एमपी गजब: सागर में पुलिस के सिटी सर्विलांस कैमरों की बैटरी चोरी: तलाश में जुटी पुलिस

MP Gajab: Battery of police’s city surveillance cameras stolen in Sagar: Police engaged in search सागर । कैंट थाना क्षेत्र में लगे पुलिस की सर्विलांस कैमरों की बैटरी चोरी हो गई। कैमरे बंद हुए तो वारदात सामने आई। मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है। पुलिस के अनुसार, फरियादी त्रिलोक सिंह परिहार(54) ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि मैं प्रभारी सीसीटीवी जिला सागर में सउनि (रेडियो) के पद पर पदस्थ हूं। 25 नंबर गेट के सामने चितंरजन कॉलोनी के पास तिराहा पर पुलिस विभाग की ओडीसी लगी है जो 2 फरवरी की सुबह 10 बजे सिटी सर्विलांस कैमरों की डीएसआर बनाते समय डिंपल पेट्रोल पंप सीसीटीवी साइट के कैमरे 4.52 मिनट से बंद होना पाए गए। कंपनी प्रतिनिधि सौरभ यादव और बीएसएनएल टीम द्वारा दोपहर 15.59 बजे चेक करने पर ओडीसी का ताला और गेट टूटा हुआ पाया गया। जिसको खोलने पर देखा कि उसमें लगी 3 नग 12 वोल्ट 42 एएचसी की बैटरी नहीं थी। कोई अज्ञात चोर बैटरी चोरी कर ले गया है। चोरी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद शिकायत की। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। recent visitors 157

छतरपुर : मुआवजे को लेकर किसानों का कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन : लेकिन कलेक्टर किसानों मिलने नहीं पहुंचे

Chhatarpur: Farmers’ protest for compensation: Hundreds of farmers sat outside the collectorate for three hours, but the collector did not reach the farmers छतरपुर । सिंचाई परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों का उचित मुआवजा मांगने के लिए सोमवार को करीब 100 किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में धरना दिया। सटई तहसील के 6 गांवों के किसान दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में डटे रहे। जिसके बाद 5:45 बजे एडीएम मिलिंद नागदेवे ने किसानों से ज्ञापन लिया और जांच करवाने की बात कही। नैगुवां तालाब और छापर के पास लघु सिंचाई परियोजना के तहत बन रहे तालाब के लिए सिलावट, सटई, बछरौनियां, नैगुवां, पड़रिया और कदवां गांव के 500 किसानों की जमीनें अधिग्रहीत की गई हैं। सरकार इन जमीनों का मुआवजा 3 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से दे रही है, जिसे किसान कम बता रहे हैं। किसान प्रति एकड़ 10 लाख की मांग कर रहे किसान नेता राजेंद्र पटेल के अनुसार, प्रभावित किसान या तो 3 लाख रुपए में उतनी ही जमीन किसी अन्य स्थान पर चाहते हैं या फिर 10 लाख रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह में वे कई बार कलेक्टर को आवेदन दे चुके हैं। अपर कलेक्टर जीएस पटेल और राजनगर एसडीएम बलवीर रमण ने किसानों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन किसान सीधे कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं और शाम में 5 बजे के बाद किसानों से मुलाकात करेंगे। जिसके बाद एडीएम ने किसानों से ज्ञापन लिया। recent visitors 167

भोपाल में भीख देने-लेने वालों पर FIR होगी: कलेक्टर ने जारी किए भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध के आदेश; सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

