पांच हज़ार वर्षो के इतिहास मे पहली बार विश्व क्षत्रिय अखाड़ा संस्कार शाला तत्वाधान मे लगेगा शिविर

For the first time in the history of five thousand years, a camp will be organized under the aegis of Vishwa Kshatriya Akhara Sanskar Shala. इलाहाबाद। प्रयागराज मे होने वाले आगामी महाकुम्भ व पांच हज़ार वर्षो के इतिहास मे पहली बार विश्व क्षत्रिय अखाड़ा संस्कार शाला तत्वाधान मे पहली बार क्षत्रिय अखाडा लगने जा रहा है। आगामी महाकुम्भ मे होने वाले तैयारी को लेकर विश्व क्षत्रिय अखाड़ा संस्कार शाला की संस्थापिका आरती सिंह चौहान के नेतृत्व रविवार को दूसरी बैठक सिविल लाइन्स लाऊदर रोड स्थित कार्यालय में संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारिणी व नवागत प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के मौजूदगी मे सम्पन्न हुआ। उपस्थित सभी पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए आरती सिंह ने कहा कि अभी तक महाकुम्भ मे 13 अखाड़े थे, लेकिन पांच हज़ार वर्ष मे आज तक कभी क्षत्रियों का अखाडा नहीं था।अथक प्रयास के बाद पहली बार विश्व क्षत्रिय अखाडा होगा यह हम क्षत्रिय समाज के लिए गौरव का विषय है। विश्व क्षत्रिय अखाड़ा संस्कार शाला की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती माधवी अधिवक्ता हाईकोर्ट, विजय चौहान, शिववीर सिंह, अनिल सिंह, नंदू, आजाद, अजय विक्रम सिंह एलएन सिंह, सुरेश प्रताप सिंह, केशवदेव जी सिसोदियाजी किशन सिंह, अमर जीत सिंह विशेन, अमित सिंहकरणी सेना जिला अध्यक्ष, अमरजीत सिंह चौहान, डॉ साहब वरिष्ठ समाजिक बंधु व अन्य सहयोगी मित्र गण नागरिक गण मौजूद रहे! अधिक से अधिक संख्या में क्षत्रिय श्रद्धालु ऐतिहासिक क्षण का लाभ लेने अवश्य पहुचेंगे ऐसी आशा है। recent visitors 167

