भोपाल का ऐशबाग थाना एक बार फिर सुर्खियों में

Bhopal’s Aishbagh police station is once again in the headlines भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) । राजधानी भोपाल का ऐशबाग थाना एक बार फिर सुर्खियों में है,पुलिस कर्मचारियों की साजिश के अनुसार सट्टा खिलाने वाले फरहान को मादक पदार्थ रखकर,एन डी पी एस एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद फरहान ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर बताया कि,पहले उन्हें सट्टा खिलाने के लिए उधारी में रकम देकर यह कार्य कराया गया, यह कार्य करते वक्त थाना प्रभारी और पुलिस कर्मचारी के द्वारा अधिक राशि की मांग की गई, तब मैंने यह कार्य को करने से मना किया, तो पुलिस कर्मचारियों ने एक साजिश के तहत मादक पदार्थ रखकर,एन डी पी एस एक्ट के तहत मुझ पर कार्रवाई कर मुझे जेल भेज दिया गया,वहीं हम आपको बतादे की,कुछ दिन पूर्व ही पुलिस महानिदेशक के द्वारा एक आदेश जारी किया गया था,जिसमें कहा गया था कि, 10 वर्षों से जो कर्मचारी एक ही थाने पर जमे हैं,उनका स्थानांतरण किया जाएगा,लेकिन ऐसा नहीं हुआ, आज भी कुछ कर्मचारी ऐशबाग थाना में कार्यरत हैं,वहीं फरहान ने पुलिस महानिदेशक से मांग की,,मेरे ऊपर की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की जाए,और जो पुलिस कर्मचारियों हैं,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जाए recent visitors 161

सी एम राइस स्कूल मैं दाखिले को लेकर भारी भ्रष्टाचार

There is huge corruption in admission in CM Rice School  भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) । सन 2025 का नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका हैं,जिसको लेकर अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिए परेशान हो रहे हैं,परंतु राजधानी भोपाल में सी एम राइस स्कूल मैं भारी भ्रष्टाचार हो रहा हैं,वहीं समाज सेविका मृणालिनी सिंह सेंगर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,स्कूल में अभिभावकों को एक फॉर्म ₹30 में बेचा गया है,ऐसे कई फॉर्म स्कूल के द्वारा बेचे गए हैं,लेकिन अब नए-नए नियम बता कर,जैसे जाति प्रमाण पत्र या फिर लॉटरी के द्वारा स्कूल में बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा, इस तरीके से अभिभावकों को लगातार परेशान किया जा रहा है,जबकि शासन के नियम है,शिक्षा का अधिकार सब को हैं,इसके बावजूद भी देखा जा रहा है कि,जिले में शिक्षा से कई बच्चे वंचित हैं,शासन प्रशासन की योजनाओं की शिक्षा विभाग धज्जियां उड़ा रहा है,इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह हैं कि, जब एक स्कूल के अंदर 100 सीट हैं,तो फिर 2000 फॉर्म कैसे वितरण कर दिए गए,क्या इन फार्म के वितरण के बाद इस काली कमाई का बटवारा कौन करेगा, एक और तो प्रदेश सरकार स्कूल चलो अभियान जैसे नारे लगाकर,शिक्षा का अलख जगाने का प्रयास कर रही है,वहीं दूसरी और स्कूल शिक्षा विभाग में कई ऐसे अधिकारी कर्मचारी और स्कूल के प्राचार्य हैं,जो अपनी मनमानी करते हुए,कई छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं recent visitors 73

पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद कोच फैक्ट्री शाखा कार्यालय का हुआ उद्घाटन

