इंदौर को ‘हांगकांग’ बनाने को हरी झंडी, हजारों मकान व दुकानों पर मंडराया संकट

INDORE MASTER PLAN GREEN SIGNAL इंदौर ! देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को हांगकांग जैसा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वच्छता में नंबर वन इंदौर को अब ट्रैफिक में भी नंबर वन बनाने के लिए नगरी प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है. शहर में करीब 3 हजार करोड़ की मास्टर प्लान की सड़कों और ड्रेनेज समेत विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. समीक्षा बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की सड़कों के मास्टर प्लान के तहत सड़के के साथ ही ड्रेनेज लाइन और पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा की गई. मास्टर प्लान को लेकर मैराथन मीटिंगदरअसल, इंदौर को ट्रैफिक की दृष्टि से और भविष्य में विकास के मद्देनजर ये बैठक हुई. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया कि शहर की 23 सड़कों को 468.41 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा. साथ करीब इतनी ही राशि से अन्य सड़कें बनाई जाएंगी. करीब 1000 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत पानी की सप्लाई और 1000 करोड़ की राशि से अमृत 2 योजना अंतर्गत ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. यह पहला मौका है जब इंदौर में एक साथ 3000 करोड़ के कार्यों को आगामी 30 महीने में पूरा करने का फैसला लिया गया है. व्यापक स्तर पर टूटेंगे मकान व दुकानेंइंदौर में अपने तरीके के पहले कायाकल्प अभियान के तहत जिन सड़कों का निर्माण होगा, उनके आसपास मौजूद मकान और दुकानों को बड़े पैमाने पर तोड़ा जाएगा. ऐसे मकान मालिकों और भूमि स्वामी को नगरी प्रशासन विभाग द्वारा वैकल्पिक रूप से फ्लैट दिए जाएंगे. इसके अलावा निर्माण के दायरे में जो मकान व दुकानें आएंगी, उनके लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं किया गया है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा “सभी 23 सड़कें ढाई साल में बनाई जाएंगी. इनके लिए टेंडर होने के बाद हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी.” 25 सड़कों के चौड़ीकरण में 3000 मकान टूटेंगेइंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही 25 सड़कों चौड़ाई अलग-अलग निश्चित है. सड़कों को चौड़ा करके बनाने के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 3000 मकान तोड़ने होंगे. इन मकानों में अधिकांश ऐसे हैं, जो पूरी तरह सड़क में जा रहे हैं, जबकि 75 फ़ीसदी मकान आधे से ज्यादा तोड़े जाएंगे. इनमें कई दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सड़कों के चौडीकरण के कारण पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. ऐसे अतिक्रमण और मकान तोड़े जाने के बदले नगरीय प्रशासन विभाग अब फ्लैट देने की तैयारी में है. इन फ्लैट में 1 बीएचके के स्थान पर 2 और 3 बीएचके फ्लैट देने की नीति नगरीय प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान में टूटने वाले धार्मिक स्थल बनाकर देंगेइंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने के मार्ग में कई धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं. इसको लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों को समझाकर और आमराय बनाकर काम करेंगे, जितने भी धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, उनके स्थान पर नए बनाकर दिए जाएंगे. इस बारे में निर्देश दिए गए हैं.” recent visitors 139

भाजपा जिला अध्यक्ष : इंदौर में अब भी फंसा पेच, मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार

BJP District President: Trouble still stuck in Indore, dispute between Minister Vijayvargiya and Silavat BJP District President : पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भाजपा जिला अध्यक्षों के शेष बचे पांच में से दो जिलों की घोषणा की गई। जिसमें छिंदवाड़ा से शेषराव यादव और और नरसिंहपुर से रामस्नेही पाठक को अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन तीन जिलों का इंतजार अभी भी जारी है। इंदौर नगर, इंदौर ग्रामीण और निवाड़ी जिलों की घोषणा अभी शेष है। छिंदवाड़ा में सांसद बंटी विवेक साहू को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि पूरी ताकत लगाने के बावजूद उनके धुर विरोधी शेषराम यादव को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। शेषराम अभी कार्यकारी जिला अध्यक्ष भी थे। बता दें बंटी ने टीकाराम चंद्रवंशी का नाम आगे बढ़ाया था, लेकिन इस नाम को लेकर छिंदवाड़ा के पुराने भाजपा नेता लामबंद हो गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप था कि चंद्रवंशी पर गबन, 420 के प्रकरण दर्ज हैं। वह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। ऐसे में संगठन ने विवाद से बचने के लिए चंद्रवंशी का नाम ड्रॉप कर दिया। नरसिंहपुर में अध्यक्ष के नाम की घोषणा में देरी की वजह मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राव उदय प्रताप के बीच अपने गुट का अध्यक्ष बनाने की आंतरिक खींचतान रही। लेकिन बाद में प्रहलाद पटेल की पसंद चली है।मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार संगठन की कई कोशिशों के बावजूद इंदौर के जिला अध्यक्षों का(BJP District President) विवाद लगातार जारी है। इंदौर ग्रामीण में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय(Minister Kailash Vijayvargiya) चिंटू वर्मा के नाम पर अड़े हुए हैं। तो सिंधिया गुट के मंत्री तुलसी सिलावट(Tulsi Silavat) अंतर दयाल के नाम की पैरवी कर रहे हैं। इसी के अलावा दूसरा पेंच ये भी है कि कैलाश इंदौर ग्रामीण के साथ-साथ शहर में भी अपना आदमी चाहते है। लिहाजा यहां पेच इतना फंस चुका है कि कई प्रयासों के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। recent visitors 170

एमपी वालों सावधान: 25 जनवरी से फिर कड़ाके की ठंड: उत्तरी हवा चलने से 2 से 3 डिग्री लुढ़केगा पारा

MP people beware: Severe cold again from January 25: Temperature will drop by 2 to 3 degrees due to northerly winds भोपाल। मध्यप्रदेश में 25 जनवरी से फिर तेज ठंड का दौर शुरू होगा। उत्तरी हवा से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। अभी दो सिस्टम की एक्टिविटी होने से हवा का रुख अभी दक्षिण-पूर्वी है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि पंजाब और निकटवर्ती क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की भी एक्टिविटी है। इस वजह से दक्षिण-पूर्वी हवा चल रही है। अगले 2 दिन में हवा का रुख उत्तरी हो जाएगा। इससे प्रदेश एक बार फिर ठंडी हवा की चपेट में आएगा और दिन-रात के तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट की संभावना है। जेट स्ट्रीम हवा चल रही, पर असर कम पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं, लेकिन प्रदेश में इसका असर कम है। जेट स्ट्रीम हवाएं जमीन से 12.6 किमी की ऊंचाई पर चलती हैं। बुधवार को जेट स्ट्रीम 268 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। मौसम विभाग के अनुसार, जेट स्ट्रीम हवा की रफ्तार कम होने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से पिछले 5 दिन से प्रदेश के मौसम में खासा बदलाव हुआ है। जिन शहरों में दिन में पारा 20 डिग्री के नीचे था और शीतलहर चल रही थी, वहां पर ठंड का असर नहीं है। बल्कि तेज धूप है। कई शहरों में रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 23 जनवरी: ग्वालियर-चंबल संभाग में सिर्फ हल्का कोहरा रहेगा। 24 जनवरी: पूरे प्रदेश में तेज धूप खिलेगी। इससे दिन का तापमान बढ़ा रहेगा। हालांकि, रात में पारे में गिरावट होगी। recent visitors 173

