दामोदर यादव- रामेश्वर शर्मा मेरे लायक नहीं…विजयवर्गीय का मानसिक संतुलन बिगड़ गया, बागेश्वर बाबा को भी नहीं छोड़ा

Damodar Yadav: Rameshwar Sharma is not up to my level… Vijayvargiya has lost his mental balance; he didn’t even spare Bageshwar Baba. भोपाल । अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने अब BJP के दो वरिष्ठ नेताओं को लेकर टिप्पणी की है। रामेश्वर शर्मा को लेकर सवाल पूछे जाने पर यादव ने कहा कि वे उनके लायक नहीं हैं, इसलिए वह उनके बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। इसके बाद उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के बयानों को लेकर भी टिप्पणी की। यादव ने आरोप लगाया कि विजयवर्गीय का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, इसलिए वे जब—तब विवादित बयान देते रहते हैं। इसके पहले दामोदर यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की बुंदेलखंड में पदयात्रा को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था, यदि धीरेंद्र शास्त्री यात्रा निकालते हैं तो वे भी उनके पीछे-पीछे अपनी यात्रा निकालकर लोगों को ऐसे बाबाओं से सावधान करेंगे। बाबाओं के बयानों पर भी दामोदर यादव की टिप्पणीदामोदर यादव पिछले कुछ समय से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज को लेकर भी बयान देते रहे हैं। सितंबर में दतिया में दिए गए उनके बयानों के बाद गुरुशरण महाराज की ओर से भी पलटवार सामने आया था। इससे पहले भी यादव बागेश्वर धाम और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर सार्वजनिक मंचों से टिप्पणी कर चुके हैं। मार्च 2026 में हरदा के एक कार्यक्रम में उनके बागेश्वर बाबा और प्रदीप मिश्रा को लेकर दिए गए बयान भी चर्चा में रहे थे। बयानबाजी के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचलरामेश्वर शर्मा को लेकर दामोदर यादव की सीधी टिप्पणीकैलाश विजयवर्गीय के बयानों पर भी साधा निशानाबागेश्वर धाम और पंडोखर धाम को लेकर पहले से चल रही बयानबाजीदामोदर यादव के बयानों पर संतों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैंदतिया से जुड़ी है दामोदर यादव की राजनीतिदामोदर यादव आजाद समाज पार्टी से जुड़े नेता हैं और दतिया क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। हालिया बयानों में उनका फोकस राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ धार्मिक कथावाचकों और संतों पर भी दिखाई दे रहा है। recent visitors 22

प्रियंका गांधी- ‘देशद्रोह के लिए ज्ञानेश कुमार पर चले आपराधिक मुकदमा’, SIR विवाद पर साधा निशाना

Priyanka Gandhi targets Gyanesh Kumar over the ‘SIR’ controversy: ‘Criminal case should be filed against him for sedition.’ नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ और वोटरों के नाम हटाने के लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं तो उन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े फैसलों और आदेशों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। ‘अगर ऐसा किया है तो ये एक आपराधिक कृत्य है’केरल के वायनाड में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “जो कोई भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के खिलाफ देशद्रोह करता है। हमारा रुख बिल्कुल साफ है। मुझे नहीं लगता कि उस पद पर बैठे किसी व्यक्ति को उस तरह का कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए जैसा उन्हें मिला हुआ है। अगर उन्होंने गैर-कानूनी काम किए हैं क्योंकि वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना, 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाना तो मेरा मानना है कि लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक कृत्य है।” कांग्रेस सांसद ने कहा, “चूंकि आपराधिक कृत्य एक खास कानून के दायरे में आते हैं और ऐसे काम करने वाले लोगों पर आम तौर पर मुकदमा चलाया जाता है और उन्हें सजा दी जाती है। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि चुनाव आयुक्त को इससे कोई संरक्षण क्यों मिलना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “अगर उन्होंने कोई गैर-कानूनी काम किया है तो उन्हें पूरी तरह पता था कि यह सब उनकी नाक के नीचे हो रहा है। उनके सहयोगियों ने इस ओर उनका ध्यान दिलाया था। उन्होंने इसे नजरअंदाज किया और जानबूझकर एक अनुचित चुनाव होने दिया। उन पर किसी भी दूसरे अपराधी की तरह आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।” ‘दागदार चुनावी प्रक्रिया’कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ज्ञानेश कुमार पर नए सिरे से हमला किया है। उन्होंने ECINet सॉफ्टवेयर और वोटर लिस्ट के एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। रमेश ने कहा कि कई रिपोर्टों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से समझौता-शुदा और दागदार हो गई है। उन्होंने कहा, “कल एक बड़े राष्ट्रीय अखबार में हुए सनसनीखेज खुलासों से यह बात सामने आई कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग की ईमानदारी, विश्वसनीयता और क्षमता को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है।” रमेश ने आरोप लगाया कि गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने सात दिनों में आठ बार चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उन वैध मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की, जिन्हें ECINet सॉफ्टवेयर द्वारा हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (EROs) ने पुष्टि की थी कि मतदाता वैध थे, लेकिन उनके ईमेल को नजरअंदाज कर दिया गया और नाम हटा दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि फ़ॉर्म 6 के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया को और अधिक कठिन बना दिया गया है और दावा किया कि युवा मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए जेन जी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। recent visitors 31