FIR will be lodged against those who give and take alms in Bhopal: Collector issued orders banning begging; CCTV cameras will be used for monitoring भोपाल। शहर में अब भीख लेना और देना दोनों ही जुर्म होगा। भीख लेने और देने वाले पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निगरानी के लिए जिला प्रशासन चौराहों पर लगे CCTV कैमरों की मदद लेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार रात को भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए भोपाल जिले के समस्त राजस्व सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। आदेश के मुताबिक- भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कुछ भी देना या उनसे किसी भी प्रकार के सामान को खरीदना प्रतिबंधित किया जाता है। जो व्यक्ति भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कोई चीज प्रदान करता है या देता है या इनसे कोई सामान खरीदता हैं तो उसके विरूद्ध भी इस आदेश का उल्लंघन के लिए कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसलिए जारी करना पड़े आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार रात यह आदेश जारी किए। इसमें कहा गया कि भोपाल जिले में इस प्रकार की भिक्षावृत्ति में अन्य राज्य एवं शहरों के व्यक्ति भी संलग्न रहते हैं। जिसमें कई व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास भी रहता है। भिक्षावृत्ति कार्य में संलग्न अधिकांश व्यक्ति नशे या अन्य गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। इसकी आड़ में वे आपराधिक गतिविधि कर देते हैं। वहीं ट्रैफिक सिग्नल पर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है। चूंकि भिक्षावृत्ति एक सामाजिक बुराई है। सरकार ने भी इसे रोकने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए हैं। इसलिए भोपाल में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा रहे हैं। भिक्षुओं के लिए रैन बसेरा आरक्षित कलेक्टर ने आदेश जारी करने के साथ ही एक रैन बसेरा भी भिक्षुओं के लिए आरक्षित कर दिया है। भिक्षुओं को प्रतिस्थापित कर उनके रहने, खाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार स्थित रैन बसेरे को भिक्षुक गृह के रूप में आरक्षित किया गया है। भोपाल में ढाई सौ से ज्यादा भिखारी भोपाल में ढाई सौ से अधिक भिखारी है। राजधानी के चौराहों पर महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों से आए लोगों के समूह शिफ्ट पर भीख मांग रहे हैं। सुबह 9 बजे से शाम 6 की शिफ्ट में ये चौराहों पर ड्यूटी बजाते हैं। ये भिखारी खाना नहीं लेते, इन्हें सिर्फ कैश चाहिए। एमपी नगर, रोशनपुरा चौराहा, न्यू मार्केट, कोलार, बिट्‌ठन मार्केट, बुधवार, ज्योति टॉकीज चौराहा, भोपाल टॉकीज, पीर गेट, नेहरू नगर, लेक व्यू, बोट क्लब, व्यापमं चौराहा, शिवाजी नगर, शाहपुरा, इकबाल मैदान जैसे इलाकों में इनकी संख्या ज्यादा है। recent visitors 195

दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन

Two day mother tongue festival organized सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी स्थित सुभाष खेल मैदान शक्ति नगर में दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन किया जा रहा हैं,कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी नरहरि प्रमुख्य सचिव मध्य प्रदेश,सोमकांत जी उमलाकर वरिष्ठ समाजसेवी एवं मातृभाषा मंच के अध्यक्ष संतोष कुमार रावत उपस्थित हुए,कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर सरस्वती पूजन के साथ हुआ,इस कार्यक्रम में 11भाषाओं में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए,जिसमें 180 लोगों ने भाग लिया,जिसमें तेलुगू में कुचीपुड़ी और नाटेशा कोटुवम,मलयालम में थिरुवाथिरा काली,उड़िया में नृत्य,तमिल में दुर्गा स्तुति,नेपाली में सालैजो,पंजाबी,भोजपुरी  और अन्य भाषाएं शामिल रहीं,समाजों के कलाकारों ने सांस्कृतिक छटा बिखेरी और साथ ही लोगों ने भाषायी संस्कृतियों के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया,वही पारंपरिक व्यंजनों की बात करें तो स्टॉल नंबर 14 में पंजाबी व्यंजन का स्टाल लगा हुआ है,जिसमें छोले कुलचे एवं रायता उपलब्ध है,स्टाल पर भीड़ देखने को मिली,छोले कुलचे के स्वाद ने सभी को पंजाब की याद दिलाई, वही स्टॉल संचालक जसपाल गिल ने हमें बताया कि,प्रत्येक वर्ष हम अपना स्टॉल लगाते हैं,जो आए हुए लोगों को काफी पसंद आता है recent visitors 102

मध्यप्रदेश वासियों को खुशखबरी: मिली व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की मंजूरी: ; सफेद शेर का कुनबा बढ़ाएगा विंध्य में पर्यटन

