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने आदेश दिया। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए उन्होंने इन स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने को कहा है। अगले निर्देश तक प्राइमरी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस चलती रहेंगी। आपको बता दें कि दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए कक्षा 5वीं तक के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बंद करने की डिमांड की थी। ये जारी किए गए आदेश दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने प्राथमिक कक्षाओं को बंद करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि दिल्ली में शिक्षा निदेशालय (डीओई), एमसीडी, एनडीएमसी और डीसीबी के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों के हेड को कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए स्कूलों में फिजिकल क्लासेस बंद करने का निर्देश दिया जाता है। स्कूलों के हेड को अगले आदेश तक इन कक्षाओं के छात्रों के लिए ऑनलाइन मोड में कक्षाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है। दिल्ली में 400 के पार AQI  दिल्ली में तमाम प्रयासों के बाद भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में बरकरार है। आसमान में स्मॉग छाया हुआ है। कई स्थानों पर एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है, जिससे बड़ा बुरा हाल है। वहीं, सीएक्यूएम ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-3) लागू करने का ऐलान किया। ये दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार से लागू हो जाएगा। recent visitors 303

किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं खरीदी पर मिलेगा 150 रुपए का फायदा, जानें इस बार कितनी है MSP।

Big gift to farmers: You will get a benefit of Rs 150 on wheat purchase, know what is the MSP this time. भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, अब गेहूं खरीदी पर 150 रुपए का फायदा होगा। भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए गेहूं खरीदी का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर दिया है। इस बार 150 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में 150 रुपए ज्यादा है। पिछले साल सरकार ने 2275 में गेहूं खरीदा था, लेकिन इस बार 150 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। गेहूं उपार्जन के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत सरकार की ओर से निर्धारित एफएक्यू् मापदण्ड के गेहूं उपार्जन के लिए केंद्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग व्यवस्था की जाएगी। गेहूं की गुणवत्ता के परीक्षण के लिये सर्वेयर को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में बीते वर्ष 6 लाख 16 हजार किसानों ने 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। गेहूं उपार्जन के लिये किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के शीघ्र भुगतान के लिये 2199 उपार्जन केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए। शेष 1495 उपार्जन केंद्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए। किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी। recent visitors 258