भारतीय टीम का वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचना रास्ता मुश्किल

मुंबई भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26-30 दिसंबर के दौरान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में बॉक्सिंग-डे टेस्ट खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम को 184 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी. मुकाबले में भारतीय टीम को जीत के लिए 340 रनों का टारगेट मिला था, मगर वह इस गेम को ड्रॉ भी नहीं करा सकी. अब बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का आखिरी मुकाबला 3 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा. मेलबर्न टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2023-25 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है. अब भारतीय टीम सिडनी टेस्ट जीतकर भी अपने दम पर फाइनल में नहीं पहुंच सकती है. सिडनी टेस्ट जीतने पर भारत को श्रीलंका की मदद चाहिए होगी. श्रीलंकाई टीम अगले साल जनवरी-फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने जा रही है. अब भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में जीत दर्ज करनी होगी. साथ ही ये उम्मीद करनी होगी कि श्रीलंकाई टीम ऑस्ट्रेलिया का दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से सूपड़ा साफ कर दे. यदि सिडनी टेस्ट ड्रॉ होता है तो भारत फाइनल की रेस से बाहर हो जाएगा. WTC के मौजूदा चक्र का फाइनल अगले साल 11-15 जून तक क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाना है. भारत के लिए ये फाइनल का समीकरण ♦  यदि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज 2-2 से ड्रॉ होती है, तो भारत 55.26 प्रतिशत अंकों पर समाप्त होगा. ऐसे में भारतीय टीम तभी फाइनल में पहुंचेगी जब श्रीलंका अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से जीत हासिल करे. ♦  यदि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज 1-2 से हार जाती है तो वो 51.75 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल की रेस बाहर हो जाएगी. बता दें कि साउथ अफ्रीकी टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है. साउथ अफ्रीका के 11 मैचों में 7 जीत, तीन हार और एक ड्रॉ से 88 अंक हैं. साउथ अफ्रीका का अंक प्रतिशत 66.67 है. ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे स्थान पर है. ऑस्ट्रेलिया के 16 मैचों में 10 जीत, चार हार और 2 ड्रॉ से 118 अंक हैं. उसका अंक प्रतिशत 61.46 है. तीसरे नंबर पर मौजूदा भारत के 18 मैचों में 9 जीत, 7 हार और 2 ड्रॉ से 114 अंक हैं. भारत के अंकों का प्रतिशत 52.78 है. 48.21 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम है, जो रेस से बाहर हो चुकी है. उधर श्रीलंकाई टीम पांचवें नंबर पर है, लेकिन उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं खत्म हो चुकी हैं. श्रीलंकाई टीम के 45.45 प्रतिशत अंक हैं और वह अधिकतम 53.85 प्रतिशत अंकों तक पहुंच सकती है. इंग्लैंड छठे, पाकिस्तान सातवें, बांग्लादेश आठवें और वेस्टइंडीज नौवें स्थान पर है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का यह तीसरा चक्र है, जो 2023 से 2025 तक चलेगा. इस तीसरे चक्र के लिए आईसीसी पॉइंट्स सिस्टम से जुड़े नियमों को पहले ही रिलीज कर चुकी थी. टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक, मैच ड्रॉ होने पर 4 अंक और मुकाबला टाई होने पर 6 पॉइंट मिलते हैं. वहीं मैच जीतने पर 100 फीसदी, टाई होने पर 50 फीसदी, ड्रॉ होने पर 33.33 फीसदी और हार पर शून्य फीसदी अंक जोड़े जाते हैं. किसी दो मैच की सीरीज में कुल 24 पॉइंट और पांच मैच की सीरीज में 60 अंक उपलब्ध हैं. जीत प्रतिशत के आधार पर पॉइंट्स टेबल में रैंकिंग का प्राथमिक तौर पर निर्धारण होता है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2023-25 में बाकी बचे मैच: भारत vs ऑस्ट्रेलिया पांचवां टेस्ट: सिडनी, 3-7 जनवरी पाकिस्तान  vs साउथ अफ्रीका दूसरा टेस्ट: केपटाउन, 3-7 जनवरी पाकिस्तान vs वेस्टइंडीज पहला टेस्ट: मुल्तान, 17-21 जनवरी दूसरा टेस्ट: मुल्तान, 25-29 जनवरी श्रीलंका  vs ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट: गॉल, 29 जनवरी-2 फरवरी दूसरा टेस्ट: गॉल, 6-10 फरवरी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल एकमात्र मैच: लॉर्ड्स, 11-15 जून recent visitors 89