अब खतरे में नमकीन उद्योग, व्यापारी बोले- बंद करना पड़ेगी फैक्ट्रियां

indore namkeen industry in crisis manufacturers say factories will have to be closed इंदौर। इंदौर को पहचान देने वाला नमकीन उद्योग खुद को खतरे में महसूस कर रहा है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मनमानी फरमान से यह स्थिति बनी है। उद्योगों को आदेश दिया गया है कि वे अपने यहां उपयोग किए जा रहे ईंधन को बदल दें। कोयला, बायो कोल जैसे ईंधन का उपयोग बंद कर सिर्फ सीएनजी-पीएनजी का उपयोग करें। अनोखी बात ये कि नियम सिर्फ इंदौर के उद्योगों पर थोपा जा रहा है। नमकीन इंडस्ट्री ने कहा कि आदेश का पालन हुआ तो या तो बड़े उद्योग बंद हो जाएंगे या उन्हें इंदौर से पलायन को मजबूर होना पड़ेगा। छह महीने में सीएनजी याह एलपीजी का उपयोग शुरू करेंदिसंबर के दूसरे और तीसरे सप्ताह में शहर के उद्योगों को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के दफ्तर से नोटिस पहुंचा है। उद्योगों को लिखित निर्देश दिए हैं कि छह माह के भीतर ही वे सीएनजी, पीएनजी या एलपीजी का उपयोग शुरू करें। साथ ही 15 दिनों के भीतर अपने बायलर में बदलाव करने को लेकर एक्शन प्लान भी तैयार कर मंडल को भेजें। मौजूदा नमकीन और कनफेक्शनरी उद्योग अपने उत्पादों के निर्माण के लिए कोयला या बायो कोल का इस्तेमाल करता है। तीन गुना महंगी पड़ रही पीएनजीबायो कोल असल में पराली और एग्री वेस्ट से बना ईंधन होता है। मप्र मिठाई नमकीन निर्माता-विक्रेता एसोसिएशन के अनुसार पीएनजी से उद्योग चलाना संभव ही नहीं है। अन्य ईंधन के मुकाबले यह तीन गुना महंगी पड़ रही है। उत्पादन की लागत बढ़ जाएगीमप्र सरकार पीएनजी पर 14 प्रतिशत वैट लेती है जिसका टैक्स क्रेडिट भी नहीं मिलता। गैस की उपलब्धता कम है और इससे जरूरी तापमान हासिल करने में भी ज्यादा ईंधन लगता है। ऐसे में इंदौर के उद्योग जो नमकीन बनाएंगे उसकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। इसके बाद यहां के उद्योग अन्य प्रदेशों के उद्योगों से तो क्या भोपाल-ग्वालियर के उद्योगों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकेंगे क्योंकि वे हमसे सस्ता उत्पाद देने लगेंगे। उन पर ईंधन को लेकर कोई बाध्यता नहीं है। हर उद्योग से निकलने वाले उत्सर्जन की निगरानी खुद प्रदूषण नियंत्रण विभाग करता है। उद्योगों में विभाग पहले ही बायलर पर बैक फिल्टर और कार्बन कलेक्टर तक लगवा चुका है। 20 हजार टन नमकीन का रोज किया जा रहा उत्पादननिर्माता एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार मध्यम और बड़े उद्योगों के रूप में रजिस्टर्ड करीब 250 नमकीन उद्योग इंदौर में हैं। हर उद्योग औसतन 100 टन नमकीन के हिसाब से करीब 20 हजार टन नमकीन का उत्पादन रोज कर रहे हैं। अनिवार्यता नहीं है उद्योगों के विरोध और मनमाना आदेश पर सवाल उठने पर अब क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल बोर्ड कदम पीछे खींचता दिख रहा है। उद्योगों को नोटिस जारी करने के प्रश्न पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एसएन द्विवेदी ने नईदुनिया से कहा कि हमनें तो उद्योगों को पत्र जारी कर सुझाव ही दिया है। उन्होंने कहा इस मामले में आग्रह किया है कि वे अन्य ईंधन विकल्पों पर विचार करें तो बेहतर होगा। इसकी अनिवार्यता नहीं है। ना ही कोई समय सीमा दी गई है कि उन्हें ईंधन बदलना ही होगा। दिल्ली में भी रोक नहीं, सिर्फ यहां लगाई रोकबायो फ्यूल कृषि वेस्ट जैसे पराली व कचरे से बना ईंधन है। उसे तो पर्यावरण हितैषी दर्जा मिला है और दिल्ली की फैक्ट्रियों में भी उपयोग की अनुमति है। सिर्फ इंदौर में रोक लगाई जाना समझ से परे है। हमें कहा गया है कि छह महीने में उपयोग बंद करें। ग्वालियर-भोपाल की हवा की गुणवत्ता हमसे बेहतर नहीं है, लेकिन वहां ईंधन पर रोक नहीं है। – अनुराग बोथरा, सचिव, मिठाई नमकीन निर्माता एसोसिएशन recent visitors 188

