राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद का अधिवेशन: दलित वंचित अधिकारों और रणनीतियों पर चर्चा

Session of National Scheduled Caste Tribe Development Council: Discussion on Dalit deprived rights and strategies सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल ! राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद नई दिल्ली द्वारा भोपाल के मानस भवन में अधिवेशन किया गया जिसमें सभी समाज के नागरिक गण उपस्थित रहे जिनका स्वागत सत्कार करते हुए सभी को संबोधित किया जिसमें ऑल ओवर इंडिया से लोग सम्मिलित हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया द्वारा तुम बताया गया कि यह अधिवेशन इसलिए रखा गया है ताकि जो दलित शोषित वंचित लोगों पर अन्याय हो रहे हैं उनपर चिंता जताते हुए कहा कि आज इस अधिवेशन से आगे की रणनीति तय की जाएगी जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी ही हिस्सेदारी का नारा देते हुए उन पार्टियों पर भी तंजिका सा जो आए दिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं उनको भी यह याद रखना चाहिए बाबा साहब के द्वारा लिखे गए संविधान के अनुसार ही आज आप और हम सभी अच्छे पदों पर बैठे हुए हैं recent visitors 129

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं। recent visitors 329

मध्यप्रदेश शासन मोदी और अमित शाह के हवाले, सीएम मोहन बने कठपूतली, सभी नेताओं को किया दरकिनार

मध्य प्रदेश में जिला अध्यक्षों के नामों पर रायशुमारी लगभग पूरी होने को है। वहीं दिल्ली में भी संगठन पर्व को लेकर आज रविवार से दो दिवसीय बैठकों का दौर शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर हो रही इन बैठकों में राज्यवार संगठन चुनावों की प्रगति और स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक ही नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक में जिला अध्यक्षों को लेकर नई गाइडलाइन तय की जा सकती है। वहीं इस बार जिला अध्यक्षों के रूप में कई महिला चेहरे भी कमान संभाल सकते हैं। बता दें कि दिल्ली बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश चुनाव प्रभारी समेत प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल हुए हैं। दरअसल, संगठन में एक बड़ा तबका ऐसा है जो मांग कर रहा है कि जो 5 साल तक जिला अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, उन जिला अध्यक्षों को रिपीट नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि नए चेहरों को जिला अध्यक्ष होने का अवसर मिलना चाहिए। इधर कुछ जिलाध्यक्ष चाहते हैं कि कुछ व्यक्तियों को जिला अध्यक्ष के रूप में दोबारा मौका दिया जाना चाहिए। इस तबके का तर्क है कि ये वे चेहरे हैं, जिनके नेतृत्व में पार्टी को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बड़ी सफलता मिली है, उनका कार्यकाल निर्विवाद और उपलब्धियों भरा रहा है तो उन्हें दोबारा मौका मिलना चाहिए। जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा दो तबकों में बंट गई है। वहीं मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं का कहना है कि इस मसले पर फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं हैं। उनका कहना है कि ये मसला अब राष्ट्रीय स्तर की बैठक में ही स्पष्ट होगा। नई नीति बनी तो नए चेहरे सामने आ सकते हैं या चुनावों में भाजपा की भारी सफलता का श्रेय लेने वालों को ही दोबारा मौका मिल सकता है। बता दें कि शनिवार तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वहीं कई जिलों में रायशुमारी की गई, इसलिए दिनभर प्रदेश कार्यालय से लेकर भाजपा के जिला कार्यालयों में गहमागहमी का दौर बना रहा। जानकारी के मुताबिक 1 जनवरी से 3 जनवरी के बीच जिला अध्यक्षों के 3 नामों का अंतिम पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद अंतिम नामों की फाइनल सूची लिफाफे में बंद कर केंद्रीय संगठन को भेज दी जाएगी। वहीं केंद्रीय संगठन 5 जनवरी के बाद इसे कभी भी जारी कर देगा। भाजपा की नई रणनीति के मुताबिक अब तक जो तय हुआ है उसके हिसाब से कोई भी जिलाध्यक्ष 60 साल से ज्यादा उम्र का नहीं होगा। वहीं लगभग 25 फीसदी जिलाध्यक्ष के पदों पर महिलाएं नजर आ सकती हैं। यानी कुल 60 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्ष के रूप में महिलाओं को मौका मिल सकता है। recent visitors 379