बाजार में बिक रहा मिलावटी गुड़: असली और नक़ली गुड़ की पहचान करें चुटकियों में 

Adulterated jaggery is being sold in the market: Identify real and fake jaggery in a jiffy बीते दिनों राजस्थान के अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बाड़ेनुमा चारदीवारी में दबिश दी। वहां मिलावटी गुड़ बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। टीम को मौके से 9000 किलो गुड़ और गुड़ में मिलाए जाने वाले पदार्थ सेफोलाइट की एक-एक किलो की 30 थैलियां मिलीं। इसके अलावा सड़े-गले गुड़ से भरे पीपे भी मिले, जो बदबू मार रहे थे। हेल्थ ड्रिंक। सर्दियों के मौसम में गुड़ की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में मिलावटखोर मिलावटी गुड़ बेचकर अधिक कमाई करना चाहते हैं। मिलावटी गुड़ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए गुड़ खरीदने से पहले असली और नकली की पहचान करना बहुत जरूरी है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे करें। साथ ही जानेंगे कि- नकली गुड़ में किस तरह की मिलावट हो सकती है?   नकली गुड़ खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? एक्सपर्ट: चतुर्भुज मीणा, स्टेट फूड एनालिस्ट, झारखंड डॉ. अमृता मिश्रा, न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटेटिक्स (नई दिल्ली) सवाल- मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए गुड़ में किस तरह की चीजों की मिलावट करते हैं? जवाब- आमतौर पर मिलावटखोर नकली गुड़ में कैल्शियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसी चीजें मिलाते हैं। कैल्शियम कार्बोनेट से गुड़ का वजन बढ़ाया जाता है, जबकि सोडियम बाइकार्बोनेट मिलाने से गुड़ के रंग में निखार आता है। इसके अलावा गुड़ में शक्कर (चीनी) और सेफोलाइट नामक केमिकल की मिलावट की जाती है। सेफोलाइट से गुड़ की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और उसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। इस तरह के केमिकल्स से बना गुड़ खाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सवाल- मिलावटी गुड़ हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक है? जवाब- गुड़ टेस्टी होने के साथ-साथ शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह विटामिन C, आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है। इससे शरीर में इम्यूनिटी बूस्ट होती है। शरीर सर्दी-खांसी, फ्लू और दूसरी बीमारियों से बचा रहता है। हालांकि यह सभी फायदे तभी हैं, जब गुड़ पूरी तरह शुद्ध हो। उसमें किसी तरह के केमिकल की मिलावट न की गई हो। मिलावटी गुड़ फायदे की बजाय शरीर को गंभीर बीमारियां दे सकता है। सवाल- असली गुड़ को बनाने का पूरा प्रोसेस क्या है? जवाब- गुड़ को गन्ने से बनाया जाता है। आइए, इन पॉइंट्स की मदद से जानते हैं कि गन्ने की कटाई से लेकर गुड़ बनाने तक का पूरा प्रोसेस क्या है। सबसे पहले गन्ने की कटाई करके उसे अच्छे से धोया जाता है।  इसके बाद गुड़ फैक्ट्री में लगे कोल्हू में डालकर गन्ने का रस निकाला जाता है।   इस रस को साफ और फिल्टर किया जाता है। वेस्ट मटेरियल फेंक दिया जाता है।   अगले प्रोसेस में गन्ने के रस को एक बड़े बर्तन में गर्म किया जाता है। रस को उबालने के लिए आग की आंच को धीमा रखा जाता है   रस को गर्म करने के बाद इसमें घनत्व (Density) बढ़ाने के लिए मिट्टी के बर्तन में रखा जाता है। इससे गुड़ का रंग बदल जाता है।   इसके बाद गुड़ को ठंडा करने के लिए एक बड़े बर्तन में रखा जाता है।   ठंडा होने पर गुड़ जम जाता है। इसके बाद उसे अलग-अलग सांचे में डालकर आकार दिया जाता है और बाजार में बेचा जाता है। सवाल- असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे कर सकते हैं? जवाब- गुड़ ऐसा सुपरफूड है, जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेकिन बाजार में बिकने वाला गुड़ मिलावटी भी हो सकता है, जो आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है। इसलिए गुड़ खाने से पहले इसकी पहचान करना जरूरी है। recent visitors 275

फोटो सेशन के दौरान बीच में आया BJP कार्यकर्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मारी लात, वीडियो वायरल

BJP worker came in between during photo session, former Union Minister kicked him, video goes viral मुंबई ! महाराष्ट्र के जालना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और पूर्व सांसद रावसाहेब दानवे का एक कार्यकर्ता को लात मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित कार्यकर्ता ने इस पर सफाई दी है. गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे हमेशा अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहते हैं. वीडियो सामने आने के बाद दानवे एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रावसाहेब दानवे की जमकर आलोचना हो रही है. घटना उस समय हुई जब पूर्व सांसद जालना विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना उम्मीदवार अर्जुन खोतकर से मिलने पहुंचे. इस दौरान जब दोनों नेताओं का फोटो सेशन चल रहा था, तभी कुछ कार्यकर्ता ने उनके साथ फोटो लेने की कोशिश की. इस दौरान दानवे ने कार्यकर्ता को लात मार दी. कार्यकर्ता शेख अहमद ने दी सफाई दानवे ने जिस कार्यकर्ता को लात मारी उसका नाम शेख अहमद है. शेख ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “वह दानवे के तीस साल से दोस्त हैं. आज सुबह जो वीडियो वायरल हुआ है, वह गलत है. ऐसी कोई बात नहीं है. रावसाहेब दानवे की शर्ट फंसी हुई थी. मैं उनके पास खड़ा था और मैंने उनकी शर्ट उतारने की कोशिश की. दानवे साहब को कुछ समझ नहीं आया. हालांकि, लात मारने जैसी कोई बात नहीं हुई.” बता दें कि दानवे पहले भी विवादों में रहे हैं. उनके खिलाफ 2016 में चुनाव के दौरान दिए गए बयान “घर आने वाली लक्ष्मी को मना मत करना” के लिए मामला दर्ज किया गया था. जालना से सांसद रहे हैं दानवे रावसाहेब दानवे भी जालना लोकसभा क्षेत्र से पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि, इस लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. कल्याण काले ने उन्हें हराया. वहीं, विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रबंधन समिति बनाई है. फिलहाल रावसाहेब दानवे इस समिति के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं. recent visitors 223

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते? recent visitors 243

रायपुर दक्षिण सीट पर उपचुनाव के लिए थमा प्रचार, कांग्रेस प्रत्याशी पर क्या बोले सीएम साय?

