पठिया में आकाशीय बिजली का कहर, युवक की मौके पर मौत

Lightning wreaks havoc in Pathiya, youth dies on the spot लोकेन्द्र सिंह बड़ामलहरा। बड़ामलहरा अनुभाग के भगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठिया में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पठिया निवासी लखन राजपूत उम्र 25 वर्ष पिता सुखदीन राजपूत मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कठान नदी के किनारे शौच के लिए गया हुआ था। इसी दौरान मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर पड़ी। इसकी चपेट में आने से युवक पूरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भगवां थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। recent visitors 87

फिर 5200 करोड़ रूपए कर्ज ले रही मोहन सरकार, सिर्फ एक वित्तीय वर्ष में ले चुकी 62,300 करोड़

फिर 5200 करोड़ रूपए कर्ज ले रही मोहन सरकार, सिर्फ एक वित्तीय वर्ष में ले चुकी 62,300 करोड़

Mohan Bhagwat government is taking another ₹5,200 crore loan, having already borrowed ₹62,300 crore in just one financial year. Mohan Government : मोहन सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ का कर्ज ले रही है। साल 2026 में सरकार दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में ये कर्ज 57,100 करोड़ लिया जा चुका हैं। इस तरह नया कर्ज मिलाकर इसी चालू वर्ष में कुल 62,300 करोड़ रुपए का हो जाएगा। Mohan Government :मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। साल 2026 में सरकार दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में ये कर्ज 57,100 करोड़ लिया जा चुका हैं। इस तरह नया कर्ज लेने के बाद अब ये इसी चालू वर्ष में कुल 62,300 करोड़ रुपए का हो जाएगा। बता दें कि, राज्य सरकार साल 2026 में ही दूसरी बार कर्ज ले रही है। इस बार 7 फरवरी को 5200 करोड़ की राशि मिलेगी, जिसकी पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए 7 साल के लिए ब्याज समेत भुगतान की तारीख 4 फरवरी 2033 तारीख की है। 2000 करोड़ का कर्ज 17 साल के लिए लिया जा रहा है जो 4 फरवरी 2043 तक के लिए है। जबकि, तीसरी किस्त 2000 करोड़ रुपए 22 साल की अवधि में ब्याज के साथ चुकता किया जाएगा। सिर्फ एक चालू वर्ष में ही 62,300 करोड़ कर्जआपको बता दें कि, मध्य प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 57,100 करोड़ का कर्ज ले चुकी है। 5200 करोड़ का कर्ज लेने के बाद यह आंकड़ा 62,300 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कब-कब लिया गया कर्ज recent visitors 68

