मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में मादा तेंदुआ की मौत, 20 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में मादा तेंदुआ की मौत, 20 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Female leopard dies at Mukundpur White Tiger Safari, breathes her last at the age of 20 मैहर। मध्यप्रदेश की शान मानी जाने वाली मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी से दुखद खबर सामने आई है। यहां संरक्षित मादा तेंदुआ ने 2 जनवरी की रात करीब 3 बजे अंतिम सांस ली। तेंदुआ की उम्र 20 वर्ष थी, जो वन्यजीवों की औसत आयु के लिहाज से काफी अधिक मानी जाती है। मुकुंदपुर सफारी का अमला यह बात दो दिन तक छिपाए रहा। सफारी प्रबंधन के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ सुस्त दिखाई दे रही थी। उसकी सक्रियता कम हो गई थी और खुराक भी सामान्य से कम हो चुकी थी। चिकित्सकीय टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उम्रजनित कमजोरी और स्वास्थ्य में गिरावट के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। तेंदुआ को वर्ष 2020 में पन्ना टाइगर रिजर्व से मुकुंदपुर सफारी लाया गया था। लंबे समय तक वह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही और सफारी के जैव-विविधता संरक्षण प्रयासों की अहम कड़ी भी मानी जाती थी। प्रबंधन ने तेंदुआ के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा। recent visitors 90

आज होगा 2026 संगीतमय वर्षाभिनंदन मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन।

Today 2026 Musical Varshabhinandan Milan Samaroh program will be organized. 2025 में बिछड़ गए साथियों का स्मरण एवं श्रद्धांजलि सभा का भी होंगा आयोजन। हरिप्रसाद गोहेआमला। रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 12 स्थित हवाई पट्टी के नीचे आज 2026 संगीतमय वर्षाभिनंदन मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन आआयोजित किया गया। समिति संरक्षक के के श्रीवास्तव ने बताया मिलन समारोह वर्ष 2026 का संगीतमय आयोजन आज रविवार शाम को आयोजित किया गया है साथ वर्ष 2025 में बिछड़ गए साथियों का स्मरण एवं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया जाना है। उन्होंने इस अवसर पर सभी ईस्ट मित्रो से कार्यक्रम स्थल पहुंच कार्यक्रम को सफ़ल बनाने अपिल की है। चंद दिनों से न मिलने पर,क्यों ये तड़प रहे हैं हम।तुमसे इतना प्यार मिला है,कैसे भूल सकेंगे हम।।आप इस वर्षाभिनंदन एवं मिलन समारोह में सभी सहपाठियों के साथ सादर आमंत्रित हैं ,पधारकर हमारी मित्रता को और प्रगाढ़ बनाकर नया आयाम देके के श्रीवास्तव आमला । recent visitors 156

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मनाई क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले जयंती, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मनाई क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले जयंती, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

Krantijyoti Savitribai Phule Jayanti celebrated at the State Congress office, paid homage by offering floral tributes भोपाल। अनुसूचित जाति विभाग के नेतृत्व में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण एवं नियुक्ति आदेश वितरण का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, पूर्व गृहमंत्री महेंद्र बौद्ध, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रकोष्ठ प्रभारी महेंद्र चौहान, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, अनुसूचित जाति सेल की प्रभारी भगवती चौधरी एवं हेमंत नरवरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जिस सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता की ऐतिहासिक लड़ाई बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दशकों पहले शुरू की थी। आज भाजपा के शासन में उसी विचारधारा और संवैधानिक मूल्यों को कुचलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राहुल गांधी पूरे देश में संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की उस लड़ाई को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले के शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार, सम्मान और अवसर पहुँचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दी गईं तथा संगठन को बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया गया। recent visitors 73

