सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश-सांसदों-विधायकों के कॉल और मैसेज का तुरंत जवाब दें अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के कॉल या मैसेज का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि कुछ अधिकारी विधायकों के पत्रों, फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने विधायकों और सांसदों के साथ व्यवहार करते समय पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (जीएडी) नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्देशों का अक्षरशः सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई मौका नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा। परिपत्र में प्रशासन, सांसदों और विधायकों के आधिकारिक व्यवहार के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी साझा की गई है, जिसे जीएडी ने 2020 में तैयार किया था। इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त संचार पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि सांसद या विधायक द्वारा मांगी गई सूचना प्रदान की जानी चाहिए, जब तक कि वह ऐसी प्रकृति की न हो कि उसे देने से इनकार किया जा सके।इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त प्रत्येक संचार की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर उत्तर दिया जाना चाहिए। recent visitors 73

कोर्ट से कई शर्तों पर अब्बास अंसारी को जमानत मिली, ढाई साल बाद जेल से बाहर, ईद से पहले परिवार में छाईं खुशियां

लखनऊ मुख्तार अंसारी का विधायक बेटा अब्बास अंसारी ढाई साल से भी अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शुक्रवार को बाहर आ गया। अब्बास को सात मार्च को सुप्रीम कोर्ट से कई शर्तों पर अब्बास अंसारी को जमानत मिली थी। करीब 15 दिनों बाद कोर्ट का परवाना कासगंज जेल पहुंचा और अब्बास को रिहाई मिल सकी है। मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए ईद से पहले यह बड़ी खुशी है। रमजान के महीने में जुमे के दिन अब्बास के बाहर आने को भी उसके समर्थक खुदा की मेहरबानी मान रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास में रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कहा है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ का दौरा करने से पहले प्राधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही अदालत की बिना अनुमति के उत्तर प्रदेश नहीं छोड़ सकेंगे। अदालतों में पेश होने से एक दिन पहले पुलिस अधिकारियों को जानकारी भी देंगे। अब्बास अंसारी को पिछले विधानसभा चुनाव के कुछ समय बाद ही 4 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उनके ऊपर सबसे बड़ा मामला हेट स्पीच का था। इसके बाद 6 सितंबर 2024 को उनके ऊपर गैंगस्टर लग गया था। अब्बास पहले चित्रकूट जेल में थे। यहां पत्नी निकहत के साथ अवैध रूप से मुलाकात करते पकड़े जाने पर कासगंज जेल भेजा गया था। निकहत को भी गिरफ्तार कर चित्रकूट जेल में रखा गया था। निकहत को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया था। अब्बास ने 2022 का विधानसभा चुनाव ओपी राजभर की पार्टी सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीता था। तब सुभासपा और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। सपा का साथ छोड़कर भाजपा से गठबंधन करने पर जब सवाल उठे तो ओपी राजभर ने अब्बास को सपा का भेजा हुआ प्रत्याशी बताया था। अब अब्बास के बाहर आने से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह सुभासपा की बैठकों जाते हैं या उससे दूरी बनाकर रहते हैं। विधानसभा में भी उनकी सीट पर नजर रहेगी। recent visitors 51

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, "आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?" उन्होंने कहा, "अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।" विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है। recent visitors 41

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा- 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद हो जाएगा समाप्त

