धर्मेन्द्रसिंह राजपूत अभाविप मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष एवं प्रांत मंत्री के रूप में केतन चतुर्वेदी पुनःनिर्वाचित

धर्मेन्द्रसिंह राजपूत अभाविप मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष एवं प्रांत मंत्री के रूप में केतन चतुर्वेदी पुनःनिर्वाचित

Dharmendra Singh Rajput re-elected as State President and Ketan Chaturvedi as State Minister of ABVP Madhya Bharat Province भोपाल। धर्मेन्द्रसिंह राजपूत (भोपाल) देश के अग्रणी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष और केतन चतुर्वेदी (बैतूल) प्रांत मंत्री के रूप में सत्र 2025-26 हेतु पुनः निर्वाचित हुए हैं। यह घोषणा आज अभाविप मध्यभारत प्रांत कार्यालय, भोपाल से की गई। अभाविप के प्रांत कार्यालय के निर्वाचन अधिकारी डॉ. दीपक पालीवाल ने बताया कि दोनों पदों का कार्यकाल एक वर्ष का रहेगा एवं दोनों पदाधिकारी 14 से 16 दिसम्बर 2025 को डबरा में आयोजित अभाविप के 58वे प्रांत अधिवेशन में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। धर्मेन्द्रसिंह राजपूत युनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आरजीपीवी) भोपाल में मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्राध्यापक पद पर कार्यरत हैं। आपके विभिन्न शोध पत्र प्रकाशित हुये हैं एवं सन् 2009 से आप विद्यार्थी परिषद में सक्रिय कार्यकर्ता है, विद्यार्थी परिषद में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुये उज्जैन नगर उपाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, जिला प्रमुख, विभाग प्रमुख, प्रांत उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मध्यभारत प्रांत उपाध्यक्ष जैसे विभिन्न दायित्वों का आपने निर्वहन किया है। सत्र 2022-23 में आप प्रथम बार प्रांत अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, सत्र 2023- 24 और 2024-25 में भी आपने प्रांत अध्यक्ष का दायित्व संभाला। इस वर्ष नवीन सत्र 2025-26 के लिए भी आप प्रांत अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए है। केतन चतुर्वेदी की शिक्षा ग्वालियर के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय से बी-कॉम तक हुई है। विद्यार्थी परिषद से संपर्क वर्ष 2016 से है एवं वर्ष 2021 से पूर्णकालिक कार्यकर्ता हैं। पूर्व में ग्वालियर महानगर में भाग मंत्री, जीवाजी विश्वविद्यालय संयोजक, ग्वालियर महानगर सहमंत्री, भोपाल महानगर सहमंत्री एवं पूर्णकालिक कार्यकर्ता के नाते नर्मदापुरम जिला संगठन मंत्री, भोपाल महानगर सह संगठन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन किया है। वर्ष 2023-24 में अभाविप के मध्यभारत प्रांत के सहमंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में वे नर्मदापुरम विभाग के विभाग संगठन मंत्री है। उनका केन्द्र बैतूल हैं। विभिन्न छात्र आंदोलन का आपने प्रभावी नेतृत्व किया है। प्रांत मीडिया संयोजक शिवम जाट ने बताया कि सत्र 2024-25 में प्रथम बार प्रांत मंत्री निर्वाचित हुए। इस वर्ष सत्र 2025–26 के लिए आप पुनः अभाविप मध्यभारत के प्रांत मंत्री निर्वाचित हुए हैं। recent visitors 74

70वां महापरिनिर्वाण दिवस: अजाक्स भवन भोपाल में डॉ. बीआर आम्बेडकर को श्रद्धापूर्वक किया याद

70th Mahaparinirvan Day: Dr. BR Ambedkar remembered with reverence at Ajax Bhawan, Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा 6 दिसंबर को भारत रत्न, संविधान निर्माता, बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 70 वें महापरिनिर्वाण दिवस पर तुलसी नगर स्थित अजाक्स भवन में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक उनका स्मरण और प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य मप्र अजाक्स सत्य विजय चन्दन भी परिवार सहित उपस्थित रहे। मौजूद अजाक्स पदाधिकारियों ने बाबासाहेब के बताये मार्ग पर समाज को आगे बढाने का संकल्प लिया। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपस्थित मुद्दों पर विमर्श भी किया गया। इसके बाद करीब साढ़े 3 किमी तक पैदल मार्च निकला। जिसमें सैकड़ों पदाधिकारी शामिल थे। कार्यवाहक अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी के नेतृत्व में पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए सेकंड स्टाफ से प्रकाश तरण पुष्कर चौराहा और लिंक रोड नंबर 1 से बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबासाहेब की प्रतिमा स्थल पहुंचे। जहां अजाक्स पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक लोगों की उपस्थिति में बाबासाहब को माल्यार्पण किया। साथ ही सभी ने अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर षडयंत्रपूर्वक हंगामा मचाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने बाबा साहेब के चरणों में ज्ञापन अर्पित किया। सभी ने प्रदेश में साप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना के साथ समाज मे वैमनस्यता फैलाने वाले लोगों पर कठोर कार्यवाही करवाने का संकल्प लिया।  ज्ञात हो कि अजाक्स ने उक्त मामले में ज्ञापन सौंपने के लिए राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से समय माँग चुका है, लेकिन आज तक मुलाकात का समय नहीं मिला। जिससे अजाक्स में आक्रोश व्याप्त है। इसलिए संघ पदाधिकारियों द्वारा यह ज्ञापन बाबासाहेब के चरणों में अर्पित कर राज्य सरकार से प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तथाकथित लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है l यहां उपस्थित लोगों ने बाबसाहब को श्रद्धापूर्वक याद कर उनके सम्मान में नारे लगाए।  इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी के साथ महासचिव एमसी अहिरवार, विजय शंकर श्रवण, राजवीर सिंह अग्निहोत्री, निर्मला पाटिल, हनुमंत प्रभाकर, अशोक बैन, विनोद बट्टी और निर्मला प्रधान, बीएल भूआर्य, बंसीलाल धनवाल, अवधनारायण मकोरिया, घनश्याम भकोरिया, रितेष मैना, लखन गंगवार समेत बड़ी संख्या में अजाक्स के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। recent visitors 114