MP: कागजों में पॉलीहाउस बनाकर 7.80 करोड़ का लोन, निर्माण हुआ नहीं; फर्जीवाड़ा कर रकम निकाली

MP: Loan of ₹7.80 crore obtained for polyhouses that existed only on paper; no construction took place; funds siphoned off through fraud. इंदौर। कागजों में पॉलीहाउस बनाकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने निजी फर्म के साझेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। आरोपितों द्वारा संगठित रूप से मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की खरगोन शाखा से जुड़े 33 ऋण प्रकरणों और सात करोड़ 80 लाख 85 हजार रुपये का है। जांच में बैंक अधिकारियों, निजी फर्मों और उनके साझेदारों के बीच मिलीभगत का आरोप भी सामने आया है। ईओडब्ल्यू एसपी रामेश्वर यादव के अनुसार एवीआईडी एग्रीकल्चर साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को पांच पॉलीहाउस बनाने थे, लेकिन दो का भी निर्माण नहीं किया गया। इसके बावजूद पांचों के कूटरचित कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र तैयार कर बैंक से भुगतान प्राप्त करने का आरोप है। इसी तरह किसान एग्रो को 20 पॉलीहाउस बनाने थे। आरोप है कि बिना निर्माण कराए सभी 20 के कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र तैयार किए गए और डीसीसी बैंकिंग चैनल के माध्यम से भुगतान ले लिया गया। सिरांश टेक्नो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को आठ पॉलीहाउस बनाने के लिए एजेंसी के रूप में तय किया गया था। जांच में आरोप है कि यहां भी निर्माण के बिना कूटरचित प्रमाणपत्र तैयार कर भुगतान हासिल किया गया। कहीं लोन से पहले तो कहीं भुगतान वाले दिन प्रमाणपत्रजांच में ईओडब्ल्यू को सभी कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र प्रथम दृष्टया कूटरचित मिले। सबसे अहम तथ्य यह सामने आया कि 33 में से तीन मामलों में जिस दिन लोन राशि का भुगतान हुआ, उसी दिन कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर दिया गया। 12 मामलों में भुगतान की तारीख से पहले ही प्रमाणपत्र तैयार था, जबकि 16 प्रकरणों में लोन स्वीकृत होने की तारीख से भी पहले कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र बना हुआ था। ईओडब्ल्यू के मुताबिक किसानों का भरोसा हासिल कर उनसे भूमि संबंधी दस्तावेज लिए गए। फिर उनके नाम पर ऋण स्वीकृत कर निजी फर्मों को राशि का भुगतान कराया गया। जांच में इसे किसानों और बैंक के साथ धोखाधड़ी का हिस्सा माना गया है। जांच में ग्राम भीलगांव, तहसील कसरावद, खरगोन निवासी नारायण सिंह पुत्र मानसिंह तंवर का प्रकरण भी सामने आया। उसकी कृषि भूमि बैंक आफ बड़ौदा की खरगोन शाखा में पहले से बंधक थी। इसके बावजूद बैंक की सहमति और एनओसी लिए बिना उसी जमीन को दोबारा बंधक रखकर सात दिसंबर 2015 को 1.90 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट ऋण स्वीकृत किए जाने का आरोप है। ईओडब्ल्यू के अनुसार नारायण सिंह, राजेंद्रसिंह तंवर, नितिन गांवशिंदे और तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक केके सरवटे ने आपस में साजिश कर बैंक में बंधक संपत्ति का बंटांकन कराकर उसका लैंड यूज परिवर्तन कराया और फिर उसी बैंक में दोबारा बंधक रख दिया। इस प्रकरण में बैंक को 1.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आर्थिक क्षति का आरोप है। इस तरह 7.80 करोड़ रुपये के पॉलीहाउस ऋण और कथित कूटरचित पुनर्बंधक से 1.90 करोड़ रुपये, यानी कुल नौ करोड़ 70 लाख 85 हजार रुपये की बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप एफआईआर में लगाया गया है। इन पर एफआईआरईओडब्ल्यू ने राज इको फार्म्स व उसके साझेदार राजेंद्रसिंह तंवर और नितिन गांवशिंदे, सिरांश टेक्नो इंडिया प्रालि के डायरेक्टर सौरभ दुबे, किसान एग्रो के साझेदार नरेंद्र पंवार, एवीआइडी एग्रीकल्चर साल्यूशन प्रालि के डायरेक्टर बजपालसिंह चौधरी व अविनाश पाटीदार, नारायणसिंह तंवर, तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक केके सरवटे, ऋण प्रबंधक शुभम सोहनी, तत्कालीन बैंक अधिकारी चंद्रशेखर राठौड़ सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। recent visitors 24

