Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग (CAG) ने 2019 में ही गंदे पानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पढ़ें पूरी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए। उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि गंदे पानी की वजह से जानें जाना किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ADB से कर्ज, फिर भी साफ पानी नसीब नहींनेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जल प्रबंधन के लिए 200 मिलियन डॉलर (तब करीब 906 करोड़ रुपये) का कर्ज लिया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर नागरिक को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन कर्ज लेने के करीब 15 साल बाद 2019 में आई CAG रिपोर्ट ने इस पूरे प्रोजेक्ट को असफल और भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताया। कैग (CAG) रिपोर्ट, सिस्टम फेल होने की कहानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में केवल 4 जोन और भोपाल में सिर्फ 5 जोन में रोज पानी की सप्लाई हो रही थी।दोनों शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से महज 5.30 लाख को ही नल कनेक्शन मिल सके। इपलाइन लीकेज की शिकायतों पर नगर निगम 22 से 182 दिन तक लगाता रहा। 2013 से 2018 के बीच लिए गए 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए, लेकिन इन पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लाखों लोगों तक पहुंचा गंदा पानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की स्वतंत्र जांच में 54 में से 10 पानी के नमूने दूषित पाए गए, जिनमें गंदगी और मल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद था। इसके चलते भोपाल के 3.62 लाख और इंदौर के 5.33 लाख कुल 8.95 लाख लोगों को गंदा पानी सप्लाई हुआ। इसी अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले दर्ज किए। पानी गायब, जवाबदेही नदारदनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गैर-राजस्व पानी (Non-Revenue Water) 30 से 70 प्रतिशत तक है, यानी इतना पानी कहां जा रहा है—किसी को पता नहीं। नियमित जल ऑडिट नहीं होने से बर्बादी और चोरी पर लगाम नहीं लग पाई। इसके अलावा दोनों शहरों में पानी के टैरिफ की वसूली भी नहीं हो सकी और नगर निगम पर 470 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ गया। जरूरत से बहुत कम पानी मिल रहानेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG के मुताबिक, भोपाल में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 9 से 20 लीटर और इंदौर में 36 से 62 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, जो तय मानकों से काफी कम है। वहीं, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई भी नहीं की जा रही थी। सरकार बिना मौत के नहीं जागतीउमंग सिंघार ने कहा कि CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न व्यवस्था सुधारी गई। अब जब इंदौर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, तब सरकार हरकत में आई है।उन्होंने सवाल उठाया जब रिपोर्ट पहले से थी, चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं किए गए? क्या सरकार हर बार त्रासदी के बाद ही जागेगी? recent visitors 124

हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे: प्रवीण मांगरिया 

 We have to unite and protect the Constitution, otherwise we will be deprived of our rights: Praveen Mangariya  भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद का सामाजिक समरसता सम्मेलन 28 दिसंबर को राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में समकालीन मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में आनंद जमधाड़े को भोपाल जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह वट्टी की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया, महासचिव मूलचंद नागले, राष्ट्रीय महासचिव एआर सिंह, आर प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा निराला, किरण अहिरवार, एसआर बौद्ध, प्रवीण बौद्ध, सुनील बोरसे, जिला अध्यक्ष आनंद जमधाडे, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मेश्राम, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हरीश और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेशभर से प्रबुद्धजन व समाजसेवी शामिल हुए। सम्मेलन के समापन उपरांत राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र श्यामला हिल्स टीआई को सौंपा गया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा कि आज समाज विभिन्न वर्गों व संगठनों में बटा हुआ है। हालांकि सभी का उद्देश्य एक ही है कि संविधान की रक्षा और उसके अधिकारों का लोकतंत्र में पालन हो। उन्होंने कहा कि समाज अगर आवाज नहीं उठाएगा, अपनी ताकत नहीं दिखाएगा तो वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा जैसे हम सब प्रताड़ित होते रहेंगे। हमारे अधिकार और बोलने की आजादी पर पावंदी लगाई जा रही है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता संकुचित हो रही है। सबसे ज्यादा कमजोर कड़ी हमारे युवा हैं। उनके समाजहित में आगे आना होगा, तभी समाज सुरक्षित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे।  वहीं प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी ने कहा कि अब हम संघर्ष के लिए मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब जहां भी प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय, अत्याचार होता है, तो हम पूरी ताकत के साथ उसका का मुकाबला और संघर्ष करेंगे। बाबा साहब ने जो संविधान दिया है, उसे सुरक्षित और सम्मान देना हमारा कर्तव्य है, जो हम करेंगे।    इंजी. एआर सिंह ने कहा कि  सामाजिक चेतना के लिए यह मंच मिल का पत्थर साबित होगा। सामाजिक न्याय किसे चाहिए, जो वंचित और शोषित वर्ग है उसे न्याय की दरकार है। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं हुए, तो समाज और निचले स्तर पर चला जाएगा। जब तक समाज का विकास नहीं होता, तब तक हम देश का विकास नहीं मान सकते हैं। बाबा साहब का आंदोलन सफल है। जब बाबा साहब का आंदोलन चल रहा था, तब ब्रिटिश सरकार थी। उस सरकार में बाबा साहब ने समाज की बात रखी और ब्रिटिश सरकार को उनकी बात मानना पड़ी, जिसकी बदौलत हमें अधिकार मिले। उस समय बाबा साहब को लगा कि पूरा देश हमारा स्वागत करेगा, लेकिन कुछ विरोधियों ने  उनका विरोध किया। इसके बाद पूना समझौता हुआ और हमें आरक्षण मिला। उस दौर की सरकार ने भरोसा किया और बाबा साहब को संविधान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। बाबा साहब ने संविधान बनाया, जो आज देश के साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।  उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंद कर दी गई हैं। प्रदेश में 6 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख पद भरे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख पद बैकलॉग के खाली हैं। अब सरकार ने नौकरी खत्म कर दी और ठेकेदार प्रथा चालू कर दी। इससे हमारे वर्गों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। ठेकेदारी प्रथा आने से सरकारी नौकरी में धीरे-धीरे आरक्षण खत्म हो रहा है। यानि आरक्षण समाप्ति की ओर है। सरकार के सभी संसाधन और नौकरी प्राइवेट पर दी जा रही हैं। प्रदेश में सामाजिक स्तर की बात करें तो आए दिन समाज पर अत्याचार, अन्याय की खबरें आ रहीं हैं। 18 जनवरी को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन होना है। उसमें सभी संगठन आगे आएं और विरोध  दर्ज कराएं।   सीमा निराला ने कहा कि वहीं अंध विश्वास जोर पकड़ रहा है। रोज नए बाबा पैदा हो रहे हैं।  उनके जरिए हमारे समाज को गुमराह किया जा रहा है। मेरा इतना कहना कि देश में दो विचार चल रही है। पहली वह जो संविधान में भरोसा करती है. दूसरी वह जो मनुवादी व्यवस्था पर चलती है। अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया है कि जहां भी हमारे समाज में अंधविश्वास व अन्याय, शोषण की घटनाएं हों तो हम सभी को पुरजोर विरोध न्याय मिलने तक करना है।  राजस्थान के अध्यक्ष ने निजीकरण, ईवीएम, नौकरी में ठेकेदारी का विरोध करने पर जोर दिया है। हम संख्या में 85 फीसदी होने के बाद भी हम परेशान क्यों है, इसकी वजह है, क्योंकि हम व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए। कांशीराम साहब ने समझा। उन्होंने कहा था कि जो बहुजन की बात करेगा, वही दिल्ली पर राज करेगा। उससे समाज में काफी राजनैतिक भागीदारी बड़ी है। हमें समझना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे है। सामाजिक न्याय की बात करें तो कोई बड़ा उद्योगपति हमारे समाज से नहीं है। राजनीति, सामाजिक चेतना विकसित करना है। महिलाओं को जगाने की बहुत जरूरत है। recent visitors 88

मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर माफिया का अवैध उत्खनन

Illegal excavation by mafia on government land in Mohasa Industrial Area नर्मदापुरम ! जिले के मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के लिए आरक्षित 4 एकड़ जमीन पर माफिया ने करीब 15-18 फीट गहराई तक मिट्टी (भसुआ) खोद डाली। पोकलेन-जेसीबी से हजारों डंपर भरकर मिट्टी चोरी हो गई, लेकिन खनिज-राजस्व विभाग के अफसर अनजान बने हुए हैं। सूत्रों की माने तो इंडस्ट्रियल एरिया में 30 से अधिक उद्योगों का निर्माण चल रहा है। बाहर मिट्टी लाना महंगा होने से माफिया आवंटित प्लॉटों से ही मिट्टी खोदकर सप्लाई कर रहे हैं। उत्खनन मोहासा पंचायत के ग्राम धमासा के पास परमेसु बायोटेक की निर्माणाधीन मक्का फैक्ट्री की बाउंड्रीवॉल के बाहर हुआ। दर्जनभर फैक्ट्रियों की नींव के लिए यहीं की मिट्टी खपाई जा रही है।बता दे कि 33 केवी लाइन का पोल टीले पर माफिया ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। 33 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल के चारों ओर 15 फीट गहरी खुदाई हो गई, अब पोल टीले पर खड़ा है। बारिश में मिट्टी खिसकने से पोल गिरने और बड़ा हादसा हो सकता है। खुदाई ग्राम धमासा के स्कूल के बाजू तक पहुंच चुकी है।जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा, “मोहासा में एक स्थान की अनुमति थी, चेक करवाते हैं।” तहसीलदार महेंद्र चौहान बोले, “उद्योग विभाग से जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे।” recent visitors 66

कोल माफिया पर खनिज का करारा प्रहार, 8 हाइवा जप्त

Mining department strikes hard on coal mafia, 8 Hiva trucks seized सिंगरौली । अवैध खनन और कोयले के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ सिंगरौली प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर गौरव बैनल के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयले के अवैध परिवहन में संलिप्त 8 हाइवा वाहनों को जप्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। खनिज विभाग को ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि झिंगुरदह क्षेत्र के बरहवा टोला में रात के अंधेरे में कोयले का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने किया। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान खनिज विभाग की टीम ने मौके से 8 हाइवा वाहनों को कोयले के साथ रंगे हाथों पकड़ा। वाहनों के पास वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। तत्पश्चात सभी जप्त वाहनों को सुरक्षार्थ मोरवा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कोयला माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल है। लगातार हो रही प्रशासनिक सख्ती से अवैध खनन व परिवहन करने वाले कारोबारी सकते में हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने भी सराहा है और कहा है कि इससे क्षेत्र में हो रहे पर्यावरणीय नुकसान पर भी रोक लगेगी। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में अवैध खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध गौण खनिज अधिनियम एवं संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि सिंगरौली में अवैध खनन व परिवहन करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। खनिज विभाग की कार्रवाई से कोल माफियाओं में हड़कंपजिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा की गई सख्त कार्रवाई से कोल माफियाओं में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा। कार्रवाई के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के कोयला परिवहन करते कई वाहनों की जांच की गई, वहीं कुछ वाहनों को जप्त कर चालान की प्रक्रिया भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से जिले में अवैध कोयला कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह अभियान तेज किया गया। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। recent visitors 70

छतरपुर थाना कोतवाली पुलिस ने चोरी की 6 मोटरसाइकिल एवं 8 मोबाइल फोन सहित आरोपी को किया गिरफ्तार