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग (CAG) ने 2019 में ही गंदे पानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पढ़ें पूरी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए। उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि गंदे पानी की वजह से जानें जाना किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ADB से कर्ज, फिर भी साफ पानी नसीब नहींनेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जल प्रबंधन के लिए 200 मिलियन डॉलर (तब करीब 906 करोड़ रुपये) का कर्ज लिया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर नागरिक को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन कर्ज लेने के करीब 15 साल बाद 2019 में आई CAG रिपोर्ट ने इस पूरे प्रोजेक्ट को असफल और भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताया। कैग (CAG) रिपोर्ट, सिस्टम फेल होने की कहानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में केवल 4 जोन और भोपाल में सिर्फ 5 जोन में रोज पानी की सप्लाई हो रही थी।दोनों शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से महज 5.30 लाख को ही नल कनेक्शन मिल सके। इपलाइन लीकेज की शिकायतों पर नगर निगम 22 से 182 दिन तक लगाता रहा। 2013 से 2018 के बीच लिए गए 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए, लेकिन इन पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लाखों लोगों तक पहुंचा गंदा पानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की स्वतंत्र जांच में 54 में से 10 पानी के नमूने दूषित पाए गए, जिनमें गंदगी और मल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद था। इसके चलते भोपाल के 3.62 लाख और इंदौर के 5.33 लाख कुल 8.95 लाख लोगों को गंदा पानी सप्लाई हुआ। इसी अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले दर्ज किए। पानी गायब, जवाबदेही नदारदनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गैर-राजस्व पानी (Non-Revenue Water) 30 से 70 प्रतिशत तक है, यानी इतना पानी कहां जा रहा है—किसी को पता नहीं। नियमित जल ऑडिट नहीं होने से बर्बादी और चोरी पर लगाम नहीं लग पाई। इसके अलावा दोनों शहरों में पानी के टैरिफ की वसूली भी नहीं हो सकी और नगर निगम पर 470 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ गया। जरूरत से बहुत कम पानी मिल रहानेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG के मुताबिक, भोपाल में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 9 से 20 लीटर और इंदौर में 36 से 62 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, जो तय मानकों से काफी कम है। वहीं, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई भी नहीं की जा रही थी। सरकार बिना मौत के नहीं जागतीउमंग सिंघार ने कहा कि CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न व्यवस्था सुधारी गई। अब जब इंदौर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, तब सरकार हरकत में आई है।उन्होंने सवाल उठाया जब रिपोर्ट पहले से थी, चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं किए गए? क्या सरकार हर बार त्रासदी के बाद ही जागेगी? recent visitors 118

हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे: प्रवीण मांगरिया 

 We have to unite and protect the Constitution, otherwise we will be deprived of our rights: Praveen Mangariya  भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद का सामाजिक समरसता सम्मेलन 28 दिसंबर को राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में समकालीन मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में आनंद जमधाड़े को भोपाल जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह वट्टी की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया, महासचिव मूलचंद नागले, राष्ट्रीय महासचिव एआर सिंह, आर प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा निराला, किरण अहिरवार, एसआर बौद्ध, प्रवीण बौद्ध, सुनील बोरसे, जिला अध्यक्ष आनंद जमधाडे, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मेश्राम, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हरीश और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेशभर से प्रबुद्धजन व समाजसेवी शामिल हुए। सम्मेलन के समापन उपरांत राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र श्यामला हिल्स टीआई को सौंपा गया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा कि आज समाज विभिन्न वर्गों व संगठनों में बटा हुआ है। हालांकि सभी का उद्देश्य एक ही है कि संविधान की रक्षा और उसके अधिकारों का लोकतंत्र में पालन हो। उन्होंने कहा कि समाज अगर आवाज नहीं उठाएगा, अपनी ताकत नहीं दिखाएगा तो वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा जैसे हम सब प्रताड़ित होते रहेंगे। हमारे अधिकार और बोलने की आजादी पर पावंदी लगाई जा रही है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता संकुचित हो रही है। सबसे ज्यादा कमजोर कड़ी हमारे युवा हैं। उनके समाजहित में आगे आना होगा, तभी समाज सुरक्षित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे।  वहीं प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी ने कहा कि अब हम संघर्ष के लिए मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब जहां भी प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय, अत्याचार होता है, तो हम पूरी ताकत के साथ उसका का मुकाबला और संघर्ष करेंगे। बाबा साहब ने जो संविधान दिया है, उसे सुरक्षित और सम्मान देना हमारा कर्तव्य है, जो हम करेंगे।    इंजी. एआर सिंह ने कहा कि  सामाजिक चेतना के लिए यह मंच मिल का पत्थर साबित होगा। सामाजिक न्याय किसे चाहिए, जो वंचित और शोषित वर्ग है उसे न्याय की दरकार है। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं हुए, तो समाज और निचले स्तर पर चला जाएगा। जब तक समाज का विकास नहीं होता, तब तक हम देश का विकास नहीं मान सकते हैं। बाबा साहब का आंदोलन सफल है। जब बाबा साहब का आंदोलन चल रहा था, तब ब्रिटिश सरकार थी। उस सरकार में बाबा साहब ने समाज की बात रखी और ब्रिटिश सरकार को उनकी बात मानना पड़ी, जिसकी बदौलत हमें अधिकार मिले। उस समय बाबा साहब को लगा कि पूरा देश हमारा स्वागत करेगा, लेकिन कुछ विरोधियों ने  उनका विरोध किया। इसके बाद पूना समझौता हुआ और हमें आरक्षण मिला। उस दौर की सरकार ने भरोसा किया और बाबा साहब को संविधान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। बाबा साहब ने संविधान बनाया, जो आज देश के साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।  उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंद कर दी गई हैं। प्रदेश में 6 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख पद भरे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख पद बैकलॉग के खाली हैं। अब सरकार ने नौकरी खत्म कर दी और ठेकेदार प्रथा चालू कर दी। इससे हमारे वर्गों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। ठेकेदारी प्रथा आने से सरकारी नौकरी में धीरे-धीरे आरक्षण खत्म हो रहा है। यानि आरक्षण समाप्ति की ओर है। सरकार के सभी संसाधन और नौकरी प्राइवेट पर दी जा रही हैं। प्रदेश में सामाजिक स्तर की बात करें तो आए दिन समाज पर अत्याचार, अन्याय की खबरें आ रहीं हैं। 18 जनवरी को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन होना है। उसमें सभी संगठन आगे आएं और विरोध  दर्ज कराएं।   सीमा निराला ने कहा कि वहीं अंध विश्वास जोर पकड़ रहा है। रोज नए बाबा पैदा हो रहे हैं।  उनके जरिए हमारे समाज को गुमराह किया जा रहा है। मेरा इतना कहना कि देश में दो विचार चल रही है। पहली वह जो संविधान में भरोसा करती है. दूसरी वह जो मनुवादी व्यवस्था पर चलती है। अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया है कि जहां भी हमारे समाज में अंधविश्वास व अन्याय, शोषण की घटनाएं हों तो हम सभी को पुरजोर विरोध न्याय मिलने तक करना है।  राजस्थान के अध्यक्ष ने निजीकरण, ईवीएम, नौकरी में ठेकेदारी का विरोध करने पर जोर दिया है। हम संख्या में 85 फीसदी होने के बाद भी हम परेशान क्यों है, इसकी वजह है, क्योंकि हम व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए। कांशीराम साहब ने समझा। उन्होंने कहा था कि जो बहुजन की बात करेगा, वही दिल्ली पर राज करेगा। उससे समाज में काफी राजनैतिक भागीदारी बड़ी है। हमें समझना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे है। सामाजिक न्याय की बात करें तो कोई बड़ा उद्योगपति हमारे समाज से नहीं है। राजनीति, सामाजिक चेतना विकसित करना है। महिलाओं को जगाने की बहुत जरूरत है। recent visitors 83

भाजपा पार्षद पर रेप करने का सनसनी खुलासा , महिला बोली- वीडियो बनाकर वायरल करने की दे रहा धमकी

