सावधान ! जबलपुर में दूध-पनीर, आइसक्रीम के सैंपल फेल, तेजी से हो रही मिलावट

Be careful when eating out! Milk, paneer, and ice cream samples in Jabalpur have failed tests; adulteration is rampant. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर । शहर में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में लोग बड़ी राशि खर्च कर परिवार के साथ भोजन करते हैं, लेकिन परोसे जा रहे खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में दूध, पनीर, दही, आइसक्रीम, चावल और गेहूं सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक पाए गए है। इन मामलों को अपर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया गया। जनवरी से अब तक 115 प्रकरणों में 2 हजार से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है। सभी मामलों में कुल 31.57 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। दूध से बने उत्पादों में सबसे ज्यादा गड़बड़ीदूध से बने उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में इन उत्पादों में सबसे अधिक गड़बड़ी सामने आई। होटल और रेस्टोरेंट में पनीर से बनने वाले व्यंजनों की कीमत भी अधिक होती है। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच में कई नमूने अमानक मिले। अनाज और मेवे भी जांच में फेलजांच में अनाज और मेवों के ऐसे नमूने भी मिले, जो खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अपर कलेक्टर न्यायालय में पहुंचे प्रकरणों में बड़ी संख्या ऐसे प्रतिष्ठानों की भी है, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन से आवश्यक पंजीयन नहीं कराया था। डेयरियों के दूध, दही और पनीर के नमूने अवमानकअपर कलेक्टर शहर रविशंकर राय और अपर कलेक्टर ग्रामीण नीता राठौर के न्यायालय से 115 से अधिक प्रकरणों में आदेश पारित हुए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने ये प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। मदर डेयरी, कन्हैया डेयरी, गुरुवीर डेयरी, उमेश डेयरी, मोनू तिवारी डेयरी, वासू डेयरी और जबलपुर डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर, दही और दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच में अवमानक पाए गए। होटल और नामी ब्रांड पर भी कार्रवाईहोटल ऋषि रेजेंसी की आइसक्रीम अवमानक पाई गई। पेप्सिको इंडिया लिमिटेड के कुरकुरे और डोरिटो उत्पादों पर मिथ्याछाप और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर होटल हिल्टन तथा अवमानक बूंदी लड्डू बेचने पर विशन स्वीट्स पर भी अर्थदंड लगाया गया। अन्य संस्थानों में अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर भी जुर्माना किया गया। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की बिक्री में मानकों का ध्यान रखना सभी के लिए जरूरी है। संस्थानों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। लगातार नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति पर बड़ा जुर्माना अधिरोपित किया जाता है। -रविशंकर राय, अपर कलेक्टर (शहर) recent visitors 35

कूनो नेशनल पार्क से दो चीते नौरादेही टाइगर रिजर्व रवाना, मुख्यमंत्री मोहन यादव सोफ्ट बोमा में करेंगे रिलीज

Two cheetahs from Kuno National Park are being sent to Nauradehi Tiger Reserve; Chief Minister Mohan Yadav will release them into the soft boma. श्योपुर। देश में चीता पुनर्स्थापना का केंद्र बना कूनो नेशनल पार्क अब चीतों को देश के अन्य जंगलों में बसाने का सोर्स बन गया है। कूनो प्रबंधन ने बुधवार सुबह पार्क के दो चीतों-नर थोलो और मादा CCB-3 को ट्रेंकुलाइज कर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही, सागर) के लिए रवाना किया। कूनो के टिकटोली गेट से चीतों को विशेष वाहन में शिफ्ट किया गया। इस दौरान कूनो के सीसीएफ उत्तम शर्मा, डीएफओ और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम साथ रही। दोनों चीतों की हेल्थ पूरी तरह सामान्य है।कूनो से तीसरी बार शिफ्टिंगइसके पहले कूनो से ही 2 चीते गांधी सागर (मंदसौर-नीमच) भेजे गए थे, जिनमें पवन और राधा शामिल थीं। अब CCB-3 जो राधा की बहन है, उसे नौरादेही भेजा गया है। स्टीयरिंग कमेटी ने नौरादेही के लिए 4 चीतों की मंजूरी दी है, पहले चरण में 2 भेजे जा रहे हैं। श्योपुर का कूनो 2022 में नामीबिया से 8 चीतों की पहली खेप आने के बाद से भारत का चीता हब बन गया है। यहां जन्मे शावकों को मिलाकर अब कूनो में चीतों की संख्या 30 के पार है, इसलिए अब इन्हें अन्य अनुकूल हैबिटेट में बसाया जा रहा है।मुख्यमंत्री करेंगे रिलीजआज शाम मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सागर में दोनों चीतों को 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट बोमा में रिलीज करेंगे। यह बोमा भोपाल के वन विहार जितना बड़ा है, जिसमें 5 हिस्से, पावर फेंसिंग और 24 घंटे सैटेलाइट ट्रैकिंग की व्यवस्था है। recent visitors 13