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

MP Vidhan Sabha Winter Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच उस समय विधानसभा में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया, जब सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बंदर बनकर परिसर में दाखिल हुए। कोई उन्हें देखकर हंस रहा था तो कोई उनके संदेश की गंभीरता को भांप रहा था। सदन में इस अनोखे अंदाज में पहुंचने वाले कोई और नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव सीट से विधायक सुनील उईके हैं। चेहरे पर मास्क लगाए, हाथ में पोस्टर लिए सदन परिसर में पहुंच गए, जो सरकारी की जनविरोधी नीतियों का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्ष में बैठे कांग्रेस विधायकों द्वारा ये प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेत्रत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद की कमी, किसानों की बदहाली और जनता की अनदेखी के खिलाफ इस अनोखे प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। बंदर का मास्क लगाए विधायक सुनील उईके हाथ में नकली उस्तरा भी लिए थे। वहीं, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ जैसी कहावत के नारे लगा रहे थे। विधानसभा में आज 13,476.94 करोड़ रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को इसपर बजट पेश किया था। सबसे बड़ी राशि ग्रामीण विकास को मिली है। पीएम आवास के लिए 4,000 करोड़ और लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए। किसानों के लिए समर्थन मूल्य भुगतान हेतु 2,001 करोड़, आपदा राहत के लिए 77.20 करोड़ और भावांतर योजना के लिए 500 करोड़ रखे गए हैं। विपक्ष बोला- जनता की पुकार, सत्ता पक्ष ने बताया सदन का अपमानजुन्नारदेव विधायक सुनील उईके ने बंदर का वेश धारण कर इशारा किया कि सरकार जनता को ‘बंदर’ बना रही है। उन्होंने कहा कि, ‘खाद नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिल रही, किसान मर रहा है। सरकार हर वर्ग के हक पर उस्तरा चला रही है।’ कांग्रेस ने इसे जनता की पुकार बताया। तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे सदन की गरिमा का अपमान ठहराया है। recent visitors 75

कर्मचारियों के विरोध पर एमवीएम की प्राचार्या को हटाया

MVM principal removed after staff protest उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा फैसला  भोपाल। राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के तीव्र विरोध के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राजधानी के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी को हटा दिया है। इस फैसले को कर्मचारी अपने लगातार चले सघर्ष की जीत बता रहे हैं। कर्मचारी लंबे समय से प्राचार्या के खिलाफ लामबंद थे और इसको लेकर मुहिम चला रहे थे। आखिकार वही हुआ, जो कर्मचारी चाह रहे थे।  दरअसल, मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति कठोर था। वे किसी के कहने पर हमेंशा कर्मचारी विरोधी गतिविधियां चला रहीं थी। जिसका कर्मचारी लगातार विरोध जता रहे थे और मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा मंत्री तक ज्ञापन सौंप चुके थे। शिकायत और चेतावनी के बाद भी उनका कर्मचारियों के प्रति रवैया रुखा ही रहा। जिसके बाद शासन ने कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या गीता मोदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उनके स्थान पर डॉ अलका प्रधान को प्रभारी प्राचार्या का दायित्व सौपा है। इसके बाद कर्मचारियों ने कुछ राहत की सांस ली है।  राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ प्रमुख शील प्रताप सिंह पुंढीर,  महासचिव व्यासमुनि चौबे, प्रदेश प्रवक्ता शोएब सिद्दीकी, सचिव कृष्णकांत मिश्रा, भोपाल जिलाशाखा प्रणव खरे, प्रांतीय उच्च शिक्षा विभागीय समिति अध्यक्ष लालाराम रैकवार,  रविशंकर त्रिपाठी, राहुल शर्मा, सूर्यकांत मिश्रा ने इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी बताया। कर्मचारियों ने डॉ अलका प्रधान को नए प्रभार के लिए बधाई और मंत्री इंदरसिंह परमार का आभार माना।  कर्मचारियों ने नवागत प्राचार्या श्रीमती प्रधान से शासन हित में अल्पवेतन भोगी जनभागीदारी श्रमिकों, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किए जाने की मांग की है। recent visitors 104

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

Lokayukta arrested an accountant red-handed while accepting a bribe of Rs 10,000. धार। मध्य प्रदेश के धार में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कड़ा शिकंजा कसते हुए लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पेंशन में NPS कटौती के पैसे निकालने के नाम पर पीड़ित से पैसों की मांग की गई थी। दरअसल, धार के रहने वाले रंजीत बामनिया ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय को शिकायत की थी कि। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता कुंवर सिंह बामनिया सी एम राइस स्कूल डही में चपरासी के पद से 31 जुलाई 2025 को रिटायर हुए। हैं। उनके पेंशन के एनपीएस के पैसे निकालने के बदले में लेखा शाखा के प्रभारी सहायक ग्रेड 3 आरोपी दिनेश भिड़े ने 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। शिकायत सही पाने पर इंदौर लोकायुक्त की टीम ने पीड़ित से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी दिनेश भिड़े को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रैप दल में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटेरिया,सतीश यादव, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। recent visitors 68

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 56

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल ! मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता?क्या है समीक्षा का उद्देश्य? बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी। recent visitors 61