नगर निगम सीमा से 16 किमी तक बिना अनुमति नहीं बनेंगी कॉलोनियां

No colonies will be built without permission within 16 km of the municipal corporation limits. भोपाल। सरकार अब शहरी क्षेत्रों से सटे गांवों में बिना प्लान के बस रही अवैध कॉलोनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। नगर निगम की सीमा से 16 किमी के दायरे में प्लॉटिंग करने पर कॉलोनाइजर अथवा भूमि स्वामी को उसी तरह से नगर तथा ग्राम निवेश (टीएनसीपी) अनुमति लेना होगा, जैसे शहरों में लेनी होती है। अवैध कॉलोनी अधिनियम का ड्राफ्ट बनाकर तैयार है, जिसे विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। अधिनियम के अनुसार नगर परिषद की सीमा से आठ, अन्य नगरीय क्षेत्र की सीमा से तीन और टीएनसीपी  द्वारा जारी निवेश क्षेत्र से आठ किमी दूरी पर कॉलोनी बनाने के लिए तमाम अनुमतियां लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति के कॉलोनी बनाने पर कॉलोनाइजर, 7 से 10 साल तक सजा और 50 लाख से 1करोड़ रुपए तक जुमार्ने का प्रावधान है। गांवों की कॉलोनियां, समस्या शहरों को अधिनियम लागू होने के बाद पंचायतीराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में भी संशोधन करना होगा, क्योंकि शहरी क्षेत्रों के आस-पास सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां गांवों में हैं। शहर बढ़ने, परिसीमन, नए मास्टर प्लान और प्लान एरिया तय करने के बाद ये कॉलोनियां शहर के अंदर हो जाती हैं। इसका खामियाजा नगर निगम को भुगतना पड़ता है। नगर निगम, जन प्रतिनिधियों  और सरकार का करोड़ों रुपए इन कॉलोनियों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में खर्च होते हैं।  हाईवे से दो किमी के दायरे में बसाने लेनी होगी अनुमति नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के दो किमी की परिधि में अगर कॉलोनाइजर कॉलोनियां विकसित करता है अथवा प्लॉटिंग करता है तो उसे इसकी अनुमति टीएनसीपी लेना होगा।  कॉलोनाइजर को डीम्ड अनुमति कॉलोनाइजर को कॉलोनी काटने की डीम्ड अनुमति दी जाएगी। आवेदन  के 45 दिन के अंदर अगर ननि, टीएनसीपी से अनुमति नहीं दी जाती या किसी तरह से जवाब नहीं दिए जाते हैं तो माना जाएगा कि कॉलोनी काटने पर निगम की सहमति है।   कलेक्टर पर होगी कार्रवाई  अवैध कॉलोनी की सूचना मिलने के सात दिन के अंदर एफआईआर से लेकर तमाम तरह की कार्रवाई की जाएगी। अगर अवैध कॉलोनी की सूचना अथवा शिकायत कलेक्टर को मिलती है और कॉलोनाइजर कार्रवाई नहीं होती है तो कलेक्टर इसके जिम्मेदार होंगे। बिना अनुमति के कॉलोनाइजर अगर कॉलोनी काटता है तो सूचना मिलने पर कलेक्टर भूखंड को राजसात कर लेगा। राजसात करने के बाद भूखंड बेचकर उस क्षेत्र का विकास किया जाएगा। विकास के बाद ही प्लॉटिंग होगी और आवंटियों को भूखंड दिया जाएगा।  यह होगा फायदा इससे कॉलोनियां प्लानिंग कर बसाई जाएंगी। ननि सीमा में शामिल होने से निकायों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त राशि नहीं खर्च करना पड़ेगी। रहवासियों को सुविधा होगी। इसके अलावा सरकार को बड़ा राजस्व मिलेगा। अवैध कॉलोनियों को लेकर अब तक क्या हुआ  प्रदेश में करीब 8000 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें से तीन हजार अवैध कॉलोनियों को वैध करने की औपचारिकताएं पूरी की गई। यह सभी कॉलोनियां साल 2016 से पहले की थी। बाकी को वैध करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिनियम में संशोधन की चल रही है प्रक्रिया  नगरीय विकास एवं आवास के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे का कहना है कि अवैध कॉलोनी अधिनियम में संशोधन करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण लगेगा। अवैध कॉलोनी बसने पर कॉलोनाइजर, भूमि स्वामी और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। recent visitors 125

परिचय सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन

Release of the souvenir of the conference भोपाल। दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा बीते दिनों करुणा बुद्ध विहार में संपन्न हुए बौद्ध युवक-युवती परिचय सम्मेलन की किताब-स्मारिका का रविवार को भत्ते महाकश्यप की मौजूदगी में किया गया।  संस्था के जिला महासचिव अशोक पाटील ने बताया कि यह किताब क्रय करने के इच्छुक सभी बौध्द धर्मावलंबी करुणा बुद्ध विहार से शाम को 4.30 से शाम 7 बजे तक मिलेगी। इस अवसर पर संस्था के ट्रस्टी-राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इजी. धम्मरतन सोमकुंवर, जिलाध्यक्ष मनोज माणिक, उपाध्यक्ष एआर आनंद, जिला महासचिव अशोक पाटिल, सचिव संजय पाटिल, कोषाध्यक्ष चिंतामन गजभिये, सलाहकार एड. संजय थुल, संगठन सचिव अशोक वानखेडे, चन्द्रकुमार  ढोले, सुजाता सोमकुंवर, प्रबुद्ध महिला मंडल की अध्यक्ष अंजलि चवरे, कोषाध्यक्ष कविता गेडाम आदि उपस्थित थे। recent visitors 84