Chhatarpur police station arrested the accused with 6 stolen motorcycles and 8 mobile phones. छतरपुर ! पुलिस टीम द्वारा थाना कोतवाली सहित अन्य थानों से चोरी संबंधी जानकारी एकत्र कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा चोरी की गई मोटरसाइकिल एवं आरोपी की तलाश हेतु पुलिस टीम गठित कर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही थी।पुलिस टीम को जिला अस्पताल के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल संबंधी सूचना थाना सटई क्षेत्र अंतर्गत होने की प्राप्त हुई। पुलिस टीम द्वारा छापामार कार्यवाही की गई जिला अस्पताल के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स सहित पृथक पृथक स्थान से चोरी की गई 6 मोटरसाइकिल- एचएफ डीलक्स, पैशन प्रो, टीवीएस स्पोर्ट, सीडी डीलक्स बरामद की गई। 1 मोटरसाइकिल छतरपुर जिला अस्पताल के पास से तथा अन्य 5 मोटरसाइकिल खजुराहो से 2, जटाशंकर मेला से 2 तथा 1 सागर जिले से चोरी की गई थी। आरोपी मोटरसाइकिल चोरी करने के साथ-साथ मोबाइल चोरी करने का भी काम करता था। छापामार कार्यवाही के दौरान अभियुक्त के पास से 8 मोबाइल फोन, टेक्नो, लावा, वीवो, रेडमी, रियलमी कंपनी के भी बरामद किए गए।6 मोटरसाइकिल एवं 8 मोबाइल फोन कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए बरामद कर आरोपी गजेंद्र उर्फ गर्जन सिंह बुंदेला पिता शंकर सिंह बुंदेला निवासी ग्राम मझगंवा थाना सटई को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त चोरी जैसे तीन से अधिक अपराधों में लिप्त है, अन्य थानों से मोटरसाइकिल एवं मोबाइल चोरी संबंधी जानकारी हेतु संपर्क किया जा रहा है। अभियुक्त को न्यायालय पेश किया जा रहा है, विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद सिंह दांगी, प्रधान आरक्षक वीपेंद्र चौबे, उमाशंकर शुक्ल, अवधेश चतुर्वेदी, आरक्षक सौरभ तिवारी, अभय यादव, आशीष खरे, सत्येंद्र यादव, नरेश सिंह, संदीप एवं पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 80

‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड मौतें: एक हफ्ते में 6 बाघों की मौत, 2025 में आंकड़ा 54 पार

Record deaths in ‘Tiger State’ Madhya Pradesh: 6 tigers died in a week, toll crosses 54 in 2025 भारत के ‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में पिछले एक हफ्ते के भीतर 6 बाघों की मौत दर्ज की गई है. इसके साथ ही वर्ष 2025 में अब तक बाघों की कुल मौतों का आंकड़ा 54 हो गया है. यह संख्या 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक बताई जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में- ज्यादातर मौतों का कारण प्राकृतिकवन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मौतें प्राकृतिक कारणों से हुई हैं, जो बाघों की बढ़ती संख्या को भी दर्शाती हैं. उन्होंने कहा, “संख्या जितनी ज्यादा होगी, प्राकृतिक मौतें भी उतनी बढ़ेंगी. यह स्वाभाविक है.” अधिकारियों के अनुसार, यह रुझान बताता है कि अगली बाघ गणना में भी मध्य प्रदेश देश का शीर्ष ‘टाइगर स्टेट’ बना रह सकता है. हाल ही में बांधवगढ़ में मिला बाघ का शवबाघ की मौत का ताजा मामला बांधवगढ़ का है, जहां उमरिया जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ-10 में कथली नदी के पास एक बाघ का शव मिला. शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसके बाद इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है. फील्ड स्टाफ नियमित गश्त और जनगणना कार्य में जुटा था, तभी यह मामला सामने आया. करंट लगने से बाघ की मौत की आशंकावन विभाग की टीमें साक्ष्य सुरक्षित करने में जुटी हैं. डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है और आसपास के वन क्षेत्रों व नदी किनारे की पट्टी की सघन तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि शव बिजली लाइन कॉरिडोर के पास मिला है, इसलिए करंट लगने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. नजदीकी बिजली ढांचे की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं खुले या अवैध तारों की वजह से घटना तो नहीं हुई. 54 में से 36 रहस्यमयी मौतें, ज्यादातर शिकार सेटाइगर की 54 मौतों में से 36 मौतें रहस्यमयी हैं. ज्यादातर मामलों में टाइगर का शिकार किया गया है. कई बार टाइगर के पंजे काटकट शिकारी ले गए. तस्करी में एक टाइगर की कीमत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब एक से 3 करोड़ रुपये होती है. कई बार शिकारी जंगल मे टाइगर्स की निगरानी में लगे कैमरों में कैद हो चुके हैं. बाघों की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे भी चोरी होने के कई मामले आए हैं. टाईगर्स की बढ़ती मौतों और सुरक्षा में लापरवाही पर NTCA ने चिंता जताई है. कांग्रेस ने एमपी सरकार पर लगाए आरोपटाइगर्स की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने सरकार को में असफल बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बबारोलिया ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहरवार का कहना है कि विभाग मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है. recent visitors 76

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है। recent visitors 75