निर्मला सप्रे का स्पष्टीकरण: विधानसभा अध्यक्ष को लिखित जवाब, कहा- ‘न मैंने कांग्रेस छोड़ी, न बीजेपी जॉइन की

Nirmala Sapre’s clarification: Written reply to the Assembly Speaker, said- ‘Neither I left Congress, nor joined BJP’ भोपाल। मध्य प्रदेश की विधायक Nirmala Sapre’s clarification के दलबदल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में जवाब दिया है। निर्मला ने कहा कि न मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न बीजेपी ज्वाइन की है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान Nirmala Sapre’s clarification ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसे लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में आवेदन दिया था। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया था। लिखित जवाब में क्या कहा? विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अपने लिखित जवाब में सप्रे ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति हमेशा रही है और रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कुछ तत्व भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए मेरे नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैं इसे पूरी तरह से खारिज करती हूं और कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी और समर्पण को दोहराती हूं।” राजनीतिक हलकों में हलचल निर्मला सप्रे की इस प्रतिक्रिया के बाद, राज्य की राजनीति में कई अटकलों पर विराम लग गया है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर राहत की सांस ली है, क्योंकि सप्रे पार्टी की एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता मानी जाती हैं। बीजेपी खेमे में भी इस खबर को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन अब सप्रे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि उन्होंने कोई दल नहीं बदला है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का दो बार जवाब नहीं दिया था। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक सप्ताह का समय दिया था। निर्मला ने 10 अक्टूबर को बंद लिफाफे में उत्तर भेजा। नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने दलबदल नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर 21 अक्टूबर को कर सकते हैं। स्पीकर कांग्रेस से दलबदल के सबूत पेश करने को कह सकते हैं। Read More : https://mysecretnews.com/mining-department-running-with-half-staff/ recent visitors 158

मध्यप्रदेश के हर विवि में 500 कम्प्यूटर वाली मॉडर्न लैब बनेगी, साल भर नहीं चलेगी परीक्षा

भोपाल मध्यप्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी में 500 कम्प्यूटर वाली मॉडर्न लैब तैयार की जाएगी। ये लैब 24 घंटे सातों दिन स्टूडेंट्स को उपलब्ध रहेंगी। सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) और परीक्षा नियंत्रक की समीक्षा बैठक के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं। इसमें जिन बिन्दुओं पर फोकस करने के निर्देश जारी किए हैं, उसमें छात्र हित से जुड़े कई मामले शामिल हैं। शासन ने ये निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत हायर एजुकेशन में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च सेंटर स्थापना, विद्यार्थियों के एनरोलमेंट, अगली कक्षा में प्रमोशन, परीक्षा संचालन, परीक्षा परिणाम और अन्य मामलों में डिस्कसन के बाद जारी किए हैं। ऐसा टाइम टेबल सेट करें कि साल भर न चले परीक्षा कुलसचिवों से कहा है कि वे ऐसा टाइम टेबल सेट करें कि परीक्षा साल भर न चले। खास तौर पर इग्नू विश्वविद्यालय, चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय और भोज विश्वविद्यालय के कुलसचिव अपनी परीक्षा के टाइम टेबल परंपरागत विश्वविद्यालयों के टाइम टेबल के साथ सेट करें ताकि महाविद्यालय में साल भर परीक्षा की स्थिति न बने और शैक्षणिक कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार हो सके। इसके लिए आगामी कार्य योजना बनाई जाए और जरूरत हो तो स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं। 45 दिन में पूरे हों एग्जाम, 15 जुलाई तक आए रिजल्ट सभी विश्वविद्यालय अपना परीक्षा कार्यक्रम 45 दिन में पूरा कराएं और एक माह में सप्लीमेंट्री परीक्षा कराएं। सभी विश्वविद्यालय परीक्षा परिणाम 15 जुलाई तक जारी करें। परीक्षाओं के कारण विद्यार्थियों का अस्थायी प्रवेश बाधित नहीं होना चाहिए। हायर क्लास में प्रवेश तुरंत देने की जिम्मेदरी कुलसचिव की है। काॅलेज में टीचर की नियुक्ति रोकें, शासन से होगी भर्ती उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि पुराने विश्वविद्यालयों के सभी रजिस्ट्रार शैक्षणिक स्टाफ की कमी को देखते हुए महाविद्यालय के शिक्षकों की नियुक्ति प्रथा को रोकें। रिक्त पदों पर शासन के निर्देशानुसार भर्ती की जाएगी ताकि महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता ठीक की जा सके। इसको लेकर शासन की ओर से दिव्यांगों और सहायक प्राध्यापकों की भर्ती को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा है कि सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए रोस्टर खुद तैयार करें और जरूरत होने पर उच्च शिक्षा विभाग से संपर्क करें। शैक्षणिक उड़नदस्ता तैयार हो जो बगैर सूचना विजिट करे विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक उड़नदस्ता तैयार कराएं जो अपने क्षेत्र में माह में एक बार बगैर सूचना दिए विजिट करें, यह विजिट सकारात्मक होना चाहिए। सभी विश्वविद्यालय अपने से संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी शासन को जल्द देंगे। सभी रजिस्ट्रार मान्यता और संबद्धता का साफ्टवेयर तैयार करने के लिए आपस में चर्चा करेंगे और शासन द्वारा ली जाने वाली अगली बैठक में जानकारी देंगे। रीवा, छतरपुर, छिंदवाड़ा में पेंशन फंड का पैसा जमा नहीं कार्यकारी परिषद की जानकारी सभी विश्वविद्यालयों को सरकार को देना होगी। इसमें उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त भी शामिल होंगे। विश्वविद्यालयों के पेंशन पंड के संबंध में सभी विवि को निर्देश दिए हैं कि राशि पेंशन फंड में जमा करें। रीवा, छतरपुर और छिंदवाड़ा विश्वविद्यालयों के कुल सचिव से 2023-24 का पेंशन फंड का बाकी पैसा जल्द जमा करने के लिए कहा गया है। साथ ही ऑडिट रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है। recent visitors 95

