मध्यप्रदेश में चल रही अग्निवीर भर्ती के दौरान तीन दिन में पकड़े गए 42 जालसाज अभ्यर्थी

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए चल रही शारीरिक परीक्षा में जालसाज अभ्यर्थी पकड़े गए हैं। तीन दिन में सेना के अधिकारियों ने दस्तावेज परीक्षण में 42 जालसाज अभ्यर्थियों को पकड़ा। इनमें से किसी ने आधार कार्ड, मार्कशीट में अपनी जन्मतिथि बदली तो किसी ने पता ही बदल डाला। यह खुलासा दस्तावेजों की जांच में हुआ। इसके बाद इनके दस्तावेज जब्त कर इन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। कॉलेज के मैदान में चल रही शारीरिक परीक्षा इन्हें सेना द्वारा ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है, जिससे आगामी किसी भर्ती में यह फर्जीवाड़ा कर शामिल न हो सकें। सागर के इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान पर छह जनवरी से शारीरिक परीक्षा चल रही है। छह, सात और आठ जनवरी को शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों को दस्तावेज परीक्षण के लिए भेजा गया। दस्तावेज परीक्षण एक दिन बाद हो पाता है। गुरुवार तक 42 ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिस ने पकड़ा, जिन्होंने दस्तावेज में फर्जीवाड़ा किया। कुछ ने तो दस्तावेज ही फर्जी तैयार कराए। इन्हीं के आधार पर भर्ती में शामिल हो गए। शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल तक आधे ही पहुंच सके शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आधे अभ्यर्थी किसी न किसी वजह से अनफिट हो गए। आधे ही मेडिकल पूरा होने के बाद फिट पाए गए। इन्हें आगामी प्रक्रिया के लिए भेजा गया। पहले दिन शारीरिक परीक्षा 336 ने उत्तीर्ण की, फिट 156 पाए गए। जबकि दूसरे दिन 298 ने परीक्षा उत्तीर्ण की और 173 फिट पाए गए, तीसरे दिन 317 ने परीक्षा उत्तीर्ण की, इसमें से 180 फिट पाए गए। यह की हेराफेरी उप्र और राजस्थान के अभ्यर्थी पता बदलकर हुए शामिल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए जो उम्र निर्धारित है, वह उम्र पूरी होने के बाद भी कुछ अभ्यर्थियों ने दस्तावेजों में जन्मतिथि में हेरफेर की और परीक्षा में शामिल हो गए। जब आधार कार्ड की जांच सेना द्वारा की गई तो यह फर्जीवाड़ा खुला। फर्जीवाड़े में कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिन्होंने झूठा पता लिख दिया। यह लोग मूल रूप से उप्र और राजस्थान के रहने वाले थे। मप्र का पता डालकर परीक्षा में शामिल हो गए। यह भर्ती मध्यप्रदेश के ग्वालियर सहित दस जिलों के लिए थी। इसमें उप्र, राजस्थान तक के युवक फर्जीवाड़ा कर शामिल हुए। यह फर्जीवाड़ा जांच में पकड़ा गया। दलाल भी सक्रिय, सेना के अधिकारी बोले- सावधान रहें दलाल भी खूब सक्रिय हैं। यह लोग भर्ती स्थल से लेकर सेना भर्ती कार्यालय के आसपास भी घूमते रहते हैं। यह लोग परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का झांसा देकर ठगते हैं। इस संबंध में सेना द्वारा एडवायजरी जारी की गई है। चौथा दिन : 1062 में से 389 अभ्यर्थी दौड़ में सफल गुरुवार को छतरपुर, मुरैना, सागर और टीकमगढ़ के 1062 अभ्यर्थियों ने शारीरिक परीक्षा में भाग लिया। इसमें से 389 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। recent visitors 109

बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य, अब तक 6 लाख 4 हजार से अधिक ने कराई ई-केवायसी

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के "उपाय" ऐप के जरिए भी ई-केवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 6 लाख 4 हजार 399 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 71 हजार 140, बैतूल ग्रामीण में 84 हजार 948, राजगढ़ ग्रामीण में 40 हजार 783, शहर वृत्त भोपाल में 49 हजार 170, भोपाल ग्रामीण में 37 हजार 259, गुना ग्रामीण में 31 हजार 838, विदिशा ग्रामीण में 43 हजार 124, सीहोर ग्रामीण में 23 हजार 204, ग्वालियर ग्रामीण में 20 हजार 927, शहर वृत्त ग्वालियर में 38 हजार 240, अशोकनगर ग्रामीण में 18 हजार 558, दतिया ग्रामीण में 22 हजार 133, रायसेन ग्रामीण में 43 हजार 190, शिवपुरी ग्रामीण में 22 हजार 884, हरदा ग्रामीण में 18 हजार 601, श्योपुर ग्रामीण में 8 हजार 966, मुरैना ग्रामीण में 20 हजार 203 और भिण्ड ग्रामीण में 9 हजार 241 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 98

कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए जीएसटी ‘कारण बताओ नोटिस’ पर रोक लगाई: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए 1.12 लाख करोड़ रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 'कारण बताओ नोटिस' पर रोक लगा दी, जिससे इस सेक्टर को अस्थायी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले के अंतिम निपटारे तक डीजीजीआई द्वारा जारी सभी 'कारण बताओ नोटिस' के संबंध में आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी। मामले की अंतिम सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है। फैसले के बाद, स्टॉक एक्सचेंजों पर इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान डेल्टा कॉर्प और नाजारा टेक जैसी गेमिंग कंपनियों के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। ई-गेमिंग फेडरेशन (ईजीएफ) के सीईओ अनुराग सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई राहत का स्वागत किया। सक्सेना ने कहा, "यह सरकार और गेमिंग ऑपरेटर्स दोनों के लिए फायदेमंद है। गेमिंग ऑपरेटर्स के लिए जो जबरदस्ती की कार्रवाई का सामना कर रहे थे और सरकार के लिए जिसकी समयसीमा अब बढ़ाई जा सकती है। हम इस मुद्दे के निष्पक्ष और प्रगतिशील समाधान को लेकर आश्वस्त हैं, जिसके बाद हम गेमिंग सेक्टर में निवेश, रोजगार और वैल्यूएशन को अपनी पूरी क्षमता तक बढ़ते देखेंगे।" डीजीजीआई ने 2023 में गेमिंग कंपनियों को 71 नोटिस भेजे, जिसमें उन पर 2022-23 और 2023-24 के पहले सात महीनों के दौरान 1.12 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी की चोरी करने का आरोप लगाया गया, जिसमें ब्याज और जुर्माना शामिल नहीं है। जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत नोटिस जारी किए गए थे, जो विभाग को कर मांग के 100 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाने की अनुमति देता है और कुल देयता ब्याज सहित 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। अगस्त 2023 में, जीएसटी परिषद ने कानून में संशोधन किया, जिसमें कहा गया कि दांव लगाने वाले सभी ऑनलाइन गेम, स्किल या चांस की परवाह किए बिना, उसी वर्ष 1 अक्टूबर से लगाए गए दांव के पूरे मूल्य पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर लगेगी, न कि सकल गेमिंग राजस्व पर।   recent visitors 109

ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व करने के अवसर को लेकर वह थोड़ा अधिक आराम महसूस कर रहे हैं: स्टीव स्मिथ

सिडनी अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने कहा कि नियमित कप्तान पैट कमिंस की अनुपस्थिति में गॉल में दो टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व करने के अवसर को लेकर वह "थोड़ा अधिक आराम महसूस कर रहे हैं"। श्रीलंका के दो मैचों के दौरे के लिए स्मिथ को टेस्ट कप्तान बनाया गया है क्योंकि नियमित कप्तान कमिंस अपने दूसरे बच्चे के जन्म और हाल ही में टखने की चोट के कारण इस दौरे से बाहर रहेंगे। स्मिथ ने सिडनी सिक्सर्स के लिए अपने बीबीएल मैच से पहले सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को बताया, "जब पैटी (कमिंस) यहां नहीं हैं, तो मुझे कमान संभालने का कोई भी मौका मिलना मजेदार है। मैं अभी भी अपने तरीके से काम करने की कोशिश करता हूं। यहां-वहां कुछ अवसर मिलना अच्छा रहा।" "यह एक अच्छा दौरा होने वाला है। मुझे लगता है कि मैं स्पिन और उपमहाद्वीप को कोणों और क्या होने की जरूरत है, के मामले में अच्छी तरह समझता हूं। साथ ही, खेल की गति जिसे निश्चित समय पर खेला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं शायद अब थोड़ा और आराम से हूं। मैं काफी शांत हूं। मैं बस इसका आनंद लूंगा।" स्मिथ पर 2018 के सैंडपेपरगेट गाथा में अपनी भूमिका के लिए दो साल का नेतृत्व प्रतिबंध लगाया। प्रतिबंध समाप्त होने के बाद से 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने देश की चार बार कप्तानी की है। उन्होंने 2023 में भारत में कुछ टेस्ट मैचों में कप्तानी करने से पहले एडिलेड (2021) में इंग्लैंड के खिलाफ, पर्थ (2022) में वेस्टइंडीज के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की। स्मिथ ने 2016 में श्रीलंका के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व किया, जो 3-0 की विनाशकारी श्रृंखला हार में समाप्त हुआ। श्रीलंका की स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए स्मिथ ने कहा, "वे कठिन परिस्थितियां हो सकती हैं।" स्मिथ ने कहा, "वे वहां बहुत अच्छा खेलते हैं, खासकर अगर विकेट काफी चरम पर हों। यह सिर्फ बल्लेबाजों के रूप में योजनाएं विकसित करने की बात है… अलग-अलग तरीके जो उन्हें स्कोर करने और टिके रहने की अनुमति देते हैं। यह ऑस्ट्रेलिया में स्पिन खेलने से बहुत अलग है। जो भी हो, पहली गेंद से ही उस पर टिके रहो, उस पर भरोसा करो।" बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सिडनी टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले 15वें खिलाड़ी बनने से एक रन दूर रह जाने के बाद स्मिथ 10,000 रन क्लब में शामिल होने के सबसे बड़े मील के पत्थर पर नज़र गड़ाए हुए हैं। स्मिथ ने कहा, "एक रन… उस समय यह थोड़ा दुखदायी था।" उन्होंने कहा, "मेरे सभी दोस्तों और परिवार के सामने अपने घरेलू मैदान पर इसे पूरा करना अच्छा होता, लेकिन उम्मीद है कि मैं गॉल में सबसे पहले इसे पूरा कर पाऊंगा। मैंने शायद खेल के दौरान इसे अपने दिमाग में बहुत ज़्यादा घूमने दिया। यह एक शानदार मील का पत्थर होगा।''   recent visitors 122