क्रांति जनशक्ति पार्टी में का पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन गया

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल ! राजधानी स्थित गाँधी भवन में क्रांति जनशक्ति पार्टी की समस्त पदाधिकारीयों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ,पूर्व क्रांति जनशक्ति पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलजार सिंह मरकाम को अध्यक्ष पद मुक्त किया गया,वहीं रिक्त पद होने के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष करन करोसिया को क्रांति जनशक्ति पार्टी का पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया,वही नवयुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि,जल्द ही प्रदेश में नई कार्ड प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जिससे पार्टी एक संगठन एवं एकजुट होकर काम कर सके, वही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के उपलक्ष्य में समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा हार्दिक शुभकामनाओं एवं बधाई दी Read More: सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवालhttps://mysecretnews.com/food-why-packaged-food-items-under-question-items-included-in-research/ recent visitors 248

नमो नमो मोर्चा भारत के तत्वाधान में परिचय बैठक एवं संगठन विस्तार को लेकर बैठक संपन्न हुई।

सुशील दामले विशेष संवाददाता मध्यप्रदेश स्तर पर नमो नमो मोर्चा भारत के तत्वाधान में मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिलों में संगठन विस्तार एवं पदाधिकारियों के साथ परिचय बैठक आज दिनांक 29/ 12/ 2024 को होटल नाइन मसाला (भोपाल हाट) भोपाल में बैठक रखी गई। जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय हटवार , गुलाब सिंह गोल्हानी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री जे.पी. साहू, राष्ट्रीय संरक्षक तेली पुरुषोत्तम गुप्ता अधिवक्ता, भोपाल के वरिष्ठ समाजसेवी जे.एल.गुप्ता, किशोर कुमार लहरपुरे, साहू तैलिक साहू राठौर महासभा समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सत्येन्द्र साहू, योगेश साहू व्यापारी प्रकोष्ठ एम् पी नगर, अशोक कुमार साहू ग्वालियर रमेश कुमार साहू डबरा नेप्र माँ भारती के प्रतिमा पे माल्यार्पण सहित दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभ्राम्भ किया, एवं कार्यक्रम में पधारे हुये अतिथियों का पुष्प हार पाह्नाकर भव्य स्वागत साम्मान किया गया, बैठक में मंच का सफल संचालन जिला महामन्त्री गणेशराम साहू के द्वारा किया गया, इस बैठक में प्रदेश, संभाग, जिला एवं वार्ड के प्रभारी की नियुक्ति पत्र रास्ट्रीय अध्यक्ष विजय हटवार एवं प्रदेश अध्यक्ष गुलाब सिंह गोल्हानी के द्वारा दिया गया, उपरोक्त सभी लोगों की उपस्थिति गुलाब सिंह गोल्हानी ने नमो नमो मोर्चा के उद्देश्यों को साँझा किया तथा संगठन विस्तार करते हुए हमें निम्नलिखित एजेंडा के माध्यम से नमो नमो मोर्चा को संचालित किया जाना है जिसमें मोर्चा के उद्देश्य नमो नमो मोर्चा भारत के बारे में जानें समझें और जुडें। वंदे मातरम…“राष्ट्र प्रथम” एक कदम राष्ट्र निर्माण की ओर राष्ट्र प्रथम विचारधारा से प्रेरित देश का सबसे बडा़ राष्ट्रीय सामाजिक संगठन नमो नमो मोर्चा भारत” के बारे में जानिए यह संगठन उद्देश्य क्या हैं,नमो नमो मोर्चा भारत एक अखंड राष्ट्र निर्माण की राष्ट्र प्रथम, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विचारधारा के साथ सन 2018 से क्रियाशील संकल्प, बद्ध संगठन, 26 अक्टूबर 2020 में हमारे देश के उर्जावान प्रधानमंत्री के बडे भाई आदरणीय सोमाभाई मोदीजी के करकमलों द्वारा वडनगर गुजरात में संवैधानिक रूप से स्थापित हुआ। नमो नमो मोर्चा भारत संगठन का नामकरण भारत के सबसे विश्वसनीय एवं वृहद हमारे देश के लोकप्रिय प्रधानमन्त्री आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी के राष्ट्र प्रथम विचारधारा पर आधारित है। हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री के अनुसार किसी भी देश की