West Central Railway Employees Council Coach Factory Branch Office inaugurated भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) ! दिनांक 26/ 3 /2025 को विनायक कैम्पस करारिया रोड भोपाल स्थित पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद शाखा कोच फैक्ट्री का उद्घाटन मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग जी एवं महामंत्री श्री शिशिर रिछारिया जी के माध्यम से संपन्न हुआ। शाखा उद्घाटन के अवसर पर डिप्टी सी. एम. ई सोहन परमार, डिप्टी सी. एम.एम. मनोज कुमार ,डिप्टी सी. एम. ई. विवेक श्रीवास्तव,ओबीसी संगठन के पदाधिकारी प्रशांत सूर्यवंशी, एससी एसटी एसोसिएशन के पदाधिकारी पुरुषोत्तम आटिया, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजेंद्र नायर जी, अनिल एडविन जी, पश्चिम मध्य रेल कर्मचारी परिषद मंडल के पदाधिकारी राहुल राज, नवीन पारदे, राज त्रिवेदी ,आनंद त्रिवेदी व कोच फैक्ट्री शाखा अध्यक्ष रोविंद कुमार, शाखा सचिव अरुण सिंह ने सभी अतिथियों को भगवा गमच्छा ,शाल वा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। मंच का संचालन जगदीश साहू जी के द्वारा किया गया और आभार व्यक्त अक्षय साहू के द्वारा किया गया। इस अवसर पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद कोच फैक्ट्री शाखा के पदाधिकारी पंकज सक्सेना, अनिल कुमार कोरी, पंकज भूषण गुप्ता, दिनेश शुक्ला, धीरेंद्र यादव, पियूष चौरे सुधीर कुमार, शिवराज राठौर, जगन्नाथ गोहे, बृजभूषण राजपूत, कृष्ण कुमार दुबे ,मीडिया प्रभारी व उपसचिव दिवाकर गुप्ता कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ को छोड़कर आऐ दिलीप शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद का दामन थामा ,सदस्यता ग्रहण के अवसर पर अनुराग प्रजापति ,गौरव साहू ,गणेश सोनवाने वा काफी संख्या में पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद की सदस्यता ग्रहण करी। इस अवसर पर पदाधिकारी वा सैकड़ो की संख्या में कर्मचारी जन उपस्थित थे। recent visitors 76

खास दुकान से यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब खरीदने को किया मजबूर, तो एमपी में स्कूल पर होगा एक्शन

uniforms and copy books from a particular shop action will be taken against the schoo भोपाल ! निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है। संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं। डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारीआदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं। एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्यआदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 151

HAPPY birthday cm : ‘जल पुरुष’ डॉ. मोहन यादव का संकल्प हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना, सिंचाई के क्षेत्र में हासिल की अभूतपूर्व उपलब्धियां

Happy birthday mohan yadav: ‘Water Man’ Dr. Mohan Yadav’s resolve to deliver water to every farmer’s field, achieved unprecedented achievements in the field of irrigation भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। Happy birthday mohan yadav पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। दो बड़ी परियोजनाओं में मिली सफलतामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया। Happy birthday mohan yadav मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड वाटर रिचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना” का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि “ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।” जानिए केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के बारे मेंकेन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।रुपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी।साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे।सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजनासंशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केंद्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केंद्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रुपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्य प्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान होगीमुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान बने और सिंहस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रुपये की लागत की “कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना” के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। Happy birthday mohan yadav क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आरंभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। Read more: Kuno National Park sheopur: चीतों ने गाय को पकड़ा तो ग्रामीणों ने मारे पत्थर, वन विभाग के मना करने पर भी नहीं माने बुन्देलखण्ड में दूर होगा जलसंकटमध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “अटल भू-जल योजना” प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में “डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल” गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत … Read more

Kuno National Park sheopur: चीतों ने गाय को पकड़ा तो ग्रामीणों ने मारे पत्थर, वन विभाग के मना करने पर भी नहीं माने

