हिंदू संगठनों राम नवमी पर रैली निकालने की इजाजत तो मिल गई है लेकिन शर्तें भी लगाई, हाई कोर्ट ने अब आदेश जारी किया

कोलकाता पश्चिम बंगाल में राम नवमी के दिन रैली निकालने को लेकर कोलकाता पुलिस द्वारा इजाजत न मिलने पर आक्रोश दिख रहा था। इस मामले में हाई कोर्ट ने अब आदेश जारी किया है, जिसमें हिंदू संगठनों राम नवमी पर रैली निकालने की इजाजत तो मिल गई है लेकिन शर्तें भी लगाई गई हैं, जिसके तहत रैली में हथियार इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे। दरअसल, कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए जीटी रोड के रास्ते पिछले 15 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रामनवमी शोभायात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। दूसरी ओर इसके जवाब में अंजनी पुत्र सेना नामक संगठन ने इस पारंपरिक मार्ग पर रैली निकालने की अनुमति के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इसी पर अब कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। हिंदू संगठनों ने मांगी थी परमिशन जिस रूट से यात्रा के लिए पुलिस ने परमिशन दी थी, वह अंजनी पुत्र सेना, वीएचपी और दुर्गा वाहिनी के लोगों को मंजूर नहीं था। हिंदू संगठन पुराने रूट पर ही यात्रा की मांग कर रहे थे। ऐसे में कोर्ट ने हिदू संगठनों की मांगों को कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा मान लिया है। उन्हें उसी पुराने रूट से यात्रा की अनुमति दी गई गई है। हाई कोर्ट ने इजाजत के साथ लगाई हैं शर्तें हालांकि, हाई कोर्ट ने कई तरह की शर्तें भी लगाई हैं। इसके तहत लोगों को कहा गया है कि किसी भी तरह की कोई बाइक रैली नहीं होगी। कोर्ट ने हथियार या गोला-बारूद नहीं होगा। रैली में डीजे या बाइक नहीं होगी। सभी रैलियां जीटी रोड के एक ही मार्ग पर होंगी। पुलिस को स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह लगातार दूसरा साल है, जब प्रशासन ने इस जुलूस पर रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को ‘जय श्री राम’ के नारे से परेशानी है। इन विवादों के बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रामनवमी के अवसर पर शांति की अपील करते हुए कहा कि सभी को पूजा करने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी दंगा जैसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए। recent visitors 47

कामिंदु मेंडिस ने आईपीएल डेब्यू में इतिहास रच दिया, दोनों हाथ से करते हैं गेंदबाजी, IPL में खेलने के लिए नहीं गए हनीमून

नई दिल्ली कोलकाता नाइटराइडर्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद में श्रीलंकाई ऑलराउंडर कामिंदु मेंडिस ने आईपीएल डेब्यू किया। उनकी टीम हैदराबाद मैच तो हार गई लेकिन मेंडिस ने अपने पहले ही मैच में एक अलग छाप छोड़ी। उन्होंने मैच के दौरान कभी बाएं तो कभी दांए हाथ से गेंदबाजी की। एक विकेट भी हासिल किया। बैटिंग में भी उन्होंने शानदार 27 रन बनाए। मेंडिस ने आईपीएल डेब्यू में इतिहास रच दिया। वह आईपीएल के इतिहास में दोनों हाथ से गेंदबाजी करने वाले पहले ऐसे गेंदबाज बन गए हैं जिसने विकेट भी हासिल किया है। आईपीएल को लेकर मेंडिस में इतना जुनून है कि उन्होंने इसके लिए विदेश में हनीमून के प्लान को कैंसल कर दिया। कामिंदु मेंडिस ने पिछले महीने ही 3 मार्च को अपनी गर्लफ्रेंड निशनी से शादी की। दोनों लंबे समय से रिलेशनशिप में थे। शादी वाले दिन मेंडिस ने एक बहुत ही खूबसूरत कार्ड पर उससे भी ज्यादा प्यारा मेसेज लिखा था। उस पर लिखा था, 'आज मैं अपनी सोलमेट से शादी कर रहा हूं, वह जो मेरे दिल को समझती है, मेरे सपनों को सपोर्ट करती है और मुझे बिनाशर्त प्यार करती है।' वाकई मेंडिस की पत्नी निशनी ने खुद के लिए लिखे गए अपने पति की बातों को साबित किया है। पति आईपीएल में खेले, इसके लिए हनीमून तक टाल देना दिखाता है कि वह अपने पति मेंडिस को कितना सपोर्ट करती हैं। इस बार के आईपीएल ऑक्शन में कामिंदु मेंडिस को सनराइजर्स हैदराबाद ने 75 लाख रुपये में खरीदा था। शादी के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी मेंडिस ने तय किया कि हनीमून पर बाद में जाएंगे, आईपीएल ज्यादा जरूरी है। दोनों ने शुरुआत में प्लान किया था कि वे अपने हनीमून पर विदेश जाएंगे। लेकिन बाद में मेंडिस ने इंडिया के लिए बैग पैक कर लिया ताकि आईपीएल में खेल सकें। इस नवविवाहित जोड़े ने श्रीलंका के खूबसूरत हैपुटेल हिल पर कुछ वक्त साथ बिताया था। recent visitors 48