प्रगति में सबसे बड़ा योगदान युवा और महिला शक्ति का होता है। इन्हीं विचारों से ओतप्रोत हमारे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अनुसार नमो नमो मोर्चा का उद्घघोष हमारे देश की समुचित असंगठित युवा, महिला, किसान, श्रमिक, व्यापार, नौकरदार, व, छात्रशक्ति को राष्ट्रहित के लिए संगठित करना ताकि हमारा भारत वर्ष अपने प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त होकर बलशाली बनें। नमो नमो मोर्चा भारत का विस्तार तेजी से सभी प्रदेश में हो रहा है। वर्ष 2020 में 15 लाख से ज्यादा सदस्य संख्या वाले इस संगठन ने वर्ष 2025 तक 1 करोड़ सदस्य संख्या का लक्ष्य सामने रखा गया है।संगठन के उद्देशो को देखकर युवा और महिलाएं काफी संख्या में जुड रहे हैं। राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, तहसील, शहर, मंडल, प्रभाग, गई है, वार्ड और गावं तक संगठन की कार्यकारिणी की संरचना करते हुए बनाई जा रही है। संगठन के सारे सदस्य और पदाधिकारी हमेशा सामाजिक, राष्ट्रीय और सांस्कृतिक कार्यक्रम का एकजूट होकर करते हुए अपनें दायित्व को निभा रहे हैं। संगठन का मिशन, राष्ट्र की असंगठीत युवा, महिला और पुरुष शक्ति को संगठित करते हुए हमारी सनातन संस्कृति, सिद्धांत, और संविधान, के द्वारा दिए गए अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाएं जन-जन तक पहुंचाना और योजना का लाभ देना है, Read More: सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवालhttps://mysecretnews.com/food-why-packaged-food-items-under-question-items-included-in-research/ बैठक को सफल बनाने में नमो नमो मोर्चा भोपाल के समस्त प्रदेश, जिला एवं वार्ड के प्रभारियो के अथक प्रयासों से सम्प्पन हुआ जिसमे भोला नाथ साह (प्रदेश उपाध्यक्ष), संतोष राज मुख्य प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी), रवि साहू (मुख्य प्रदेश मीडिया प्रभारी), श्रीराम साहू (प्रदेश मिडिया प्रभारी), विनोद कुमार गुप्ता (संभागीय संरक्षक उज्जैन), मुकेश साहू (प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी), जगदीश साहू भोपाल संभागीय अध्यक्ष, गणेशराम साहू (भोपाल जिला महामंत्री, विमल साहू भोपाल संभागीय प्रभारी), अमित गुप्ता नगर (सोशल मीडिया महामंत्री प्रभारी, योगेश शंकवार (नगर सोशल मीडिया संगठन मंत्री), अनिल जोगी (भोपाल नगर सोशल मीडिया संगठन), संतोष साहू तिलंगा (भोपाल जिला संगठन मंत्री) दयाराम यादव भोपाल जिला कार्यकारी अध्यक्ष, कृष्णा माली वार्ड 60 प्रभारी, शंभु सिंह नामदेव वार्ड 60 प्रभारी, कृष्णा मेहरा वार्ड-56 नगर प्रभारी, रोहित नामदेव वार्ड प्रभारी, शंभूदयाल साहू वार्ड 82 प्रभारी, आयुष साहू जहांगीराबाद, जनेश्वर साहू जिला कार्यकरी अध्यक्ष सेमरा, राजेश साहू शिक्षक, राजकुमार साहू पप्पू वार्ड प्रभारी आई टी सेमरा मुकेश साहू नगर संगठन मंत्री कोलार, कमलेश शर्मा वार्ड 25 प्रभारी आई टी, मनोज नामदेव शिव नगर, ,अनुज चौरसिया, पारस साहू, सूरज शिंदे, दुर्गेश मेहरा वार्ड 25- प्रभारी, देवेंद्र पाल वार्ड 55 आई टी प्रभारी,सोनू धनवाते, रूपेश परमार जिला कार्यकारी अध्यक्ष आई टी, अजय परमार, जिला महामंत्री आई टी, निहाल सिंह चौहान, बालकिशन नामदेव, बाबूलाल सोनी जिला अधिवक्ता प्रकोष्ठ अध्यक्ष, रिंकू साहू, प्रवीण मिश्रा , रमेशचंद साहू पूर्व पार्षद, अशोक साहू, दशरथ सिंह, अभिषेक साहू जिला कार्यकारी अध्यक्ष, नितिन तेजपाल, मनोज गुर्जर,विमल साहू जिला कार्यकारी अध्यक्ष, रोहित साहू वार्ड 85 अध्यक्ष आई टी., आदित्य साहू वार्ड 54 आई टी प्रभारी, संतोष साहू नगर संगठन मंत्री, कोलर ट्रांसपोर्ट नगर, संजय साहू कंट्रोल वार्ड प्रभारी आई टी सहित प्रदेश एवं जिला के समस्त्त पधाधिकारी एवं सदस्य उपस्तिथ रहे, बैठक में भोजन की व्यवस्था रखी गई थी, कार्यकर्म का आभार दयाराम यादव जी के द्वारा किया, रास्ट्रीय अध्यक्ष , रास्ट्रीय सरक्षक,,प्रदेश अध्यक्ष , प्रदेश संगठन महामंत्री ने सभी आयोजन समिति को सफल आयोजन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाये दी । recent visitors 335

सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवाल

भारत में लोगों के खाने-पीने का तरीका बदल रहा है और यह बदलाव सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ICMR ने बताया कि देश में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारतीयों की पसंद और नापसंद बदल रही है, खासकर तब जब बात खाने की होती है. पहले के समय में लोग ज्यादातर कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाते थे, लेकिन आजकल पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ गया है.कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर भारत में बिकने वाले पैकेट बंद फूड की जांच की है. यह जानने के लिए कि ये फूड सेहत के लिए कितने अच्छे या बुरे हैं. उन्होंने यह भी देखा कि पैकेट पर जो कुछ लिखा है, वह सही है या नहीं. यह रिसर्च Plos One नाम की एक मशहूर मैगजीन में छपी है. इस रिसर्च को करने वालों में ये लोग शामिल थे: चेन्नई के मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर, भारत के मेडिकल रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर. पैकेट बंद फूड के लेबल पर लिखी पोषण जानकारी हमें उस फूड में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताती है. यह जानकारी ग्राहकों के लिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे वे यह तय कर सकते हैं कि वह फूड उनकी सेहत के लिए कितना अच्छा या बुरा है.इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजार में उपलब्ध 432 पैकेट बंद फूड के लेबल की जांच की. इनमें इडली मिक्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, दलिया मिक्स, बेवरेज मिक्स और फूले हुए स्नैक्स जैसे पैकेज्ड फूड शामिल थे.रिसर्च में पाया गया कि 80% पैकेट बंद फूड में लेबल पर लिखी जानकारी सही थी. यानी जो पोषक तत्व लेबल पर लिखे थे, वे प्रोडक्ट में मौजूद थे. ज्यादातर पैकेज्ड फूड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दरअसल, हमारे शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है. फूले हुए स्नैक्स में वसा की मात्रा ज्यादा मिली. वसा भी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा वसा से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. जब हम खाना खाते हैं तो वह ग्लूकोज में बदल जाता है. यह ग्लूकोज हमारे खून में मिल जाता है. इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है.ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारे अग्न्याशय को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. अगर यह ज्यादा समय तक चलता रहे, तो अग्न्याशय कमजोर हो सकता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. पैकेट बंद फूड की जांच करने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हिसाब से पैकेज के आगे और पीछे लिखी पोषण जानकारी की जांच की. इस अध्ययन में सिर्फ प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े पोषण संबंधी दावों का मूल्यांकन किया गया. विशेषज्ञों ने पैकेट बंद फूड में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच की. फिर उन्होंने एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सा फूड सेहतमंद है और कौन सा नहीं. यह जानकारी लोगों को सेहतमंद पसंद चुनने में मदद कर सकती है. ज्यादातर पैकेट बंद फूड में 70% से ज्यादा एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिल रही थी. सिर्फ फूले हुए स्नैक्स ही ऐसे थे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम थी. फूले हुए स्नैक्स में 47% से ज्यादा एनर्जी वसा से मिल रही थी. ज्यादा वसा से भी सेहत को नुकसान हो सकता है. सभी पैकेज्ड फूड में प्रोटीन की मात्रा 15% से कम थी. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी होता है, इसलिए इसकी कमी सेहत के लिए अच्छी नहीं है.यह अध्ययन दिखाता है कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में कार्बोहाइड्रेट, वसा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए हमें पैकेट बंद फूड का सेवन सीमित करना चाहिए. ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, पैकेट बंद फूड के लेबल पर एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और कुल वसा की मात्रा ‘प्रति 100 ग्राम’ या ‘100 मिलीलीटर’ या ‘प्रति सर्विंग’ के हिसाब से लिखी होनी चाहिए. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में यह जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी. सिर्फ कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पेय पदार्थों में ही प्रति सर्विंग जानकारी दी गई थी.कुछ प्रोडक्ट ने यह दावा किया कि उनमें साबुत अनाज हैं लेकिन इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में साबुत अनाज का जिक्र नहीं था. यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला है. अध्ययन में यह बात कही गई है कि एक स्पष्ट लेबलिंग सिस्टम होना चाहिए ताकि ग्राहक आसानी से सेहतमंद प्रोडक्ट का चयन कर सकें. 2022-23 के घरेलू खर्च सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय अब पैकेट बंद फ़ूड, पेय पदार्थों और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि घर पर बने खाने पर खर्च कम हो रहा है. यह बदलाव शहरों और गांवों दोनों जगह देखा जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान में यह बदलाव देश में मोटापा, डायबिटीज, हार्टअटैक जैसे बढ़ते बोझ का एक बड़ा कारण है. इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भी यह बात कही गई है कि भारत में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारत में पैकेट बंद फूड का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2023 में ये बाजार करीब 76.28 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक इसके 116 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि अगले कुछ सालों में पैकेज्ड फूड की खरीद-बिक्री में काफी बढ़ोतरी होगी. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है. पैकेज्ड फूड के बाजार में तेजी से बढ़ोतरी होने से भारत के पास दुनिया में पहले नंबर पर आने का मौका है.ब्लूवेव कंस्लटिंग की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में भारत में कुल 52.05 मिलियन टन पैकेज्ड फूड का उत्पादन हुआ था और 2030 तक इसके 69 मिलियन टन तक पहुंचने … Read 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छत्तीसगढ़ को झारखंड जोड़ेने 312 मीटर लंबा पुल बनाया जा रहा