Good news for the people of Madhya Pradesh: White Tiger breeding center gets approval; White lion population will increase tourism in Vindhya टाइगर सफारी मुकुंदपुर में ब्रीडिंग सेंटर को मंजूरी मिल गई है। भोपाल। मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ में अब व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के बाद इसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर, मुकुंदपुर सतना के संशोधित मास्टर प्लान के अंतर्गत यह सेंटर गोविंदगढ़ रीवा में खुलेगा। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने तकनीकी समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति 9 और 17 दिसंबर 2024 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की 114वीं बैठक और 19 दिसंबर, 2024 को तकनीकी समिति की 112वीं बैठक के निर्णय के आधार पर मिली है। यहां व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से बाघों की संख्या बढ़ने के साथ इस इलाके में पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन अफसरों के अनुसार गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि होगी। यह सेंटर केंद्र राज्य में वन्य-जीव पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में भी अग्रणी है और इस पहल से पर्यटन को और मजबूती मिलेगी। वन्य-जीव संरक्षण में एमपी आदर्श राज्य बने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने गोविंदगढ़ रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विजन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गोविंदगढ़ में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श राज्य बने। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि होगी। टाइगर, लेपर्ड, चीता स्टेट है एमपी मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट और चीता स्टेट के रूप में भी जाना जाता है। राज्य में देश की सबसे अधिक तेंदुआ आबादी दर्ज की गई है जो यहां के समृद्ध वन्य आवासों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का सफल पुनर्स्थापन करके चीता स्टेट का गौरव भी प्राप्त किया है। कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में वन्य-जीव संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव विशेषज्ञों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। recent visitors 275

14 लाख की मशीन 10 महीने से बंद, अस्पताल अधीक्षक ने विधायक को बताया दोषी

MLA and doctor clashed with each other over repairing X-ray machine in Bijawar hospital छतरपुर। जिले के बिजावर नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विधायक निधि से लगाई गई 14 लाख रुपए की एक्स-रे मशीन पिछले 10 महीनों से खराब पड़ी है, जिससे रोजाना 65-70 मरीजों को 100 किलोमीटर दूर छतरपुर जाना पड़ रहा है। 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा बता दें कि, पांच साल पहले विधायक राजेश शुक्ला ने 2018 में अपनी विधायक निधि से यह मशीन उपलब्ध कराई थी, जिसे नवंबर 2021 में शुरू किया गया था। मशीन लगने से जैतपुर के लोगों को छतरपुर की जगह केवल 60 किलोमीटर दूर बिजावर में एक्स-रे की सुविधा मिलने लगी थी। लेकिन अब मशीन खराब होने से मरीजों को फिर से छतरपुर जाना पड़ रहा है। दरअसल, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मशीनों को सुधारने का जिम्मा एओवी इंटरनेशनल एलएलपी कंपनी के पास है। कंपनी के कर्मचारियों ने कहना है कि उन्हें केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई मशीन सुधारने की ही जिम्मेवारी दी गई है। बिजावर विधायक बबलू शुक्ला बोले – मैंने दी, क्या अब मैं ही सुधारवाऊं? एक्स-रे मशीन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मांग की थी। जब नहीं मिली तो मैंने विधायक निधि से एक-रे मशीन लगाई थी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उसकी देखरेख नहीं की गई, वह खराब हो गई। वहीं सीएमएचओ आरपी गुप्ता ने बताया कि मशीन विधायक ने दी थी, विधायक का कर्तव्य के उनको ठीक करना चाहिए, फिर भी हम उसे सुधारने के प्रयास कर रहे है। दो recent visitors 126

कंसोटिया बने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव: तीन आईएएस की जिम्मेदारी बदली; मुखर्जी को बनाया राजस्व मंडल का अध्यक्ष

Responsibility of three IAS changed भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जापान दौर से लौटने से पहले तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जेएन कंसोटिया को गृह विभाग को अपर मुख्य सचिव बनाया है। वहीं दो दिन पहले एसीएस बनाए गए अनिरुद्ध मुखर्जी को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल में प्रशासकीय सदस्य और प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा को ग्वालियर से भोपाल लाया है। सिन्हा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया है। बता दें कि एसीएस एसएन मिश्रा शुक्रवार को रिटायर हो गए। जिसके बाद कंसोटिया की उनके पद पर नियुक्ति की गई। वे मोहन सरकार में करीब 1 साल बाद बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंसोटिया अभी प्रशासन अकादमी के डीजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शमी को आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अति. प्रभार अनिरुद्ध मुखर्जी को दो दिन पहले एसीएस बनाकर आवासीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें लोक परिसंपत्ति विभाग का जिम्मा भी सौंपा था। अब उनके पास लोक परिसंपत्ति विभाग की जिम्मेदारी यथावत रखी है। वहीं आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को सौंपा गया है। परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी किसी को नहीं परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी अभी किसी को नहीं दी गई है। रिटायर एसीएस एसएन मिश्रा के पास गृह विभाग के एसीएस के साथ परिवहन और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार था। recent visitors 180