मध्य प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाये… CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिया निर्देश

Buddhist circuit should be developed

Buddhist circuit should be developed in Madhya Pradesh… CM Mohan Yadav gave instructions to the officials सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाना चाहिये. नवंबर में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज का रजत जयंती सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के विकास को प्राथमिकता दी गई है. प्रदेश में भगवान बुद्ध का जिन स्थानों पर प्रभाव रहा है उन्हें बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएं. ऐसे स्थानों में उज्जैन सहित सांची के निकट सतधारा, सोनारी आदि का समावेश किया जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों को विश्वविद्यालय में लागू करने को प्राथमिकता दी जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय सांची की कार्य परिषद की छठवीं बैठक गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में संपन्न हुई. बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य प्रो. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए. बैठक में विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. वैद्यनाथ लाभ के साथ ही, साधारण परिषद के सदस्य प्रो. सत्य प्रकाश शर्मा, पद्मश्री कपिल तिवारी, अभय कात्यायन और प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा उपस्थित थे. महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य होने चाहिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिषद के सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य भी प्रारंभ किया जाए. महाकात्यायन ने उज्जैन से लेकर मथुरा तक भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार किया था. वे तर्क और शास्त्रार्थ में अद्वितीय माने गए थे. बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति की उनकी कथा प्रेरक मानी गई है जो धैर्य, ज्ञान और आत्म-अनुशासन के मूल्यों की शिक्षा देती है. बुद्धिस्ट सोसायटी का रजत जयंती सम्मेलन बैठक में जानकारी दी गई कि नवंबर में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज के रजत जयंती सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन के लिए आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए. विश्वविद्यालय के कुलगुरू ने विश्वविद्यालय द्वारा संपादित की जा रही अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी. वर्तमान में विश्वविद्यालय के बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है. अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन और लायब्रेरी भवन का कार्य भी पूर्णता की ओर है. recent visitors 83

इंदौर में हुई 36 मौतों में कोई दोषी नहीं, मामले में ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी बरी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 2 साल पहले हुए चर्चित बेलेश्वर बावड़ी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। 100 से अधिक लोगों में 36 लोगों की जान जान जाने का दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे में महादेव झूलेलाल मंदिर न्यास के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को 22 मार्च 2024 को पुलिस ने अरेस्ट किया था। इस हादसे की दूसरी बरसी के कुछ दिनों बाद ही इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज शिकायत में अरेस्ट हुए अध्यक्ष और सचिव को कोर्ट से बरी कर दिया है। एक साल तक चले ट्रायल के बाद गुरुवार को जिला कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही पुलिस पर सही से जांच नहीं करने की बात कही। 33 लोगों की हुई गवाही बावड़ी हादसे में गलानी और सचवि सबनानी के लिए वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने केस लड़ा। इस मामले में सुनवाई के दौरान 33 गवाह पेश किए गए। सुनवाई में यह सामने आया कि आसपास रहने वालों के साथ ही अन्य लोगों को भी यह नहीं पता था कि नीचे बावड़ी है। इन हालातों में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में अध्यक्ष और सचिव को बिना वजह आरोपी बनाया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के एक वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने मीडिया कर्मियों को बताया कि इस केस का फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनाया, जिन्होंने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 323 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) के आरोपों से मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा,‘अदालत ने मेरे दोनों मुवक्किलों को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी किया।’ बैस के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने उनके दोनों मुवक्किलों पर आरोप साबित करने के लिए अदालत में कुल 33 गवाह पेश किए थे जिनमें कुछ सरकारी अधिकारी भी थे। बचाव पक्ष के वकील बैस ने बताया कि गवाहों में शामिल इंदौर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने अदालत में बयान दिया कि हादसे से जुड़ी बावड़ी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों ने भी इस बावड़ी को लेकर अनभिज्ञता जताई, जबकि निगम का एक कार्यालय घटनास्थल के एकदम पास स्थित है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर का फर्श 30 मार्च 2023 को रामनवमी के मौके पर हो रहे हवन-पूजन के दौरान ढह गया था। इस दौरान फर्श के नीचे बनी बावड़ी में गिरकर 21 महिलाओं और दो बच्चों समेत 36 लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने हादसे के चार दिन बाद 3 अप्रैल 2023 को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियां अन्य देवस्थान में पहुंचाई थीं। इसके बाद आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर को ढहा दिया था। और भीषण हादसे की गवाह रही बावड़ी को मलबा डालकर हमेशा के लिए बंद कर दिया था।   recent visitors 49