जबलपुर: गोहलपुर में आग ने लॉज को किया तबाह, लोग हुए परेशान

Jabalpur: Fire destroys lodge in Gohalpur, people get worried जबलपुर ! Jabalpur: Fire destroys lodge जबलपुर में देर रात एक लॉज में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद आस-पास के घरों से लोग घबराकर बाहर निकल आए थे। दशहरा पर्व के उल्लास के बीच शनिवार-रविवार दरमियानी रात करीब 3:15 बजे गोहलपुर क्षेत्र में स्थित एक लॉज में आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। आग की कुर्ती उठती लगता देख आसपास रहने वालों मे अफरा-तफरी मच गई और वह घरों से निकलकर बाहर आ गए। तत्काल ही लॉज में आग लगने की सूचना नगर निगम के दमकल भाग को दी गई। इसकी जानकारी लगते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। आग से लॉज के पर्दे, फर्नीचर सहित अन्य सामान जलकर खाक हो गया। Read More : https://mysecretnews.com/bjp-mla-brijbihari-pateria/ एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग दमकल कर्मियों के मुताबिक तकरीबन 3:15 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। तत्काल ही एक बड़ा दमकल वाहन रवाना किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, धुआं उठ रहा था। लगभग लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के मुताबिक फिलहाल आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। लॉज अजय पटेल का बताया जा रहा हैं। recent visitors 176

BJP विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने इस्तीफा लिया वापस, कहा- ‘गुस्से में किया था निर्णय