रायपुर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच बहने वाली कन्हर नदी पर 312 मीटर लंबा नया पुल बनाया जा रहा है, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी. क्योंकि इस पुल के बनने से 20 गांव के लोगों आने-जाने में आसानी होगी. बताया जा रहा है कि पुल का 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, जबकि 50 प्रतिशत काम बचा हुआ है. जिसके अगले चार महीने में पूरे होने की उम्मीद की जा रही है. छत्तीसगढ़ के यह 20 गांव झारखंड की सीमा पर बने हुए हैं, ऐसे में यहां के लोगों को झारखंड जाना पड़ता है, यही वजह है कि लंबे समय से यहां पुल की मांग की जा रही थी. ऐसे में पुल बनने से यहां के लोगों की राह आसान होगी. छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ेगा यह पुल कन्हर नदी पर बनने वाला पुल छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा को जोड़ेगा, क्योंकि नदी दोनों राज्यों में बहती है, ऐसे में अब तक इन 20 गांव के लोगों को झारखंड जाने के लिए 100 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन पुल के बन जाने से यह सफर कम हो जाएगा, क्योंकि 55 किलोमीटर की दूरी घट जाएगी. अभी सभी लोग सड़क मार्ग के जरिए धौली से गढ़वा जाते थे, लेकिन पुल बन जाने के बाद यह रास्ता सीधा हो जाएगा, जिससे सफर आसान हो जाएगा. वहीं सनावल क्षेत्र के लोगों को भी उटारी जाने के लिए 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन पुल के बाद यह दूरी घटकर महज 35 किलोमीटर हो जाएगी. बता दें कि झारखंड की सीमा पर बसे छत्तीसगढ़ के 20 गांव के करीब 40 लाख लोगों को इलाज, खरीददारी और जरूरी कामों के लिए झारखंड जाना आसान होता था, लेकिन कन्हर नदी पर पुल नहीं होने की वजह से परेशानी होती थी, लेकिन अब यह समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाएगी, बता दें कि इस पुल को बनाने में 15.20 करोड़ रुपए की लागत आ रही है. दोनों राज्यों के बीच बन रहे इस पुल की सीमा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में आएगा, जबकि झारखंड के गढ़वा जिले में आएगा. 8.4 मीटर चौड़े पुल में 5 पियर और 1 अबटमेंट बन चुका है, जबकि सात पियर और एक अबटमेंट का काम चल रहा है, जैसे ही इसका काम पूरा होगा तो फिर इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा. जो आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. recent visitors 49