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में कहा, "मैं देश को बताना चाहता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। नक्सलवादियों ने समानांतर सरकारें बनाई, समानांतर सरकारें चलाईं। नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे नरेंद्र मोदी सरकार का 10 साल का विजन है।" गृह मंत्री शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की है। इनके हर प्रकार के कम्युनिकेशन और आवाजाही का रेखांकन किया। ड्रोन और सैटेलाइट सर्विलांस किया। डाटा एनालिसिस करके अपने सुरक्षा बलों को लैस किया, जिसके आधार पर सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के मुकाबले अभी नक्सलवाद से जुड़ी हिंसक घटनाएं और सुरक्षाबलों के मारे जाने की संख्या में काफी कमी आई है। कांग्रेस शासनकाल में 126 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। अब ऐसे केवल 12 जिले बचे हैं। अगले वर्ष 31 मार्च तक ये जिले भी नक्सलवाद से मुक्त हो जाएंगे। पहले नक्सल प्रभावित जिलों में एक भी नाइट लैंडिंग हेलीपैड नहीं थे। सुरक्षा बलों को मजबूती प्रदान करने के लिए ऐसे 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड बनाए गए हैं। नक्सलियों के कई करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। हमने इन इलाकों में विकास के लिए बजट को 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का काम किया है। हाईवे बनाए और ग्रामीण सड़कें बनाई हैं। मोबाइल टावर लगाए हैं। पूरा नक्सल एरिया अब मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आए परिवर्तन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में 33 सालों से वहां रात को सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे, हमारे शासन में वहां खुले हैं। 34 साल से ताजिया के जुलूस की इजाजत नहीं थी, हमारे शासन में दी गई। जी-20 की बैठक में दुनिया भर के डिप्लोमेट्स वहां शांति से गए। कश्मीर की संस्कृति, खूबसूरती, भोजन और संगीत का अनुभव करके अपने देश लौटे हैं। इस देश में लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए हम सब गए थे। प्रधानमंत्री और हमारे तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर यात्रा निकाली थी। हमें लाल चौक जाने की परमिशन नहीं मिल रही थी। जब जिद की तो सेना की सुरक्षा में वहां जाकर आनन-फानन में ध्वज वंदन करके वापस आना पड़ा। आज उसी लाल चौक पर 'हर घर तिरंगा कार्यक्रम' में एक भी घर ऐसा नहीं था, जहां तिरंगा न हो। उन्होंने आगे कहा कि श्रीनगर में फॉर्मूला-4 रेसिंग कार का आयोजन हुआ। उसी लाल चौक पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मां शारदा देवी के मंदिर में दशकों के बाद दीपावली और सरस्वती पूजन हुआ। खीर भवानी का अष्टमी महोत्सव 22 साल बाद मनाया गया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि गांवों से सुविधाओं के लिए पलायन हो रहा है। जिस देश के बॉर्डर के गांव खाली हो जाते हैं, उस देश के बॉर्डर कभी सुरक्षित नहीं रह सकते, इसलिए एक नई अप्रोच के साथ पहले जिसे देश का अंतिम गांव कहा जाता था, अब उसे देश का पहला गांव कहा जाता है। मैं दावे से कहता हूं कि सुविधाओं की दृष्टि से भी यह गांव अगले 10 वर्ष में देश के प्रथम गांव होंगे। इसके लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लाया गया है। इसके अंतर्गत 90 प्रतिशत केंद्र का अनुदान है और 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा है। इस अनुपात में इन गांवों के लिए पैसा दिया जाता है। शुरुआत में 4,800 करोड़ रुपए के आवंटन से हमने 652 गांव को इसमें शामिल किया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के 455, उत्तराखंड के 51, हिमाचल के 75, सिक्किम के 46 और लद्दाख के कई गांव शामिल हैं। recent visitors 44

कर्मचारी की मसीहा बनके सामने आई समाज सेवी समाज सेविका मृणालिनी सिंह सेंगर 

Social worker Mrinalini Singh Sengar came forward as the savior of the employees  भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट)। राजधानी में लगातार मजदूरों के साथ अत्याचार हो रहे हैं, बात करें नगर निगम या की अस्पतालों की, हर एक जगह कर्मचारियों को निमित्त समय वेतन नहीं मिल रहा, कर्मचारी परेशान हो रहे हैं,वह अपनी को समस्याएं किसको सुनाए ना तो सरकार सुनती है ,ना अधिकारी सुनते हैं लगातार ठेकेदार एवं सुपरवाइजर मिली भगत से कर्मचारियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं,वही कर्मचारी की मसीहा बनके सामने आई ,समाज सेवी समाज सेविका मृणालिनी सिंह सेंगर जो कर्मचारी के हित के लिए लगातार आंदोलन करती आ रहे हैं,वहीं उन्होंने बताया कि,1250 जेपी अस्पताल में 2 महीने से कर्मचारियों का वेतन नहीं हुआ,विधवा एवं विकलांग महिला एवं पुरुषों का भी वेतन अटका हुआ,मैं उनके हित के लिए जगह-जगह भटक रही हूं आज मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के बंगले पर भी पहुंची, और कर्मचारियों की हित के लिए बात रखी, वही मृणालिनी सिंह सेंगर का कहना है कि,मैं कर्मचारियों के हित के लिए लगातार प्रदर्शन करती रहूंगी,जब तक इन कर्मचारियों की वेतन नहीं मिलता,वही मैंने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से भी निवेदन किया है कि,जल्द से जल्द कर्मचारियों की हित के लिए सोचें,अन्यथा आगे चलकर यही कर्मचारी उग्र हो सकते हैं, और सड़कों पर आ सकते हैं recent visitors 275