BJP MLA Brijbihari Pateria withdrew his resignation out of emotion सागर: BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद कहा कि वह गुस्से में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है.सागर जिले के देवरी से BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. विधायक एक डॉक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने को लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे, लेकिन शिकायत न लिखे जाने पर उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया और धरने पर बैठ गए. देर रात तक चले धरने के बाद डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद विधायक ने अपना इस्तीफा वापस लिया. दरअसल, सागर के केसली थाना क्षेत्र के ग्राम मेड़की में सर्पदंश से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत लिखने की एवज जगह में 40 हजार रुपये मांगे. सबूत होने के बाद भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की. इसके बाद विधायक थाने पहुंचे, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. इसके बाद BJP MLA Brijbihari Pateria ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम अपना इस्तीफा लिखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और केसली पुलिस थाने में धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने कहा, “सबूत और सत्ता पक्ष के होने के बाद भी अगर एफआईआर नहीं हो रही है तो इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा, जब तक डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक धरने पर बैठे रहेंगे. Read more : https://mysecretnews.com/mining-department-running-with-half-staff/ इस्तीफा वापस लेने के बाद क्या बोले BJP विधायक?उन्होंने यह भी बताया कि “ऐसी जानकारी लग रही है कि शायद डॉक्टर की पत्नी भी पुलिस में है इसलिए पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही है.” वहीं देर रात जब केसली पुलिस ने डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, तो बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने कहा, “वह आक्रोश में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है, मुख्यमंत्री जी के आदेश का मैं पालन करूंगा.” वहीं अब इस मामले ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, “मैंने विधायक बृजबिहारी पटेरिया से बात की और पूरा मामला जाना. प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” recent visitors 173

सीएस अनुराग जैन : आधे अधूरे स्टॉफ के सहारे प्रदेश का खनिज विभाग? दिए निर्देश

MP Mining Department: मध्य प्रदेश में तीन महीने की रोक हटने के बाद एक बार फिर से नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों से रेत निकालने का काम शुरू होगा. लेकिन यह काम बेहतर ढंग से संचालित होने की उम्मीद कम ही है, ऐसे में अवैध व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों से रेत निकालने का काम फिर शुरू होगा, दरअसल, प्रदेश का Mining department running with half से जूझ रहा है. प्रदेश के किसी जिले में माईनिंग अधिकारी नहीं है तो किसी जिले में प्रभारी इंस्पेक्टरों के भरोसे काम चलाया जा रहा है. जबकि कुछ जिलों में तो मिट्टी परीक्षण अधिकारी खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं. अब मध्य प्रदेश के नवागत मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही Mining department running with half की भी समीक्षा की. इस दौरान माइनिंग को लेकर दिशा निर्देश दिए. सीएस ने कहा कि आप लोग थोक में माइनिंग लीज तो दे देते हैं, लेकिन बाद में तमाम तरह की अनुमतियां देने में लटकाते हैं. सीएस द्वारा लिए गए इस फीडबैक से उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही माइनिंग विभाग में स्टाफ की पूर्ति हो सकेगी. स्टाफ की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है. Read More : https://mysecretnews.com/haryana-assembly-elections/ प्रभारी इंस्पेक्टर के भरोसे यह जिलेप्रदेश के कई जिले प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहे हैं. जिनमें श्योपुर, मंदसौर, शहडोल, मंडला, बड़वानी, शाजापुर, देवास, कटनी और भोपाल शामिल हैं, जहां प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर प्रभारी माइनिंग अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. जबकि भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में तो यह पद खाली है. यहां तैनात खनिज इंस्पेक्टर को भोपाल में अटैच किया गया है. मिट्टी परीक्षण अधिकारी के भरोसे जिम्मेदारीप्रदेश के कुछ जिले तो ऐसे हैं, जहां खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका मिट्टी परीक्षण अधिकारियों द्वारा संभाली जा रही है. इन जिलों में ग्वालियर, भिंड, नीमच, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर में मिट्टी परीक्षण अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि रायसेन, कटनी और सतना जिले में माइनिंग अधिकारी ही नहीं है. ऐसे में यह जिले भी प्रभारियों के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं. माइनिंग विभाग में स्टाफ की कमी व अवैध रेत उत्खनन को लेकर जब माइनिंग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस-जिस जिले में माइनिंग अधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर के पद खाली है, वहां पदों की पूर्ति की जाएगी साथ ही अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा. recent visitors 177

बड़ामलहरा अस्पताल में महिला वार्ड का उद्घाटन” गांधी जयंती पर बड़ामलहरा एमएलए रामसिया भारती कि एक खास पहल”

