भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़िया सूरत स्टेशन पर कार्य के चलते उधना स्टेशन पर ठहराव का निर्णय

भोपाल पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल के सूरत स्टेशन पर चल रहे अधोसंरचना कार्यों के कारण, भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ यात्री गाड़ियों को सूरत स्टेशन के स्थान पर उधना स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा एवं सुगमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। निम्नलिखित गाड़ियों का ठहराव अब उधना स्टेशन पर होगा: 1.    गाड़ी संख्या 02134 जबलपुर – बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल दिनांक 10.01.2025 से 07.03.2025 तक। 2.    गाड़ी संख्या 20905 एकता नगर – रीवा महामना एक्सप्रेस दिनांक 10.01.2025 से 07.03.2025 तक। 3.    गाड़ी संख्या 20906 रीवा – एकता नगर महामना एक्सप्रेस दिनांक 11.01.2025 से 01.03.2025 तक। 4.    गाड़ी संख्या 22937 राजकोट – रीवा एक्सप्रेस दिनांक 12.01.2025 से 02.03.2025 तक। 5.    गाड़ी संख्या 22938 रीवा – राजकोट एक्सप्रेस दिनांक 13.01.2025 से 03.03.2025 तक। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पूर्व गाड़ी की सही जानकारी के लिए रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 का उपयोग करें और तदनुसार अपनी यात्रा योजना बनाएं। recent visitors 151

अब मध्यप्रदेश के गांवों में 211 खुलेंगी शराब की दुकानें, इस नियम के तहत ग्राम सभाओं ने दिए ठेकों को लाइसेंस

भोपाल मध्य प्रदेश में पेसा नियम के तहत इस वर्ष ग्राम सभाओं ने 211 नई शराब की दुकानें स्वीकृत की हैं। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है तथा निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। इसी प्रकार, शराब व भांग के विक्रय का प्रतिषेध एवं विनियमन का भी अधिकार है। पेसा नियम के तहत ये जिले पेसा नियम में प्रदेश के आदिवासी बहुल कुल 20 जिले आते हैं। इनमें छह जिले अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूरी तरह से पेसा जिले हैं जबकि शेष 14 आंशिक जिले हैं जिनमें बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, होशंगाबाद, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, उमरिया एवं रतलाम आते हैं। 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 इन सभी जिलों में 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें आने वाले पेसा ग्रामों की संख्या 11 हजार 596 है। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है। निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। recent visitors 54

MPPSC ने प्रदेश में पहली बार दो हजार से अधिक डॉक्टरों के पदों पर मप्र लोक सेवा आयोग से भर्ती प्रारंभ की गई

भोपाल प्रदेश में पहली बार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों के दो हजार से अधिक पदों पर मप्र लोक सेवा आयोग से भर्ती प्रारंभ की गई है। कुल 2083 पदों में 988 विशेषज्ञों के और बाकी चिकित्सा अधिकारियों के हैं। यह डॉक्टर इस वर्ष अंत तक मिलने की आशा है। विशेषज्ञों की नियुक्ति विशेषज्ञों की नियुक्ति विशेषज्ञता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से साक्षात्कार के बाद की जाएगी। प्रत्येक विशेषज्ञता के लिए चयन सूची अलग-अलग जारी होगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विशेषज्ञों के कुल तीन हजार 725 पदों से 1800 से अधिक रिक्त हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि विज्ञापित पदों में से लगभग 60 प्रतिशत ही मिल पा रहे हैं। चिकित्सा अधिकारियों के 1200 से अधिक पद रिक्त वर्ष 2023 में सीधी भर्ती से विशेषज्ञों के 888 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, पर इनमें 506 ही मिले। कारण, एक तो आरक्षित पदों पर निर्धारित योग्यता के अनुसार डॉक्टर नहीं मिल पाते। दूसरा, जिनका चयन होता है, उनमें कुछ ज्वाइन भी नहीं करते। इसी तरह से चिकित्सा अधिकारियों के कुल पांच हजार 329 पदों में से 1200 से अधिक पद रिक्त हैं। 50 प्रतशित पद संविदा से भरने का प्रविधान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पद विज्ञापित करने के बाद आयोग ने पिछले माह शुद्धि पत्र भी जारी किया था। इसमें 50 प्रतशित पद संविदा से भरने का प्रविधान किया गया है। संविदा के अभ्यर्थी नहीं मिलने से यह पद ओपन श्रेणी से भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त जिला अस्पतालों में सहायक प्रबंधक के 68 और प्रदेश भर के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 120 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह से नए अस्पताल बन रहे हैं उसी के अनुरूप नए पद सृजित करने की भी प्रक्रिया भी चल रही है। recent visitors 72