When the leopards caught the cow, the villagers threw stones at it, they did not listen even after the forest department’s warning Kuno National Park sheopur श्योपुर ! Kuno National Park sheopur से बाहर निकले पांच चीतों पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, मौके पर मौजूद वन विभाग की रेस्क्यू टीम ग्रामीणों से चीतों से दूर रहने की बात कहती रही, लेकिन वे नहीं माने, घटना सोमवार की है। दरअसल, एक महीने पहले खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावक शनिवार शाम को पहली बार पार्क की सीमा से बाहर आ गए थे। चीते रविवार दोपहर बाद फिर कूनो के जंगल की ओर लौट गए थे। रविवार रात को ये चीते वीरपुर तहसील के ग्राम श्यामपुर के पास देखे गए। वे निर्माणाधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज रेल ट्रैक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर थे। सोमवार सुबह ये पांचों चीते कूनो सायफन के पास से होते हुए कूनो नदी में पहुंचे। Kuno National Park sheopur वे निर्माणाधीन रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक बैठे रहे। इस दौरान कूनो सायफन से गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ चीतों को देखने के लिए जमा हो गई। मादा चीता और शावक एक-एक कर रास्ता पार कर रहे थे, तभी उन्होंने गाय पर झपट्टा मारा। मादा चीता और शावकों को भगाने के लिए ग्रामीण लाठी लेकर दौड़े और पत्थर मारना शुरू कर दिए। चीता ज्वाला काफी देर तक गाय का गला पकड़े रही। जैसे ही उसे पत्थर लगा, उसने गाय को छोड़ दिया और शावकों के साथ भाग निकली। घटना के बाद करीब 10 बजे चीता दल, कूनो पुल क्षेत्र से निकलकर वीरपुर के तिललिडेररा क्षेत्र पहुंचा है। Read more: माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ ज्वाला और उसके शावकों को 21 फरवरी को खजूरी क्षेत्र के जंगल में छोड़ा गया था। एक महीने तक वे पार्क की सीमा में ही रहे। चीतों के बाहर निकलने पर क्षेत्र के चीता मित्र और उनकी टीम ने आसपास के लोगों को जागरुक किया। उन्होंने बताया कि चीते लोगों पर हमला नहीं करते हैं। उन्होंने लोगों से चीतों को न भगाने और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की। recent visitors 125

ग्रीन भारत एक्सपो का समापन : क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी में ही भविष्य : मंत्री सारंग

India Green Expo concludes: Clean and green energy is the future: Minister Sarang भोपाल (सुशील दामले)। राजधानी में पिछले तीन दिनों से चल रहे ग्रीन भारत एक्सपो का आज समापन हुआ। इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर एनर्जी पर केंद्रित इस एक्सपो में देशभर की प्रतिष्ठित कंपनियों, निर्माताओं और संभावित निवेशकों ने भाग लिया। एक्सपो का आयोजन इमेजिन इवेंट और डिक्की द्वारा किया गया था। खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने एक्सपो का समापन करते हुए डिक्की और इमेजिन इवेंट को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी ही भविष्य की मांग है। हमें प्रकृति का संरक्षण करते हुए सतत विकास की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ग्रीन एनर्जी सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का जरिया नहीं, बल्कि उद्यमिता और स्वरोजगार के अनंत अवसर भी प्रदान करती है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने क्लीन और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाओं के द्वार खोले हैं। भारत में कई पहलें इस उभरते क्षेत्र में युवाओं को इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए आकर्षित कर रही हैं। समापन समारोह में उन्होंने एक्सपो में भाग लेने वाली कंपनियों और प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। युवाओं के लिए नए अवसर डिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने बताया कि एक्सपो के जरिए युवाओं को ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना प्रमुख उद्देश्य था। तीन दिनों में कई युवा और उद्यमी विभिन्न कंपनियों से जुड़े और व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से सोलर स्टार्टअप्स को बेहतरीन बढ़ावा मिल सकता है, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में। इमेजिन इवेंट के कल्याण कुशवाह ने बताया कि एक्सपो ने पर्यावरणीय समाधान और आर्थिक बचत के नए विकल्पों से लोगों को आकर्षित किया। विशेष रूप से “शून्य निवेश पर सूर्यपति” योजना ने जबरदस्त चर्चा बटोरी, जिससे घरों की बिजली मुफ्त करने की संभावनाएं खुलती हैं। मुख्य आकर्षण: समापन समारोह में श्री सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजीव जैन, डिक्की के उपाध्यक्ष पंकज पाटिल, नरेश चौधरी, प्रमेश विनोदिया, मदन लाल खटीक, डा. आदिल बेग,रवि कुशवाहा, उमेश अहिरवार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।समापन समारोह के अंत में डा राजीव जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। recent visitors 125