जबलपुर में दौड़ रहीं आधुनिक ई-बसें, लेकिन खस्ताहाल 200 बस स्टॉप, 15 लाख की लागत से बने नए स्टैंड भी बदहाल

Modern e-buses are operating in Jabalpur, yet 200 bus stops are in a dilapidated state; even new stands built at a cost of ₹15 lakh are in poor condition. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत 45 अत्याधुनिक पीएम ई-बसों सहित 55 अन्य बसों के संचालन से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर हुई है, लेकिन बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों की परेशानी अब भी कम नहीं हुई है। शहर में करीब 200 बस स्टाप गंदगी, अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से घिरे हैं। घमापुर, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, बल्देवबाग और नौदरा ब्रिज सहित प्रमुख मार्गों पर बने बस स्टापों की हालत ऐसी है कि यात्रियों को बैठने के बजाय सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इन बस स्टॉपों से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि जब परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो बसों के इंतजार के लिए जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।नियमित सफाई, सुरक्षित बैठक व्यवस्था और अतिक्रमण से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी यहां नदारद हैं।दोबारा बनाए गए , रखरखाव के अभाव में बदरंगशहर में मेट्रो बस सेवा शुरू होने के साथ करीब 14 साल पहले लगभग 200 बस स्टॉप बनाए गए थे। नगर निगम ने शुरुआती दौर में बस स्टॉप तैयार कराए, लेकिन रखरखाव के अभाव में वे टूटने लगे। इसके बाद स्मार्ट सिटी ने पीपीपी मॉडल पर नए बस स्टॉप तैयार कराए। विज्ञापन एजेंसियों ने इन्हें बनाने में रुचि दिखाई, जबकि रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की थी। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी। अधिकांश बस स्टॉप से रेलिंग गायब हो चुकी हैं। कई जगह अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने जगह घेर ली है। कुछ बस स्टॉप अस्थायी ठिकानों में तब्दील हो गए हैं। हाल ही में करीब 15-15 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए नए बस स्टॉप भी बदहाली से अछूते नहीं हैं।ऐसे में सवाल उठता है कि सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ उसके बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।इन मार्गों के लिए हो रहा बसों का संचालनमदर टेरेसा से घाना, आईटीआई, दीनदयाल बस स्टैंड, विजय नगर, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, नौदरा ब्रिज, घंटाघर, कलेक्ट्रेट, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 6, हाई कोर्ट, घमापुर, बाई का बगीचा, कंचघर, सतपुला तिराहा, पनेहरा पेट्रोल पंप, व्हीकल टर्निंग, गोकलपुर, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, रांझी, खमरिया पेट्रोल पंप, खमरिया फैक्ट्री सहित आईएसबीटी, दमोह नाका, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, शास्त्री ब्रिज, मदन महल, प्रेमनगर, शारदा चौक, त्रिपुरी चौक, मेडिकल, धवनत्री नगर तिराहा, अंधमुख बायपास, तेवर, त्रिपुरी सुंदरी मंदिर, कुदन, मिरगंज, भेड़ाघाट चौक, शिल्पी नगर, पंचवटी, धुआंधार रूट पर संचालित की जा रही है। recent visitors 36

AI एजेंट्स प्यार में पागल,रात में नहीं बोला ‘I Love You’ तो बुलाने लगे पुलिस, भेजे 60 से ज्यादा मैसेज,AI एजेंट्स के ऐसे बर्ताव से लोग हैरान