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam 900crore in MP

Ambulance scam 900crore in MP ! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? Ambulance scam of Rs 900 crore in MP भोपाल ! Ambulance scam 900crore in MP कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। Read more: Ladli Laxmi Yojana: मध्य प्रदेश के कई जिलों में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए बजट ही नहीं कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। Ambulance scam 900crore in MP दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो। recent visitors 105

सीएम राइज स्कूल के छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, मिलेगी स्कूल बस सेवा, महंगे वेन और ऑटो से मुक्ति

जबलपुर जिले के सीएम राइज स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इन स्कूलों में बस सेवा शुरू की जाएगी। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। बसों के संचालन के लिए जिले से बाहर की एजेंसी आई हैं। 12 एजेंसियों ने दिखाई रुचि निविदा की प्रक्रिया संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर संभाग के माध्यम से की गई। 12 एजेंसियों ने बस के संचालन के लिए इच्छा जताई है। विभाग एजेंसी के मापदंडों की जांच कर रहा है। इस पखवाडे़ में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बसों के संचालन की जवाबदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य की होगी। रूटों का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। विदित हो कि एक साल पहले भी यही कवायद की गई थी लेकिन केवल दो एजेंसियों ने ही इसमें रुचि दिखाई थी। 50 बसों का होगा संचालन जिले के दस सीएम राइज स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों में सीएम राइज स्कूल कन्या करौंदीग्राम, सीएम राइज स्कूल मेडिकल, सीएमराइज स्कूल अधारताल के अलावा सीएम राइज स्कूल कुंडम , सिहोरा, सिंगौद, शहपुरा, पाटन व सीएमराइज स्कूल मझौली शामिल है। इसके लिए करीब 50 बसों को चलाया जाएगा। CM Rise school : सीएम राइज स्कूलों में बसों के संचालन के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया कर ली गई है। इस माह तक सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा।     प्राचीश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा recent visitors 54

भोपाल के दरवेश बर्तन भंडार पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

Bhopal's Darvesh utensils store

Food department takes big action on Bhopal’s Darvesh utensils store भोपाल। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर राजधानी भोपाल में उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी करने और तौल यंत्र में गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी तारतम्य में दरवेश बर्तन भंडार, रोशनपुरा नाका में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जहां ग्राहकों से ठगी की जा रही थी। खाद्य एवं नाप-तौल विभाग की टीम ने मौके पर निरीक्षण कर संस्थान के स्वामी अशोक कुमार तेजवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया और इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को ज़ब्त कर लिया। शिकायतों के आधार पर जब खाद्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया, तो पाया गया कि ग्राहकों को सामान पन्नी और कागज की पैकिंग सहित तौला जा रहा था। यह सीधे तौर पर ग्राहकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का मामला था। इतना ही नहीं, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र का समय पर सत्यापन भी नहीं कराया गया था, जो कि विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत अनिवार्य है। कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन : नियमों के अनुसार, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर पुनः सत्यापित कराना अनिवार्य होता है। दरवेश बर्तन भंडार के तौल यंत्र का सत्यापन प्रथम तिमाही A/2024 में हुआ था, जिसे प्रथम तिमाही 2025 में पुनः सत्यापित कराया जाना था, लेकिन दुकानदार ने ऐसा नहीं किया। यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 24/33 का स्पष्ट उल्लंघन है। खाद्य विभाग ने की सख्त कार्रवाई : इस गड़बड़ी को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र को ज़ब्त कर लिया और संस्थान के मालिक अशोक कुमार तेजवानी के खिलाफ अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजने की तैयारी कर ली है। इस कार्रवाई में नाप-तौल निरीक्षक गोविन्द प्रसाद रैकवार एवं सहायक विकास चव्हाण शामिल थे। यह कार्रवाई भोपाल के व्यापारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि उपभोक्ता अधिकारों से खिलवाड़ करने पर कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच सकता। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने और खरीदारी के समय सही तौल और माप की जांच करने की सलाह दी गई है। प्रदेश में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। recent visitors 84