राष्ट्रीय पंचायत संघ को समाजसेविका मृणालिनी सेंगर ने दिया समर्थन

Social worker Mrinalini Sengar supported the National Panchayat Union  सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। विगत 25 दिसंबर से राजधानी भोपाल के तुलसी नगर स्थित अंबेडकर मैदान में राष्ट्रीय पंचायत संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सरपंच भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अब तक सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी समस्या और मांगों को जानने नहीं पहुंचा। इससे उनका गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। इधर भोपाल की वरिष्ठ समाजसेविका मृणालिनी सेंगर भी सरपंचों के समर्थन में मैदान में आ गई है। उन्होंने 28 दिसंबर को तुलसी नगर अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे सरपंचो काे समर्थन दिया और सरकार पर जमकर हमला बोला। उनके समर्थन से अब सरपंचो की और ताकत बढ़ गई है।  यह सरकार गूंगी और बहरी : श्रीमति सेंगर  उन्होंने कहा कि यह सरकार गूंगी और बहरी है, जिसे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे प्रदेश भर के सरपंच की व्यथा सुनाई नहीं देती है। यह बड़ी विडंबना है कि सरकार की सभी योजनाओं को निचले स्तर पर अमली जामा पहुंचाने वाले सरपंच आज अपने अधिकारों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं और सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। जबकि सरकार के मुखिया को याद होना चाहिए कि सरकार बनाने में सरपंचों का सबसे बड़ा हाथ होता है। वह सीधे जनता से जुड़े हुए होते हैं। जनता के जो छोटे काम होते हैं, वह सरपंचों के माध्यम से ही होते हैं। गांव की जनता भोली भाली होती है, वह हर काम के लिए भोपाल तक नहीं जा सकती है। राष्ट्रीय सरपंच संघ की बैनर तले बैठे सरपंचों की भूख हड़ताल को मैं पूरा समर्थन करती हूं और उनके साथ हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। recent visitors 114

मध्यप्रदेश में 2 दिन गिरे ओले, बारिश-आंधी भी चली; अब बढ़ेगी ठंड, उज्जैन, सहित कई जिलों में 3 दिन कोहरा 

Hail fell in Madhya Pradesh for 2 days, rain and storm also occurred; cold will increase now, fog for 3 days in many districts including Ujjain  भोपाल में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात धुंध छा गई। कोलार रोड, मंदाकिनी, चुना भट्टी में विजिबिलिटी 100 मीटर तक रही। भोपाल । मध्यप्रदेश में दो दिन मावठा गिरा। अब अगले तीन दिन उज्जैन, ग्वालियर और चंबल में कोहरा रहेगा। रविवार को प्रदेश के दक्षिणी हिस्से- खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो पूरे जनवरी चलेगा। नए साल की पहली सुबह तेज सर्दी पड़ेगी। मौसम वैज्ञानिक प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया, ‘पश्चिमी-उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी गुजर रहा है। इस वजह से पिछले दो दिन तक ओले गिरे और बारिश हुई। रविवार से बारिश की एक्टिविटी कम होगी, लेकिन कुछ जिलों में बारिश होने के आसार हैं।’ इसके पहले प्रदेश में लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी बारिश हुई। सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे तक आधे से ज्यादा एमपी में बारिश हुई। 9 घंटे में सबसे ज्यादा पानी रीवा में 4.2 इंच गिर गया। उमरिया, नर्मदापुरम, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर, भोपाल, खजुराहो, नौगांव, सतना, टीकमगढ़, दमोह, सीधी, खंडवा, पचमढ़ी, सागर, रायसेन, धार, इंदौर, मंडला में बारिश हुई। मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी गिरे। रात में भी बारिश का दौर जारी रहा। 42 जिलों के 250 शहर-कस्बों में बारिश शुक्रवार रात और शनिवार को 42 जिलों के 250 शहरों और कस्बों में पानी गिरा। इनमें भोपाल, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, शाजापुर, बैतूल, रतलाम, ग्वालियर, आगर-मालवा, मंदसौर, देवास, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, उज्जैन, विदिशा, खंडवा, राजगढ़, हरदा, इंदौर, श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, गुना, अलीराजपुर, धार, सागर, पन्ना, छतरपुर, दमोह, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, सिवनी, रीवा जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा ढाई इंच बारिश मंदसौर जिले के गरोठ और देवास के सतवास में हुई। नर्मदापुरम शहर, सीहोर के नसरूल्लागंज और रायसेन के उदयपुर में 2 इंच से ज्यादा पानी बरस गया। ओले और बारिश के साथ आंधी भी चली। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 29 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में मध्यम कोहरा रहेगा। खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में हल्की बारिश हो सकती है। 30 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में कोहरा रहेगा। 31 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में मध्यम कोहरा रहेगा। recent visitors 247