कमिश्नरेट प्रयागराज में अब 44 की जगह 57 पुलिस थाने, 13 अस्थायी थाना, 23 चौकियां बनाई गईं

महाकुंभनगर  महाकुंभ मेला क्षेत्र के बाहरी इलाके यानी आउटर कार्डन में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मजबूत घेरा बनाया जा रहा है। इसी के तहत कमिश्नरेट प्रयागराज में अब 13 अस्थायी पुलिस थाना और 23 चौकियां स्थापित की गई हैं। नए अस्थायी थाना बनने से कमिश्नरेट में 44 की जगह 57 थाने होंगे। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को आठ जोन व 18 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और अन्य मार्गो से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से मेला क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए नए अस्थायी थाने और चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, बम निरोधक दस्ता और अन्य फोर्स भी तैनात रहेगी। तैनात की जा रही 10 हजार पुलिस फोर्स प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस के शहरी और ग्राणीण क्षेत्रों में लगभग 10 हजार पुलिस फोर्स तैनात की जा रही है। महाकुंभ मेले में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। स्नानार्थियों को सुरक्षा और सुगमता से मेले तक पहुंचाने के साथ ही उन्हें सकुशल घर वापसी का फूल प्रूफ प्लान तैयार किया गया है। रिजर्व पर रखा गया पुलिस फोर्स महाकुंभ के सात चक्रीय सुरक्षा घेरे में कमिश्नरेट पुलिस की भी अहम भूमिका है, जो आउटर कार्डन पर काम करेगी। इसी के तहत अवस्थापना सुविधाओं एवं जनशक्ति में वृद्धि करते हुए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी पुलिस थाने और चौकियां स्थापित की हैं। पीएसी, एनडीआरएफ, सीपीएमएफ, बीडीडीएस, एएस चेक टीम मुस्तैद रहेगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस फोर्स को रिजर्व में भी रखा जाएगा। प्रमुख मार्गों पर थाना और चौकी कुंभ मेला क्षेत्र की तरफ जाने और वापसी के विभिन्न मार्गों को चिह्नित किया गया है। इन्हीं मार्गों पर प्रमुख रूप से अस्थायी थाने और चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पुलिस बल की तैनाती की जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। जोन में एडिशनल एसपी और सेक्टर में डिप्टी एसपी को प्रभारी बनाया गया है। जोन–08 सेक्टर–18 अस्थायी थाने -13 स्थायी थाने -44 अस्थायी चौकियां -23 सीएपीएफ-21 कंपनी, पीएसी-5 कंपनी एनडीआरएफ -4 टीम एएस चेक -12 टीम बीडीडीएस –4 टीम recent visitors 199

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, पुजारियों, ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये वेतन

नई दिल्ली दिल्ली में पुजारियों और के लिए आप सरकार नई योजना लेकर आई है। अरविंद केजरीवाल ने आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बनने के बाद,दिल्ली के पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए कल यानी 31 दिसंबर से रजिस्ट्र्र्रेशन भी शुरू हो जाएंगे। पुजारियों और ग्रंथियों को मिलेंगे 18 हजार रुपये अरविंद केजरीवाल ने आज 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों के लिए हमने सम्मान राशि देने की घोषणा की है। इस योजना का नाम पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना होगा। केजरीवाल ने बताया कि हमारी सरकार आते ही इस योजना के तहत पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपए दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 31 दिसंबर से कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होगी। बीजेपी पर भी साधा निशाना अरविंद केजरीवाल ने इस नई योजना के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी इस योजना को बंद नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि हमारी बीजेपी वालों से विनती है कि महिला सम्मान और संजीवनी योजना की तरह इस योजना को कोशिश नहीं करेंगे। मैं तो कांग्रेस और बीजेपी की सरकारों से भी अपने-अपने यहां इस योजना को लागू करें। रोहिंग्या के मुद्दे पर केजरीवाल ने हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं उनसे हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूं। उनके पास रोहिंग्याओं को कहां और कैसे बसाया,इसका सारा डेटा है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी। हरदीप सिंह पुरी और अमित शाह के पास रोहिंग्याओं को कैसे और कहां बसाया, इसका सारा डेटा है। recent visitors 95