जबलपुर के गणेश पंडाल का कथित अश्लील डांस वीडियो वायरल, हिंदू धर्म सेना ने उठाए सवाल

Video of alleged obscene dance at a Jabalpur Ganesh pandal goes viral; Hindu Dharma Sena raises questions. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर में सोशल मीडिया पर गणेश पांडाल में कुछ युवकों द्वारा अश्लील डांस किए जाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो शुभम बैरागी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस कथित पोस्ट और वीडियो को लेकर हिंदू धर्म सेना ने पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया गया कि शुभम बैरागी नामक व्यक्ति की सोशल मीडिया आईडी से संबंधित यह वीडियो शेयर करने की जानकारी सामने आई है। मामला गौर चौकी के पास गणेश प्रतिमा पंडाल में कथित अश्लील डांस का वीडियो वायरल होने का है। पंडाल में फिल्मी गानों पर आपत्तिजनक डांस और कथित अश्लील गानों के वीडियो ने हिंदू संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएसंगठन ने पुलिस से सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की सत्यता, संदर्भ तथा डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में यदि धार्मिक भावनाओं को आहत करने या किसी कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। recent visitors 69

MP: नल-जल योजना घोटाला, 3.85 करोड़ भुगतान के बाद भी टंकी टूटी, घरों तक नहीं पहुंची पाइपलाइन

MP: Tap-water scheme scam—tank collapsed despite ₹3.85 crore payment; pipeline did not reach households. मऊगंज । बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले में नल-जल योजना में हुए भ्रष्टाचार के मामले में, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। नल-जल योजना के काम में अनियमितता और गुणवत्ताविहीन निर्माण के आरोप में, तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि काम पूरा किए बिना ही, ठेकेदार को करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपये का पूरा भुगतान कर दिया गया। नईगढ़ी तहसील के खटखरी गांव में नई बनी पानी की टंकी, पहली बार पानी भरने के दौरान ही ढह गई। ईओडब्ल्यू की जांच में टंकी के निर्माण से जुड़े काम की गुणवत्ता पर भी सवाल सामने आए। पूरा मामला मऊगंज जिले का है, जहां के नईगढ़ी विकासखंड में वर्ष 2021 में, जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए गए नल-जल योजना के कार्यों से जुड़ा है। योजना के तहत विभिन्न गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और हर घर नल कनेक्शन देने का काम कराया जाना था।ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये की राशि का भुगतान किया गया, लेकिन जांच में कई जगह काम अधूरा और गुणवत्ताविहीन पाया गया। नईगढ़ी तहसील के खटखरी गांव में बनाई गई पानी की टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही टूटकर गिर गई। वहीं करीब 4400 मीटर पाइपलाइन बिछाने और 315 घरेलू नल कनेक्शन देने का प्रावधान था, लेकिन आरोप है कि पाइपलाइन गांव के बाहर तक ही बिछाई गई और कई घरों के अंदर नल फिटिंग नहीं की गई। इसके अलावा जुड़मनिया रघुनाथ, खटखरी, करह उर्फ खैरगढ़ और शिवराजपुर गांवों में भी जल प्रदाय से जुड़े कई काम अधूरे या गुणवत्ताविहीन पाए जाने की बात सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि करह गांव में पांच मोटर पंप लगाए जाने का दावा था, लेकिन मौके पर एक ही सबमर्सिबल मोटर मिली और कई घरों में नल फिटिंग नहीं पाई गई। शिवराजपुर में ओवरहेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण भी अधूरा मिला। इन अनियमितताओं के बावजूद ठेकेदार को भुगतान किए जाने का आरोप है। मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, जेपी दिवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री, संजय पांडेय, तत्कालीन उपयंत्री एपी तिवारी और संबंधित ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है, जिनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में संशोधन अधिनियम 2018 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। अब ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आना बाकी है कि नल-जल योजना में, अनियमितता कैसे हुई और भुगतान की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही। recent visitors 16

