छतरपुर : मुआवजे को लेकर किसानों का कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन : लेकिन कलेक्टर किसानों मिलने नहीं पहुंचे
Chhatarpur: Farmers’ protest for compensation: Hundreds of farmers sat outside the collectorate for three hours, but the collector did not reach the farmers छतरपुर । सिंचाई परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों का उचित मुआवजा मांगने के लिए सोमवार को करीब 100 किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में धरना दिया। सटई तहसील के 6 गांवों के किसान दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में डटे रहे। जिसके बाद 5:45 बजे एडीएम मिलिंद नागदेवे ने किसानों से ज्ञापन लिया और जांच करवाने की बात कही। नैगुवां तालाब और छापर के पास लघु सिंचाई परियोजना के तहत बन रहे तालाब के लिए सिलावट, सटई, बछरौनियां, नैगुवां, पड़रिया और कदवां गांव के 500 किसानों की जमीनें अधिग्रहीत की गई हैं। सरकार इन जमीनों का मुआवजा 3 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से दे रही है, जिसे किसान कम बता रहे हैं। किसान प्रति एकड़ 10 लाख की मांग कर रहे किसान नेता राजेंद्र पटेल के अनुसार, प्रभावित किसान या तो 3 लाख रुपए में उतनी ही जमीन किसी अन्य स्थान पर चाहते हैं या फिर 10 लाख रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह में वे कई बार कलेक्टर को आवेदन दे चुके हैं। अपर कलेक्टर जीएस पटेल और राजनगर एसडीएम बलवीर रमण ने किसानों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन किसान सीधे कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं और शाम में 5 बजे के बाद किसानों से मुलाकात करेंगे। जिसके बाद एडीएम ने किसानों से ज्ञापन लिया। recent visitors 182