संसदीय इतिहास में पहली बार भाजपा ने रची भेदभाव की परिभाषा

सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भाजपा सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति पर कटाक्ष करते हुए मोहन सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। विधायक पट्टा ने कहा कि यह सरकार कहने को तो कुछ भी कह देती है, लेकिन उसकी असल सच्चाई कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी है, लेकिन कांग्रेसी विधायकों को कुछ भी नहीं। इस बात का जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया तो मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों को भी 5 – 5 करोड रुपए देने के लिए घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा ही रह गई। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए मिले, वह राशि भी आज तक विधायकों को पता नहीं चला कि मिली या नहीं मिली। मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ घोषणा ही कर रहे हैं। इतना बड़ा भेदभाव संसदीय इतिहास में किसी भी सरकार ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ नहीं किया। विधायक पट्टा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और विपक्ष विरोधी है। मुख्यमंत्री आप हमारे साथ भेदभाव कर दीजिए, पर क्षेत्र की जनता के साथ ऐसा मत कीजिए। उनका कहना है कि यह हमारे साथ नहीं, बल्कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेेगी। recent visitors 114

एमपी गजब : ‘धूम-3’ स्टाइल में चोरी: जुड़वा भाइ एक चोरी करता..दूसरा CCTV के सामने खड़ा रहता

रीवा, मऊगंज। मध्यप्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। चोरी करने का तरीका बॉलीवुड की मशहूर फिल्म धूम-3 से प्रेरित था, जिसमें जुड़वा भाइयों ने मिलकर पुलिस को चकमा दिया। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस चालाकी का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब मऊगंज पुलिस ने 22 दिसंबर की रात चाकमोड़ निवासी सत्यभान सोनी के घर हुई चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस वारदात में घर से लाखों के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों—रविशंकर विश्वकर्मा, संजीव वर्मा, और जगन्नाथ केवट—को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी संजीव वर्मा का जुड़वा भाई सौरभ वर्मा उसकी हर चोरी में शामिल था। दोनों भाइयों की शक्ल और कद-काठी एक जैसी होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। जब संजीव चोरी करने जाता, तो सौरभ ठीक उसी वक्त एक जैसे कपड़े पहनकर किसी सीसीटीवी कैमरे के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराता था। इस तरीके से, यदि चोरी के संदेह में पुलिस संजीव तक पहुंचती, तो सौरभ के सीसीटीवी फुटेज दिखाकर उनकी मौजूदगी किसी अन्य जगह साबित हो जाती थी। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और सावधानी ने इस अनोखी चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया। मऊगंज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके जुड़वा भाई वाली योजना का राज़ उजागर किया। आरोपियों के पास से चोरी हुए जेवरात और नकदी भी बरामद कर ली गई है। यह मामला अपने आप में अनोखा है और इसे फिल्मी कहानी जैसा बताया जा रहा है। धूम-3 की कहानी में जुड़वा भाई अपने चालाक तरीकों से सभी को मात देते हैं, लेकिन मऊगंज में असल जिंदगी में जुड़वा भाइयों की चालाकी पुलिस के आगे टिक नहीं पाई। इस सफलता के बाद मऊगंज पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता की सराहना हो रही है। नवगठित जिले में यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि उनकी क्षमता को साबित करने वाला भी रहा। पुलिस की सतर्कता ने अपराधियों को पकड़कर एक बार फिर यह दिखा दिया कि कानून से बच पाना मुश्किल है। मऊगंज पुलिस की इस कामयाबी से स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं, और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। recent visitors 135