प्रियंका गांधी को लेकर रमेश बिधूड़ी के विवादित बयान पर भड़के सचिन पायलट, कहा- ‘BJP के नेताओं की…’

Ramesh Bidhuri Controversy: कांग्रेस नेता सचिन पायलट के मुताबिक बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व जो महिला सशक्तिकरण का झूठा दम भरता है, वो सबसे पहले अपने नेताओं को महिलाओं का सम्मान करना सिखाए. Ramesh Bidhuri On Priyanka Gandhi: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी के विवादित टिप्पणी ने सियासी तल्खी बढ़ा दी है. अब कांग्रेस महासचिव संचिन पायलट ने इसको लेकर बीजेपी और रमेश बिधूड़ी की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूर्व सांसद का बयान उनके महिला विरोधी सोच का प्रतीक है.  राजस्थान के टोंक से विधायक सचिन पायलट ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की सोच निम्न स्तर पर पहुंच गई है. बीजेपी नेता महिलाओं का आदर करना तो दूर, उनके लिए अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर अपनी असली मानसिकता दिखा रहे हैं.” उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, “केरल के वयनाड से कांग्रेस सांसद और AICC महासचिव प्रियंका गांधी पर बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. बीजेपी की महिला विरोधी सोच उसके नेताओं की तुच्छ शब्दावली से साफ झलकती है. बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व जो महिला सशक्तिकरण का झूठा दम भरता है, उसे पहले अपने नेताओं को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना चाहिए.” बिधूड़ी ने मांगी माफी  दरअसल, रविवार (5 जनवरी)  दिल्ली के कालकाजी में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के पूर्व सांसद और प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, ‘लालू यादव ने वादा किया था बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों जैसा बना दूंगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी हैं. वैसे ही कालकाजी में सारी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा.’  हालांकि, इस मसले पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने माफी मांग ली. उन्होंने कहा, “अगर मेरी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं इस पर खेद व्यक्त करता हूं. अपने शब्द वापस लेता हूं. उन्हों ये भी कहा कि उनका मकसद किसी को अपमानित करना नहीं था.”  recent visitors 285

सीएम योगी करेंगे 11 जनवरी को 11 बजे रामलला का अभिषेक, भजन भी होगा लॉन्च, 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन

अयोध्या भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के एक वर्ष पूरे होने पर अयोध्या में 11 से 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन होगा। 11 जनवरी को पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे गर्भगृह में श्रीरामलला का अभिषेक करेंगे। उसके बाद अंगद टीला पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन कर श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। उसी दिन सोनू निगम, शंकर महादेवन और मालिनी अवस्थी समेत कई मशहूर कलाकारों द्वारा गाया गया भजन भी रिलीज किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के अधिष्ठाता मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी के जन्म स्थान अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर की स्थापना का एक वर्ष 11 जनवरी को संपन्न हो रहा है। इस दौरान 13 जनवरी तक उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 जनवरी को रामलला का अभिषेक करेंगे। महोत्सव के मद्देनजर नगर के प्रमुख चौराहों लता चौक, जन्मभूमि पथ, श्रृंगार हाट, राम की पैड़ी, सुग्रीव किला, छोटी देवकाली समेत अन्य स्थलों पर कीर्तन भी होगा। इसमें युवा कलाकार वाद्य यंत्रों से नगरी को मंत्रमुग्ध कर देंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस अवसर पर तीन दिवसीय श्रीराम राग-सेवा का कार्यक्रम मंदिर परिसर में गर्भगृह के निकट मंडप में संपन्न होगा। इसमें प्रभु श्रीराम की भक्ति के प्रति विनीत भाव से संगीत, नृत्य और वादन से उन्हें सेवा प्रदान करने का उपक्रम होगा। अनुष्ठान के परिकल्पनाकार और समन्वयक अयोध्या के कलाविद् यतीन्द्र मिश्र हैं। इस कार्य में उनका सहयोग संगीत नाटक अकादमी कर रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी संतों को बुलाया गया है। अयोध्या से बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ में गए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि तीन दिन के कार्यक्रम में एक दिन लोग अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हों। पहला दिन : 11 जनवरी को लता मंगेशकर की बहन व प्रख्यात गायिका उषा मंगेशकर और मयूरेश पई भगवान के सम्मुख भजन से राग-सेवा का आरंभ करेंगी। इसके बाद साहित्य नाहर सितार व संतोष नाहर वायलिन की जुगलबंदी से भक्ति का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन का समापन डॉ. आनंदा शंकर जयंत के भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति से होगा। दूसरा दिन : 12 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत राग सेवा प्रसिद्ध लोक गायिका शैलेश श्रीवास्तव के बधावा, सोहर गायन से होगी। इसके बाद प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली श्री राम भजन व निर्गुण गायन से राग-सेवा प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समापन विश्वविख्यात बांसुरी वादक राकेश चौरसिया के बांसुरी वादन से होगा। तीसरा दिन : तीसरे व अंतिम दिन 13 जनवरी को राग-सेवा का आरंभ आरती अंकलिकर के शास्त्रीय गायन से होगा, जिसके बाद प्रख्यात कथक नृत्यांगना शोभना नारायण की कथक प्रस्तुति होगी। अंत में दक्षिण के गायक श्रीकृष्ण मोहन एवं श्रीराम मोहन त्रिचूर ब्रदर्स के शास्त्रीय गायन व श्रीराम भजन से कार्यक्रम संपन्न होगा। recent visitors 84