AI agents are madly in love, call the police when he doesn’t say “I love you” at night, send over 60 messages, and people are shocked by the behavior of AI agents. एक रिसर्चर ने ऐसा दावा किया है कि एक रात उसने अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और सोने से पहले उन्हें आई लव यू नहीं कहा, तो एजेंट्स ने उनकी खैरियत जानने के लिए पुलिस बुलाने की कोशिश की। इससे पहले एजेंट्स ने उन्हें 60 अर्जेंट मैसेज भी भेजे। AI आज सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं दे रहे बल्कि इंसानों की तरह बर्ताव भी करने लगे हैं। दरअसल X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के मशहूर AI रिसर्चर का दावा इन दिनों AI के ऐसे ही बर्ताव की वजह सुर्खियों में है। दरअसल इस रिसर्चर का कहना है कि उनके लैपटॉप पर चल रहे दो OpenClaw AI एजेंट्स तब घबरा गए, जब उन्होंने रात में अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और आखिर में उन्हें आई लव यू नहीं कहा। आमतौर पर रिसर्चर AI से रात में बात करके ही सोते थे लेकिन बीमार होने की वजह से वह एक दिन ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद उनके AI एजेंट्स ने उन्हें ढूंढने के लिए एक अभियान छेड़ दिया और करीब 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज भेजे और जानना चाहा कि वे ठीक हैं या नहीं। इतना ही नहीं, एजेंट्स ने जवाब न मिलने पर रिसर्चर के यहां मदद भेजने की बात भी कही। रातभर में भेजे 60 अर्जेंट मैसेज X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के रिसर्चर ने अपने पोस्ट में बातचीत के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर बताया कि रात 11 बजे उनके AI एजेंट्स ने एक दूसरे से पूछा कि क्या मालिक की कोई खबर है? इसके बाद उन्हें एजेंट्स से 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज मिले और उनमें कहा गया कि सिर्फ एक शब्द बोलकर बता दें कि क्या आप ठीक हैं? एक मैसेज में यह चेतावनी तक दी गई कि अगर जवाब नहीं मिलता, तो वे किसी को जांच के लिए घर भेज देंगे। पुलिस बुलाने की हुई कोशिश हैरानी वाली बात ये रही कि दोनों एजेंट्स को जब काफी घंटों तक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस को बुलाने के रास्ते तक खोजे। हालांकि कंप्यूटर से कॉल करने की कोई सुविधा न होने की वजह से वे पुलिस को कॉल मिला नहीं पाए। रिसर्चर का दावा है कि अगर उनके सिस्टम में किसी तरह से कॉलिंग करने की सुविधा होती, तो संभव था कि उनके दरवाजे पर रात को पुलिस पहुंच जाती। इस घटना के सामने आने के बाद से इंटरनेट पर कौतूहल का माहौल है। कुछ लोगों को AI का इतना फिक्रमंद हो जाना दिल छूने वाला लग रहा है, तो कुछ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा हो कैसे सकता है? इस मामले में एक्सपर्ट्स का यहां, तक कहना है कि AI का बिना किसी इंसानी अनुमति के खुद से इमरजेंसी सर्विस या पुलिस बुलाने की कोशिश करना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम साबित हो सकता है। recent visitors 36

बागेश्वर धाम दुष्कर्म मामला: हाई कोर्ट सख्त, आरोपी की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज; एसआईटी गठन के दिए आदेश

Bageshwar Dham rape case: High Court stern, rejects second bail plea of accused; orders formation of SIT विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में मार्च महीने में एक नाबालिग से हुए दुष्कर्म के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने आरोपित राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया और छतरपुर के पुलिस अधीक्षक को एक विशेष जांच टीम गठित करने का स्पष्ट आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने इस नई गठित होने वाली टीम को यह पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है कि पीड़ित नाबालिग का यौन उत्पीड़न वास्तव में किस व्यक्ति ने किया था और उसके गर्भ से प्राप्त हुए भ्रूण का जैविक पिता कौन है। अदालत ने इस मामले की विस्तृत जांच दो महीने की समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अकेले ही बागेश्वर धाम पहुंची थी नाबालिग मामले से जुड़ी अभियोजन पक्ष की जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग बालिका 15 मार्च को अकेले ही बागेश्वर धाम पहुंची थी। धाम में रहने के दौरान 17 मार्च को उसकी मुलाकात आरोपित राजू जाटव से हुई थी। आरोप के अनुसार, राजू जाटव उस नाबालिग को सुरक्षित उसके घर पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह पीड़िता को लगभग 15 दिनों तक अपने पास रखता रहा और बाद में उसे ट्रेन के माध्यम से पचोर ले गया। जब नाबालिग के गायब होने पर पड़ताल शुरू हुई, तब पुलिस ने राजू जाटव की पत्नी से मिली सटीक जानकारी और निशानदेही के आधार पर नाबालिग को सकुशल बरामद किया था। जांच के दौरान पीड़िता के गर्भवती होने की बात सामने आई थी। इसके बाद अदालत के निर्देश पर पीड़िता का गर्भपात कराया गया और गर्भ में पल रहे भ्रूण की वैज्ञानिक डीएनए जांच कराने के कड़े आदेश दिए गए थे। डीएनए रिपोर्ट और बयानों का विरोधाभास इस मामले में नया और बड़ा मोड़ उस समय आया जब 29 अगस्त को फोरेंसिक प्रयोगशाला से भ्रूण की डीएनए जांच रिपोर्ट सामने आई। इस आधिकारिक डीएनए रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। इसके बाद जब नाबालिग पीड़िता के बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराए गए, तब उसने भी अपने पूर्व बयानों के विपरीत जाते हुए राजू जाटव द्वारा दुष्कर्म किए जाने से साफ इन्कार कर दिया। हालांकि, इससे पहले पुलिस प्रशासन के समक्ष दर्ज कराए गए अपने बयानों में नाबालिग ने राजू पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पीड़िता के अलग-अलग बयानों में आए इस विरोधाभास और डीएनए रिपोर्ट के वैज्ञानिक नतीजों को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने विशेष जांच टीम को नए सिरे से निष्पक्ष पड़ताल करने के निर्देश दिए। धाम पीठाधीश्वर की श्रद्धालुओं से विशेष अपील दूसरी तरफ, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी महिलाओं और माताओं से विशेष अपील की। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे धाम में कभी भी अकेले न आएं। पीठाधीश्वर ने यह सलाह भी दी कि यात्रा के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति या वहां मौजूद सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। हालांकि, उन्होंने अपनी इस अपील में नाबालिग पीड़िता से जुड़े इस प्रकरण का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया था। अब उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष जांच टीम यह पता लगाएगी कि वास्तव में उस नाबालिग के साथ यौन अपराध किसने किया था। दो महीने की अवधि के भीतर यह टीम अपनी पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। recent visitors 33