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की। recent visitors 475

BJP MLA व समर्थकों की गुंडई, घर में घुसकर महिलाओं को पीटा और कपड़े फाड़े

राजस्थान के जयपुर में सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के समर्थकों की गुंडई देखने को मिली है. आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने एक घर में घुसकर महिलाओं को पीटा. इतना ही नहीं उनके कपड़े भी फाड़े. इससे गुस्साए लोगों ने पथराव किया. मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ है. इसमें 2 पुलिसकर्मी और महिलाएं घायल हुई हैं. बताया जा रहा है कि ये घटना कटेवा नगर में देर रात हुई. पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि 2 पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद हुआ था. इस पर पूर्व पार्षद के बेटे ने अपने समर्थकों के साथ पड़ोसी परिवार पर हमला बोल दिया. इसके बाद विधायक गोपाल शर्मा मौके पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. अब पीड़ित परिवार ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर न्याय की लगाई गुहार है. तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं गोपाल शर्माबता दें कि विधायक गोपाल शर्मा राज्य के तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं. बीते दिनों उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. दरअसल, जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में पुलिस अकादमी के पास बने मकानों को पुलिस अवैध बता रही और इसके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही थी. तभी इस मामले को लेकर विधायक और पुलिस के बीच हॉट टॉक हुई. जमीन पर किसका हक है, ये फैसला अदालत करेगीइस दौरान विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि जमीन पर किसका हक है, ये फैसला पुलिस नहीं अदालत करेगी. इसके बाद उनके और पुलिस के बीच बातचीत ने तीखा मोड़ ले लिया. गुस्सा आने पर विधायक ने कहा कि मुझे टच नहीं करोगे कैलाश जी. आपके डीजीपी की भी इतनी हिम्मत नहीं है. आप हाथ कैसे लगा रहे हैं. विधायक ने कहा, मैंने आपको नहीं टच किया है फिर आप मुझको कैसे हाथ लगा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि आंखें किसे दिखा रहे हो, आंख दिखाने की ताकत तो सरकार की भी नहीं. recent visitors 177

इस धंधे ने BJP नेता को बनाया धनकुबेर, प्रॉपर्टी पर कब्जा कर गाड़ियां भी छीन लेता था पूर्व पार्षद

मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयकर विभाग ने हाल ही में केशरवानी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बीड़ी और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश और बृजेश केशरवानी ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसी धंधे से वह करोड़पति बने। उन्होंने लोगों को ब्याज पर खूब पैसा दिया, जिसे नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ियां छीन ली और प्रॉपर्टी पर भी कब्जा कर लिया। आईटी के छापे में उनके पास से सात फार्च्यूनर, क्रिस्टा और इनोवा जैसी लग्जरी कारें मिली है। साथ ही चार किलो 700 ग्राम सोने के साथ करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं। दअरसल, आयकर विभाग ने तीन दिन पहले सागर में तीन प्रमुख ठिकानों पर छापा मारा था। जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और पूर्व पार्षद राजेश और बृजेश केशरवानी के ठिकानों की जांच की गई थी। इन छापेमारियों में विभाग को 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बेनामी होने की जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को छापेमारी में 150 करोड़ की टैक्स चोरी का भी पता चला है। हालांकि, टीम अभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते है। Read More:– प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर एसपी समुदाय का होगा कब्जा , ये नाम आगे बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने रविवार सुबह सागर में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान एक टीम ने भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और उनके भाई कुलदीप राठौर के घर छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम ने पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, उनके भाई बृजेश केशरवानी और सहयागी राकेश छावड़ा के घर छापा मारा था। तीन दिन की जांच के बाद आईटी की टीम को करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन का पता चला है। किसके घर क्या मिला था? पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर से 140 करोड़ से ज्यादा के नकद लेनदेन के दस्तावेज मिले थे। साथ 7 बेनामी लग्जरी कारें और करीब 4.7 किलो सोना और गहने मिले था। सोने और गहनों के दस्तावेज दिखाने के कारण आईटी टीम ने इसे जब्त नहीं किया था।भाजपा पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से 14 किलो सोना और 3.8 करोड़ रुपये नकद मिले थे। कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ करोड़ों के लेनदेन और टैक्स चोरी की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा उनके घर में तीन मगरमच्छ भी पले हुए मिले थे। जिन्हें देखकर आयकर विभाग की टीम भी हैरान रह गई थी। recent visitors 295