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक विकास में चंबल क्षेत्र सुनहरा अध्याय लिख रहा है

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का जो सपना देखा है, चंबल क्षेत्र उसमें सुनहरा अध्याय लिख रहा है। चंबल की भूमि उपजाऊ है, कमाऊ है, साथ ही टिकाऊ भी है। चंबल जैसा टिकाऊ जज्बा और कहीं देखने को नहीं मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के मालनपुर में एक हजार करोड़ रूपए की लागत से एलिक्सर इण्डस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की आधुनिक मेगा इकाई का भूमिपूजन करते हुए यह बात कही। इस मौके पर रेडीमेड गारमेंट ग्वालियर की सात इकाईयों और मुरैना जिले के औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा की 11 इकाईयों का भी भूमिपूजन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चंबल अब डर के नाम से नहीं बल्कि विकास के नाम से पहचाना जाता है। इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच और प्रदेश सरकार के संकल्प के कारण अनेक औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं। इन औद्योगिक इकाईयों के प्रारंभ होने से बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (वर्चुअल), जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य, विधायक गोहद श्री केशव देसाई, लहार विधायक श्री अमरीश शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह नरवरिया एवं एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमेन श्री अरुण गोयल सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिये हर संभव कार्य किया जा रहा है। इन्वेस्टर समिट व रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के माध्यम से न केवल देश बल्कि विदेशों से भी इन्वेस्टरों को आमंत्रित करने का कार्य किया गया है, जिसके सार्थक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी अनेक औद्योगिक इकाईयां स्थापित हो रही हैं, जिनके माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही किसानों के हित में भी अनेक निर्णय लिए गए हैं। चंबल – काली सिंध – पार्वती लिंक परियोजना क्षेत्र में खुशहाली लेकर आयेगी। इस परियोजना से चंबल को सर्वाधिक लाभ प्राप्त होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि चंबल क्षेत्र औद्योगिक रूप से विकसित हो रहा है। यह हम सबके लिये प्रसन्नता की बात है। औद्योगिक विकास से न केवल क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि यहां के युवाओं को बेहतर रोजगार भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से मालनपुर में एक हजार करोड रूपए के निवेश से जो नई इकाई प्रारंभ हो रही है, वह इस क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी। ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश में औद्योगिक विकास का बेहतर माहौल बना है, जिसके सार्थक परिणाम हमें सम्पूर्ण प्रदेशभर में दिखाई दे रहे हैं।  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक विकास के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के रेडीमेड गारमेंट पार्क में भी नई औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं, इससे ग्वालियर के युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सकेगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी औद्योगिक विकास की दिशा में अनुकरणीय कार्य हो रहा है। मालनपुर में एक हजार करोड रूपए की नवीन इकाई स्थापित होने से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अरुण गोयल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विशेष प्रयासों से ही मालनपुर में नई इकाई की स्थापना हो सकी है। मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। प्रदेश सरकार उद्योगों के विकास के लिये हर संभव सहयोग कर रही है। recent visitors 70

कोर्ट में पेश नहीं होने पर जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, कभी भी हो सकती हैं गिरफ्तार

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली दिग्गज एक्ट्रेस और पूर्व सांसद जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया गया है। उन पर अदालत की सुनवाई में बार-बार अनुपस्थित रहने के आरोप लगे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की अनुमति मिलने के बाद भी अभद्र टिप्पणी मामले में जया प्रदा बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश नहीं हुईं। बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एमपी सिंह की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल तारीख तय कर दी। कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अब गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर सकती है।   क्या है पूरा मामला? दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने रामपुर के कटघर क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें रामपुर के पूर्व सांसद आजम खां, मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, अब्दुल्ला आजम, फिरोज खां, आयोजक मोहम्मद आरिफ और रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर खां शामिल थे, ने भाषण दिया था। आरोप है कि इस दौरान जयाप्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई। इस पर रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने आजम खां सहित अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। जयाप्रदा के बयान दर्ज होने थे, जिसके लिए उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद वे बृहस्पतिवार को सुनवाई में शामिल नहीं हुईं।  फिलहाल, इस मामले पर जया प्रदा या उनके वकील की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि क्या वे जल्द ही कोर्ट में हाजिर होती हैं या फिर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ेगा। recent visitors 43