यूरिया के बढ़ते इस्तेमाल से फसल पर असर, नाइट्रोजन की अधिक मात्रा से पौधे कमजोर, कीट-रोग का बढ़ता खतरा

Impact of rising urea usage on crops: excess nitrogen weakens plants and increases the risk of pests and diseases. खंडवा । कृषि विभाग ने हाल में किए विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। विभाग के अनुसार नाइट्रोजन की अधिक मात्रा मिलने से पौधे कोमल और रसीले हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में माहू और थ्रिप्स जैसे रस चूसक कीटों के साथ फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। पौधे की वानस्पतिक अवस्था भी लंबी हो जाती है, जिससे फसल देर से पकती है और दानों के भराव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विभाग किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह देगा। डीएपी के विकल्प भी बताएगा विभाग रबी और खरीफ की बोवनी के समय डीएपी की मांग बढ़ने से बाजार में इसकी आपूर्ति पर दबाव रहता है। कृषि विभाग किसानों को केवल डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध वैकल्पिक उर्वरक संयोजनों के उपयोग की जानकारी देगा। विभाग के अनुसार यूरिया के साथ टीएमपी या एमएसपी जैसे विकल्पों का उपयोग करने पर प्रति एकड़ लागत डीएपी के आसपास या कम रह सकती है। इन विकल्पों से फसल को सल्फर और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं। शिविरों में किसानों को इन उर्वरकों के सही अनुपात और उपयोग की विधि की जानकारी दी जाएगी। एनपीके की संतुलित मात्रा देना जरूरी कृषि उपसंचालक सीएल केवड़ा ने बताया कि फसल की आवश्यकता के अनुसार एनपीके की संतुलित मात्रा देना जरूरी है। किसानों को बुआई के समय बेसल डोज में फास्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों की 100 प्रतिशत तथा नाइट्रोजन की 25 से 50 प्रतिशत मात्रा देने की सलाह दी जाएगी। नाइट्रोजन की शेष मात्रा फसल की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग अवस्थाओं में देने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। इस संबंध में जिले के सभी कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। recent visitors 18

राहुल चौधरी बने भीम आर्मी भारत एकता मिशन संभाग जबलपुर के संभाग महासचिव

Rahul Chaudhary became the divisional general secretary of Bhim Army Bharat Ekta Mission Division Jabalpur. जबलपुर। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने संगठनात्मक विस्तार के तहत संभाग जबलपुर की संभागीय कार्यकारिणी का गठन करते हुए पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी क्रम में राहुल चौधरी जी को संभाग महासचिव एवं सह प्रभारी, जबलपुर नियुक्त किया गया है।संगठन की ओर से जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार यह नियुक्ति 14 सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक भीम आर्मी/BAM/JBP/10/2026 के तहत की गई है। आदेश में राहुल चौधरी को संभाग महासचिव के साथ सह प्रभारी, जबलपुर की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन विस्तार और सामाजिक मिशन को मजबूती देने की जिम्मेदारीनियुक्ति आदेश में कहा गया है कि सभी नियुक्त पदाधिकारी संगठन के संविधान, अनुशासन एवं प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए संगठन के विस्तार तथा सामाजिक मिशन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।राहुल चौधरी की नियुक्ति को जबलपुर संभाग में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। नई जिम्मेदारी के तहत संगठन से जुड़े कार्यों के संचालन, समन्वय और विस्तार में उनकी भूमिका रहेगी।संगठन में नई जिम्मेदारी पर जोरआदेश में नियुक्त पदाधिकारी से संगठनात्मक अनुशासन का पालन करते हुए सामाजिक मिशन और संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई है। राहुल चौधरी को मिली नई जिम्मेदारी के साथ अब जबलपुर संभाग में संगठन की गतिविधियों और कार्यकारिणी के समन्वय पर ध्यान रहेगा। recent visitors 88