Inauguration of women’s ward in the hospital “A special initiative of Badamalhara MLA Ramsia Bharti on Gandhi Jayanti” छतरपुर ! 2 अक्टूबर, 2024 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर बड़ामलहरा के विधायक रामसिया भारती ने स्थानीय अस्पताल में एक नए महिला वार्ड का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और उन्हें एक सुरक्षित और समर्पित स्थान प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में “एमएलए रामसिया भारती” ने कहा, “महात्मा गांधी का जीवन हमें सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। आज हम उनके सिद्धांतों का पालन करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह वार्ड महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान होगा, जहां उन्हें बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।” इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन ने वार्ड की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। नए महिला वार्ड में आधुनिक चिकित्सा उपकरण और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सक ने कहा, “हमारा उद्देश्य महिलाओं को सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इस वार्ड के माध्यम से हम उनके इलाज और देखभाल में सुधार लाने का प्रयास करेंगे।” https://www.facebook.com/100095277861256/posts/477679952084596/?mibextid=rS40aB7S9Ucbxw6v समारोह में स्थानीय नेताओं, स्वास्थ्य अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। सभी ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक कदम है। एमएलए रामसिया भारती” महात्मा गांधी की जयंती पर इस तरह के उद्घाटन समारोह न केवल उनके विचारों को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम भी उठाते हैं। उम्मीद है कि यह नया महिला वार्ड स्थानीय महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जनता का उत्साह इस पहल के चलते स्थानीय जनता में खासा उत्साह देखा गया। विधायक रामसिया भारती की सक्रियता और समाज कल्याण की दिशा में उनके प्रयासों को जनता ने सराहा। लोग इस बात से प्रभावित हुए कि उन्होंने न केवल गांधी जयंती को मनाने का एक खास तरीका निकाला, बल्कि इसके जरिये समाज में वास्तविक बदलाव लाने का संकल्प भी दिखाया। recent visitors 255

अनुराग जैन होंगे प्रदेश के नए मुख्य सचिव, वीरा राणा राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state, Veera Rana will be responsible for the State Election Commission. भोपाल ! मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा सोमवार को रिटायर हो रही हैं। उनकी जगह मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाना लगभग तय हो गया है। दोपहर बाद आदेश जारी हो सकता है। सीएस बनने की रेस में शामिल 1990 बैच के आईएएस अफसर राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में बने रहेंगे। वीरा राणा को राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके आदेश भी जल्द ही जारी होंगे।राजेश राजौरा को जब से मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मुख्य सचिव पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे अनुराग जैन का नाम लंबे अरसे से मुख्य सचिव पद के लिए लिया जा रहा है। 2020 से वे नई दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं। 2022 में भी माना जा रहा था कि इकबाल सिंह बैंस के रिटायरमेंट के बाद उन्हें मुख्य सचिव बनाया जा रहा है। वरिष्ठता क्रम में भी वे ऊपर ही थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजने से इनकार कर दिया था और वीरा राणा को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बिठाया गया था। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक है अनुराग जैनमध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उल्लेखित वरिष्ठता क्रम में वीरा राणा के बाद अनुराग जैन का ही नाम है। वह फिलहाल केंद्र में सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। अनुराग जैन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया है और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिरैक्यूज से एमए (लोक प्रशासन) की डिग्री हासिल की है। वह 24 अप्रैल 2020 से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे। यह भी थे दावेदारमुख्य सचिव पद के लिए राजेश राजौरा के साथ ही मोहम्मद सुलेमान और एसएन मिश्रा जैसे वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम भी लिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी चाहते थे कि एसीएस राजौरा को ही मुख्य सचिव बनाया जाए। हालांकि, दिल्ली से उनका प्रस्ताव खारिज हो गया और अनुराग जैन को होम कैडर में भेजने की व्यवस्था की गई। राजौरा मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहेंगेमध्य प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव हैं। वे गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव रहे हैं। स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में भी प्रमुख भूमिका में रहे हैं। वह धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर में कलेक्टर भी रहे हैं। राजौरा का कार्यकाल 2027 तक है। इस लिहाज से उनके पास अभी भी भविष्य में मुख्य सचिव बनने का मौका रहेगा। recent visitors 223