Sensational revelation of rape by BJP councilor, woman says he is threatening to make a video and make it viral सतना। नगर परिषद रामपुर बाघेलान के भाजपा पार्षद अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए और थाना प्रभारी रामपुर बाघेलान के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद के खिलाफ एसपी को आवेदन देकर महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने बताया कि उसने 22 दिसंबर को एसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। छह महीने पहले किया दुष्कर्ममहिला ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि करीब छह माह पहले आरोपी पार्षद ने उसके साथ गलत काम किया था और उसी दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। अब वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उस पर दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार, आरोपी उसकी दुकान पर आकर आए दिन उसे अपमानित करता है और धमकाता है कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सार्वजनिक कर देगा। क्या पुलिस लेगी एक्शनमहिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर कानून-व्यवस्था चुनौती देने वाले पार्षद के खिलाफ क्या पुलिस प्रशासन कोई एक्शन लेगा। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं। recent visitors 92

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

Aam Aadmi Party official Engineer Naveen Kumar Agarwal made the allegation नगरपालिका की निष्क्रियता के कारन पेड़ो की अवैध कटाई चरम पर नीमच। एक और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारी एवं सत्तापक्ष प्रचार-प्रसार पर एक पेड़ मां के नाम से करोड़ो रूपये खर्च कर अखबारों की सुर्खिया बटोरते है। दूसरी ओर विकास के नाम पर सेंकडो पेड़ मात्र नगरपालिका की घोर लापरवाही के चलते ग्रीन बेल्टों में सड़क निर्माण से बहार होने पर भी काट जा रहे है। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी एवं एमपीआरडीसी के इंजीनियर भी चिर निंद्रा में सो रहे है। लगता है जैसे एमपीआरडीसी के अधिकारियो कर्मचारियों को मात्र भुगतान के दिन से मतलब है। चाहे ठेकेदार पर्यावरण का कितना भी नुकसान करे उसे कोई मतलब नहीं उक्त कटाक्ष करते हुए आम आदमी पार्टी के इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने नगरपालिका एवं एमपीआरडीसी पर तंज कसा है। अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में डूंगलावदा फंटे से लेकर भाटखेड़ा फंटे तक सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमे ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। सड़क निर्माण में आने वाली जगह के अलावा भी वर्षो पुराने पेड़ो की अंधाधुंध कटाई कर पर्वावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। फिर भी आज तक कभी भी किसी भी इंजीनियर को सड़क निर्माण के दौरान निर्माण स्थल पर नहीं देखा गया है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से जंहा देखो वंहा पेड़ो की अवैध कटाई कर रहा है और पर्यावरण को असंतुलित कर रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगरपलिका क्षेत्र में भी पेड़ो की कटाई हो रही है और नगरपालिका मूकदर्शक बन तमाशा देख रही है। न ही नगरपालिका के जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ो की अवैध कटाई पर संज्ञान ले रहे है जिससे लगता है की ठेकेदार, एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका पूर्णरूपेण गठजोड़ बनाकर उक्त सड़क का निर्माण कर पेड़ो की बलि दे रही है। अग्रवाल ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम और हजारो पेड़ एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका के संरक्षण के चलते ठेकेदार के नाम कर दिए गए है। जिसके कारन ठेकेदार सड़क निर्माण में न आने वाले पेड़ो की भी अवैध कटाई कर रहा है और कटे गए पेड़ो की लकडिया कहा गईं, वो किसी को मालूम नहीं। सिर्फ दिखावे के लिए कुछ लकडिया सड़क किनारे दिखाई दे रही है बाकि सब की सब भ्रस्टाचार की भें चढ़ गई है? नगरपलिका क्षेत्र में मेस्सी फर्गुसन चौराहे पर देखा जा सकता है। जंहा रोड निर्माण के दौरान सड़क निर्माण में न आने पर भी दस दस फ़ीट दूर टेक के वृक्षों को काट दिया गया है। इस अवैध कटाई के फोटो देखकर आप अंदाजा लगा सकते है की किस प्रकार से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। क्या नगरपालिका, प्रशासनिक अधिकारी एवं एमपीआरडीसी इस और संज्ञान लेंगी या ठेकेदार की मनमर्जी चलती रहेंगी और पेड़ो की अवैध कटाई जारी रहेंगी ? recent visitors 68