मध्यप्रदेश बीजेपी में जबर्दस्त खींचतान, मोहन-शर्मा-सिंधिया सबके पावर खत्म, हाईकमान का सीधा हस्तक्षेप

भोपाल ! मध्यप्रदेश में संगठन चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पार्टी के भीतर मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर खींचतान साफ झलकी। पार्टी ने पहले पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा था कि नियुक्तियां किसी मंत्री, सांसद, विधायक, या जिलाध्यक्ष की पसंद से नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होंगी। लेकिन व्यवहार में यह वादा अधूरा ही रहा। बीजेपी हाईकमान ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का जिला अध्यक्षों के चयन में सीधा हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे सांसद और विधायक के टिकट का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है, वैसे ही अब जिलाध्यक्षों का चयन भी दिल्ली से होगा। मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिला स्तर पर चुनाव अधिकारियों ने तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश संगठन को सौंप दिया है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय हाईकमान करेगा। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश बीजेपी में जिलाध्यक्षों का निर्धारण सीधे दिल्ली से किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब तक जिलाध्यक्षों का चयन स्थानीय नेताओं द्वारा किया जाता रहा, जिसमें कई बार सांसद और विधायकों ने अपनी पसंद के लोगों को ही प्राथमिकता दी। इससे योग्यता को दरकिनार किया गया। नई व्यवस्था के तहत काबिल और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हाल ही में हुए मंडल अध्यक्षों के चुनावों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। पार्टी द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया, जैसे 45 साल की आयु सीमा, आपराधिक रिकार्ड न होना, और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल न होना, का पालन कई जगहों पर नहीं हुआ। कई मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर विवाद हुआ, और कुछ को चयन के तुरंत बाद हटा भी दिया गया। मंडल अध्यक्षों के चुनाव में सामने आए विवादों और शिकायतों के बाद हाईकमान ने जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सख्ती दिखाई है। अब दिल्ली से चयन होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद बढ़ गई है। इससे कार्यकर्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और पार्टी संगठन को नई दिशा मिलेगी। यह कदम मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन को न केवल मजबूती देगा, बल्कि योग्यता और पारदर्शिता के नए मानदंड भी स्थापित करेगा। recent visitors 402

क्या वेजिटेबल जूस में मिला सकते हैं फ्रूट्स, क्या यह सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक?

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कच्ची सब्जियों का जूस पीना पसंद करते हैं. फिटनेस फ्रिक वाले लोग हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे डाइट लेने वाले समर्थकों का दावा है कि कच्ची सब्ज़ियों में कई जरूरी विटामिन और खनिज होते हैं जो खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं और ये इम्युनिटी को बढ़ाने और बीमारियों को रोकने के लिए बहुत बढ़िया हैं. यह बात सही हो सकती है लेकिन किसी भी चीज़ को हद से ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सर्दियां आ रही हैं और यह वह मौसम है जब हरी पत्तेदार सब्जियां काफी ज्यादा मार्केट में होती हैं और लोग हर संभव दिलचस्प तरीके से उन्हें अपने आहार में शामिल करके उनका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग इस मौसम में कच्ची सब्जियों का जूस पीना भी पसंद करते हैं. लेकिन क्या ये सभी वाकई सेहतमंद और सुरक्षित हैं? आपको हरी सब्जियां किस तरह खानी चाहिए – उन्हें पकाकर या कच्चे रूप में खाकर. आयुर्वेद और आंत स्वास्थ्य कोच डॉ. डिंपल जांगडा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि अधिक मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में कुछ संक्रमण या अपच का खतरा हो सकता है. पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना शरीर के लिए अधिक कठिन होता है, क्योंकि पके हुए भोजन पहले से ही गर्मी, मसालों और पकाने की विधि से टूट जाते हैं. वे अवशोषण के लिए अधिक जैविक रूप से उपलब्ध होते हैं और पाचन अग्नि पर तनाव को कम करते हैं. कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों में एंटी-पोषक तत्व भी होते हैं जो वास्तव में खाद्य पदार्थों के पोषण अवशोषण को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं.हल्का खाना पकाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मतली, थकान, चक्कर आना, पेट फूलना, दस्त या आईबीएस जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपका शरीर आपसे बात कर रहा है. आयुर्वेद बड़ी मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों या ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह नहीं देता है, क्योंकि वे परजीवियों का घर होते हैं, जिन्हें केवल धोने से नष्ट नहीं किया जा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. recent visitors 259

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए recent visitors 148

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। recent visitors 311

ऋषि कुटीर कॉलोनी में खाटू श्याम मंदिरों में एकादशी के मौके पर विशेष श्रृंगार किया गया

