वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर अचानक जमीन धंसी, जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं

वाराणसी वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध नमो घाट पर बुधवार की शाम जमीन धंसने से हड़कंप मच गया। जिस जगह पर जमीन धंसी वहां कई दुकानें भी लगीं थीं। जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं। इससे दुकानदार और ग्राहक भाग खड़े हुए। अचानक हुए हादसे से अफरातफरी मच गई। फिलहाल वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने रस्सी की बैरिकेडिंग लगाकर लोगों का आना-जाना बंद कर दिया है। हादसे की जानकारी मिलते ही कार्यदायी संस्था और नगर निगम के अधिकारी भी घटना का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए हैं। इस समय वाराणसी में पर्यटकों को सबसे ज्यादा नमो घाट ही लुभा रहा है। बनारस के किसी भी घाट पर जाना हो तो वीवीआईपी भी इसी घाट से स्टीमर और क्रूज की सवारी करते हैं। यही एकमात्र घाट है जहां गंगा के सबसे करीब तक वाहन आ जा सकते हैं। घाट पर है दर्जनों कारों और दो पहिया वाहनों के लिए पार्किग भी बनाई गई है। यहां बने नमस्ते वाले स्कल्पचर काशी के सबसे बड़े सेल्फी प्वाइंट भी हैं। देश-विदेश से बनारस आने वाले पर्यटक इस घाट का नजारा लेने जरूर आते हैं। यहां से सुबह-ए-बनारस का अलौकिक नजारा देखने को मिलता है। यह बनारस का इकलौता घाट है जहां पर हेलीपैड भी बनाया गया है। बहुत जल्द यहां से अयोध्या और अन्य जिलों के लिए हेलीकाफ्टर सेवा भी शुरू करने की योजना है। recent visitors 57

सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ बताया

नई दिल्ली सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ है। इस बिल के जरिए संविधान को कमजोर किया जा रहा है, जो सबको संरक्षण की गारंटी देता है। इमरान मसूद ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में 22 मेंबर होंगे और उनमें से 10 ही मुसलमान होंगे। इस तरह गैर-मुस्लिम भाइयों का वक्फ बोर्ड में बहुमत होगा। अभी काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को लेकर नियम है कि डीएम पदेन अधिकारी होगा। लेकिन यदि मौके पर डीएम कोई मुस्लिम होगा तो उससे नीचे या फिर ऊपर कोई और अधिकारी पदेन अध्यक्ष होगा। इमरान मसूद ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के संविधान में सभी नागरिकों के संरक्षण का वादा किया था। उनका कहना था कि राजनीतिक लोकतंत्र तब तक नहीं टिक सकता, जबकि उसकी बुनियाद में सामाजिक लोकतंत्र न हो। संविधान सभी को समानता की गारंटी देता है। वक्फ बिल को जिन लोगों ने ड्राफ्ट किया था, उनमें से ज्यादातर वही थे, जिन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 90 फीसदी लोग नहीं बता पाएंगे कि पाकी और नापाकी क्या होता है। यह बात सिर्फ मुसलमान ही बता पाएंगे। मुसलमान ही बता पाएंगे कि उनकी क्या जरूरत है। वक्फ का मैनेजमेंट तो सरकार के ही हाथ में है। वक्फ बिल के एक-एक प्रावधान पर जमकर बोले इमरान मसूद विभिन्न राज्यों के बोर्डों द्वारा बताया गया कि कितनी वक्फ संपत्तियों पर विवाद है। अब जो वक्फ बिल है, उसमें लिखा है कि वही संपत्ति बोर्ड के दायरे में होगी, जो पूरी तरह विवाद से मुक्त हो। यूपी में 11,5000 हेक्टेयर भूमि को सरकारी घोषित कर दिया गया है और विवाद है। अब नए बिल के अनुसार यह संपत्ति वक्फ की नहीं रह जाएगी। वक्फ की संपत्ति के विवादों को सुनने की ताकत अब ट्राइब्यूनल से बाहर की जा रही है। लेकिन यह नहीं बताया जा रहा है कि सक्षम अधिकारी कब तक फैसला देंगे। इस तरह से संपत्ति पर जब तक विवाद समाप्त नहीं होगा, तब तक उस पर अधिकार सरकार का होगा। अब जो स्थिति है, उसमें वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण करने वाले लोग भी जाकर दावा कर सकेंगे। इस तरह उनके सामने खुला मैदान होगा कि वे चाहें तो कब्जा ही जमा लें। 'कोई और ट्रस्ट बताएं, जिसमें दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री हो' कांग्रेस नेता ने कहा कि आप कोई और दूसरा ट्रस्ट बताइए, जो धर्म के नाम पर हो और उनके साथ ऐसा हो रहा हो। आपकी नजर दूसरे समुदायों की जमीन पर भी है। उन्होंने कहा कि हमें अभी सौगात-ए-मोदी मिली, जिसमें ईद की सेवाइयां थीं। हमें ऐसी सौगात नहीं चाहिए बल्कि वह सौगात दीजिए, जिससे हमारे सीने पर गोलियां न मारी जाएं। हमें समानता का अधिकार मिले। ऐसा कानून लाएं और हमारी रक्षा की जाए। recent visitors 63

पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान को करें क्रियान्वित : मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने पार्थ (पीएआरटीएच) योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये है। उन्होंने कहा है कि पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के जरिये ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी इससे लाभान्वित हो, इसकी तैयारी की जाये। मंत्री श्री सारंग बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित मेजर ध्यान चंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दोनों योजना और अभियान को मूर्तरूप से धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 9-10 संभाग में इसको त्वरित गति से अग्रसर किया जाये। इसकी विभाग और शासन स्तर की कार्रवाई पूर्ण करें और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो-बढ़ो अभियान 1 मई से शुरू हो। प्रारंभ में इसके लिये 37 जिले चयनित किये गये है। सोशल मीडिया से भी इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाये, जिससे प्रदेश का टैलेन्ट सामने आये। इसका कैलेण्डर तैयार कर लिया जाये। साथ ही बच्चों के पालकों के साथ भी मोटिवेशन वार्तालाप हो। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि सितम्बर से खेलो एम.पी. गेम्स की शुरूआत की जाये, जिससे मध्यप्रदेश की टीम तैयार हो और वही नेशनल चैम्पियनशिप में भाग ले। बैठक में भेल स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, खेलो एम.पी. यूथ गेम्स, प्रकाश तरूण पुष्कर, फिट इंडिया क्लब और नेशनल चैम्पियनशिप पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित खेल अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 41

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर हुई खाक

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में बुधवार तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर खाक हो गईं। यह घटना द्वारका के धूलसिरस स्थित एक गैराज में हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग (डीएफएस) के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यह घटना दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में गैराज में लगी आग के बाद हुए भारी नुकसान को दर्शाती है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और आग से संबंधित प्रबंधन की अहमियत को फिर से उजागर किया है। अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी उपाय किए जा सकें। आग लगने की सूचना और दमकल की कार्रवाई दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना बुधवार तड़के 2.58 बजे मिली। जैसे ही यह सूचना मिली, दमकल विभाग ने घटनास्थल पर तुरंत नौ दमकल गाड़ियों को भेजा। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए संघर्ष किया और अग्निशमन अभियान सुबह 4.05 बजे तक जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि आग में 11 कारें पूरी तरह से जल गईं, साथ ही कुछ कल पुर्जे और स्पेयर पार्ट्स भी जलकर राख हो गए। आग की लपटें बहुत तेज थीं, जिससे गैराज के अंदर खड़ी कारों और अन्य सामान को भारी नुकसान हुआ। कारणों की जांच हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। आग के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और जांच जारी है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं गैराज के अंदर उस वक्त कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इस वजह से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने यह कहा कि अगर समय पर दमकल गाड़ियां न पहुंची होतीं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी। आग बुझाने में हुई कठिनाइयाँ दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के दौरान उन्हें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गैराज के अंदर गाड़ी के तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री थी, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। बावजूद इसके, दमकल कर्मचारियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर तरीके से आग पर काबू पाया। आगे की कार्रवाई अब पुलिस और दमकल विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग किस कारण से लगी और इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी। इसके अलावा, गैराज मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। यह घटना द्वारका इलाके के निवासियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। recent visitors 44

