एक आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है: जयशंकर का पाकिस्तानी रिपोर्टर को जवाब,,

A terrorist nation is asking me this question: Jaishankar’s reply to a Pakistani reporter. नई दिल्ली । फॉरेन मिनिस्टर एस जयशंकर ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के एक रिपोर्टर को आतंकवाद पर करारा जवाब दिया। पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को स्पॉन्सर करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया था। इस पर जयशंकर ने कहा– एक आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है? कम ऑन। जयशंकर का यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि एक दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से इंडियन रिपोर्टर ने भी टेररिज्म और आतंकी हाफिज सईद को लेकर सवाल किया था। हालांकि, शाहबाज ने चुप्पी साध ली थी और हाथ हिलाते हुए वहां से निकल गए थे। पाक रिपोर्टर ने बीच में पूछा सवालदरअसल, जयशंकर न्यूयॉर्क स्थित यूनाइटेड नेशंस हेडक्वार्टर में लाइबेरिया की फॉरेन मिनिस्टर सारा बेसोलो न्यांती के साथ प्रेस के सवालों का जवाब दे रहे थे। यह ब्रीफिंग समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स को लेकर थी। ऑर्गेनाइजर्स ने पहले ही कह दिया था कि ब्रीफिंग में केवल स्टेटमेंट दिए जाएंगे और सवाल-जवाब नहीं होंगे। ब्रीफिंग खत्म होने वाली थी, तभी पाकिस्तानी रिपोर्टर ने खड़े होकर जयशंकर से पूछा- आपकी सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को स्पॉन्सर करना कब बंद करेगी? इस पर जयशंकर ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा- एक आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है? कम ऑन। इसके बाद UN में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव पी हरीश ने रिपोर्टर से कहा- आपको अपना जवाब मिल गया है। भारत पर आरोप लगाकर खुद घिरा पाकिस्तानपाकिस्तानी रिपोर्टर ने अपने सवाल के जरिए भारत को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड उसके आरोपों पर भारी पड़ गया। भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी स्टेट पॉलिसी के टूल की तरह इस्तेमाल करता है। भारत का आरोप है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने, ट्रेनिंग और फंडिंग मिलती रही है। recent visitors 21

उपचुनाव का प्रचार तेज: जयवर्धन सिंह ने भाजपा को घेरा, 5 गुटों में बंटी पार्टी बताया, बोले- नतीजे 2028-2029 की दिशा करेंगे तय

By-election campaigning intensifies: Jaivardhan Singh targets the BJP, describing the party as divided into five factions, and states that the results will determine the direction for 2028–2029. आगर मालवा। सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर चुनावी प्रचार तेज हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु पाटीदार के समर्थन में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर कई आरोप लगाए और कहा कि सुसनेर का चुनाव सिर्फ नगर परिषद अध्यक्ष चुनने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, इस चुनाव के नतीजों का असर 2028 और 2029 के चुनावों की दिशा पर भी पड़ सकता है। ‘सिर्फ परिषद अध्यक्ष का चुनाव नहीं’जयवर्धन सिंह ने सभा में कहा, “चुनाव के पहले आपके सामने चार विधायक खड़े हैं, क्योंकि बात सिर्फ परिषद अध्यक्ष की नहीं है। एक-एक चुनाव का परिणाम 2028 और 2029 के चुनाव को तय करेगा।” उन्होंने दतिया चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां बीजेपी ने करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन परिणाम में बीजेपी के धनबल की हार और कांग्रेस के जनबल की जीत हुई। 40 करोड़ रुपये खर्च होने का यह दावा जयवर्धन सिंह के बयान पर आधारित है। बीजेपी में गुटबाजी का लगाया आरोपजयवर्धन सिंह ने बीजेपी पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी एक नहीं बल्कि पांच गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा, “एक मामा की बीजेपी है, एक मोहन यादव जी की बीजेपी, एक सिंधिया जी की बीजेपी, एक नाराज बीजेपी और एक महाराज बीजेपी है, जबकि कांग्रेस एक है।” वोटर लिस्ट को लेकर भी लगाए आरोपकांग्रेस नेता ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोगों के नाम जोड़ने का फैसला आगर या भोपाल में नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहीं यह तय किया जा रहा है कि किसे वोट करना है और किसे नहीं। मतदाता सूची को लेकर लगाए गए इन आरोपों के संबंध में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है। 29 सितंबर को होना है मतदानसुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान होना है। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतगणना 3 अक्टूबर को होगी। सुसनेर का चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है, जबकि राज्य के कई अन्य नगरीय निकायों के उपचुनाव स्थगित किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने विष्णु पाटीदार को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि बीजेपी की ओर से प्रदीप सोनी चुनाव मैदान में हैं। recent visitors 25

जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक ही गलती दो बार, एमए अंग्रेजी परीक्षा में फिर थमा दिया गलत पेपर

Same mistake repeated at Jabalpur’s Rani Durgavati University: wrong paper handed out again in the MA English exam. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही का मामला लगातार दूसरी परीक्षा में सामने आया है। एमए अंग्रेजी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को 24 सितंबर को ‘क्रिटिकल थ्योरी’ के पेपर में तृतीय सेमेस्टर का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। इसके बाद 26 सितंबर को ‘इंग्लिश लैंग्वेज’ की परीक्षा में भी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को तृतीय सेमेस्टर का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। पहली परीक्षा में हुई गलती की जानकारी विद्यार्थियों ने लिखित आवेदन के माध्यम से दी थी, इसके बावजूद अगली परीक्षा में भी वही चूक दोहरा दी गई। नाराज विद्यार्थियों ने शनिवार को दोबारा आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पहली गलती के बाद भी नहीं संभली व्यवस्थाएमए अंग्रेजी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 24 सितंबर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू हुई थी। पहले पेपर ‘क्रिटिकल थ्योरी’ में परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को जो प्रश्नपत्र वितरित किया गया, उसमें तृतीय सेमेस्टर का प्रश्नपत्र होने की बात सामने आई। विद्यार्थियों ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई और विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर पूरी स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि अगली परीक्षा में प्रश्नपत्रों की जांच कर ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। लेकिन 26 सितंबर को आयोजित ‘इंग्लिश लैंग्वेज’ की परीक्षा में भी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को तृतीय सेमेस्टर का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। दो परीक्षाओं में एक जैसी चूक से उठे सवाललगातार दो परीक्षाओं में प्रश्नपत्र के सेमेस्टर की एक जैसी गलती सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि पहली परीक्षा में हुई त्रुटि की जानकारी उसी दिन लिखित रूप से दे दी गई थी। इसके बावजूद अगली परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सेमेस्टरवार जांच नहीं हो सकी। विद्यार्थियों ने 26 सितंबर को दोबारा आवेदन देकर मामले की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी और परीक्षा संबंधी त्रुटि के निराकरण के साथ जिम्मेदारी तय करने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा की तारीख, विषय और सेमेस्टर पहले से निर्धारित हैं। इसके बावजूद लगातार दो पेपर में गलत सेमेस्टर का प्रश्नपत्र पहुंचना सामान्य चूक नहीं मानी जा सकती। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति से विद्यार्थियों के समय, तैयारी और परीक्षा परिणाम को लेकर अनिश्चितता पैदा होती है। recent visitors 24

राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव के बाद नवीन शुक्ला ने अधिवक्ता साथियों से की मुलाकात, बताईं प्राथमिकताएं

After the State Bar Council elections, Naveen Shukla met with fellow advocates and outlined his priorities. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद एडवोकेट नवीन शुक्ला जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ता साथियों से मुलाकात कर चुनाव के दौरान मिले समर्थन, स्नेह और आशीर्वाद के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नवीन शुक्ला का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता साथियों का प्यार और विश्वास उनके लिए उत्साह और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ाने वाला है। नवीन शुक्ला ने अधिवक्ताओं से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू कराने, मृत्यु दावों का 30 दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित कराने और वकील पेंशन योजना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समुदाय की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर लगातार प्रयास किए जाएंगे। चुनाव के बाद अधिवक्ताओं से हुई इस मुलाकात को उन्होंने सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर बताया। recent visitors 16