Campaigning for by-election on Raipur South seat stopped, what did CM Sai say on Congress candidate? Chhattisgarh News: उपचुनाव के लिए प्रचार का आज आखिरी रहा. बीजेपी ने जमकर चुनाव प्रचार किया. रोड शो में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, डिप्टी सीएम अरुण साव शामिल रहे Chhattisgarh By Poll 2024: छत्तीसगढ़ में रायपुर दक्षिण सिटी विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए सोमवार को प्रचार का आखिरी दिन था. चुनाव प्रचार थमने के पहले बीजेपी ने आज बड़ा रोड शो किया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई बड़े नेता शामिल रहे. चुनावी रोड शो की अगुवाई महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने की. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने कहा कि बीजेपी एक बार फिर रायपुर दक्षिण की सीट पर जीत हासिल करेगी. सीएम ने बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोनी के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए वोट मांगा. साथ ही कांग्रेस के युवा प्रत्याशी उतारने के मामले पर कहा कि कुश्ती नहीं लड़वानी है जिसके लिए युवा की ज़रूरत हो. राजनीति में अनुभव से ही बड़ी जीत मिलती है. इससे पहले रायपुर दक्षिण सीट से सांसद बृजमोहन अग्रवाल बीते 35 सालों से इस सीट पर जीतते आ रहे हैं. अब उनके लोकसभा सांसद बनने के बाद पहली बार बीजेपी से कोई दूसरा नेता पूर्व सांसद सुनील सोनी चुनावी मैदान में हैं. वहीं उनके खिलाफ कांग्रेस के युवा प्रत्याशी आकाश शर्मा भी बीजेपी को कड़ी टक्कर से रहे हैं. रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का मतदान 13 नवम्बर को मतदान को होना है. रायपुर दक्षिण सीट पर बीजेपी का यह रोड शो जय स्तंभ चौक से शुरू हुआ जहां से गोल बाजार होते हुए यह रोड शो सदर बाजार और पुरानी बस्ती से नेताजी चौक तक पहुंचकर रोड शो में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ डिप्टी सीएम अरुण साहू बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल इस रोड शो में शामिल हुए. इस दौरान सभी नेताओं ने बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोनी को वोट देने की अपील की. रोड शो के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जय श्रीराम के नारे लगा रही थी. रोड शो का जगह-जगह स्वागत हुआ. रोड शो के दौरान बीजेपी के तमाम नेता प्रदेश में बीजेपी सरकार के कामकाज और केंद्र में मोदी सरकार के काम को जनता के सामने रख रहे थे. रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट बीजेपी का गढ़ माना जाता है. रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल 1990 से लगातार जीत कर विधायक बनते रहे हैं. बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई और यहां से पूर्व महापौर और सांसद रहे सुनील सोनी बीजेपी के प्रत्याशी हैं. कांग्रेस पार्टी ने इस सीट से यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाया है. आकाश शर्मा युवा है. रायपुर दक्षिण में ब्राह्मण और व्यापारी मतदाताओं के साथ ही मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते है. रायपुर दक्षिण प्रदेश के इकलौती सीट है जहां सबसे ज्यादा मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं, हालांकि किसी प्रत्याशी को ज्यादा वोट नहीं मिलते लेकिन माना जाता है कि मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए इस तरह से रणनीति के तहत प्रत्याशी उतारे जाते हैं. रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट में कुल 46 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, इनमें 30 निर्दलीय प्रत्याशी हैं जिनमें से 14 मुस्लिम प्रत्याशी हैं. recent visitors 99

मिलावटी दूध, घी बेचने पर मिलेगी अब 10 साल की सजा, जानें क्या कहता है कानून

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। recent visitors 171

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। recent visitors 122