DJ पर गाइडलाइन बनी,अमल कौन कराएगा” MP हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

jabalpur high court notice to state government implement guidelines on dj जबलपुर ! मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में डीजे को लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई. याचिका में कहा गया “डीजे की तेज आवाज से लोगों को शारीरिक नुकसान होता है. इसके अलावा सामुदायिक दंगे भड़काने में डीजे भी माध्यम बनता है.” याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है “इस मुद्दे पर जवाब पेश करें.” याचिका पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गयी है. डीजे की आवाज को लेकर कार्रवाई नहीं होती अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “दिन के समय डीजे की अधिकतम आवाज 55 डिसमिल तथा रात के समय 45 डिसमिल होना चाहिए. इससे अधिक आवाज से ध्वनि प्रदूषण फैलता है और लोगों के स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पडता है. वर्तमान में सिर्फ कोलाहल एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है. ट्रकों में 20 फीट तक सउंड बांधकर डीजे बजाये जाते हैं, जिससे लोगों के कान खराब हो रहे हैं. इसके अलावा डीजे बजाने के कारण कई स्थानों पर सांप्रदायिक दंगे भी भड़के हैं. इसका मुख्य कारण डीजे में बजाए जाने वाले गाने हैं.” हाई कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया “मुख्यमंत्री ने डीजे बजाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं.” इस पर युगलपीठ ने कहा “सिर्फ निर्देश जारी पर्याप्त नहीं है, उनका पालन भी आवश्यक है.” युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी करते हुए सरकार से कहा है “इस मामले में सारे बिंदुओं पर विस्तृत जवाब पेश करें.” बता दें कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के कुछ दिनों बाद डॉ. मोहन यादव ने डीजे और लाउड स्पीकर को लेकर सख्ती की थी. लेकिन ये मुहिम एक हफ्ते ही चली. इसके बाद फिर वही ढर्रा शुरू हो गया. [/more] recent visitors 150

जीतू पटवारी, सिंघार, कटारे समेत कांग्रेस नेता जबलपुर पहुंचे: महू में 27 जनवरी को कांग्रेस की जय संविधान रैली, तैयारियों को लेकर होगी चर्चा

Congress leaders including Jitu Patwari, Singhar, Katare reached Jabalpur जबलपुर । 27 जनवरी को अंबेडकर जी की जन्मस्थली मध्यप्रदेश के महू में, कांग्रेस “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में भाजपा शासन के दौरान प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस शंखनाद करेगी। इस बड़े कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित कई नेता जबलपुर पहुंचे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ होगी बैठक बुधवार सुबह पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, हेमंत कटारे और अरुण यादव फ्लाइट से डुमना एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद सभी नेता सर्किट हाउस क्रमांक 1 पहुंचे। सुबह 10:00 बजे से ये नेता कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे, जिसमें 27 जनवरी को राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली “जय संविधान रैली” की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। सुबह 11:00 बजे चारों नेता पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। इसके बाद दोपहर में स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वे भोपाल के लिए रवाना होंगे। recent visitors 160

मध्यप्रदेश वासियों को दिन की ठंड से राहत : रात में भोपाल-पचमढ़ी ज्यादा सर्द; 24 से बढ़ेगा असर

Madhya Pradesh residents get relief from daytime cold: Bhopal-Pachmarhi more cold at night; effect will increase from 24th भोपाल। हवा का रुख बदलने से मध्यप्रदेश में दिन की ठंड गायब हो गई। ज्यादातर शहरों में पारा 25 डिग्री के पार है। धूप भी तेज है। हालांकि, रात में ठंड का असर है। भोपाल, मंडला, पचमढ़ी, राजगढ़, उमरिया, नौगांव जैसे शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 जनवरी से ठंड का एक दौर और आ सकता है। इससे पहले बुधवार को ग्वालियर-चंबल में बूंदाबांदी हो सकती है। उत्तरी हवा आने से रात के तापमान में गिरावट के आसार है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया- 24 जनवरी से उत्तर से सर्द हवा आना शुरू हो सकती है। इससे न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। चार दिन से मौसम में हुआ बदलाव पिछले चार दिन से प्रदेश के मौसम में काफी बदलाव हुआ है। जिन शहरों में दिन में पारा 20 डिग्री के नीचे था और शीतलहर चल रही थी, वहां पर ठंड का असर नहीं है। तेज धूप है। कई शहरों में रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 22 जनवरी: ग्वालियर, भिंड, दतिया और मुरैना में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे पहले सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा रहेगा। 23 जनवरी: मौसम साफ हो जाएगा। कोहरे या बारिश का अलर्ट नहीं है। recent visitors 144