सफाईकर्मियों से मनमुताबिक काम ले रही सरकार उनकी समस्याओं और सुविधाओं को भूली: रामगोपाल

The government, which is taking work from sanitation workers as per its wishes, has forgotten their problems and facilities: Ram Gopal भोपाल। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का परिचय सम्मेलन का आयोजन पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में आयोजित हुआ। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्टÑ, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी मौजूद रहे।  राजस्थान से आए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा ने समाज की पीड़ा पर अपनी राय रखी और पदाधिकारियों को सुझाव तथा संगठन विस्तार के टिप्स भी बताए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के अधिकांश लोग साफ-सफाई जैसे कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकारें उनके जीवनयापन को सुदृढ़ बनाने में ठोस कदम नहीं उठा रही है। मप्र के सफाईकर्मियों की स्थिति अन्य प्रदेशों की अपेक्षा ज्यादा दयनीय है। यहां की सरकार इनसे मन मुताबिक काम ले रही है।  उन्होंने शिक्षा और आरक्षण में अलग से प्रतिनिधित्व की मांग पर भी जोर देने की बात कही।  उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के सफाईकर्मियों की समस्याओं पर अनुसंधान चल रहा है। संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महासभा ने माता सीता शक्ति वाहिनी और युवा पीढ़ी को जोड़ने लवकुश बाल्मीकि सेना का गठन किया है। हर घर अलख जगाना है। लोग काम करेंगे तो कोई संगठन को तोड़ नहीं सकता है। कार्यक्रम में अशोक भगवानियां, चिमन कल्याणे, पुरुषोत्तम डागोर, इंजीनियर सूरज खरे, तरुण गौहर, भूरा कल्याणे, सतीश भगत समेत महिलाएं भी मौजूद रहीं। recent visitors 78

10वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव में श्रद्धा, शांति और वैश्विक भाईचारे का संदेश