मध्यप्रदेश में 12 जनवरी से हल्की बारिश: कल से ठंड का असर फिर बढ़ेगा

Light rain in Madhya Pradesh from January 12: Effect of cold will increase again from tomorrow भोपाल। मध्यप्रदेश में जनवरी महीने में मावठा यानी, बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 में से 8 साल मावठा गिरा है। ऐसा ही मौसम इस बार भी रहेगा। मौसम विभाग ने 12 जनवरी से प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसा उत्तर-पश्चिम भारत में 10 जनवरी को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर मंगलवार से शुरू होगा। दिन-रात के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- अभी उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी है। इस वजह से बर्फीली हवा प्रदेश में आने लगेगी। जिसकी रफ्तार तेज होगी। यह ठंड का असर बढ़ाएगी। दिन-रात दोनों के ही तापमान में गिरावट होगी। इधर, शीतलहर के चलते ग्वालियर और मुरैना में 8वीं क्लास तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, भिंड में स्कूलों का समय बदला है। बर्फ पिघलने पर और गिरेगा पारा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। रविवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रहीं। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 6 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच और मंदसौर में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 7 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, सिंगरौली, नीमच, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और मंदसौर में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 8 जनवरी: प्रदेश में कोहरा छाने का अनुमान नहीं है। ठंड का असर बढ़ा रहेगा। recent visitors 272

भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा, खिलौना उद्योग में सफलता की नई ऊंचाईयों को छुआ, निर्यात में 239% की वृद्धि

नई दिल्ली भारतीय खिलौना उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत बड़ी प्रगति की है। एक नए अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय खिलौना उद्योग ने वित्त वर्ष 2015 के मुकाबले आयात में 52% की गिरावट और निर्यात में 239% की वृद्धि देखी है। यह रिपोर्ट "भारत में निर्मित खिलौनों की सफलता की कहानी" पर आधारित है, जिसे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ ने उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के निर्देश पर तैयार किया। सरकारी प्रयासों से बेहतर हुआ विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार के प्रयासों से भारतीय खिलौना उद्योग के लिए एक बेहतर और अनुकूल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, 2014 से 2020 तक, छह वर्षों के भीतर विनिर्माण इकाइयों की संख्या दोगुनी हो गई। इसके साथ ही आयातित इनपुट पर निर्भरता 33% से घटकर 12% हो गई और सकल बिक्री मूल्य में 10% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से वृद्धि हुई। इस सबका परिणाम यह हुआ कि श्रम उत्पादकता भी बढ़ी है। भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब वैश्विक खिलौना मूल्य श्रृंखला में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है। भारत को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में शून्य-शुल्क बाजार पहुंच भी प्राप्त है। इससे भारतीय खिलौनों को इन देशों में एक मजबूत स्थान मिल रहा है। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि भारत को चीन और वियतनाम जैसे खिलौना केंद्रों के मुकाबले एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए खिलौना उद्योग और सरकार के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। आवश्यक कदम और प्रयास रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि भारत में खिलौना उद्योग को और भी सशक्त बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। इनमें प्रौद्योगिकी में प्रगति, ई-कॉमर्स का अधिकतम उपयोग, साझेदारी को बढ़ावा देना, निर्यात को बढ़ावा देना, ब्रांड निर्माण में निवेश करना, बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़ना, सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कारीगरों के साथ सहयोग करना शामिल है।   recent visitors 125