एमपी में बेखौफ अपराधी …थाने से निकलते ही चाचा-भतीजों को कार से उड़ाया, फिर सरिया व बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर किया अधमरा

Unafraid criminals in MP… Uncle and nephews were run over by a car as they left the police station, then beaten to death with iron rods and baseball bats. मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अपराधी बेलगाम होते जा रहे हैं। आए दिन फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीती रात कोतवाली के ठीक सामने ऐसी घटना हुई, जिससे लगता है कि बदमाशों में पुलिस का कोई भय नहीं बचा। हुआ यूं, कि थाने से एफआईआर करके निकले दो सगे भाई व उनके चाचा पर आरोपियों ने कार चढ़ाई। उसके बाद सरिया, बेसबाल के डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। घायलों में से दो की हालत नाजुक है। पुलिस ने चार लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। इरफान का विवाद पड़ोसी नदीम से हो गया इस्लामपुरा की मस्जिद वाली गली, काजी कुआं के पास रहने वाले इरफान पुत्र जफर कुरैशी का विवाद अपने ही पड़ोसी नदीम कुरैशी से हो गया, जिसमें चार लोगों ने मिलकर इरफान और उसके छोटे भाई गुलफाम की मारपीट कर दी। इसी झगड़े की एफआईआर करवाने के लिए इरफान खान अपने बड़े भाई वकील कुरैशी व चाचा नवाब कुरैशी के साथ गुरुवार रात में कोतवाली थाने आया। किआ कार से बाइक सवारों को मारी टक्कर रात 11 बजे एफआईआर दर्ज हुई, इसके बाद इरफान अपने भाई व चाचा को मोटरसाइकल पर बैठाकर घर की ओर रवाना हुआ। कोतवाली से निकलकर जैसे ही बाइक एमएस रोड पर संग्रहालय के पास आई, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई किआ कार क्रमांक यूपी 80 जीए 1856 आई, जिसने बाइक को टक्कर मारी। टक्कर के कारण इरफान, वकील और नवाब सड़क पर गिरे। इसके बाद कार चला रहे सोहिल कुरैशी ने बाइक सहित तीनों पर कार चढ़ा दी। आरोपियों का आतंक यहीं खत्म नहीं हुआ। कार से नदीम कुरैशी, सोहिल कुरैशी, भूरा कुरैशी, मनुआ कुरैशी उतरकर आए। सरिया, बेसबाल के डंडे व लाठी से लैस से हमलावार सभी के हाथ में सरिया, बेसबाल के डंडे व लाठी थीं। चारों ने सड़क पर पहले से घायल पड़े चाचा-भतीजों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। यह आतंक करीब 15 मिनट तक चलता रहा, लेकिन 100 मीटर दूर कोतवाली और पुलिस लाइन से कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंच सका। एक घायल ने अपने घर फोन कर दिया, तब इरफान का छोटो भाई भाई राजू कुरैशी और उसका दोस्त राजू खटीक आए, उनको देखकर आरोपी भागे। कार से टक्कर मारकर लाठी-डंडों से पीटा है। चार लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। दोनों पक्षों में दिन में विवाद हुआ था, जिनके केस दर्ज हैं। घायल पक्ष ने दिन के समय आरोपितों की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी थी, जिसका भी केस भी दर्ज हुआ है। अभी आरोपित फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। आरोपितों की कार मौके से बरामद की गई है। – अमित भदौरिया, टीआई, कोतवाली मुरैना recent visitors 18

जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा

Public struggling on the ground while a ₹225 crore helicopter is purchased following a ₹350 crore jet! Umang Singhar targets the Mohan government. भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए नए वीवीआईपी विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में आम जनता स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि पहले करीब ₹350 करोड़ के लग्जरी जेट की खरीद को लेकर सवाल उठे और अब करीब ₹225 करोड़ के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर को लेकर सरकार निशाने पर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान 2026 में बेड़े में शामिल होने की प्रक्रिया में है, जबकि एयरबस H160 हेलीकॉप्टर को 2027 तक बेड़े में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। सिंघार का आरोप है कि एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के हवाई दौरों और वीवीआईपी सुविधाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है। उन्होंने जहरीली शराब से हुई मौतों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सितंबर में जहरीली शराब से मौतों के बाद सिंघार प्रभावित परिवारों से भी मिले थे। हेलीपैड को लेकर भी सरकार पर सवाल हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। हाल में कैबिनेट ने 140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है, जिनमें हेलीपैड का प्रावधान बताया गया है। योजना के लिए ₹962.50 करोड़ के बजट को मंजूरी दिए जाने की रिपोर्ट है। सरकार की ओर से हेलीपैड को जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस और हवाई संपर्क के लिए उपयोगी बताया गया है। उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन जैसी जरूरतें मौजूद हैं, तो सरकार की प्राथमिकता वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना क्यों है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या जनता की बुनियादी जरूरतों से ज्यादा जरूरी वीवीआईपी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करना है? हालांकि, विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद सरकार की ओर से विमानन बेड़े के आधुनिकीकरण और सरकारी यात्राओं की जरूरतों से जुड़ी बताई गई है। इसलिए इसे लेकर विपक्ष के खर्च और प्राथमिकताओं संबंधी आरोपों को सरकार के पक्ष के साथ देखा जाना जरूरी है। recent visitors 30

जबलपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला… पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, 5 अक्टूबर को पेशी

Major ruling by Jabalpur High Court… Arrest warrant issued against former Principal Secretary Umakant Umrao; appearance scheduled for October 5. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। हाई कोर्ट ने आदेश के अनुपालन में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए वेटरनरी विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि बिना गिरफ्तारी वारंट जारी किए न तो संबंधित अधिकारी अदालत में उपस्थित होंगे और न ही पूर्व में पारित आदेश का पालन होगा। मामले में उमराव की उपस्थिति के लिए अगली सुनवाई पांच अक्टूबर निर्धारित की गई है। 90 दिन की तय सीमा बीतने के बाद दायर हुई अवमानना याचिकामामला जबलपुर के सेवानिवृत्त असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड आफिसर केके गर्ग की अवमानना याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता के वेतन से काटी गई राशि वापस नहीं किए जाने के मामले में हाई कोर्ट ने 19 अगस्त, 2025 को आदेश पारित कर राशि 90 दिन के भीतर लौटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर वर्ष 2025 में अवमानना याचिका दायर की गई। हाई कोर्ट ने जताई विभाग के रवैये पर सख्त नाराजगीसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केवीएस सुनील राव उपस्थित हुए। कोर्ट ने विभाग के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह न्यायालय के अवमानना अधिकार क्षेत्र के प्रति उदासीनता दर्शाता है। कोर्ट के समक्ष यह भी आया कि विभाग ने हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को पत्र भेजा, लेकिन संबंधित अधिकारी न तो न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही पूर्व आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश की गई। कोर्ट ने कहा- बिना वारंट हाजिर होने की उम्मीद नहींन्यायमूर्ति विवेक जैन ने कहा कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि बिना गिरफ्तारी वारंट जारी किए संबंधित अधिकारी के अदालत में उपस्थित होने और पूर्व में पारित आदेश का पालन करने की उम्मीद नहीं है। इसके बाद अदालत ने तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति विवेक जैन की कोर्ट इससे पहले पन्ना कलेक्टर उषा परमार और छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे के खिलाफ भी अवमानना मामलों में वारंट जारी कर चुकी है। ताजा कार्रवाई भी अदालत के आदेश के अनुपालन से जुड़े अवमानना प्रकरण में हुई है। अब मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी। इसमें उमाकांत उमराव की न्यायालय में उपस्थिति और पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन की स्थिति पर विचार किया जाएगा। recent visitors 48