10th International Buddhist Festival brings a message of devotion, peace and universal brotherhood  भोपाल। दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित 10वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव-2026 रविवार को राजधानी के चूना भट्टी स्थित बुद्धभूमि महाविहार मोनेस्ट्री में सम्पन्न हुआ। इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का उद्देश्य भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित करुणा, अहिंसा, शांति, समता, बंधुत्व एवं मानव कल्याण जैसे शाश्वत मूल्यों का समाज में व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा वैश्विक शांति, सामाजिक समरसता एवं मानवीय चेतना को सुदृढ़ करना रहा। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण तथागत भगवान बुद्ध की दुर्लभ अस्थि-धातु कलश का दर्शन रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना, त्रिशरण-पंचशील एवं सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय भिक्षु-संघ द्वारा धम्म प्रवचन एवं शांति संदेश प्रदान किए गए। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध धर्म प्रचारिका एवं शांति संदेशवाहक जापान के भिक्षुणी म्योसेन सतो ने कहा कि करुणा, मैत्री, अहिंसा और समता केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि मानव जीवन की आधारशिला हैं। यदि इन मूल्यों को व्यवहार में उतारा जाए तो समाज से द्वेष, भेदभाव और हिंसा स्वत: समाप्त हो सकती है। उन्होंने भारत को भगवान बुद्ध की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि भारत ने विश्व को धम्म दिया है, अब यह भारत का दायित्व है कि वह पुन: शांति का नेतृत्व करे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ध्यान, सदाचार और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का अंग बनाएं। दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के अध्यक्ष भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म आज के युग में विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और मानवता की रक्षा का सबसे प्रभावशाली मार्ग है। यह महोत्सव मानव एकता का सजीव उदाहरण है। कार्यक्रम का समापन मंगल मैत्री भावना, शांति प्रार्थना एवं आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। कार्यक्रम में थाइलैंड श्रीलंका, ताइवान, बौद्ध गया, न्यू दिल्ली के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं की मौजूदगी में मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा,अरुण श्रीवास्तव और विभिन्न धर्म, संघटन के प्रतिनिधियों ने दर्शन किए।  इस अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, मीडिया, ग्राम विकास एवं मानव कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निम्न विशिष्ट व्यक्तित्वों को अंतर्राष्ट्रीय धम्मदूत अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। फर्स्ट एजुकेशन फाउंडेशन के क्लस्टर हेड प्रदीप इलामकर, वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश डोंगरडिवे , दीपक बौद्ध मुरैना, वरिष्ठ समाजसेवी भारत संध्यान, ग्राम बंगरसिया भोपाल के सरपंच रतन सिंह पैरवाल, वरिष्ठ समाजसेवी हीरामणी चौधरी, एलएल अहिरवार, साधना भारतीया, जांगड़ा महासभा अध्यक्ष राजेश बांधेवाल, सुरेन्द्र पालिया,नंदकिशोर गेडाम, सुनीता गोलघाटे उज्जैन, मर्चेंट नेवी अधिकारी, चीफ आॅफिसर, एनवाईके शिप मैनेजमेंट प्रालि (जापान) के नितिन हाडके को अंतर्राष्ट्रीय धम्मदूत अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।  वहीं शांति, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध पीस अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। इनमें नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, एसबीआई की पूर्व प्रबंधक ममता तेम्बुर्ने जबलपुर, घनश्याम पटेल मिर्ज़ापुर, सेवानिवृत्त आईएएस जेएन कंसोटिया, विधायक फूल सिंह बरैया,  आईएएस सभाजीत यादव, चंद्रा कंस्ट्रक्शन के निदेशक मिलिंद निम्बालकर, निम्बालकर सिक्योरिटी सर्विसेज निदेशक रवि निम्बालकर, डीपी बिल्डर एंड डेवलपर्स के निदेशक देवेंद्र गोलाइत, भाजपा नेता व इंजीनियर सुनील अहिरवार शामिल हैं। recent visitors 91

आनंदपुर धाम ट्रस्ट में चल रहे गुप्त तहखाने और आपराधिक गतिविधियां 

Secret cellars and criminal activities going on in Anandpur Dham Trust  भोपाल। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र में स्थित आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूर्व सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग एवं प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति विभाग (कांग्रेस) प्रदीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर ट्रस्ट की गतिविधियों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि आनंदपुर धाम में लंबे समय से आपराधिक और असंवैधानिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पत्र में आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट परिसर में बिना अनुमति के बड़े-बड़े गुप्त तहखाने (बेसमेंट) बनाए गए हैं। इन तहखानों की न तो नगर प्रशासन से अनुमति ली गई और न ही किसी विभाग को इसकी विधिवत जानकारी दी गई। पत्र में आशंका जताई गई है कि इन तहखानों का उपयोग अवैध गतिविधियों और लोगों को छिपाकर रखने जैसे गंभीर कृत्यों के लिए किया जा सकता है, जिसकी तत्काल जांच आवश्यक है। प्रदीप अहिरवार ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि ट्रस्ट से जुड़े मामलों में युवक-युवतियों के साथ शारीरिक व मानसिक शोषण, तथा दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जा और अनैतिक खरीद-फरोख्त के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के समर्थन में पीड़ितों के बयान, वीडियो साक्ष्य और अन्य दस्तावेज उपलब्ध होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से कुछ लोगों को पंजाब, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भेजा गया, जहां उन्हें बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के रखा गया। इसे मानव तस्करी की गंभीर आशंका बताते हुए प्रदीप अहिरवार ने इस पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है। पत्र में भोपाल निवासी अमरीक सिंह जिसे हवाला कारोबारी बताया गया, सहित ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि आनंदपुर धाम को कथित रूप से प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त रहा है। पत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल सहित कुछ अधिकारियों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदीप अहिरवार ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यह मामला कानून व्यवस्था, मानवाधिकार और संविधान के मूल्यों से सीधे जुड़ा हुआ है। recent visitors 102