मंत्री पटेल ने कहा- दीदी कैफे से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ बढ़ रही है सामाजिक प्रतिष्ठा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्म-निर्भर एवं स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि करने का साधन बन रहे हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूह न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर रहे हैं बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी बढ़ा रहे हैं। मंत्री श्री पटेल ने बुधवार को विकास भवन एवं भोपाल हाट बाजार ने समूहों द्वारा संचालित आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सीईओ एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह, सीईओ आरआरडीए श्री दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा श्री अवि प्रसाद सहित अधिकारी-कर्मचारी और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रही। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शास्त्रों एवं परंपरागत ज्ञान में उल्लेख है कि भोजन में स्वाद भोजन सामग्री के साथ ही बनाने वाले के भाव का भी होता है। दीदी कैफे में भोजन स्वादिष्ट है क्योकि इसे तैयार करने वाली महिलाओं का अपनापन इसमें शामिल है। उन्होंने भोपाल हाट बाजार में मिलेट से तैयार व्यंजनो के लिए कैफे स्थापित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने दोनों कैफे का अवलोकन कर व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री पटेल ने कैफे में सफाई व्यवस्था एवं कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विकास भवन स्थित कैफे का संचालन संगम सीएलएफ के आठ समूह सदस्यों एवं हाट बाजार मिलेट कैफे का संचालन उड़ान सीएलएफ की पांच समूह सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर डवलपमेंट के तहत एक पहल है, जिसमें स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाता है और उन्हें तकनीकी समर्थन एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है। इससे वे स्वयं के द्वारा संचालित कैन्टीन, केटरिंग ऑपरेशन, "कियोस्क और फूड ट्रक जैसे खाद्य आधारित उद्यम स्थापित कर सकें। राज्य में आजीविका स्वाद संगम के विभिन्न खाद्य उद्यम स्थापित किए गए हैं जिसमें, स्व-सहायता समूह की प्रशिक्षण प्राप्त उद्यमी अपने स्वाद के आधार पर आजीविका के नये आयाम विकसित कर रही हैं। इन दीदीयों द्वारा प्यार से तैयार किया गया, प्रत्येक व्यंजन कौशल, परंपरा और अटूट समर्पण का प्रमाण हैं। दीदी के हाथों से बने पकवानों का स्वाद, उनके स्वावलंबन, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का अनुभव कराता है। अपने प्रयासों से, ये दीदीयाँ अपनी उद्यमशीलता की भावना और सामुदायिक उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता से भी प्रेरित करती हैं। दुनिया में भारत मोटे अनाजों का सबसे बड़ा उत्पादक है। मोटे अनाज प्राचीन अद्भुत अनाज है, यह बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण का भंडार है। वर्ष 2018 में भारत ने मोटे अनाजों को "न्यूट्री- सेरेल्स" घोषित किया है। गेहूँ और चावल की तुलना में मोटे अनाजों में उच्च प्रोटीन, फाइबर और खनिज पाए जाते हैं, मोटे अनाज अत्याधिक पौष्टिक होते हैं। मोटे अनाज माइग्रेन और दिल के दौरे के प्रभाव को कम करने में मदद करता हैं। मोटे अनाजों में नियासिन (विटामिन-बी 3) पाया जाता है, जो कि कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। मोटे अनाजों का सेवन हृदय रोग और मधुमेह को रोकने में कारगर है। मोटे अनाज ग्लूटेन फ्री और नॉन-एलर्जिक होते हैं।   recent visitors 42

जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई केस डायरी उपलब्ध ना होने के कारण 4 अप्रैल तक के लिए टली

संभल संभल स्थित शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई केस डायरी उपलब्ध ना होने के कारण 4 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई। एक वकील ने बुधवार को बताया कि शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत याचिका पर पहले 27 मार्च को सुनवाई होनी थी। उस दिन चंदौसी में न्यायाधीश निर्भय नारायण राय की एडीजे-2 अदालत ने अली की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उनकी स्थायी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तारीख तय की थी। उन्होंने बताया कि हालांकि, केस डायरी उपलब्ध न होने के कारण मामले को अब चार अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने केस डायरी नहीं होने का हवाला देते हुए जफर अली को अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया। हालांकि, मैंने दलील दी कि उनकी अंतरिम जमानत पहले ही खारिज हो चुकी है, इसलिए याचिका को फिर से खारिज किया जाना चाहिए। न्यायालय ने इस दलील को स्वीकार करते हुए अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। 4 अप्रैल तक केस डायरी उपलब्ध कराई जाए और तब स्थाई जमानत याचिका पर होगी सुनवाई उन्होंने कहा कि अदालत ने अब निर्देश दिया है कि 4 अप्रैल तक केस डायरी उपलब्ध कराई जाए और तब स्थाई जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। अली को मुगलकालीन मस्जिद के न्यायालय द्वारा आदेशित सर्वेक्षण के विरोध में 24 नवंबर को हुई हिंसा के संबंध में पूछताछ के बाद 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन चंदौसी की एक अदालत ने अली की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में मुरादाबाद जेल भेज दिया। अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अली ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें फंसाया गया है। 4 नवंबर को हुई हिंसा में 4 लोग मारे गए थे और कई अन्य हो गए थे घायल बताया जा रहा है कि अली के बड़े भाई ताहिर अली ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्यायिक समिति द्वारा गवाही दर्ज किए जाने से पहले ही उनके भाई को ‘‘जानबूझकर'' जेल भेज दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वेक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए समिति गठित की है। 24 नवंबर को हुई हिंसा में 4 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। recent visitors 36

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए मंत्री गडकरी का जताया आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को सड़क अधोसंरचना निर्माण और क्षेत्रीय विकास में एक बड़ी सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि ये सड़कें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के लिए 4 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4302.93 करोड़ रुपये है। उन्होंने सोशल मीडिया 'एक्स' पर मध्यप्रदेश को मंजूर की गई इन परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। केन्द्र सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सहज एवं सुगम बनाने के साथ आर्थिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में सड़क अधोसंरचना नेटवर्क को दिनों-दिन मजबूत किया जा रहा है और मध्यप्रदेश को भी इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत की गईं सड़क परियोजनाएं भोपाल जिले में संदलपुर से नसरुल्लागंज बायपास तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146बी) के 43.200 किमी खंड को 4-लेन में बदलने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विदिशा और सागर जिले में राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146) के 10.079 किमी हिस्से को 4 लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये मंजूरी दी गई है। सागर जिले में लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146 से राष्ट्रीय राजमार्ग-44) ग्रीनफील्ड 4-लेन सागर पश्चिमी बायपास (20.193 किमी) के निर्माण के लिए 688.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बायपास के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।   recent visitors 35