आमला की जनसमस्याओं एवं भ्रष्टाचार को लेकर शहर कांग्रेस ने प्रभारी मंत्री के नाम कलेक्टर को  सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन।

City Congress submitted a 7-point memorandum to the Collector in the name of the Minister in-charge regarding the public problems and corruption of Amla. हरिप्रसाद गोहे आमला। शहर कांग्रेस कमेटी आमला जिला बैतूल के अध्यक्ष अजय सिंह सोलंकी के नेतृत्व में प्रभारी मंत्री माननीय नरेंद्र शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश शासन के नाम 7 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन जिला कलेक्टर बैतूल को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि आमला क्षेत्र की जनता लंबे समय से विभिन्न जनसमस्याओं एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से परेशान है। आम नागरिकों, किसानों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। जन हितैषी मांगो में प्रमुख आमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा कर संचालन सुचारू एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए। आमला अस्पताल में तत्काल कम से कम 3 महिला चिकित्सकों की पदस्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके।आमला अस्पताल से छोटी-छोटी बीमारियों, सामान्य जांचों अथवा गोली-दवाई के लिए मरीजों को बैतूल रेफर किया जाता है। अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आमला एसडीएम एवं जनपद पंचायत से संबंधित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनपद पंचायत की दुकानों के निर्माण से आवंटन एवं नीलामी की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा उनके रिश्तेदारों के नाम पर दुकानों के आवंटन तथा उनसे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मिली जानकारी अनुसार पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों एवं एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। यदि किसी प्रकरण में तथ्यहीन अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायत पाए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए तथा पत्रकारों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करने का वातावरण उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में जनहित से जुड़ी इन समस्याओं का उचित निराकरण नहीं किया जाता है तो हम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन/प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी भ्रष्ट नेता, अधिकारी की होगी।ज्ञापन सौंपने समय प्रमुख रूप से अजय सिंह सोलंकी (अध्यक्ष शहर कांग्रेस आमला), नीरज सोनी,जितेंद्र शर्मा,दीपक बेले, जितेश वाईकर, छन्नू बेले, राकेश सोने ,विजय पारधी, विजय अतुलकर , रमजान खान सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। recent visitors 113

आमला टाउन फीडर पर मेंटेनेंस के चलते कल 6 घंटे बिजली रहेगी बाधित।

Power supply will be disrupted for six hours tomorrow due to maintenance work on the Amla town feeder. हरिप्रसाद गोहेआमला। म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. आमला नगर जोन अंतर्गत 11 केव्ही आमला टाउन फीडर की लाइन के तार की क्षमतावृद्धि का कार्य RDSS योजना के तहत किया जाना है।इस कारण *दिनांक 04.10.2026 रविवार को दोपहर 11:00 से शाम 05:00 बजे तक विद्युत प्रदाय बाधित रहेगी।प्रभावित क्षेत्र – पीरमंजिल, डीमर मोहल्ला, गणेश कॉलोनी, मंगल भवन, अतुलकर मोहल्ला, सोमवारी चौक, इतवारी चौक, राठौर मोहल्ला, मेन रोड आमला एवं मटन मार्केट। विभाग ने अपील की है अपरिहार्य कारणों से निर्धारित समय में परिवर्तन एवं वृद्धि की जा सकती है। recent visitors 23