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल ! एकादशी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया,इस मौके पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और पूजा अर्चना की,वहीं हम आपको बतादे की,राजधानी स्थित ऋषि कुटीर कॉलोनी में खाटू श्याम मंदिर में भी एकादशी के मौके पर विशेष श्रृंगार किया गया,फूलों से साज सजजा की गई और विभिन्न सामग्रियों का भोग लगाए गए,मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली,खाटू श्याम मंदिर में रात्रि तक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही, वहीं देर रात्रि तक महिलाओं ने भजन कीर्तन किया,एवं महा आरती कर दीप प्रज्वलित की गई,वही मंदिर के पुजारी ने हमें बताया कि,हाल ही में मंदिर की स्थापना कर खाटू श्याम बाबा को स्थापित किया गया, मंदिर में हर महीने की एकादशी को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं,वहीं मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल,उपाध्यक्ष अमरीश पटेल,सचिव वीरेन्द्र रत्नावत्त,कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता,सदस्य शुभम ठाकुर एवं अन्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे recent visitors 125

28 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय सरपंच संघ भूख हड़ताल की राह पर

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। विकास की सबसे निचले स्तर की स्थानीय इकाई ग्राम पंचायत के सरपंच इन दोनों सरकार से सीधे मुख़ातिव होने की तैयारी कर रहे हैं। इससे सरपंच और सरकार के बीच में टकराव की स्थिति बन सकती है। सरपंचों का कहना है कि हम लंबे समय से सरकार और विभाग के मंत्री की आपसी खींचतान के कारण ग्राम पंचायत के विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। 28 सूत्रीय मांगो को लेकर 27 दिसंबर को प्रदेश भर से बड़ी संख्या में सरपंच राजधानी भोपाल के अंबेडकर मैदान में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर, कमलेश पटेल सरपंच संघ जिलाध्यक्ष बड़वानी, सिवेंद्र सिंह सरपंच संघ जिलाध्यक्ष शहडोल, सोहन कन्नौज सरपंच संघ जिलाध्यक्ष धार समेत कई सरपंचों ने पंचायत में व्याप्त समस्याओं की पीड़ा सार्वजनिक रूप से सुनाई। उनका कहना है कि कई बार ज्ञापनों के माध्यम से सरकार से आग्रह कर चुके हैं, उसके बाद भी सरकार का ध्यान पंचायतों की ओर नहीं है। इससे अब उनका गुस्सा सरकार के खिलाफ और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय सरपंच संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर का कहना है कि पंचायत संघ की 28 सूत्रीय मांगे हैं जिनको हम सरकार के ध्यान में बार-बार लाए हैं, उसके बाद भी हमारी मांगों की ओर सरकार का रवैया लचर दिखाई नहीं दे रहा है। जनपद और जिला पंचायत स्तर पर सरपंचों के साथ जमकर कमीशन बाजी का खेल चल रहा है। जनपद सीईओ 20 से 40 परसेंट तक कमीशन लेता है उसी का ही भुगतान होता है बाकी सरपंच जो इमानदारी से काम करते हैं उनका भुगतान पेंडिंग में पड़ा रहता है। सरपंच एक प्रकार से कठपुतली बनकर रह गया है। वह सरकार और आम पब्लिक दोनों की गालियां ही सुन रहा है। राष्ट्रीय सरपंच संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार ने यदि हमारी मांगों पर जल्दी ही विचार नहीं किया तो हम पंचायत में तालाबंदी करेंगे। recent visitors 279

ईडी की कार्रवाई: पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा पर शिकंजा कसता

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में उनके ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जयपुरिया स्कूल क्षेत्र स्थित उनके ऑफिस और अन्य ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पुलिस बल की बड़ी तैनाती देखी गई। गुरुवार को सौरभ शर्मा के वकील द्वारा जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि, विशेष अदालत ने उन्हें कोई राहत नहीं दी और उनकी याचिका खारिज कर दी। इससे सौरभ की परेशानियां और बढ़ गई हैं। ईडी ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी बरामद करने का दावा किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सौरभ शर्मा और उनके सहयोगी चेतन गौर के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। इसके अलावा, लोकायुक्त द्वारा इस केस में पांच अन्य व्यक्तियों को समन भी जारी किए गए हैं। यह मामला 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में एक इनोवा क्रिस्टा कार से शुरू हुआ था। उस कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। लोकायुक्त ने जांच करते हुए सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद आयकर विभाग ने भी सौरभ के घर और ऑफिस सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापों में नकद राशि और सोने-चांदी की ईंटें जब्त की गईं। सौरभ शर्मा और उनके सहयोगी चेतन गौर पर भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। ईडी ने जांच तेज कर दी है, और इस कार्रवाई के बाद मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई ने भोपाल और अन्य शहरों में हड़कंप मचा दिया है। जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों और नकदी से जुड़े मामलों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है, और जांच एजेंसियां इसे पूरी सख्ती से अंजाम तक पहुंचाने में जुटी हैं। recent visitors 162