विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

MP Vidhan Sabha Winter Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच उस समय विधानसभा में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया, जब सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बंदर बनकर परिसर में दाखिल हुए। कोई उन्हें देखकर हंस रहा था तो कोई उनके संदेश की गंभीरता को भांप रहा था। सदन में इस अनोखे अंदाज में पहुंचने वाले कोई और नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव सीट से विधायक सुनील उईके हैं। चेहरे पर मास्क लगाए, हाथ में पोस्टर लिए सदन परिसर में पहुंच गए, जो सरकारी की जनविरोधी नीतियों का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्ष में बैठे कांग्रेस विधायकों द्वारा ये प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेत्रत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद की कमी, किसानों की बदहाली और जनता की अनदेखी के खिलाफ इस अनोखे प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। बंदर का मास्क लगाए विधायक सुनील उईके हाथ में नकली उस्तरा भी लिए थे। वहीं, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ जैसी कहावत के नारे लगा रहे थे। विधानसभा में आज 13,476.94 करोड़ रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को इसपर बजट पेश किया था। सबसे बड़ी राशि ग्रामीण विकास को मिली है। पीएम आवास के लिए 4,000 करोड़ और लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए। किसानों के लिए समर्थन मूल्य भुगतान हेतु 2,001 करोड़, आपदा राहत के लिए 77.20 करोड़ और भावांतर योजना के लिए 500 करोड़ रखे गए हैं। विपक्ष बोला- जनता की पुकार, सत्ता पक्ष ने बताया सदन का अपमानजुन्नारदेव विधायक सुनील उईके ने बंदर का वेश धारण कर इशारा किया कि सरकार जनता को ‘बंदर’ बना रही है। उन्होंने कहा कि, ‘खाद नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिल रही, किसान मर रहा है। सरकार हर वर्ग के हक पर उस्तरा चला रही है।’ कांग्रेस ने इसे जनता की पुकार बताया। तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे सदन की गरिमा का अपमान ठहराया है। recent visitors 81

कर्मचारियों के विरोध पर एमवीएम की प्राचार्या को हटाया

MVM principal removed after staff protest उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा फैसला  भोपाल। राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के तीव्र विरोध के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राजधानी के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी को हटा दिया है। इस फैसले को कर्मचारी अपने लगातार चले सघर्ष की जीत बता रहे हैं। कर्मचारी लंबे समय से प्राचार्या के खिलाफ लामबंद थे और इसको लेकर मुहिम चला रहे थे। आखिकार वही हुआ, जो कर्मचारी चाह रहे थे।  दरअसल, मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति कठोर था। वे किसी के कहने पर हमेंशा कर्मचारी विरोधी गतिविधियां चला रहीं थी। जिसका कर्मचारी लगातार विरोध जता रहे थे और मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा मंत्री तक ज्ञापन सौंप चुके थे। शिकायत और चेतावनी के बाद भी उनका कर्मचारियों के प्रति रवैया रुखा ही रहा। जिसके बाद शासन ने कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या गीता मोदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उनके स्थान पर डॉ अलका प्रधान को प्रभारी प्राचार्या का दायित्व सौपा है। इसके बाद कर्मचारियों ने कुछ राहत की सांस ली है।  राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ प्रमुख शील प्रताप सिंह पुंढीर,  महासचिव व्यासमुनि चौबे, प्रदेश प्रवक्ता शोएब सिद्दीकी, सचिव कृष्णकांत मिश्रा, भोपाल जिलाशाखा प्रणव खरे, प्रांतीय उच्च शिक्षा विभागीय समिति अध्यक्ष लालाराम रैकवार,  रविशंकर त्रिपाठी, राहुल शर्मा, सूर्यकांत मिश्रा ने इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी बताया। कर्मचारियों ने डॉ अलका प्रधान को नए प्रभार के लिए बधाई और मंत्री इंदरसिंह परमार का आभार माना।  कर्मचारियों ने नवागत प्राचार्या श्रीमती प्रधान से शासन हित में अल्पवेतन भोगी जनभागीदारी श्रमिकों, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किए जाने की मांग की है। recent visitors 108

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

Lokayukta arrested an accountant red-handed while accepting a bribe of Rs 10,000. धार। मध्य प्रदेश के धार में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कड़ा शिकंजा कसते हुए लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पेंशन में NPS कटौती के पैसे निकालने के नाम पर पीड़ित से पैसों की मांग की गई थी। दरअसल, धार के रहने वाले रंजीत बामनिया ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय को शिकायत की थी कि। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता कुंवर सिंह बामनिया सी एम राइस स्कूल डही में चपरासी के पद से 31 जुलाई 2025 को रिटायर हुए। हैं। उनके पेंशन के एनपीएस के पैसे निकालने के बदले में लेखा शाखा के प्रभारी सहायक ग्रेड 3 आरोपी दिनेश भिड़े ने 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। शिकायत सही पाने पर इंदौर लोकायुक्त की टीम ने पीड़ित से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी दिनेश भिड़े को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रैप दल में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटेरिया,सतीश यादव, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। recent visitors 72

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 60

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल ! मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता?क्या है समीक्षा का उद्देश्य? बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी। recent visitors 69

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

The Sarpanch’s son’s arrogance, with more than ten guns and 100 rounds of fire, terrified the wedding guests. मुरैना ! जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र के घिंरोगी गांव में एक शादी समारोह के दौरान जमकर हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। यहां ग्वालियर से आए डांसरों के कार्यक्रम के बीच युवकों ने लाइसेंसी हथियारों से करीब 100 राउंड फायर किए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार घिंरोगी के सूरज भान गुर्जर के भतीजे राहुल की शादी में रंगारंग कार्यक्रम रखा गया था। शादी में ग्वालियर से डांसर बुलाए गए थे। जैसे ही डांसरों का कार्यक्रम शुरू हुआ। कुछ युवक हथियार लेकर मंच के पास आ गए और लगातार फायरिंग करने लगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में दस से ज्यादा बंदूकें मौजूद थीं और लगभग सौ राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। भीड़ भरे कार्यक्रम में इस तरह की फायरिंग से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही, लेकिन किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। आरोपी युवक अरविंद गुर्जर है, जो मुरैना विकास खंड की बड़बारी पंचायत के वर्तमान सरपंच राजवीर गुर्जर का बेटा है।शाम एक शादी समारोह में अरविंद ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से एक के बाद एक हर्ष फायर किए। वीडियो में वह एक कुर्सी पर बैठकर बंदूक को सामने की ओर तानकर लगातार फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। जैसे ही वीडियो पुलिस तक पहुंचा, मालनपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस शादी के आयोजकों से भी पूछताछ कर रही है। एसडीओपी रविन्द्र वास्कले ने बताया हर्ष फायरिंग कानूनन अपराध है। वीडियो की जांच की जा रही है, आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग में शामिल किसी भी युवक को बख्शा नहीं जाएगा। recent visitors 82

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र 2025, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session 2025, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। recent visitors 89